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April 13, 2014 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

अब खाना भी छपा करेगा

3डी प्रिंटर जब पहली बार मेलों में दिखाई दिए, तो लोग हैरान रह गए. कि किस तरह से घर पर ही लोग खिलौने, मूर्तियां घर ही प्रिंट हो सकेंगी. अब आया है डिजाइनर खाना बनाने वाला प्रिंटर.स्पेन की कंपनी ने एक ऐसी मशीन बनाई है, जिससे खाना भी खिलौने की तरह प्रिंट होगा. चाहे पिज्जा हो, बर्गर हो या फिर बिस्किट. कच्चा माल सूखने के बाद बस आप चाहें तो उसे बेक कर लें या फिर खाने को तरह तरह से डिजाइन दे दें.स्पेन की फूडिनी कंपनी के प्रिंटर को आने वाले दिनों में चीन में बनाया जाएगा. अमेरिका और यूरोप के कई देश इस प्रिंटर की 400 यूनिट पहले ऑर्डर कर चुके हैं.
3डी क्रांति
त्रिआयामी प्रिंटिंग में क्रांति तब आई जब घर में इस्तेमाल किए जा सकने वाले प्रिंटर को पहली बार पेश किया गया. साथ ही रंग बिरंगी मूर्तियों, बर्तनों की छपाई शुरू हुई.खिलौने, और अपनी इमेज छापने की मासूम कोशिशों के बाद जब अमेरिका में एक व्यक्ति ने 3डी प्रिंटर से बंदूक छाप ली तब दुनिया के कान खड़े हुए. इसके बाद समझ में आया कि इस तकनीकी प्रगति के नुकसान भी हो सकते हैं.इस प्रिंटर से तीन तरीके से 3डी वस्तुएं छप सकेंगी. या तो सॉफ्टवेयर से कंप्यूटर में 3…

ध्यान से बड़े फायदे

ध्यान करने से उत्तेजना पैदा करने वाले जीन्स की क्रियाशीलता दबाई जा सकती है. एक ताजा रिसर्च में सामने आया है कि इससे तनाव पर काबू पाया जा सकता है. कैंसर से निपटने में भी ध्यान से मदद मिलने की उम्मीद की जा रही है.
 Symbolbild Meditation
स्पेन, फ्रांस और अमेरिकी वैज्ञानिकों द्वारा किए गए इस शोध में सामने आया है कि ध्यान की मदद से इंसान के शरीर में उन जीन्स को दबाया जा सकता है जो उत्तेजना पैदा करते हैं. ये जीन्स हैं RIPK2 और COX2 हैं. इनके अलावा हिस्टोन डीएक्टिलेज जीन्स भी हैं जिनकी सक्रियता पर ध्यान करने से असर पड़ता है.
इस शोध में पता चलता है कि लोग ध्यान की मदद से अपने शरीर में जेनेटिक गतिविधियों को नियंत्रित कर सकते हैं, जिसमें गुस्से को काबू करना, सोच, आदतें या सेहत को सुधारना भी शामिल है. इस शोध का मोलिक्यूलर बायोलॉजी के क्षेत्र 'एपिजेनेटिक्स' से भी सीधा संबंध है, जिसके अनुसार आसपास के माहौल का जीन के मॉलिक्यूलर स्तर पर स्थायी प्रभाव पड़ सकता है.
1990 में जब 'एपिजेनेटिक्स' मोलिक्यूलर बायोलॉजी के एक क्षेत्र के रूप में उभर कर सामने आई तो इसने उन मान्यताओं को हिला दिया …

भारत को वैज्ञानिक शक्ति बनने से रोक रहा है भ्रष्टाचार: नोबेल विजेता

वंदना
बीबीसी संवाददाता, लंदन हाल ही में लंदन में हुए एशियाई पुरस्कार कार्यक्रम में जाना हुआ. समारोह देर तक चला, रात के करीब 11 बज चुके थे और मैंने निकलने के लिए अपना सामान बाँध लिया था. लेकिन तभी मेरी नज़र कोने में गेरुए रंग का कुर्ता पहने चश्मे वाले एक व्यक्ति पर गई. उनके चेहरे पर धीमी सी मुस्कान थी. भीड़ में होते हुए भी वे अकेले से ही थे. अचानक अख़बारों में देखी उनकी तस्वीर दिमाग़ में कौंधी और सामान वहीं गिरा मैं जा पहुँची उनसे बात करने. मेरे सामने नोबेल पुरस्कार विजेता वेंटकरमन रामाकृष्णन खड़े थे.
आज जहाँ भारत को उभरती हुई आर्थिक महाशक्ति माना जाता है वहीं विज्ञान में भारत का नाम ज़्यादा नहीं लिया जाता.
करीब पाँच साले पहले भारतीय मूल के अमरीकी नागरिक वेंटकरमन रामाकृष्णन को संयुक्त रूप से 'मॉलिक्यूलर बायोलॉजी' में काम के लिए नोबेल पुरस्कार पुरस्कार मिला था. प्यार से लोग उन्हें वेंकी बुलाते हैं. उन्होंने बीबीसी से विशेष बात की. विज्ञान और शोध के क्षेत्र में आप तभी तरक्की कर सकते हैं जब आर्थिक आधार बहुत मज़बूत हो. आप सोचिए कि अमरीका भी आर्थिक महाशक्ति बनने के बाद ही वैज्ञानिक शक…

गजब, शादी शुदा औरत का आशिक बन बैठा काला नाग

पुराने प्यार को निभाना चाहते हैंइंसान का सांपों से पुराना नाता रहा है। इंसानों ने इन्हें विष के डर से भगवान बना दिया और पूजा करने लगे।

लेकिन यहां तो मामला ही दूसरा है सांपों को इंसानों में अपने पूर्व जन्म के साथी नजर आ रहे हैं और इस जन्म में भी पुराने प्यार को निभाना चाहते हैं।
बेशर्म नाग, परवाह ही नहीं महिला शादी शुदा है
 मामला है उत्तर पश्चिमी श्रीलंका का। अंग्रेजी साप्ताहिक समाचार पत्र न्यूज लंका में बताया गया है कि यहां 30 साल की एक महिला का नाग दीवाना है। शादी शुदा इस महीला के बच्चे भी हैं। लेकिन सांप को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता वह तो अपने पूर्वजन्म की प्रेम कहानी को आज भी जीना चाहता है।

इसलिए सांप महिला को बिना कोई नुकसान पहुंचाए हर समय साथ-साथ रहता है। लेकिन इसे गुस्सा तब आता है जब महिला अपने कमरे में सोने जाती है। इस समय यह महिला के पति और बच्चों को भी उसके पास आने नहीं देता है। इस समस्या का हल यह निकाला गया है कि, शयन कक्ष में एक स्थान बना दिया गया है जहां यह सांप आराम करता है। sabhar :http://www.amarujala.com/

भारत के 6 अनसुलझे रहस्य...रात को इस मंदिर में रुकने वाले जीवित नहीं बचते !

भोपाल। भारत यूं तो विविधताओं का देश है, लेकिन इस धरा पर भी कई ऐसी जगह हैं, जो आश्चर्यचकित करने के साथ-साथ डराती भी हैं। इन जगहों में छिपे रहस्यों का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है। रहस्य भी ऐसे, जिस पर एकबारगी विश्वास करना मुश्किल होता है। इनमें कई स्थान ऐसे हैं जो विज्ञान को भी चुनौती देते हैं।  पौराणिक मान्यताएं हों या प्रकृति के अनूठी रचना, इन स्थानों को देश के रहस्यमयी इलाकों में गिना जाता है। समय-समय पर इनकी चर्चाएं भी होती हैं, लेकिन आखिरकार नतीजा कुछ नहीं निकल पाता। वास्तविक सच अनसुलझा ही रहता है। आइए जाने कुछ ऐसी ही जगहों के बारे में-  तिब्बत का यमद्वार- जहां रात में रुकने वाला नहीं मिलता जिंदा चीन के स्वायत्त क्षेत्र तिब्बत में दारचेन से 30 मिनट की दूरी पर है यह यम का द्वार। ये पवित्र कैलाश पर्वत के रास्ते में पड़ता है। हिंदू मान्यता अनुसार, इसे मृत्यु के देवता यमराज के घर का प्रवेश द्वार माना जाता है। यह कैलाश पर्वत की परिक्रमा यात्रा के शुरुआती प्वाइंट पर है। तिब्बती लोग इसे चोरटेन कांग नग्यी के नाम से जानते हैं, जिसका मतलब होता है दो पैर वाले स्तूप। ऐसा कहा जाता है कि यहां रा…

रोबोटों की दुनिया

जर्मनी के हनोवर शहर में जारी उद्योग मेले में दिखाए गए रोबोट कारोबारियों के लिए ही नहीं आम दर्शकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. देखिए एक झलक.


कुचालें भरता कंगारू
कंगारू ऊर्जा के कुशल उपयोग का रोल मॉडल हैं. फेस्टो नामकी कंपनी ने कंगारू के जैसा दिखने वाला और उसी की तरह छलांगें लगाने वाला एक रोबोट बनाया है जो हाथ के इशारे पर कूदता या रुकता है.






टूर गाइड 'फ्रॉग'
ट्विनी यूनिवर्सिटी ने 'फ्रॉग' नामका एक ऐसा रोबोट तैयार किया है जो अपनी मनमोहक बातों, तस्वीरों और वीडियो से पर्यटकों को अपने साथ बांधे रखता है. इसे परखने के लिए इसका इस्तेमाल कुछ चिड़ियाघरों में किया जा चुका है.

टूर गाटूर गाइड 'फ्रॉग'ट्व ये हैं रोबो 'रोडरनर' इस 12 पैरों वाले चलते फिरते और दोड़ते रोबोट को बनाया है ब्रेमेन यूनिवर्सिटी के रिसर्चरों ने. केकड़ों, कीड़ों और मकड़ियों जैसे जीवों से प्रेरणा लेकर इस रोबोट को चलाने का तरीका विकसित किया गया




ड्यूटी भी निभाते हैं हॉलैंड में बनी यह खास उड़ने वाली रोबोटिक चिड़िया हवाई अड्डों पर एक खास भूमिका निभाती है. अपनी खतरनाक शक्ल से यह बाकी पक्षियों को…

सूरत को 'स्मार्ट सिटी' बनाएगी माइक्रोसॉफ्ट

सूरत। दुनिया की दिग्गज सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट कॉरपोरेशन ने भारत में पहली 'स्मार्ट सिटी' बनाने के लिए सूरत शहर को चुना है। कंपनी ने 'सिटी नेक्स्ट'़ पहल पिछले साल लांच की थी। सिटी नेक्स्ट पहल के तहत माइक्रोसॉफ्ट क्लाउड टेक्नोलॉजी, मोबाइल एप्लीकेशन, डाटा ऐनालिटिक्स और सोशल नेटवर्क को एक साथ मिलाकर नागरिक सेवाओं को रियल टाइम में डाटा उपलब्ध कराना चाहती है। सिस्टम को इस तरह विकसित किया जाएगा कि सूचना प्रौद्योगिकी की मदद से प्राकृतिक आपदा के दौरान हालात अच्छे से संभालने का काम कर सके। सूरत नगर निगम के उपायुक्त सीवाय भट्ट ने इसका उदाहरण देते हुए बताया कि अगर किसी को शहर में डॉक्टर का पता लगाना हो तो, वह आसानी से माइक्रोसॉफ्ट द्वारा बनाए गए मोबाइल एप की मदद से यह जानकारी जुटा सकेगा। यह प्रोजेक्ट मई के अंत तक शुरू होगा। विज्ञान केंद्र में आभासी दुनिया बनाने में भी माइक्रोसॉफ्ट सूरत नगर पालिका की मदद करेगा। इसमें एक आभासी दीवार भी बनाई जाएगी। नगर निगम के आयुक्त मनोज दास का कहना है कि यह प्रोजेक्ट सूरत को देश की पहली स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए तैयार किया जा…

मच्छरों को मारेंगे, वाईफाई से चलेंगे ये स्मार्ट एसी

नई दिल्ली। इन दिनों बाजार इनोवेटिव और हाईटेक एसी से पट गया है। गर्मियों के सीजन का फायदा उठाने के लिए कंपनियों ने एसी के आकर्षक मॉडल उतारे हैं। वोल्टास, सैमसंग, एलजी और हायर समेत करीब-करीब सभी बड़ी कंपनियों ने स्मार्ट एसी की नई रेंज उतारी है। वोल्टास ने 68 नए मॉडल उतारे हैं। क्लासिक, डीलक्स, ऐलिगेंट, लग्जरी और प्रीमिया की ये खास सीरीज 16,000 से लेकर 45,000 रपए तक की है। सैमसंग ने डिजिटल इंवर्टर एयरकंडीशनर, वायरस डॉक्टर और ईजी फिल्टर जैसी टेक्नोलॉजी वाली एसी उतारी है। कंपनी का दावा है कि ये एसी में हवा में फैली धूल-मिट्टी को साफ कर देती हैं। कंपनी के मुताबिक, 100 फीसद शुद्ध हवा मिलती है। ज्यादा कूलिंग, मच्छरों से मुक्ति सैमसंग के मुताबिक डिजिटल इंवर्टर एसी दूसरे एसी के मुकाबले 26 फीसद ज्यादा कूलिंग करेगी। कंपनी की नॉर्मल स्प्लीट के मुकाबले डिजिटल इंवर्टर एसी की कीमत करीब 12,000 रपए ज्यादा है। इस मुकाबले एलजी ने मॉस्क्यूटो अवे यानी ठंडी हवा के साथ-साथ मच्छरों से छुटकारा दिलाने वाले एयरकंडीशनर पेश किए हैं। वाई-फाई सुविधा हायर ने आई कूल विद वाई--फाई फैसिलिटी पेश की है। इसके जरिए एंड्राइड …

झुर्रियां दूर भगाना चाहते हैं आपके लिए खुशखबरी है

झुर्रियां दूर भगाना चाहते हैं और लंबे समय तरह जवां दिखना चाहते हैं तो आपके लिए खुशखबरी है।

स्किन फार्माकोलॉजी एंड फीजियोलॉजी जर्नल में प्रकाशित दो नए शोधों में नए किस्म के कोलॉजन प्रोटीन सप्लीमेंट की खोज की गई है जिसके सेवन से झुर्रियों को घटाया जा सकता है।शोधकर्ताओं का दावा है कि इस प्रोटीन युक्त सप्लीमेंट के सेवन से झुर्रियों को महन आठ सप्ताह में 20 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है।शोध के दौरान 200 महिलाओं को वेरिजोल नामक कोलाजन सप्लीमेंट की डोज दी गई। पाया गया कि 45 से 65 वर्ष की 114 महिलाओं के चेहरे पर आठ सप्ताह से भीतर झुर्रियां 20 प्रतिशत तक कम हुईं और कुछ महिलाओं की आंखों के नीचे स्थित झुर्रियां 50 प्रतिशत तक कम हुई हैं।

शोधकर्ताओं का मानना है कि कोलाजन पेप्टाइड नामक शरीर में तेजी से प्रवेश करता है इसलिए इस सप्लीमेंट का इस्तेमाल कई एंटीरिंकल उत्पादों में इसका इस्तेमाल होता है और इस नई खोज के बाद इसको अधिक प्रभावी बनाना आसान हो सकता है। sabhar :http://www.amarujala.com/

कृत्रिम तरीके से विकसित हो सकेंगे महिलाओं के जननांग

अमरीका में डॉक्टरों ने प्रयोगशाला में स्त्री जननांगों को विकसित कर उसे चार महिलाओं में प्रत्यारोपित किया है।

इन चारों महिलाओं के जननांग माँ के गर्भ में पर्याप्त रूप से विकसित नहीं हो पाए थे। यह एक तरह का शारीरिक विकार होता है जिसमें स्त्री जननांग का विकास जन्म से ही अधूरा रहता है।प्रत्येक महिला के लिए सही आकार का स्त्री जननांग विकसित करने के लिए अच्छी तरह से ऊतकों का मिलान करना ज़रूरी था इसके लिए एक ऊतक के नमूने का इस्तेमाल किया गया।प्रत्यारोपण के बाद सभी महिलाओं में "इच्छा, कामोत्तेजना, गीलापन, संभोग सुख, संतुष्टि" और दर्द रहित संभोग के सामान्य लक्षण देखे गए।

इस उपचार में शल्य चिकित्सा की मदद से तैयार किए गए कटोरे की तरह के छेद का इस्तेमाल किया जाता है जो तो आंत की त्वचा से बना था।स्त्री जननांग प्रत्यारोपण
उत्तरी केरोलिना के वेक फॉरेस्ट बैपटिस्ट मेडिकल सेंटर के डॉक्टरों ने इन चारों महिलाओं के स्त्री जननांग के निर्माण में उत्कृष्ट तकनीक का इस्तेमाल किया। ये चारों महिलाएँ किशोरावस्था की थी।

चिकित्सकीय प्रक्रिया के तहत पेड़ू क्षेत्र का स्कैन किया गया और उसका इस्तेमाल प्रत्येक रोगी…

तीन मिनट तक दिखा यूएफओ, लड़की ने कैमरे में किया कैद!

ये रिंग क्या है?
हर रोज की तरह उस दिन भी 16 साल की जॉर्जीना हीप अपनी मां के साथ अपने घर के बाहर टेनिस खेल रही थी।

टेनिस खेलते हुए कुछ वक्त बीता ही था कि जॉ‌र्जीना को आसमान में एक काले रंग की रिंग जैसी कोई चीज नजर आई।

काले रिंग जैसी दिखने वाली वो चीज क्या थी, ये जॉर्जीना और उसकी मां समझ ही नहीं पा रहे थे।
दोनों ने गौर से देखा कि वो कोई चिड़िया या फिर आमतौर पर दिखने वाली चीज नहीं थी।

वो जो भी कुछ था पूरे तीन मिनट तक रहा और फिर धीरे-धीरे और ऊपर की तरफ जाते-जाते गुम हो गया। 

इस पूरे घटनाक्रम को जॉर्जीना ने अपने कैमरे में कैद किया। जॉर्जिना का कहना है कि उसने यूएफओ को देखा है। मौसम विभाग हो गया परेशान जॉर्जीना की तस्वीरें देखकर मौसम विभाग भी परेशान हो गया। जॉर्जीना का कहना था कि उस दिन मौसम भी सामान्य था और आस-पास कहीं आग लगने की भी खबर नहीं थी।

इसलिए आसमान में काले धुंए जैसी चीज बनने की वजह क्या थी, ये कहना अभी भी मुश्किल है।

ब्रिटेन के वॉर्कविकशायर के लीमिंगटन स्पा में ही इस यूएफओ जैसी चीज को देखा गया और फिर वो पूरी तरह से गायब ही हो गया। sabhar :http://www.amarujala.com/

आप अपनी जेब में रख सकते हैं मोबाइल प्रिंटर

इसराइल आधारित  Zuta लैब्स एक वायरलेस मुक्त घूम मोबाइल प्रिंटर का अनावरण किया जेब के आकार के रोबोट एक पृष्ठ प्रिंट  करने के लिए एक मिनट के बारे में लेता है  यह  अपने हाथ में फिट करने के लिए काफी छोटा है और यह किसी भी कागज पर मुद्रित कर सकते हैं यह गैजेट जनवरी 2015 में बिक्री  के लिए होगा









मिनी प्रिंटर एक रिचार्जेबल बैटरी है और smartphones और पीसी के साथ कनेक्ट कर सकते हैं.
यह भी उपयोगकर्ता कागज के किसी भी आकार पर मुद्रित करने के लिए अनुमति देता है.
डिवाइस के नीचे एक रपट हैच का उपयोग करके काम करता है. प्रिंटर सक्रिय होता है, इस इंकजेट का पता चलता है.

आयाम: उच्च 4 इंच (10 सेमी) और व्यास में 4.5 इंच (11.5 सेमी).
वजन: 300 ग्राम (0.66 पाउंड)
प्रति मिनट 1.2 पृष्ठों: स्पीड प्रिंट.
मुद्रण गुणवत्ता: 96x192 डीपीआई (और अंततः उच्च)
इंक: एक काले कारतूस.
संपर्क: वायरलेस.
इंटरफ़ेस: ब्लूटूथ
बैटरी: 1 घंटा.
ऑपरेटिंग सिस्टम: एंड्रॉयड, आईओएस, लिनक्स, OSX, Windows.

sabhar :
/www.dailymail.co.uk




दिन भर में 50 बार ऑर्गज़्म फील करती है अमांडा

फ्लोरिडा. अनेक सेक्स सर्वे ये बता चुके हैं कि हर संभोग के बाद महिला को ऑर्गज़्म (चरम सुख) हासिल हो यह जरूरी नहीं. बल्कि इन सर्वे के मुताबिक बहुसंख्यक महिलाएं जीवन भर इसके लिए तरसती रहती हैं और कई तो जानती तक नहीं कि ये सुख होता क्या है. ऐसे में एक ऐसी लड़की के बारे में जानना दिलचस्प होगा जिसे दिन भर में 50 बार ऑर्गज़्म का अहसास होता है. यह जानकार अगर कोई ये सोचे कि यह लड़की बेहद कामुक होगी तो ग़लत होगा. यह 24 साल की लड़की एक ऐसे बीमारी से ग्रस्त है जिसके कारण यह एक दिन में 50 बार उत्तेजित हो जाती है और उसे ऑर्गज्म का अहसास होता है. अमेरिका के फ्लोरिडा की रहने वाली 24 साल की अमांडा ग्रेस बीते एक दशक से पर्सिस्टेंट जेनिटल अरॉउजल डिसऑर्डर (पीजीएडी) से ग्रस्त है. अपनी इस बीमारी से परेशान अमांडा अपनी जिंदगी बदलना चाहती है. इसके लिए अमांडा का ब्वायफ्रेंड उसका साथ दे रहा हैं तथा उसकी चिकित्सीय देखभाल भी करता है. हालांकि, अमांडा और उसके 22 साल के ब्वायफ्रेंड स्टुअर्ट ट्रिपलेट डॉक्टरों की सलाह पर एक-दूसरे से यौन संबंध बनाने से दूर ही रहते हैं. अपनी बीमारी के बारे में अमांडा कहती हैं कि कई ऐसी बातें …

कैसे होता है क्वांटम टेलीपोर्टेशन

टेलीपोर्टेशन एक आदर्श प्रतिरूप कहीं और दिखाई देता है , जबकि एक वस्तु या व्यक्ति एक ही स्थान पर बिखर बनाने के करतब करने के लिए विज्ञान कथा लेखकों द्वारा दिया गया नाम है . कैसे यह आमतौर पर विस्तार से समझाया नहीं है पूरा किया , लेकिन सामान्य विचार मूल उद्देश्य से सभी जानकारी निकालने के लिए इस तरह के रूप में स्कैन किया जाता है कि प्रतीत हो रहा है , तो यह जानकारी प्राप्त स्थान के लिए प्रेषित किया और निर्माण करने के लिए प्रयोग किया जाता है प्रतिकृति , जरूरी नहीं कि मूल के वास्तविक सामग्री है, लेकिन शायद मूल रूप में बिल्कुल एक ही पैटर्न में व्यवस्था की एक ही प्रकार के परमाणुओं से से . एक टेलीपोर्टेशन मशीन यह 3 आयामी वस्तुओं के साथ ही दस्तावेजों पर काम करेगा , सिवाय इसके कि यह एक सटीक प्रतिलिपि बजाय एक अनुमानित प्रतिकृति का उत्पादन होगा , और यह कि यह स्कैनिंग की प्रक्रिया में मूल को नष्ट करेगा , एक फैक्स मशीन की तरह होगा . कुछ विज्ञान कथा लेखकों के मूल को संरक्षित कि teleporters पर विचार , और साजिश जटिल हो जाता है जब एक ही व्यक्ति से मिलने का मूल और teleported संस्करणों ; लेकिन teleporter के…

युवा IAS, कभी कम्प्यूटर गेम बनाते थे, आज संभालते हैं सारा शहर!

यह हैं भोपाल म्यूनिसिपल कार्पोरेशन (बीएमसी) के कमिश्नर विशेष गढ़पाले। उम्र 32 वर्ष; और बैच वर्ष 2008! यानी प्रशासनिक अनुभव करीब 6 वर्ष। लेकिन इतने अल्प समय में भी विशेष अपनी विशेषताओं के लिए पहचाने जाने लगे हैं। पढि़ए एक युवा आईएएस की जुबानी; उसके जीवन, संघर्ष और कार्यशैली की कहानी।
भोपाल। यह कोई बहुत पुरानी बात नहीं है। 1984 की गैस त्रासदी ही अब तक भोपाल की अंतरराष्ट्रीय पहचान रही है। लेकिन यह पहचान भोपालियों के लिए कोई गौरव की बात नहीं; बल्कि आजन्म-कष्ट और शताब्दियों तक भोगने वाली जिंदगी का फलसफा भर है।
वर्ष, 2009 में भोपाल में बस रेपिड ट्रांजिट सिस्टम (बीआरटीएस) का सफर शुरू हुआ। तब तक शायद ही किसी को ऐसी उम्मीद रही होगी, कि बीआरटीएस न सिर्फ भोपाल; बल्कि देश में एक नई पहचान स्थापित करेगा। भोपाल शहर की जीवनशैली और स्तर दोनों के लिए यह विशेषताओं भरा साबित होगा।
भोपाल बीआरटीएस तमाम तकनीकी और व्यावहारिक दिक्कतों को सुलझाते हुए भोपाल की एक अलग पहचान बना है। इसे विशेषज्ञों ने तुलनात्मक रूप से अहमदाबाद(गुजरात) से बेहतर माना है।

बीएमसी कमिश्नर विशेष गढ़पाले बगैर लाग-लपेट के स्वीकारते हैं-मैं मा…

आध्यात्मिक विकास का मंत्र

ज्ञान का अर्थ है-विद्या बुद्धिमत्ता, विवेक दूरदर्शिता, सद्भावना, उदारता, न्याय प्रियता. विज्ञान का अर्थ है- योग्यता, साधन, शक्ति, सम्पन्नता, शीघ्र सफलता प्राप्त करने की सामर्थ्य. आत्मिक और भौतिक दोनों क्षेत्रों में जब संतुलित उन्नति होती है, तभी उसे वास्तविक विकास माना जाता है. भारत प्राचीन काल में बुद्धिमान बनने के लिए ज्ञान की और बलवान बनने के लिए विज्ञान की उपासना में संलग्न रहता था. योगी लोग जहां भक्ति भावना द्वारा भगवान में संलग्न होते थे, वहां कष्ट साध्य साधनाओं तथा तपश्चर्याओं द्वारा अपने में अनेक प्रकार की सामथ्र्य भी उत्पन्न करते थे. भावना से भगवान और साधना से शक्ति प्राप्त होती है, यह निर्विवाद है. आज का ज्ञान प्रत्यक्ष दृश्यों, अनुभवों व विज्ञान मशीनों पर अवलंबित है. वैज्ञानिक भौतिक जानकारी तथा शक्तियां पाने के लिए भौतिक उपकरणों का प्रयोग कर रहे हैं. यह तरीका  खर्चीला, श्रमसाध्य, स्वल्पफलदायक एवं अस्थायी है. जो ज्ञान बड़े-बड़े विद्वानों, प्रोफेसरों, द्वारा उत्पन्न किया जा रहा है, वह भौतिक जानकारी तो काफी बढ़ा देता है, पर उससे अंत:करण में आत्मिक महानता, उदार दृष्टि तथा लोकसे…

हर आत्मा में है परमात्मा

भौतिक प्रकृति निरन्तर परिवर्तित होती रहती है. सामान्यत: भौतिक शरीरों को छह अवस्थाओं से निकलना होता है- वे उत्पन्न होते हैं, बढ़ते हैं, कुछ काल तक रहते हैं कुछ गौण पदार्थ उत्पन्न करते हैं, क्षीण होते हैं और अन्त में विलुप्त हो जाते हैं. यह भौतिक प्रकृति अधिभूत कहलाती है. यह किसी निश्चित समय में उत्पन्न की जाती है और किसी निश्चित समय में विनष्ट कर दी जाती है. परमेश्वर के विराट स्वरूप की धारणा, जिसमें सारे देवता तथा उनके लोक सम्मिलित हैं, अधिदैवत कहलाती है. प्रत्येक शरीर में आत्मा सहित परमात्मा का वास होता है, जो भगवान कृष्ण का अंश स्वरूप है. यह परमात्मा अधियज्ञ कहलाता है और हृदय में स्थित होता है. परमात्मा प्रत्येक आत्मा के पास आसीन है और आत्मा के कार्यकलापों का साक्षी है तथा आत्मा की विभिन्न चेतनाओं का उद्गम है. यह परमात्मा प्रत्येक आत्मा को मुक्त भाव से कार्य करने की छूट देता है और उसके कार्यों पर निगरानी रखता है. परमेश्वर के इन विविध स्वरूपों के सारे कार्य उस कृष्णभावनाभावित भक्त को स्वत: स्पष्ट हो जाते हैं, जो भगवान की दिव्यसेवा में लगा रहता है. अधिदैवत नामक भगवान के विराट स्वरूप का…

टीचर का अश्लील MMS बना छात्र कर रहे ब्लैकमेल

चार छात्रों ने बनाया महिला टीचर का MMS
ट्यूशन पढऩे वाले छात्रों द्वारा अपनी ही टीचर का अश्लील एमएमएस बनाकर उसे ब्लैकमेल किए जाने का एक मामला प्रकाश में आया है। मामला हरियाणा के जींद का बताया जा रहा है।

पीड़ित टीचर की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और चारों छात्रों को नामजद कर उन्हें गिरफ्तार कर छानबीन शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, शहर निवासी चार छात्र तरुण, वरुण, राहुल व धैर्य एक 23 साल की टीचर के पास ट्यूशन पढ़ने आया करते थे
अकेली टीचर के साथ किया यौन शोषण! टीचर ने शहर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि एक दिन जब वह घर पर अकेली थी तो चारों ने लड़के आएं और उसके साथ जोर जबरदस्ती शुरू कर दी।

यहां तक की उसके कपड़े भी फाड़ डाले। इस दौरान उन लड़कों ने उसका मोबाइल से अश्लील एमएमएस भी बनाया।

इसी एमएमएस के आधार पर चारों युवक उसे ब्लैकमेल भी करते रहे। जब उसने चारों का विरोध किया तो उन्होंने उस अश्लील एमएमएस को कई अन्य मोबाइल पर भी भेज दिया। चारो छात्र गिरफ्तार युवा टीचर ने जब किसी और के मोबाइल पर अपना एमएमएस देखा तो उसके होश उड़ गए। इस दौरान लड़कों ने उसे जान से मारने की धमकी भी …