शुक्रवार, 7 अगस्त 2015

क्या थम सकती है हमारी उम्र?

लंदन
हमेशा जवान बने रहने की ख्वाहिश आखिर किसे नहीं होती! लेकिन चेहरे की झुर्रियां और ढीली होती हमारी मांसपेशियां इस ख्वाहिश पर जबर्दस्त आघात सी लगती हैं। लेकिन हो सकता है, कि आने वाले कुछ समय में ये तमन्ना हकीकत में तब्दील हो जाए।

उम्र को रोक कर रखने वाली एक नई दवा पांच साल के भीतर आ सकती है । ये कहना है उन वैज्ञानिकों का जिन्होंने एक ऐसे एन्जाइम का पता लगाया है, जो हमारी उम्र संबंधी परेशानियों को बढ़ाने और मसल्स को कमजोर करने के लिए जिम्मेदार होता है।

बर्मिंघम यूनिवर्सिटी के इन शोधकर्ताओं के अनुसार यदि इस एन्जाइम के प्रभाव को एक समय के बाद रोक दिया जाए, तो उम्र पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ना बंद हो जाएगा। इस एन्जाइम का नाम '11 बीटा-एचएसडी 1' है। यह शरीर की मसल्स को समय के साथ-साथ ढीला और कमजोर करने का काम करता है। हाल ही में किए गए शोध में इसी एन्जाइम की भूमिका को पूरी तरह से समझा गया है।

शोध में पाया गया कि '11 बीटा-एचएसडी 1' एन्जाइम का उत्सर्जन 20 से 40 साल की महिलाओं की तुलना में 60 साल से ऊपर की महिलाओं में 2.72 गुना ज्यादा हो जाता है। जैसे-जैसे एन्जाइम शरीर में बढ़ता है, वैसे-वैसे शरीर ढीला पड़ने लगता है, प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है और बॉडी कमजोर होती जाती है। हालांकि शोध में पुरुषों के भीतर इस एन्जाइम में कोई बदलाव नहीं देखा गया। इसके कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है।

sabhar :http://navbharattimes.indiatimes.com/

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