गुरुवार, 24 अप्रैल 2014

रहस्यः क्या सच में जहाज होते हैं यहां एलियन्स का शिकार या फिर



वॉशिंगटन: दुनिया में बहुत सारी जगह रहस्यों से भरी पड़ी हैं और जिसके रहस्य का खुलासा कभी भी नहीं हो पाया है। ऐसा ही रहस्यों से भरा हुआ है अमेरिका के दक्षिण पूर्वी तट पर बना बरमूडा ट्राएंगल, जहां पर पुहंचा जहाज आज तक नही मिला। यहां तक की बरमूडा ट्राएंगल के रहस्य के बारे में वैज्ञानिक भी पता नहीं लगा पाएं। 

बरमूडा ट्राएंगल अमेरिका के फ्लोरिडा, प्यूर्टोरिको और बरमूडा तीनों को जोड़ने वाला एक ट्रायंगल यानी त्रिकोण है। इस ट्राएंगल में पास पह‌ुंचते ही न तो समुद्री जहाज, हवाई जहाज मिलता है और न ही उसके यात्री। इस जगह पर कई जहाज लापता हो गए, जिसमें मैरी सेलेस्टी, एलिन ऑस्टिन फ्लाईट 19, स्टार टाईगर, डगलस डीसी-3 बरमूडा ट्राएंगल में गुम होने वाले हवाई जहाजों के नाम हैं। 

बरमूडा ट्राएंगल क्षेत्र में मैरी सेलेस्टी नाम का एक व्यापारिक जहाज लापता हो गया था जो 4 दिसम्बर 1872 को अटलांटिक महासागर में मिला, लेकिन किसी यात्री या कर्मचारी का कोई भी सुराग नहीं मिला। पहले-पहले इस जहाज को समुद्री डाकुओं द्वारा लूटे जाने की आशंका जताई गई लेकिन कीमती सामानों के सुरक्षित होने से यह बात साबित नहीं हुई। इस जहाज की तरह 1881 में एलिन ऑस्टिन नामक जहाज भी यहां गायब हो गया। यह जहाज कुशल चालकों के साथ न्यूयॉर्क के लिए रवाना हुआ और इसके भी किसी यात्री के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली।

अमेरिका के लेफ्टिनेंट कमांडर जी डब्ल्यू वर्ली 309 क्रू सदस्यों के साथ यूएसएस साइक्लोप्स नाम के जहाज से सफर कर रहे थे। ठीक वैसे ही बरमूडा ट्राएंगल को पार करते ही जहाज गायब हो गया। जिस दिन यह घटना हुई मौसम बिल्कुल ठीक था और सब कुछ ठीक चलने के संदेश भी भेजे जा रहे थे, लेकिन अचानक ही सब बदला और कोई यह जान नहीं पाया कि जहाज कहां गया। sabhar :http://www.punjabkesari.in/

अमेरिका के इतिहास में इस जहाज और क्रू मेंबर का गायब होना एक बड़ा रहस्य बना हुआ है। कई शोध और अध्ययन हुए, लेकिन जहाजों के गायब होने का पता नहीं चल पाया। शुरुआती शोध के परिणाम बताते हैं कि बरमूडा ट्राएंगल के पास एक विशेष प्रकार का कोहरा छाया रहता है, जिसमें जहाज भटक जाते हैं और दूसरा कारण मीथेन गैसों का भंडार होने का बताया जाता है। इससे पानी का घनत्व कम हो जाता है और जहाज धीरे-धीरे पानी में समाने लगता है। 

इस बात की अफवाहें भी हैं कि इस क्षेत्र में एलियन्स का रिसर्च सेंटर है। एलियनों को इस क्षेत्र में बाहरी दुनिया के लोगों का आना पसंद नहीं है, इसलिए वह इस तरह की घटनाओं को अंजाम देते हैं। जहाज गायब होने के कारण अभी तक पता नहीं चल सके हैं

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

कोरोना में सफलता की कहानी:15 हजार से शुरू किया था कारोबार, IT कंपनी खड़ी की, अब अमेरिका के 3.5 लाख करोड़ टर्नओवर वाले ग्रुप में शामिल

(गीतेश द्विवेदी) कोविड दौर में आईटी सेक्टर से बड़ी खबर आई है। इंदौर की आईटी कंपनी नार्थआउट को अमेरिका के बड़े ग्रुप एचआईजी की सहयोगी कंपनी ईज ...