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April 20, 2014 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

टी-शर्ट पर ही प्रिंट होंगे सेलफोन

मेलबर्न: कुछ दिनों में ऐसा हो सकता है कि आपको मोबाइल पॉकेट में रखने की जरूरत ही न पड़े। आपके टी-शर्ट पर ही रिंगटोन बजे और आप टी-शर्ट पर प्रिंट किए गए मोबाइल से बात कर सकें। जी हां, वैज्ञानिक सेल फोन को बेहद पतला, फ्लेक्सिबल और कारगर बनाने पर काम कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के मोनॉश यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक ऐसे ही सेलफोन बनाने की तैयारी शुरू कर दी है, जिसे टी-शर्ट पर प्रिंट किया जा सके।

स्पासर टेक्नॉलजी की मदद
इस मोबाइल फोन को बेहद पतला बनाने में स्पासर टेक्नॉलजी की मदद ली जाएगी। मोनॉश के वैज्ञानिकों ने काबर्न से बनने वाले दुनिया के पहले स्पासर (सर्फेश प्लासमोन एम्पलिफिकेशन बाइ स्टिमुलेटेड इमिशन ऑफ रेडिएशन) को बनाने में सफलता हासिल कर ली है। इस प्रोजेक्ट के प्रमुख वैज्ञानिक चनाका रुपासिंघे ने कहा कि कार्बन बेस्ड स्पासर टेक्नॉलजी काफी कारगर साबित होगी। यह न सिर्फ सस्ती होगी, बल्कि बेहतर नतीजे भी देगी और इको फ्रैंडली भी होगी। अभी स्पासर टेक्नॉलजी में सोने और चांदी के नैनोपार्टिकल का इस्तेमाल होता है। एसिएस नैनो मैगजीन में इस संबंध में रिसर्च पेपर प्रकाशित किया गया है।

यह है स्पासर टेक्न…

3डी प्रिंटिग टेक्नॉलजी के जरिए सिर्फ 24 घंटे में 10 घरों का समूह तैयार कर दिया।

पेइचिंग
3डी प्रिंटर की मदद से बहुत कुछ किया जा सकता है। इसका हालिया कमाल है एक दिन में घर तैयार करना, वह भी एक नहीं पूरे 10 घर। चीन की एक कंपनी ने 3डी प्रिंटिग टेक्नॉलजी के जरिए सिर्फ 24 घंटे में 10 घरों का समूह तैयार कर दिया। इन घरों को बनाने में रिसाइकल मटिरियल का इस्तेमाल किया गया है। शंघाई के क्विंगपू जिले में तैयार हुई यह इमारत 200 वर्गमीटर के इलाके में फैली है।

इन इमारतों को तैयार करने के लिए 500 फुट लंबा, 33 फुट चौड़ा और 20 फुट बड़ा 3डी प्रिंटर तैयार किया गया। इस प्रिंटर का इस्तेमाल कर घरों के कंपोनेंट तैयार किए गए। इस टेक्नॉलजी से बने एक घर की कीमत लगभग 4800 डॉलर यानी 2.8 लाख रुपये है।

इन इमारतों को चीन के शंघाई विनशुन डेकोरेशन डिजाइन इंजीनियरिंग कंपनी ने तैयार किया है। इमारतों के कंपोनेंट बनाने के लिए एक स्पेशल इंक का इस्तेमाल किया गया है। इस इंक को वेस्ट मटीरियल से तैयार किया गया है। कंपनी की सीईओ मा येह के अनुसार इस तरह की इमारत इकोफ्रेंडली और कॉस्ट इफेक्टिव भी है। यह कंपनी चीन में 100 से ज्यादा रिसाइकलिंग फैक्ट्री खोलने की तैयारी में है। sabhar :http://navbharattimes.indiatim…

मजाक-मजाक में पॉर्न स्टार को छत से नीचे फेंका, टूट गया पैर, देखें तस्वीरें

इंटरनेशनल डेस्क। डैन बिलजेरियन फोटो शेयरिंग साइट इंस्टाग्राम के सबसे बड़े प्लेब्वॉय सेलिब्रिटी हैं। डैन पेशे से पोकर प्लेयर हैं। उन्हें शायद ही इस गेम में कोई हरा पाए। डैन ने गैम्बलिंग के जरिए ही 100 मिलियन डॉलर यानी भारतीय मुद्रा में 6 अरब, 6 करोड़ 40 लाख रुपए की संपत्ति बनाई है। उसने पोकर के कई टूर्नामेंट्स अपने नाम किए हैं। 2009 में वर्ल्ड सीरीज ऑफ पोकर में डैन बुलंदियों पर था। डैन ऑनलाइन पोकर रूम 'विक्टरी पोकर' का सह-संस्थापक भी है। क्या है मामला? डैन को पार्टी करने में बड़ा मजा आता है। अरबपति व बेहद चर्चित हस्ती होने के कारण कई हसीन व कमसिन लड़कियां उसके इर्द-गिर्द मौजूद रहती हैं। यही वजह है कि डैन इंस्टाग्राम का सबसे सेक्सी सेलिब्रिटी माना जाता है। हालांकि, बीते बुधवार पार्टी के दौरान डैन ने मजाक-मस्ती में कुछ ऐसा कर डाला कि 18 वर्षीय पॉर्न स्टार जैनिस ग्रिफित का एक पैर टूट गया। बाद में जब डैन ने अपने किए पर माफी नहीं मांगी, तो इस पॉर्न स्टार ने उस पर मुकदमा ठोक दिया।  फ्लैशबैक हॉलीवुड मैनसन में एक लाउड पार्टी चल रही थी। पार्टी डैन ने दी थी। उस दिन जैनिस (नग्न अवस्था) भी व…

गांधी वनिता आश्रम में छह बिस्तरों पर सुलाई जाती थीं 24 लड़कियां, CCTV से रखी जाती थी नजर

गांधी वनिता आश्रम। बेसहारा लड़कियों का घर। हर महीने लाखों का बजट। मगर अंदर कैदखाने से भी बुरे हाल। प्राइवेसी पर भी हमला। सिविल जज राणा कंवरदीप कौर वीरवार शाम यहां आईं। ताला खुलवाया तो अंदर 24 लड़कियां एक ही कमरे में बंद थीं। जज से लिपटकर कई रोने लगीं। छह बिस्तरों पर 24 लड़कियां सुलाई जाती हैं। ऊपर से कैमरे लगा दिए। लड़कियां बोलीं हम तो कमरे में कपड़े चेंज भी नहीं कर सकतीं। जालंधर।  कपूरथला चौक के पास गांधी वनिता आश्रम में बेहद खराब हालात में रह रहीं लड़कियों ने सिविल जज को अपना दर्द सुनाया। एक कमरे में 24 लड़कियां रह रहीं थीं। उनके कमरे में वार्डन ने सीसीटीवी कैमरे लगा रखे थे। गुरुवार शाम चेकिंग के लिए जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी की सचिव व सिविल जज (सीनियर डिवीजन) राणा कंवरदीप कौर को लड़कियों ने बताया कि कैमरे की वजह से उन्हें कपड़े बदलने में भी परेशानी हो गई है। जब लड़कियों ने वार्डन से सीसीटीवी कैमरे की शिकायत की तो वार्डन ने उन्हें डांट दिया। जज कंवरदीप कौर के साथ एडवोकेट हरलीन कौर और नवजोत कौर सिद्धू भी साथ थीं। लड़कियों ने जज से बताया कि वे नरक जैसी जिंदगी जी रही हैं। सुबह चार बजे …

गुजरात में मिला समुद्र मंथन का पर्वत, यहीं किया था शिव ने विषपान

सूरत। दक्षिण गुजरात के समुद्र में समुद्रमंथन वाला पवर्त मिला है। वैज्ञानिक परीक्षण के आधार पर इसकी पुष्टि भी की जा रही है। पिंजरत गांव के समुद्र में मिला पर्वत बिहार के भागलपुर में विराजित मूल मांधार शिखर जैसा ही है। गुजरात-बिहार का पर्वत एक जैसा ही है। दोनों ही पर्वत में घ्ग्रेनाइट– की बहुलता है।  सामान्यत: समुद्र की गोद में मिलने वाले पर्वत ऐसे नहीं होते। सूरत के आॉर्कियोलॉजिस्ट मितुल त्रिवेदी ने कॉर्बन टेस्ट के परीक्षण के बाद यह निष्कर्ष निकाला है। उन्होंने दावा किया है कि यह समुद्रमंथन वाला ही पर्वत है। इसके समर्थन में अब प्रमाण भी मिलने लगे हैं।  ओशनोलॉजी ने अपनी वेबसाइट पर इस तथ्य की आधिकारिक रूप से पुष्टि भी की है।
द्वारकानगरी की खोज, मिला मांधार शिखर: सूरत के ओलपाड से लगे पिंजरत गांव के समुद्र में 1988 में प्राचीन द्वारकानगरी के अवशेष मिले थे। डॉ. एस.आर.राव इस साइट पर शोधकार्य कर रहे थे। सूरत के मितुल त्रिवेदी भी उनके साथ थे। विशेष कैघ्सूल में डॉ. राव के साथ मितुल त्रिवेदी भी समुद्र के अंदर 800 मीटर की गहराई तक गए थे। तब समुद्र के गर्भ में एक पर्वत मिला था। इस पर्वत पर घिसाव क…

विमान नहीं, ये है गुजरात की सबसे महंगी हाई-टेक बस, देखें तस्वीरें..

राजकोट। हरेक सीट पर 18 इंच की टच स्क्रीन के साथ डीटीएच कनेक्शन, रेफ्रीजरेटर, माइक्रोवेव, कॉफी वेंडिंग मशीन, टॉयलेट, मनोरंजन के लिए 50 फिल्में और 5000 गीतों का मजा, वाई-फाई व अन्य सुविधाएं..जैसी अद्भुत सुविधाओं से लैस यह नजारा किसी विमान का नहीं, बल्कि गुजरात की सबसे महंगी बस का है।  बस में मिलने वाली सुविधाएं किसी एयरलाइंस से कम नहीं। यहां यात्रियों के आरामदायक सफर के लिए मनोरंजन से लेकर हरेक बात का ध्यान रखा गया है। बस में एयर हॉस्टेस भी यात्रियों की सेवा में हाजिर रहती है।   यह बस राजकोट की निजी ट्रैवल कंपनी की है, जो राजकोट से अहमदाबाद तक चलती है। कंपनी इसके अलावा अन्य कई लग्जुरियस बसें भी चलाती है। ट्रैवल कंपनी के मालिक द्वारा बताए अनुसार इस बस की कीमत 2 करोड़ रुपए से ऊपर है।










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जब रातों रात रात भूतों ने बना दिया भगवान श्री कृष्ण का मंदिर

यह चौंकाने वाली कहानी वृंदावन की है
भूतों को भगवान से डर लगता है यह तो आपने कई बार सुना होगा लेकिन क्या कभी सुना है कि भूत खुद आकर भगवान के लिए मंदिर बनाने लग जाएं। लेकिन यह चौंकाने वाली कहानी वृंदावन की है।
मंदिर जिसे भूतों ने बनायावृंदावन की पवित्र भूमि जिसे भगवान श्री कृष्ण की लीलास्थली के रुप में जाना जाता है। इस भूमि में एक प्राचीन मंदिर है जिसका नाम गोविद देव जी मंदिर है। इस मंदिर के विषय में मान्यता है कि इस मंदिर का निर्माण भूतों ने करवाया है।

भूतों ने एक रात में ही कई मंजिला मंदिर का निर्माण कर दिया। लेकिन मंदिर पूरा होने से पहले ही भूतों को मंदिर निर्माण का काम छोड़कर भागना पड़ा।

इसलिए मंदिर का काम छोड़कर भाग गए भूत इसके विषय में यह कहा जाता है कि सुबह होने वाली थी। और भूत मंदिर का निर्माण करने में लगे थे। तभी किसी ने चक्की लगाना शुरु कर दिया। चक्की की आवाज सुनकर भूत मंदिर का काम छोड़कर भाग गए। कहते हैं कि मुगलों के समय में इस मंदिर की रोशनी आगरा तक दिखती थी।
वृंदावन से जयपुर पहुंच गए गोविंद जी, यह है प्राचीन मूर्ति इस मंदिर के विषय में कहा जाता है कि इस मंदिर में स्थापित प्…

इन तकनीकों से बदल जाएगा जीने का ढंग

इस साल के इंजीनियरिंग के जेम्स डाइसन अवार्ड के विजेता को 29,20,000 रुपए की राशि मिलेगी। यह ब्रितानी प्रोजेक्ट है बायोवूल। यह ऊन उद्योग के अवशेषों को ऐसे पदार्थ के रूप में बदल देगा जिसे प्लास्टिव के विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा


इस साल के इंजीनिय

इस साल छांटी गई 20 प्रविष्टियों में से दूसरी जर्मन है। ज़ारियस हवा से बिजली उत्पन्न करता है जिससे दूसरे उपकरणों को चार्ज किया जा सकता है।




ऑस्ट्रिया का सोनो कुछ चुनिंदा आवाज़ों को बंद कर सकता है जिससे वह खिड़की के बाहर न जा सकें। इन आवाज़ों को वाई-फ़ाई से चुन सकता है


ओल्टू फलों और सब्ज़ियों को रखने के लिए ज़्यादा जगह देता है। यह स्पेनी अविष्कार ऊर्जा के लिए फ़्रिज के पीछे पैदा होने वाली गर्मी का इस्तेमाल करता है। इसके चार अलग-अलग खानों को ठंडा, गरम, गीला या सूखा रखा जा सकता है।



इस अमरीकी अविष्कार में साइकिल के पहियों में एलईडी चक्के लगाकर सवार को दुर्घटना से बचाने का इंतज़ाम है। इसे ऊर्जा एक बैटरी से मिलती है।



इस अमरीकी अविष्कार में 

कॉम्ब एक चालकरहित डंपर ट्रक है। ऑस्ट्रिया के इस प्रोजेक्ट में जीपीएस लोकेशन तककनीक के ज़रिए वाहन को चल…

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति का कबूलनामा: एलियन्स की पसंदीदा जगह है पृथ्वी

कहने को तो ये धरती इंसानों की है लेकिन इस इंसानी दुनिया में समय-समय पर ऐसे लोगों का विचरण या आगमन होता रहता है जिनका इस लौकिक दुनिया से कोई वास्ता नहीं है. भूत-प्रेत, आत्माओं से जुड़े किस्से और कहानियां हम अकसर सुनते आए हैं और जहां तक उम्मीद है आगे भी इसी तरह सुनते रहेंगे लेकिन दूसरे ग्रह के प्राणियों, एलियन का जिक्र जब कभी भी उठता है, उस पर विश्वास से ज्यादा संदेह करने वालों की तादात बढ़ती जाती है लेकिन जब अमेरिका जैसी महाशक्ति के राष्ट्रपति ही इस बात को कबूल कर लें कि अगर धरती पर एलियन का आवागमन होता है तो इस बात से उन्हें कोई आश्चर्य नहीं होगा क्योंकि शायद कहीं ना कहीं उन्हें भी इस बात का यकीन है कि मंगलवासियों का धरती पर विचरण होना एक सामान्य सी घटना है.


हम बात कर रहे हैं अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की जिन्होंने हाल ही में हुए एक टॉक शो में यह कबूल किया कि जैसे ही उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति का पदभार संभाला तभी उन्होंने अपने साथियों को एरिया 51 का जिसे नेवादा टेस्ट एंड ट्रेनिंग रेंज भी कहा जाता है, का सर्वेक्षण करने को कहा ताकि वह जान सकें कि सैन्य कार्यवाहियों में काम…