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रविवार, 25 अक्तूबर 2015

लिंग परिवर्तन अजय’ बन गया ‘आकृति’

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साथियों के साथ अजय (अब आकृति) की फाइल फोटोअब ‘अजय’ बन गया ‘आकृति’, 6 सालों से लगा रहा था अस्पताल के चक्कर

वडोदरा। शहर के रावपुरा इलाके में रहने वाले अजय की इच्छा आखिरकार पूरी हो ही गई। वह पिछले 6 सालों से लिंग परिवर्तन करवाकर ‘युवती’ बनना चाहता था और वडोदरा के सयाजी हॉस्पिटल के चक्कर लगा रहा था। जबकि सेवासदन और खुद केंद्र सरकार ने तीन साल पहले ही अजय को ‘आकृति पटेल’ नामक ‘युवती’ का दर्जा दे दिया था। इसके बाद भी उसका लिंग परिवर्तन नहीं हो सका था। वह लगातार हॉस्पिटल के चक्कर लगाता रहा।
अजय ने कोशिश जारी रखते हुए अपनी आवाज मीडिया के जरिए दुनिया तक पहुंचाई और उसकी मेहनत रंग ले आई। शुक्रवार को उसकी सफल सर्जरी हो गई और इस तरह वह पूर्ण रूप से स्त्री बन गया। इस सर्जरी को डॉ. गौतम अमीन (मनोचिकित्सक), डॉ. उमेश शाह (कॉस्मेटिक-प्लास्टिक सर्जन), डॉ. संजीव शाह (सर्जन) और डॉ. कमलेश परीख (किडनी स्पेशलिस्ट) की टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
आकृति के बताए अनुसार गत 12 फरवरी 2009 में उसने लिंग परिवर्तन के लिए सयाजी हॉस्पिटल में संपर्क किया था। शुरुआत में अस्पताल के डॉक्टर्स ने यह कहकर उसे चलता कर दिया था कि अस्पताल में इस तरह का ऑपरेशन नहीं होता।
इसके बाद 2005 में एक युवक ने सयाजी हॉस्पिटल में ही लिंग परिवर्तन करवाया था। इसी का दावा करते हुए अजय ने फिर अस्पताल से लिंग परिवर्तन का ऑपरेशन करने की मांग की। इसके बाद उसका हॉस्पिटल में मनोचिकित्सक से काउंसलिंग और एंटी डिप्रेशन का उपचार शुरू हुआ।एथिक्स कमिटि ने लिंग परिवर्तन की स्वीकृति के लिए गांधीनगर स्थित हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर डिपार्टमेंट के कमिश्नर को रिपोर्ट्र्स भेजीं। लेकिन यहां से कोई जवाब नहीं आया। तबसे लेकर अजय अब तक लगातार हॉस्पिटल के चक्कर लगा रहा था। लेकिन उसे पता नहीं चल पा रहा है कि उसका ऑपरेशन कब होगा। आखिरकार अजय की कोशिश रंग लाई। अजय के ऑपरेशन के लिए सयाजी हॉस्पिटल में सात सदस्यों के एक बोर्ड का गठन किया गया है। इसी बोर्ड ने सेक्स चेंज के लिए ऑपरेशन की तिथि निश्चित की।
इलाके के लोग आकृति कहकर ही बुलाते थे:
सर्जरी करने वाले डॉक्टर्स की टीम के साथ आकृति
वडोदरा के रावपुरा इलाके में रहने वाले अजय एच. पटेल को पिछले कई वर्षो से लोग अंजलि उर्फ आकृति के नाम से ही पहचानते हैं। लंबे बाल, हाथों में चूड़ियां, लिपिस्टिक और लड़कियों के कपड़े अब अजय का परिधान थे। शारीरिक व मानसिक रूप से युवति के सभी गुण-लक्षण उसमें थे, यह बात खुद सयाजी हॉस्प्टिल के डॉक्टर्स ने उसकी जांच के बाद कही थी।
sabhar :  bhaskar.com

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