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रविवार, 9 अगस्त 2015

आइंस्टीन की गुरुत्वीय तरंगों का पता लगाने की नई तकनीक

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न्यूयॉर्क। वैज्ञानिकों ने ऐसी नई तकनीक ईजाद की है जिसके जरिए गुरुत्वीय तरंगों का पता लगाना संभव होगा। गुरुत्वीय तरंगें ऐसी अदृश्य तरंगें हैं, जिनका जिक्र अल्बर्ट आइंस्टीन ने अपने सापेक्षता के सिद्धांत में किया था।
न्यूयॉर्क में अमेरिकन म्यूजियम ऑफ नैचुरल हिस्ट्री के भौतिकविद् बैरी मैक करनन ने कहा, ‘गुरुत्वीय तरंगें त्वरित द्रव्यों से निकलती हैं।’ इन गुरुत्वीय तरंगों को सीधे तौर पर पहचानने का कोई माध्यम नहीं है। मैक करनन और उनके सहयोगियों का कहना है कि गुरुत्वीय तरंगों का पदार्थ पर उससे ज्यादा प्रभाव पड़ता है, जितना पहले माना जाता था। शोधकर्ताओं का कहना है कि ऐसे तारे जो अपने करीब से गुजरने वाली गुरुत्वीय तरंगों के समान आवृत्ति पर कंपन करते हैं वे इन हलचलों से बड़ी मात्रा में ऊर्जा ग्रहण कर सकते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि चुनौती इस बात का पता लगाने की है कि चिह्नित किए गए तारे की चमक गुरुत्वीय तरंगों के कारण है या इसका कोई अन्य कारण है।
क्या है उम्मीद
उन्होंने कहा, ‘जब ब्लैक होल्स करीब आएंगे तो उनके द्वारा उत्पन्न होने वाली गुरुत्वीय तरंगों की आवृत्ति बढ़ेगी। ऐसे में हम छोटे तारों के चमकने की उम्मीद करते हैं।’ वैज्ञानिकों का मानना है कि कई तारों के बीच में अगर बड़े तारों के बाद छोटे तारों में चमक दिखाई देती है तो यह गुरुत्वीय तरंग के कारण हो सकता है। इस स्थिति में गुरुत्वीय तरंग का अध्ययन संभव होगा। साभार :http://virsachannel.com/

1 टिप्पणियाँ :

Garib Sadhu Satya Ashram ने कहा…

क्या बुलबुले के अन्दर मानव जा सकता है कुछ और राज जिनसे परदा उठना बाकी है परदा उठाना है तो मिलो 09911827345

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