मंगलवार, 27 मई 2014

ब्रेन पर लगी चोट तो बन गया जीनियस

Brain injury turns man into mathematical genius


सुबोध वर्मा (टीएनएन), नई दिल्ली
हादसा अगर हासिल में बदल जाए तो इससे अच्छा क्या होगा! कभी-कभी कुदरत के करिश्मे से ऐसा मुमकिन होता है, जैसा कि एक अमेरिकी शख्स के साथ हुआ। साइंटिस्ट भी हैरान हैं और यह पता लगाने की कोशिश में जुटे हैं कि कैसे इस व्यक्ति के दिमाग में लगी चोट ने उसे मैथेमेटिक्स का जीनियस बना दिया। उन्हें इस दिशा में कुछ कामयाबी भी मिली है।

इस दिलचस्प घटना पर 'लाइव साइंस' में एक रिपोर्ट छपी है। साइंटिस्ट्स ने कहा है कि इसके पीछे वजह यह लगती है कि चोट के बाद हेड के क्राउन के पिछले हिस्से में एक खास एरिया, जिसे पराइटल कॉर्टेक्स कहते हैं, ज्यादा एक्टिव हो गया।

आखिर क्या हुआ था शख्स के साथ: दरअसल, जैसन पैडगेट उस वक्त तक टैकोमा (वॉशिंगटन) का एक साधारण-सा फर्नीचर सेल्समैन था जब तक उसके साथ हादसा पेश नहीं आया था। सन् 2002 की बात है जब एक दिन एक बार के बाहर जैसन पर दो लोगों ने गंभीर रूप से हमला किया। घटना में जैसन के दिमाग पर गहरी चोट लगी, वहीं उसकी किडनी भी जख्मी हो गई। चोटों से उबरने के बाद भी उसे आघात के बाद होने वाले स्ट्रेस डिसऑर्डर ने घेर लिया।
आमतौर पर यह एक मनोवैज्ञानिक कंडिशन है जो वॉर वेटरन्स के साथ पेश आती है। लेकिन ज्यों-ज्यों वक्त बीतता गया, जैसन पैडगेट ने महसूस किया कि अब वह दुनिया को अलग तरीके से देखने लगा है। उसे ऐसा लगने लगा कि हर चीज ज्यॉमेट्रिकल शेप में ढली है। उसे एकाएक तरह-तरह के जटिल ज्यॉमेट्रिकल शेप बनाने आ गए।

बढ़ी वैज्ञानिकों की दिलचस्पीः जैसे ही जैसन की इस गणितीय काबिलियत और उसे हासिल करने के तरीके के बारे में लोगों ने जाना, ब्रेन साइंटिस्टों की इस बात में काफी दिलचस्पी पैदा हो गई कि आखिर उसके ब्रेन के साथ ऐसा क्या हुआ जो वह सामान्य से अद्भुत क्षमता वाला शख्स बन गया। रिसर्च शुरू कर दी गई। यूनिवर्सिटी ऑफ मायामी के प्रोफेसर बेरिट ब्रोगार्ड और उनके सहयोगियों ने जैसन के ब्रेन की स्टडी करने के लिए उसकी MRI (मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग) भी कराई।

स्कैन से पता चला कि हमले के बाद जैसन के ब्रेन में लेफ्ट पराइटल कॉर्टेक्स ज्यादा उत्तेजित हो गया, जिससे यह चमत्कार मुमकिन हुआ। यही नहीं, वैज्ञानिक इस नतीजे पर भी पहुंचे कि जैसन जैसी क्षमता हर शख्स के ब्रेन में सुसुप्त हालत में हो सकती है। एक भौतिक विज्ञानी जैसन की खूबी से अभिभूत हो गया। जैसन के दिन बदल गए। उसने जैसन को कॉलेज जॉइन करने को राजी किया, जहां उसने नंबर थिअरी की स्टडी शुरू कर दी। sabhar :http://navbharattimes.indiatimes.com/

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