शनिवार, 24 सितंबर 2011

विश्व बैंक के मुताबिक द एशिया में हर माह दस लाख रोजगार की जरूरत

द एशिया में गरीबी दूर करने के लिए हर माह दस लाख रोजगार की जरूरत है  यहाँ   में नौकरियों की आवश्कता  दुनिया  के कुल नयी नौकरियों  के जरूरत के ४०% के बराबर  होगी  अगले २० साल तक  हर महीने  १० - १२ लाख अतिरिक्त रोजगार पैदा करने की जरूरत है | इसकी आबादी युवा है  अगले दो दशक में  ३५ करोड़ लोग काम करने की उम्र में पहुचेंगे | विश्व बैंक के  द  एशिया  रीजन  के  वाईस प्रेसिडेंट  इजाबेल ग्वेरेरो ने कहा की रोजगार के अवसर पैदा होने से  यहाँ आर्थिक समानता और शांति  को बढावा मिलेगा |यहाँ कुपोषण  की दर विश्व में सबसे ज्यादा है , अतः  रोजगार में बढोतरी करके इस समस्या से  निजाद मिल सकती है |

बुधवार, 21 सितंबर 2011

हिंदुस्तान न्यूज़ डाट ओर्ग और प्रेस इन्फ़ोर्मतिओन इंडिया डाट .कॉम

जल्दी ही सलमान खान लखनऊ से न्यूज़ पोर्टल हिंदुस्तान न्यूज़ डाट ओर्ग और प्रेस इन्फ़ोर्मतिओन इंडिया डाट .कॉम शुरू कर रहे है । वार्ता टीवी से बात करते हुए सलमान ने कहा,आने वाल कल वेब मीडिया का है इसलिए हम भी पूरी तैयारी कर रहे है ।

मुंबई प्रेस क्‍लब ने जेडे की मां को दिए 12 लाख

स्टार इंडिया ने सहायता निधि में दिए 10 लाख : मुंबई प्रेस क्लब ने दिवंगत वरिष्ठ पत्रकार जे.डे के परिजनों को 12 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की है. प्रेस क्लब के पदाधिकारियों देवेंद्र मोहन व सुनील शिवदासानी ने जेडे के घाटकोपर स्थित आवास पर जाकर उनकी मां बीना डे को 12 लाख रुपए का चेक सौंपा.

अंग्रेजी दैनिक मिड-डे के क्राईम एडिटर जे.डे की बीते 11 जून को पवई में गोलीमार कर हत्या कर दी गई थी. पत्रकार के परिजनों की आर्थिक सहायता के लिए मुंबई प्रेस क्लब ने पत्रकारों से जेडे सहायता निधि (फंड) में आर्थिक मदद देने की अपील की थी. प्रेस क्लब के पदाधिकारी वरिष्ठ पत्रकार ओम प्रकाश तिवारी ने बताया कि जे.डे के परिजनों की सहायता के लिए बनाए गए फंड में पत्रकारों ने तो मदद की ही, साथ ही क्लब के कॉरपोरेट मेम्बर स्टार इंडिया ने 10 लाख रुपए फंड में दिए जबकि सदस्य पत्रकारों से 2 लाख रुपए मिले. इस तरह कुल 12 लाख रुपए का चेक जेडे की मां को सौपा गया.

दिवंगत पत्रकार जेडे की मां को चेक सौंपते प्रेस क्‍लब के पदाधिकारी

प्रेस क्लब ने जे.डे के हत्यारों को पकड़ने के लिए प्रेस क्लब से मंत्रालय तक मोर्चा भी निकाल था. जिसमें बड़ी संख्या में मुंबई के पत्रकारों ने भाग लिया. प्रेस क्लब मुंबई पुलिस कमिश्नर को पत्र लिख कर जे.डे के घर पर पुलिस सुरक्षा प्रदान किए जाने की मांग करेगा. डे की मां बीना डे ने प्रेस क्लब के पदाधिकारियों को बताया कि पिछले दिनों कोई उनके दरवाजे पर एक पत्र रख गया था. जिसमें लिखा था कि जे.डे की हत्या में एक 'नेता' का हाथ है.

मुंबई से विजय सिंह कौशिक की रिपोर्ट।

साभार:- भड़ास ४ मीडिया .कॉम

फर्जी पत्रकार, दिखने में वीआईपी जैसे...

वाड़ी। प्रदेश में पिछले कई दिनों से फर्जी पत्रकारों की मानो बाढ़ आ गई है, क्योंकि हर तीसरे वाहन पर प्रेस लिखा देखा जा सकता है। इनमें कई पत्रकार तो ऐसे हैं, जो कुछ दिन किसी अखबार से जुड़ कर दूर हो गए, लेकिन वे गांवों में जा कर लोगों को डरा-धमकाकर अपने आपको किसी राष्ट्रीय अखबार का पत्रकार बताते हैं तथा उसमें खबर छापने की धमकी देकर लोगों से पैसे ऐंठ लाते हैं।

जब इस बात का पता ठगे हुए लोगों को चलता है तो ये फर्जी पत्रकार उन लोगों से बचते फिरते हैं। इन फर्जी पत्रकारों ने किसी न किसी ऐसे साप्ताहिक अखबार का पहचान पत्र बनवा रखा है जिसको कोई जानता तक नहीं। सरकारी हो या गैर-सरकारी, किसी भी विभाग में यह लोग इस कदर सूट-बूट में जाते हैं कि हर कोई इनके चंगुल में फंस जाता है, और ये लोग इन्हें अपना शिकार बनाए बगैर नहीं छोड़ते है। जैसे ही काम बन जाता है ये लोग वहां से रफू-चक्कर हो जाते है, और गलती से भी दुबारा उस जगह से नहीं गुजरते। प्रेस लिखी गाडिय़ों को देखकर पुलिस भी इन लोगों को सैल्‍यूट मारती है और असली पत्रकार से उलझ जाती है, क्योंकि इनकी चमक-दमक को देखकर पुलिस कर्मचारी भी असली और नकली की पहचान करने में चूक कर जाता है। ये फर्जी पत्रकार दिखने में वीआईपी से कम नहीं लगते, इसी बात का फायदा उठाकर ये प्रशासन की आंखों में धूल झोंक रहे है।

लेखक महेन्‍द्र भारती हरियाणा में पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं।

साभार:- भड़ास ४ मीडिया .कॉम

रविवार, 18 सितंबर 2011

क्या मनुष्य एक समय में दो स्थानों पर भिन्य भिन्य अवस्थाओ में रह सकता है

जी हाँ हमारे ग्रंथो में यह वर्णन मिलता है की माया स्वरुप रावण दिखाई दिया या कृष्ण अपनी गोपिकाओ के साथ एक समय में ही रासलीला एक साथ करते थे | इसे विज्ञान की भी स्वीकृति मिल गयी है , यह सफलता वैज्ञानिकों को एक प्रयोग के दौरान संयोग से मिल गयी | वैज्ञानिकों ने पाया की एक यन्त्र एक ही समय में दो भिन्य भिन्य अवस्थाओ में बना रह सकता है, इस तरह यह मशहूर वैज्ञानिक आईंस्टीन के विचारों को सही साबित करती है जिसे उन्होंने खुद ही खारिज कर दिया था | यह मशीन चाँदी के बेहद पतले बेफर से बनाई गयी है , इंसान के द्वारा बनाया गया यह पहला यन्त्र है , जो रहस्मयी क्वांटम ऊर्जा के द्वारा संचालित होता है |क्वांटम थयूरी के अनुसार कोई सूछ्म बस्तु अलग अलग ऊर्जा अवशोषित करती है | वह एक जैसी कभी नहीं रह सकती और एक ही समय में दो भिन्य भिन्य स्थानों पर हो सकती है | आने वाले दिनों में इसे इंसान पर आजमाया जा सकता है | सन्दर्भ- विज्ञान प्रगती

कोरोना में सफलता की कहानी:15 हजार से शुरू किया था कारोबार, IT कंपनी खड़ी की, अब अमेरिका के 3.5 लाख करोड़ टर्नओवर वाले ग्रुप में शामिल

(गीतेश द्विवेदी) कोविड दौर में आईटी सेक्टर से बड़ी खबर आई है। इंदौर की आईटी कंपनी नार्थआउट को अमेरिका के बड़े ग्रुप एचआईजी की सहयोगी कंपनी ईज ...