रविवार, 18 सितंबर 2011

क्या मनुष्य एक समय में दो स्थानों पर भिन्य भिन्य अवस्थाओ में रह सकता है

जी हाँ हमारे ग्रंथो में यह वर्णन मिलता है की माया स्वरुप रावण दिखाई दिया या कृष्ण अपनी गोपिकाओ के साथ एक समय में ही रासलीला एक साथ करते थे | इसे विज्ञान की भी स्वीकृति मिल गयी है , यह सफलता वैज्ञानिकों को एक प्रयोग के दौरान संयोग से मिल गयी | वैज्ञानिकों ने पाया की एक यन्त्र एक ही समय में दो भिन्य भिन्य अवस्थाओ में बना रह सकता है, इस तरह यह मशहूर वैज्ञानिक आईंस्टीन के विचारों को सही साबित करती है जिसे उन्होंने खुद ही खारिज कर दिया था | यह मशीन चाँदी के बेहद पतले बेफर से बनाई गयी है , इंसान के द्वारा बनाया गया यह पहला यन्त्र है , जो रहस्मयी क्वांटम ऊर्जा के द्वारा संचालित होता है |क्वांटम थयूरी के अनुसार कोई सूछ्म बस्तु अलग अलग ऊर्जा अवशोषित करती है | वह एक जैसी कभी नहीं रह सकती और एक ही समय में दो भिन्य भिन्य स्थानों पर हो सकती है | आने वाले दिनों में इसे इंसान पर आजमाया जा सकता है | सन्दर्भ- विज्ञान प्रगती

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