गुरुवार, 25 दिसंबर 2014

मिलिए दुनिया के सबसे गरीब प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति से

मिलिए दुनिया के सबसे गरीब प्रधानमंत्री से, संपत्ति के नाम सिर्फ तीन मोबाइल

काठमांडू। आपको जानकार आश्चर्य होगा कि नेपाल के प्रधानमंत्री सुशील कोईराला के पास खुद संपत्ति के नाम पर महज तीन मोबाइल हैं। इस हिसाब से वह दुनिया के सबसे गरीब प्रधानमंत्री भी माने जा सकते हैं। कोईराला द्वारा संपत्ति का ब्यौरा पेश करने के बाद इसका खुलासा हुआ। कोईराला ने सोमवार को अपनी संपत्ति का ब्यौरा प्रधानमंत्री कार्यालय और काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स (OPMCM) में पेश किया है, जिसमें महज तीन मोबाइल फोन होने की जानकारी दी गई है।
नहीं हैं बैंक अकाउंट
जानकारी के मुताबिक, कोईराला के पास न तो कोई घर है और न गाड़ी। उनके पास सोने-चांदी के आभूषण भी नहीं हैं। अविवाहित कोईराला का अपना कोई बैंक अकांउट भी नहीं है। इसी साल मार्च में जब संपत्ति का ब्यौरा पेश किया था, उसमें उन्होंने बताया था कि एक चेक पेमेंट के लिए उन्हें मिला था, जिसके लिए उन्होंने खाता खोला था, लेकिन यह तय नहीं है कि अब वह अकाउंट चालू है या बंद, क्योंकि इसके बाद उन्होंने कोई लेनदेन नहीं किया। कोईराला के पास एक घड़ी और एक सोने की अंगूठी भी है, लेकिन अंगूठी सोने से बनी है या किसी और धातु से, इसकी जानकारी भी उन्हें नहीं है।
 
सीधे बने नेपाल के पीएम
74 वर्षीय कोईराला नेपाल में अपनी सामान्य जीवनशैली के लिए जाने जाते हैं। बीते 5 दशकों से नेपाल की राजनीति में सक्रिय कोईराला नेपाल के 37वें प्रधानमंत्री बनने से पहले किसी भी सार्वजनिक पद पर नहीं रहे हैं। प्रधानमंत्री के तौर पर उन्हें 56,200 रुपए तनख्वाह मिलती है। 

ये हैं दुनिया के सबसे गरीब राष्ट्रपति

उरुग्वे के राष्ट्रपति जोसे मुजिका को दुनिया का सबसे गरीब राष्ट्रपति माना जाता है। वह जिस तरह का जीवन जीते हैं, वैसा जीवन कोई फकीर ही जी सकता है। वह राष्ट्रपति भवन के बजाय अपने दो कमरे के मकान में रहते हैं। सुरक्षा के नाम पर बस दो पुलिसकर्मी की सेवा लेते हैं। आमलोगों की तरह कुएं से पानी भरते हैं और अपने कपड़े खुद धोते हैं। वह अपनी पत्नी के साथ मिलकर फूलों की खेती करते हैं ताकि कुछ एक्स्ट्रा आमदनी हो सके। खेती के लिए ट्रैक्टर खुद से चलाते हैं। इसके खराब होने पर खुद ही मैकेनिक की तरह ठीक भी करते हैं। कोई नौकर-चाकर अपनी सेवा के लिए नहीं रखते हैं। अपनी बहुत पुरानी फॉक्सवैगन बीटल गाड़ी को खुद चलाकर ऑफिस जाते हैं। हालांकि ऑफिस जाते समय वह कोट-पैंट पहनते है
सारी सुविधाओं के बावजूद फकीर जीवन
एक देश के राष्ट्रपति को जो भी सुविधाएं मिलनी चाहिए, इन्हें वो सारी सुविधाएं दी गई हैं। पर इन्होंने इन सुविधाओं को लेने से इनकार कर दिया। वेतन के तौर पर इन्हें मिलता है हर महीने 13300 डॉलर। अपने वेतन से 12000 डॉलर गरीबों को दान दे देते हैं। बाकी बचे 1300 डॉलर में से 775 डॉलर छोटे कारोबारियों को देते हैं। अगर आपको कहीं से भी ऐसा लगता है कि शायद उरुग्वे एक गरीब देश है, इसीलिए यहां का राष्ट्रपति भी गरीब है, तो यह आपका भ्रम है। उरुग्वे में प्रति माह प्रति व्यक्ति की औसत आय 50000 रुपए है। वह 2015 में अपने पद से रिटायर हो जाएंगे। साथ ही अगला चुनाव भी नहीं लड़ेंगे। 

मिलिए दुनिया के सबसे गरीब प्रधानमंत्री से, संपत्ति के नाम सिर्फ तीन मोबाइल

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कामेच्छा बढ़ाने का काम करता है मेथीदाना

भारतीय और अन्य एशियाई देशों में अपनी यौन क्रियाओं को बढ़ाने की इच्छा रखने वाले लोगों को पश्चिम के उत्पादों की तरफ देखने की जरूरत नहीं है, क्योंकि घर-घर में मिलने वाली मेथी भी इसमें सक्षम है।
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ब्रिसबेन स्थित एकीकृत नैदानिक और आणविक चिकित्सा केंद्र के अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि भारत में सबसे अधिक मात्रा में पाई जाने वाली मेथी पुरुषों की कामेच्छाओं को काफी अच्छे स्तर तक बढ़ाने में सक्षम है। 
 
अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार मेथी के बीज में पाया जाने वाला सैपोनीन पुरुषों में पाए जाने वाले टेस्टोस्टेरॉन हॉरमोन में उत्तेजना पैदा करता है।
 
गौरतलब है कि भारत में कढ़ी और सब्जियों में इस्तेमाल की जाने वाली मेथी मुख्य तौर पर राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा और पंजाब में उगाई जाती है।
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