मंगलवार, 15 नवंबर 2011

नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म किया और खींच लीं अश्लील तस्वीरें!










जयपुर.हरियाणा के सिरसा जिले में अबूब शहर (डबवाली) निवासी एक विवाहिता ने पति व देवर पर नशीला पदार्थ पिलाकर दूसरे लोगों से देहशोषण कराने की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है।

सोमवार को पीड़िता ने एक प्रेसवार्ता में आरोप लगाए कि इन लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म के बाद आपत्तिजनक तस्वीरें उतार ली और उसे धमकाकर अपने चाचा, फूफा, मामा के खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने को मजबूर किया।

आरोपियों में एक जाट नेता व पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष शामिल है। प्रेसवार्ता में पीड़िता ने आरोपियों के नाम भी बताए। लेकिन, उनके खिलाफ मामले में मुकदमा दर्ज नहीं होने से नाम नहीं प्रकाशित किए जा रहे।

पीड़िता ने बताया कि उसकी शादी 20 दिसंबर 2010 को पीलीबंगा निवासी ओमप्रकाश गोदारा के साथ हुई थी। इसके बाद ससुराल पक्ष उसे ज्यादा दहेज लाने के लिए प्रताड़ित करने लगा। शादी के दस दिन बाद उसका पति व देवर राजकुमार उसे जयपुर ले आए।

यहां दोनों आरोपियों ने उसे वैशाली नगर, मानसरोवर व सोढ़ाला इलाके में किराए का कमरा लेकर बंधक बनाकर रखा। पीड़िता का आरोप है कि पति व देवर ने खाने में नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश होने पर दुष्कर्म किया।


इसी तरह ऊंचे रसूखात वाले परिचितों को अपने घर बुलाकर उनके हवाले कर दिया। आरोपियों ने भी देहशोषण किया। आरोपी उसे अनैतिक संबंधों की वीडियो सीडी बनाने की धमकियां देते रहे। उसका निजी अस्पताल में गर्भपात करवा दिया।

इसके बाद 17 अगस्त को उसके चाचा आत्माराम को यहां बुलाया। तब पीड़िता ने चाचा को सारी जानकारी दी। इस पर ओमप्रकाश व राजकुमार ने आत्माराम से मारपीट कर बंधक बनाए रखा।


उधर, पीड़िता के पति ओमप्रकाश ने बताया कि शादी के बाद पत्नी ने चाचा व अन्य परिजनों द्वारा उसके साथ की गई ज्यादतियों, देहशोषण व गर्भपात कराने की जानकारी दी थी। मेरे व परिचितों पर लगाए आरोप निराधार व मनगढंत है। मेरी मदद करने वालों को भी जानबूझकर केस में फंसाया जा रहा है।

पंचायत के माध्यम से पहुंची पीहर 

पीड़िता ने बताया कि उसके चाचा ने गांव जाकर वहां मामले की जानकारी दी। तब 29 सितंबर को विनोद धारणियां की ढाणी में पंचायत रखी गई। वहां ओमप्रकाश पत्नी को लेकर पहुंचा। वहां पंचों ने मेरी इच्छा के अनुसार मुझे पीहर वालों के साथ जाने की इजाजत दी।

तब पीड़िता ने पति व देवर समेत ससुराल वालों पर 1 अक्टूबर को थाना डबवाली, सिरसा में मुकदमा दर्ज कराया। हरियाणा के डीजीपी व सिरसा एसपी को मामले की जानकारी दी। तब हरियाणा पुलिस पीड़िता को लेकर 6 नवंबर को यहां पहुंची। पुलिस ने स्थानीय मानसरोवर पुलिस के साथ यहां आरोपियों की तलाश में कई जगह दबिश दी। लेकिन, उनका पता नहीं चला।

पीड़िता ने उसके व परिवार की जान को खतरा बताते हुए सीबीआई से निष्पक्ष जांच कराकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। sabhar: bhaskar.com

 

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

कोरोना में सफलता की कहानी:15 हजार से शुरू किया था कारोबार, IT कंपनी खड़ी की, अब अमेरिका के 3.5 लाख करोड़ टर्नओवर वाले ग्रुप में शामिल

(गीतेश द्विवेदी) कोविड दौर में आईटी सेक्टर से बड़ी खबर आई है। इंदौर की आईटी कंपनी नार्थआउट को अमेरिका के बड़े ग्रुप एचआईजी की सहयोगी कंपनी ईज ...