बुधवार, 30 जुलाई 2014

खुशकिस्मत हैं हम कि ज़िंदा हैं, दो साल पहले सोलर फ्लेयर से बची धरती, नासा का खुलासा




वाशिंगटन. राष्ट्रीय वैमानिकी एवं अंतरिक्ष प्रशासन ( नासा) ने एक सनसनीखेज रहस्योद्धाटन करते हुए कहा है कि 23 जुलाई 2012 को सूर्य पर आई एक शक्तिशाली सौर आंधी के दौरान विशाल सोलर फ्लेयर (सौर ऊर्जा की बहुत बड़ी मात्रा) या कोरोनल मास इजेक्शन (सीएमई) की टक्कर से पृथ्वी बच गई.
पिछले 150 सालों के दौरान यह सबसे बड़ी सौर आंधी मानी जा रही है. अमेरिका के कोलराडो विश्वविद्यालय के डैनियल बेकर ने कहा, यदि ऐसा हुआ होता, तो हम अबतक टुकड़े चुन रहे होते. उत्क्षेपण (इजेक्शन) इतना शक्तिशाली था कि हम फिर से आदिम युग में पहुंच गए होते.
एक अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, एक ऐसी आपदा से बचने में हम भाग्यशाली रहे, जो बिल्कुल हमारे सिर पर थी. सूर्य का रुख पृथ्वी से थोड़ा सा हटने के कारण ही ऐसा संभव हो पाया. अगर ऐसा एक सप्ताह पहले हुआ होता, तो परिणाम कुछ और ही होता.
बेकर कहते हैं, पृथ्वी और इसके निवासी इस बात के लिए खुशकिस्मत हैं कि 2012 का उत्क्षेपण एक सप्ताह पहले नहीं हुआ. वैज्ञानिकों ने कहा कि प्रत्यक्ष सीएमई में इतनी ताकत होती है कि वह संचार के तमाम नेटवर्क, जीपीएस और विद्युत ग्रिड खत्म कर सकता है, जिसके कारण चहुंओर अंधेरा छा जाता.sabhar :http://www.palpalindia.com/

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