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शनिवार, 24 मई 2014

वैज्ञानिकों ने खोजी 18 हजार नई प्रजातियां, अब भी दो करोड़ की खोज बाकी

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वैज्ञानिकों ने खोजी 18 हजार नई प्रजातियां, अब भी दो करोड़ की खोज बाकी

न्यूयॉर्क। वैज्ञानिकों ने पिछले साल दुनियाभर में प्राणियों की 18 हजार नई प्रजातियों की खोज की। इनमें बिल्ली जैसा दिखने वाला भालू और जमीन में तीन हजार फीट नीचे रहने वाला बिना आंख का घोंघा शामिल है। 
 
वैज्ञानिकों ने गुरुवार को इन प्रजातियों का खुलासा करते हुए नई 10 शीर्ष प्रजातियों की सूची भी जारी की। दुनिया भर में अब तक 20 लाख प्रजातियों के होने की ही जानकारी थी। अब इनमें ये 18 हजार नई प्रजातियां और जुड़ गई हैं। 
 
वैज्ञानिकों का दावा है कि पृथ्वी पर अब भी करीब एक करोड़ प्रजातियों की खोज बाकी है। इनमें से कई तो विलुप्त होने की कगार पर हैं। शीर्ष दस प्रजातियों के लिए बनी समिति के प्रमुख और नेशनल म्यूजियम ऑफ नेचुरल साइंस के जीव विज्ञानी एंटोनियो वाल्डेकेसस ने यह जानकारी दी।
वैज्ञानिकों ने खोजी 18 हजार नई प्रजातियां, अब भी दो करोड़ की खोज बाकी

दस शीर्ष प्रजातियों में प्रमुख चार 
 
दो किलो वजन वाला ओलिंग्यिटु: पश्चिमी गोलार्ध में पाया जाने वाला यह स्तनपायी है। यह बिल्ली और भालू का मिला-जुला रूप है। 
 
12 मीटर लंबा ड्रैगननुमा पेड़: इसकी पत्तियां मुलायम लेकिन तलवार के आकार की हैं। इसमें सफेद फूल आते हैं। इनके तंतु नारंगी होते हैं। थाइलैंड के स्थानीय लोगों में यह जाना-माना था। लेकिन वैज्ञानिकों की पहुंच से दूर था।
 
एक इंच लंबा पीला कीड़ा: अंटार्कटिका में मिला। बर्फ चट्टानों से चिपका रहता है। दो दर्जन पैरों के सहारे रेंगता है। 
 
250 माइक्रोमीटर जितना छोटा कीट: यह उडऩे वाला कीट कोस्टारिका में मिला है। इसे दुनिया के सबसे छोटे कीटों में से एक माना जा रहा है।  
वैज्ञानिकों ने खोजी 18 हजार नई प्रजातियां, अब भी दो करोड़ की खोज बाकी

वैज्ञानिकों ने खोजी 18 हजार नई प्रजातियां, अब भी दो करोड़ की खोज बाकी

sabhar : bhaskar.com

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एक इंजेक्शन से कैंसर का इलाज?

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cancer
प्रीतंभरा प्रकाश
कैंसर पर रिसर्च करने वाले यह जानकर खासे उत्साहित हैं कि अब बोन मैरो कैंसर का एक हद तक उपचार मीजल्स (खसरे) के वायरस द्वारा किया जा सकेगा। अमेरिका के मेयो क्लीनिक में हुई इस रिसर्च में मल्टिपल मायलोमा (एक प्रकार का बोन मैरो कैंसर) से ग्रस्त दो महिलाओं को मीजल्स वायरस के डोज बड़ी मात्रा में दिए गए और इस ट्रीटमेंट के छह हफ्तों बाद दोनों महिलाओं में कैंसर वाले सेल नदारद हो गए।

गौरतलब है कि वायरोथेरेपी के अंतर्गत बीमारियों पर हमला बोलने के लिए पहले भी वायरस का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इस रिसर्च के प्रमुख डॉ़ स्टीफन रसेल के मुताबिक, हम वायरस के जरिये चूहों में मेटास्टैटिक कैंसर को खत्म करने के बारे में तो जानते थे, किंतु यह मनुष्यों में भी संभव हो सकता है, यह पहली बार देखा गया है। इस ट्रीटमेंट में वायरस को सीधे मरीज के खून में छोड़ दिया जाता है। यह कैंसर को पहले दूषित करता है, फिर नष्ट करता है। इसके बाद मरीज का इम्यून सिस्टम बाकी बचे कैंसर का सफाया कर डालता है।

दरअसल, इस प्रयोग की महत्ता यह है कि यह ऐसे लोगों पर अपना असर दिखा रहा है, जिनके लिए कीमोथेरेपी कुछ कर नहीं पा रही थी। ओटावा हॉस्पिटल रिसर्च इंस्टीट्यूट में कैंसर फाइटिंग वायरस के टेस्ट में जुटे जॉन बेल के मुताबिक, अब इस दिशा में काम किए जाने की जरूरत है कि कौन से कैंसर के लिए कौन सा वायरस इस्तेमाल हो और यह किन लोगों के लिए प्रभावकारी होगा। sabhar :http://navbharattimes.indiatimes.com/

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शुक्रवार, 23 मई 2014

श्रुति हसन ने ‌बताई अपने इन 'गंदे चित्रों' की हकीकत

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इन चित्रों पर पुलिस में दर्ज हुई शिकायत

इन चित्रों पर पुलिस में दर्ज हुई शिकायत


कोई हीरोइन नहीं चाहती कि उसकी ऐसी तस्वीरें सामने आएं जिससे उसका नाम खराब हो। यही कारण है कि श्रुति हासन ने हैदराबाद पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराई है। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों श्रुति के कुछ ‘गंदे चित्र’ ऑन लाइन मीडिया में अचानक सुर्खियां बटोरने लगे थे, जिनके बारे में बताया गया था कि वह साउथ में श्रुति की एक फिल्म के हैं।

एक गाने की हैं तस्वीरें

श्रुति ने जब उन्हें देखा तो समझ नहीं सकीं कि उनके ये चित्र कब फिल्म के सेट पर खींच गए हैं और क्या कभी उन्होंने फिल्म की यूनिट को इन तस्वीरों को जारी करने को कहा है?

असल में ये तस्वीरें फिल्म ‘येवडु’ के आइटम डांस ‘डिंपल पिंपल’ से ली गई बताई जाती हैं। सूत्रों का कहना है कि श्रुति को जैसे ही पता चला कि उनकी कुछ गंदी तस्वीरें ऑन लाइन चल पड़ी हैं, उन्हें झटका लगा था। तस्वीरें देख कर खुद श्रुति को बहुत खराब लगा था क्योंकि उन्हें ऐसे कोण से खींचा गया था कि लगता था यह हीरोइन जानबूझ कर भद्दे ढंग से अंग प्रदर्शन कर रही है।
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एक गाने की हैं तस्वीरें

कभी नहीं किया ऐसा अंग प्रदर्शन

ऐसा नहीं है कि श्रुति को अंग प्रदर्शन करने में कभी संकोच रहा है लेकिन उन्होंने कभी फूहड़ तस्वीरें नहीं खिंचवाई हैं। उनकी सेक्सी तस्वीरें भी बड़ी कलात्मक होती हैं।

उनके नजदीकी बताते हैं कि इन तस्वीरों की सबसे बुरी बात श्रुति को यह लगी कि लोगों ने सोचा वह सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए यह सब कर रही हैं। जबकि ऐसा कुछ नहीं है। इसी कारण श्रुति ने तय किया कि वह मामले की तह तक जाएंगी और उन्होंने पुलिस में इसकी शिकायत करवाई। sabhar :http://www.amarujala.com/

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गुरुवार, 22 मई 2014

जब मरने वाले ने खुद बताया कि उसकी लाश कहां दबी है?

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जब लौटकर नहीं आया पति


जब लौटकर नहीं आया पति


घटना घटना मध्यप्रदेश के काशीपुर गांव की है। गौरी बाई के बेटे की तीन साल पहले आंख निकाल ली गई थी। इस दर्द से वह निकल भी नहीं पाई थी कि 24 मार्च को उसका पति गायब हो गया। गौरी बाई ने अपने पति की खूब तलाश की लेकिन वह नहीं मिला।

इसके बाद पीड़ित महिला ने 2 अप्रैल को 65 वर्षीय पति छोटेलाल सेन की गुमशुदगी की रिपोर्ट मतगुआं थाने में लिखवाई। लेकिन पुलिस को छोटेलाल की कोई खबर नहीं मिली।

सपने में देखा पति का शव

इस बीच गौरी ने एक सपना देखा कि उसके पति की लाश गांव के बाहर एक कुएं में है। गौरी पुलिस के पास गई और सपने में जो देखा था पुलिस को बताई। गौरी के कहने पर जब पुलिस ने कुएं की जांच कराई तो छोटे लाल का शव कुएं से बरामद हुआ।
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पुलिस भी हैरान है सपने की सच्चाई से

पुलिस कप्तान ललित शक्यवर कहते हैं कि सपने में शव का कुएं में देखना और तलाश करने पर उसका मिल जना। यह ऐसी घटना है जिससे हम लोग हैरान हैं। छोटे लाल का शव फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है और कातिल की तलाश की जा रही है।

गौरी का दबा है जिन लोगों ने तीन साल पहले उसके बेटे की आंख निकाल ली थी उन लोगों ने ही उसके पति की हत्या की है। हत्या का कारण जमीन विवाद को माना जा रहा है। sabhar : http://www.amarujala.com/

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किशोरावस्था में सामूहिक दुष्कर्म का शिकार हुई थीं पामेला

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कान। कनाडाई-अमेरिकी अभिनेत्री पामेला एंडरसन ने खुलासा किया है कि जब वह नौवीं क्लास में थीं तब उनके ब्वॉयफ्रेंड ने अपने छह दोस्तों के साथ मिलकर उनसे सामूहिक दुष्कर्म किया था। पामेला के अनुसार वह बचपन से ही यौन उत्पीड़न का शिकार होती रही हैं।
पामेला एंडरसन फाउंडेशन की लांचिंग के मौके पर उन्होंने यहां कहा, 'मैं मर जाना चाहती थी, लेकिन जानवरों के प्रति लगाव ने मुझे बचा लिया। मुझे लगता है कि अब उम्र के इस पड़ाव पर अपने गुजरे जीवन के सबसे कटु अनुभवों के बारे में बात करना चाहिए।' 46वर्षीय पामेला ने बताया कि छह से दस साल की उम्र तक उनकी महिला आया ही उनसे छेड़खानी करती रही। 12 साल की उम्र में एक सहेली के ब्वॉयफ्रेंड के 25 वर्षीय भाई ने उनसे दुष्कर्म किया। 'बेवॉच' स्टार के अनुसार प्यार करने वाले मां-बाप के बावजूद उनका बचपन बेहद दुखदायी रहा।
पामेला ने कहा, इन कटु अनुभवों की वजह से इंसानों से मेरा भरोसा उठ गया था। मैंने इन घटनाओं के बारे में अपनी मां को भी कुछ नहीं बताया। ऐसे में जानवरों के साथ आत्मीय लगाव ने मेरे जीवन को दिशा दी। जानवरों को सच्चा मित्र बताते हुए पामेला ने उनके संरक्षण पर काम करने का वादा किया है।
sabhar :http://www.jagran.com/

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