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June 15, 2014 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

रूपकुंड का भयावह रहस्य

पिछले सत्तर से भी अधिक बरसों से वैज्ञानिक हिमालय पर्वतमाला में पांच हज़ार मीटर की ऊंचाई पर छिपी हिमानी झील रूपकुंड का रहस्य बूझने की कोशिश कर रहे हैं| वर्तमान उत्तराखंड राज्य में स्थित इस स्थान पर 1942 में लगभग पांच सौ नर-कंकाल मिले थे जिनकी आयु 1100 साल आंकी गई थी| अभी तक इन लोगों की मृत्यु का सही कारण तय नहीं किया जा सका है| हाल ही में लंदन के क्वीन मेरी विश्वविद्यालय और पूना विश्विद्यालय के वैज्ञानिकों ने मिलकर यहाँ जो शोधकार्य किया है उसके नतीजे जानकर तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं| वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इन लोगों की मृत्यु एक बिलकुल सरल रासायनिक अस्त्र से हुई! यहाँ मिले अवशेषों का विश्लेष्ण करके वैज्ञानिक इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि सभी लोग एक साथ पलांश में ही मारे गए| यही नहीं सबके कपाल के पिछले भाग में दरारे हैं, कइयों के तो कपाल टूटे भी हुए हैं| इसकी व्याख्या करने के लिए वैज्ञानिकों ने विभिन्न प्राक्कल्पनाएं की हैं – आनुष्ठानिक नर-बलि से लेकर असाधारण ओला-वृष्टि तक| किंतु इनमें कोई भी कल्पना विश्वासप्रद नहीं प्रतीत होती| भारत में कभी भी नर-बलि का, सो भी सामूहिक नर-बलि का प्रचल…

अच्छा तो यहां है क्षीर सागर जहां शेषनाग पर रहते हैं भगवान विष्णु

जहां रहते हैं भगवान विष्णु देवी लक्ष्मी के साथ
शास्त्रों पुराणों में भगवान शिव का निवास कैलाश पर्वत बताया गया है। और विष्णु का निवास स्थान क्षीर सागर बताया गया है। यह क्षीर सागर कहां है यह आप जरुर जानना चाहते होंगे।

आपकी इस चाहत का ध्यान रखते हुए आइये ले चलते हैं आपको क्षीर सागर के दर्शन करवाने।


दर्शन कीजिए क्षीर सागर का क्षीर सागर के दर्शन के लिए चल पड़े हैं तो क्यों न मार्ग में क्षीर सागर के कुछ चमत्कारी गुणों को जान लें। पुराणों की मानें तो क्षीर सागर की एक परिक्रमा करने वाला व्यक्ति एक जन्म में किए पाप और कर्म बंध से मुक्त हो जाता है।

जो व्यक्ति इसकी दस परिक्रमा कर लेता है उसे दस हजार जन्मों के पापों से मुक्ति मिल जाती है। क्षीर सागर की 108 परिक्रमा करने वाला व्यक्ति जीवन मरण के चक्र से मुक्त होकर परमपिता परमेश्वर में लीन हो जाता है।

जो इस झील के मीठे जल का पान करता है वह शिव के बनाए स्वर्ग में स्थान पाने का अधिकारी बन जाता है। यहीं कुबेर ने भगवान शिव की तपस्या करके शिव का सखा और ईश्वरीय खजाने का खजांची होने का वरदान प्राप्त किया था।
चलिए डुबकी लगाएं क्षीर सागर में यह पवित्र क्षीर स…

बिहारः किसान का 'बाल संत' बेटा बिना स्‍कूल गए ही 14 साल में बनेगा आईआईटीयन

पटना. बिहार के रोहतास जिले का रहने वाला 14 साल का शिवानंद बिना रेगुलर स्कूल गए ही आईआईटी में दाखिला लेने का हकदार हो गया है। शिवानंद ने आईआईटी-जेईई (एडवांस) में 2587वां रैंक हासिल किया है। वह बेटे को 'बाल संत' कह कर बुलाते हैं।  प्रतिभा को मिला सहारा तो हुआ कमाल  
धरमपुरा गांव के रहने वाले शिवानंद का कहना है, ''2010 तक मेरा पढ़ाई की ओर बिल्कुल भी झुकाव नहीं था, मैं बस गणित के सवाल हल किया करता था। इसके बाद मुझे किसी ने कहा कि तुम IIT के लिए तैयारी करो, फिर मुझे दिल्ली की एक एकेडमी से मदद मिली।'' एकेडमी ने शिवानंद की प्रतिभा देख उसकी पढ़ाई का सारा इंतजाम किया। एकेडमी ने शिवानंद का स्कूल में दाखिला कराया और 10वीं-12वीं की तैयारी कराई। सात साल की उम्र में ही वह दसवीं के गणित के सवाल हल कर लेता था।  10वीं के लिए कोर्ट ने दी अनुमति आमतौर पर 10वीं परीक्षा के लिए निर्धारित उम्र 14 से 16 साल के बीच होनी चाहिए, लेकिन शिवानंद ने कोर्ट की अनुमति लेकर 12 साल की उम्र में ही यह परीक्षा पास कर ली। 
रामायण-महाभारत याद
शिवानंद के पिता कमल कांत तिवारी पेशे से किसान है। वह बताते हैं…

सौर ऊर्जा को सूर्य नमस्कार

कोयले की कमी ने भारत में कई कंपनियों की हालत खराब की. लेकिन जब कोई हल नहीं निकला तो कुछ कंपनियों ने सौर ऊर्जा का रुख किया. इस तरह देश में दुर्घटनावश ही सही, लेकिन चुपचाप ऊर्जा क्रांति की शुरुआत हो गई.



लगातार छह साल तक भारत के कोयला उत्पादक मांग को पूरा नहीं कर पाए. इसकी वजह से बिजली बनाने वाले संयंत्रों की हालत खराब हो गई. शुरुआत में उन्होंने कुछ महीनों तक विदेशों से कोयला खरीदा लेकिन दाम ज्यादा होने की वजह से देर सबेर ये खरीद बंद हो गई. ऊर्जा संकट के घने बादलों के बीच कुछ कंपनियों ने सौर ऊर्जा में निवेश करना शुरू किया. देखा देखी दूसरों ने भी की और धीरे धीरे भारत में बाबा आदम के जमाने का ऊर्जा ढांचा बदलने लगा. तीन साल पहले भारत की सौर ऊर्जा क्षमता लगभग शून्य थी. लेकिन आज यह क्षमता 2.2 गीगावॉट है. इतनी बिजली से 20 लाख घरों की जरूरत पूरी की जा सकती है. इस साल क्षमता को और दो गीगावॉट बढ़ाने की योजना है. भारत ने 2017 तक 15 गीगावॉट वैकल्पिक ऊर्जा बनाने का लक्ष्य तय किया है. हिंदुस्तान पावर प्रोजेक्ट्स के चैयरमैन रातुल पुरी कहते हैं, "मैंने कोयला प्लांट विकसित करने बंद कर दिए हैं. यहां…

अरबपतियों की रईसी, 'गल्फस्ट्रीम' से भरा दिल, तो खरीदने लगे LUXURY 'बोइंग'

इंटरनेशनल डेस्क। सऊदी के राजकुमार, ऑयल मैग्नेट्स और रूसी अरबपति सरीखे लोग ऐश्वर्य पसंद होते हैं। ये विमान से जहां भी यात्रा करते हैं, उनके साथ दर्जनों प्रतिनिधिमंडल भी साथ होता है। ऐसे में इन धनकुबेरों को कभी सबसे ज्यादा पसंद आने वाला गल्फस्ट्रीम (दुनिया का सबसे एडवांस्ड बिजनेस जेट एयरक्राफ्ट) भी छोटा लगने लगा है। यही वजह है कि अरबपति गल्फस्ट्रीम की बजाए मनमुताबिक तैयार किए गए लग्जरियस बोइंग को तरजीह देना शुरू कर दिया है।
अंग्रेजी वेबसाइट 'वायर्ड' की रिपोर्ट के मुताबिक, जंबो जेट (747 और ए380) निर्माता ने राजकुमारों व अरबपतियों की पसंद-नापसंद का ख्याल रखते हुए खुशी-खुशी लग्जरियस जंबो जेट्स डिजाइन करना शुरू कर दिया है। एयरबस भी इस बिजनेस में इस कदर रुचि ले रहा है कि उसने अरबपतियों पर अध्ययन करा डाला। 'बिलियनेयर स्टडी' नाम से इस अध्ययन में ये बात सामने आई कि ऑयल मैग्नेट, चीनी बिजनेसमैन, रूसी अरबपति अपने साथ दर्जनों लोगों के साथ यात्रा करते हैं। वेबसाइट के मुताबिक, 65 मिलियन डॉलर (भारतीय मुद्रा में लगभग 4 अरब रुपए) का गल्फस्ट्रीम G650, निजी जेट मार्केट में शिखर पर हो सकता ह…

एक जादुई हेलमेट, जो दिमाग पढकर तैयार करेगा रूटमैप

वाशिंगटन। दिमाग पढने वाला हेलमेट! सुनने में भले ही अटपटा लगे, लेकिन ये सच है। ब्रुकलिन के स्टार्टअप ड्यूकॉर्प ने इस जादुई हेलमेट को तैयार किया है। यह हेलमेट बाइक से सफर करने के दौरान आपके दिमाग का नक्शा तैयार करेगा। यह हेलमेट आपके दिमाग के सहारे तैयार इस रूटमैप पर हरे रंग में स्वीटस्पॉट्स और लाल रंग में हॉटस्पॉट्स भी दिखाएगा। स्वीटस्पॉट वह जगह होगी जहां आपको सबसे ज्यादा रिलेक्स महसूस हुआ होगा, वहीं हॉटस्पॉट वह जगह होगी, जहां आपको सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरूरत पडी होगी। हेलमेट को सबसे पहले कंपनी की प्रमुख खोजकर्ता अरलीन डुकाओ ने उस वक्त तैयार किया था, जब वे मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मीडिया लैब की छात्रा थीं। कैसे करेगा काम : इस हेलमेट में माथे पर लगने वाला सेंसर है, जिसमें ईईजी के प्रयोग से चालक के दिमाग की इलेक्ट्रिकल गतिविधियों को रिकॉर्ड किया जाता है। इसके साथ एक ऐप के जरिए ब्लूटूथ से जु़डे स्मार्टफोन पर हेलमेट के ब्रेन कम्प्यूटर का डेटा भेजकर जीपीएस के माध्यम से नक्शा तैयार होता है। चालक चाहें तो हॉटस्पॉट की संख्या को कम करते हुए दूसरा नक्शा भी तैयार कर सकते हैं। या फ…

जब कम्प्यूटर से होगा इश्क

लिजी डियरडेन

2029 में आपका बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड न हो तो आप अपने ही कम्प्यूटर से इश्क लड़ा सकेंगे। आज से 15 साल बाद, कम्प्यूटर से फ्लर्ट करना यहां तक कि इश्क हो जाना भी संभव होगा। यह दावा है एक फ्यूचरिस्ट का। 'Her' नाम की एक अंग्रेजी फिल्म में एक आदमी एक इंटेलिजेंट कम्प्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ रिश्ते कायम करता है। गूगल के इंजिनियरिंग डायरेक्टर रे कुर्जवील का कहना है कि आने वाले कुछ सालों में ऐसी असली कहानियां भी बनेंगी। 

एनबीसी न्यूज की खबर के मुताबिक, पिछले हफ्ते न्यू यॉर्क की एक्सपोनेंशल फाइनैंस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए उन्होंने दावा किया कि कुछ साल बाद इंसान टेक्नॉलजी से भावनात्मक संबंध बनाने में भी कामयाब हो सकेगा। उन्होंने कहा, 'मुझे जहां तक लगता है कम्प्यूटर्स ह्यूमन लेवल तक आ जाएंगे। 2029 तक तो वे इतने करीब होंगे कि हम उनके साथ रिश्ते भी बना सकेंगे।' 

'Her' की तारीफ करते हुए कुर्जवील ने दावा किया कि यह आने वाले कल की सटीक तस्वीर है। उन्होंने कहा, 'ह्यूमन लेवल से मेरा मतलब इमोशनल इंटेलिजेंस से है। मसलन, जोक सुनाना, मजेदार बातें करना, रोमांटिक होना,…

8 सबसे विचित्र मानसिक बीमारियां, इंसान खुद को मानने लगता है राक्षस

मानसिक बीमारियों से इंसान की जिंदगी  बुरी तरह प्रभावित होती है। कई मामलों में यह बर्बाद हो जाती है। कुछ मेंटल इलनेस इतनी विचित्र होती हैं कि इन्हें समझना मुश्किल होता है। तेजी से बढ़ती मानसिक बीमारियांं पूरी दुनिया के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। कोई  Mentle Illness कभी भी भयावह हो सकती है। इनके डरावने लक्षणों से प्रेरित होकर हॉलीवुड और बॉलीवुड में कई फिल्में तक बनाई जा चुकी हैं। एक मानसिक बीमारी ऐसी है कि व्यक्ति खुद को राक्षस मानने लगता है।  भारत में हर पांच व्यक्ति में से एक व्यक्ति मानसिक बीमारी से ग्रसित है। देश में ऐसी बीमारियों के इलाज के लिए केवल 5,000 मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल्स हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, भारत के बजट में मेंटल हेल्थ के लिए महज 1 फीसदी राशि की व्यवस्था है, जबकि दूसरे देशों में 10%, 12% और 18 फीसदी तक है। एक अनुमान के अनुसार, पूरे विश्व में 450 मिलियन लोग मानसिक बीमारियों से पीड़ित हैं। ये बीमारियां बेहद अजीब होती है और व्यक्ति का व्यवहार विचित्र हो जाता है। आप यहां कुछ ऐसी मानसिक बीमारियों के बारे में जान सकते हैं। 1- वेंडिगो साइकोसिस (Wendigo Psychosis):