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February 16, 2014 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

नैनो रोबो करेगा काया की सैर

तकनीक के क्षेत्र में अगली क्रांति का नाम है नैनो टैक्नोलॉजी। वैज्ञानिकों का दावा है कि नैनो के दम पर इस सदी के मध्य तक पूरी दुनिया का कायाकल्प हो जाएगा, बड़े-बड़े काम बेहद छोटे उपकरण कर देंगे। नैनो की दास्तान बता रहे हैं कुलदीप शर्मा




photo : gogale






लिलिपुट जैसे बौनों की दुनिया की कल्पना सबने की है। इस बारे में सोचें तो अजीब-सी सिहरन होती है। दरअसल सूक्ष्म से सूक्ष्मतर की क्रांतिकारी खोज ही नैनो टैक्नोलॉजी है। नैनो एक मीटर का अरबवां हिस्सा होता है। मोटे तौर पर कहें तो मानव के बाल का अस्सी हजारवां भाग। अभी तक परमाणु को सबसे छोटा कण माना जाता रहा है, मगर नैनो उससे भी सूक्ष्म है। इसी सूक्ष्मतम भाग को लेकर हल्की मगर मजबूत वस्तुओं का निर्माण किया जाएगा। इससे करिश्मायी उपकरण तैयार होंगे, जो हैरान करेंगे, मगर सच्चाई लिए होंगे। ऐसे नैनो रोबो तैयार होंगे, जो दिल के लिए खतरा बनी रुकी हुई रक्त धमनियों को खोलते चले जाएंगे। ऐसी मिनी माइक्रोचिप, जो बड़ी मात्रा में सूचनाएं समोएगी, कंप्यूटर, मोबाइल, टीवी की दुनिया ही बदल जाएगी। खानपान, सुरक्षा के नए रूप होंगे।
नैनो रोबो करेगा काया की सैर आज चिकित्सा जगत…

4G की फास्ट स्पीड का मजा 3G के दाम में

टेलीकॉम ऑपरेटर एयरटेल ने बेंगलुरु में मोबाइल पर अपनी 4जी सर्विस लॉन्च करके भारत का पहला 4जी सर्विस प्रदाता बन गया है। सबसे पहले यह सेवा बेंगलुरु में शुरू की गई है।

अब एयरटेल ने अपनी 4जी सेवाएं मोबाइल पर देने के लिए एप्पल के साथ हाथ मिलाया है। कंपनी ने 3जी के दाम पर ही 4 जी की सेवा देने का फैसला किया है। 4जी सर्विस के जरिए यूजर्स हाई-डेफिनिशन विडियो बिना बफर किए देख सकेंगे और सिर्फ 3 मिनट में फोन पर पूरी मूवी डाउनलोड कर सकेंगे।

ऐयरटेल का कहना है कि ऐयरटेल यूजर्स अपना इंटरनेट प्लान बदले बिना 3जी के दाम में 4 जी स्पीड का आनंद उठा सकते हैं। ऐयरटेल की ये सेवा प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों यूजर्स के लिए उपलब्ध है।
ऐयरटेल में 4जी नेटवर्क के तहत 1,000 रुपए का इंटरनेट प्लान शुरू किया है जिसमें कस्टमर्स को 4जी स्पीड के साथ 10जीबी डेटा एक महीने के लिए इस्तेमाल करने को मिलेगा।फिलहाल यह सर्विस सिर्फ एप्पल के नए स्मार्टफोन आईफोन 5S और 5C पर ही दे जा रही है। भारत में 4जी सर्विस 2300 मेगाहर्ट्ज के फ्रीक्वेंसी बैंड पर मिल रही है जिस पर भारत में सिर्फ ये दो फोन ही सपोर्ट करते हैं। 

sabhar : bhaskar.com

खुद की ब्लू फिल्में बना रोजाना हजारों रूपए कमा रही हैं

ये है ऑनलाइन सेक्स की दुनिया
इंटरनेट की दुनिया अगर चमकदार है तो साथ में गंदी भी। इन दिनों वेबकेम के माध्यम से सेक्स का खुल्लम खुल्ला धंधा चल रहा है। और तो और टीनेज गर्ल्स वेबकैम के जरिये खुद की ब्लू फिल्में बना रोजाना हजारों रूपए कमा रही हैं।
कौन हैं ये लड़कियां वेब के माध्यम से पैसे कमाने वाली ये लड़कियां कोई और नहीं बल्कि वही हैं जो अपना करियर बनाना चाहती हैं, अपनी महत्वकांक्षाओं को पूरा करना चाहती हैं।

बीबीसी पर प्रसारित कार्यक्रम 'द ट्रूथ अबाउट वेबकेम गर्ल्स' में शामिल एक लड़की ने बताया कि इन पैसों से वह अपनी यूनिवर्सिटी की पढा़ई पूरी करना चाहती है। प्रति मिनट मिलते हैं 350 रूपएडेली मेल की खबर के मुताबिक, 25 साल की पूर्व पोर्न स्टार सैमी प्रति मिनट अपने वेब दर्शकों के सामने न्यूड होने के लिए तकरीबन 350-400 रूपए लेती है। सैमी एक एडल्ट वेबसाइट के जुडी है जिसकी पहुंच एक लाख दर्शकों तक है।

वैसे 18 साल की उम्र से इस पेशे में लगी सैमी अब इस पेशे से बाहर निकलना चाहती है और यूनिवर्सिटी में साइक्लोजी की पढा़ई करने वालों की मदद करना चाहती है।

कुछ घंटों में 35 से 40 हजार रूपए 
सैमी अपनी क…

छात्रा ने क्लासरूम में दिया बच्चे को जन्म

अक्सर ऐसी खबरें तो आती रहती हैं कि एक गर्भवती महिला अस्पताल जाते समय ट्रैफिक जाम में फंस गई और उसे गाड़ी में ही अपने बच्चे को जन्म देना पड़ा।

या फिर चलती ट्रेन के ‌टॉयलेट में शौच करते समय महिला की डिलिवरी हो गई और नवजात शिशु टॉयलेट के रास्ते से रेलवे ट्रैक पर जा गिरा और उसके बाद ट्रैन रुकवाकर बच्चे को उठाया गया।

लेकिन...यहां मामला एकदम अलग है। एक मां को टीचरों के बीच ऐसी जगह पर अपने बच्चे को जन्म देना पड़ा, जहां ना कोई डॉक्‍टर था ना कोई नर्स। आखिर क्या है पूरा मामला? पढ़िए।




बिहार के सारण जिले में एक महिला ने एक कॉलेज के परीक्षा हॉल में अपने बच्चे को जन्म दिया। महिला 12वीं कक्षा की परीक्षा देने गई थी, जहां अचानक उसकी डिलिवरी हो गई।

मनीषा देवी नाम की इस महिला की उम्र करीब 20 वर्ष है और पिछले ही वर्ष उसकी शादी हुई थी। गुरुवार को वह अपनी 12वीं की परीक्षा देने गई थी।

कॉलेज के अधिकारियों के मुताबिक परीक्षा देते समय अचानक मनीषा के पेट में तेज दर्द होने लगा। कॉलेज प्रशासन ने जानकारी मिलते ही तुरंत एंबुलेंस के लिए फोन किया। लेकिन इससे पहले की एंबुलेंस आती, महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया। इसके बाद …

एलियंस के होने-न होने का पता

photo : googale

चंद्रवासी हमारे नाम रेडियो मैसेज भेज रहे हैं- 'हम चांद से बोल रहे हैं। क्या आपको हमारी आवाज सुनाई दे रही है?' हम इंसान इस मैसेज को सुन नहीं पाते, क्योंकि हमें नहीं मालूम कि वे किस फ्रीक्वेंसी पर हैं। यह आप को किसी साइंस फिक्शन का हिस्सा लगता है, तो दिल थाम लीजिए। पिछले दिनों लंदन के एक सम्मेलन में चंद्रवासियों के बारे में चर्चा हुई और कहा गया कि चांद में ऐसी चीजें मौजूद हैं, जो किसी एलियन या एक्स्ट्रा टेरेस्ट्रियल (ईटी) सभ्यता की निशानी हैं। कुछ साइंटिस्ट मानते हैं कि चांद का यह हिस्सा, जो पृथ्वी से दिखाई नहीं देता, एलियंस का बेस हो सकता है। अब तक सभी चंद्रयान उस हिस्से में उतरे हैं, जो पृथ्वी से दिखाई देता है। बाकी हिस्सा, जो अंधेरे में खोया रहता है, रहस्यमय बना हुआ है। 

चलिए, चांद का किस्सा छोडि़ए। वहां एलियंस की बात करना ज्यादती ही है, लेकिन वहां नहीं तो और कहीं? इंसान का मन यह मानने को कभी तैयार नहीं होगा कि इस अनंत युनिवर्स में वह अकेला है, कि अरबों-खरबों ग्रहों में कहीं जीवन नाम का चमत्कार दोहराया नहीं जा सका। इसलिए एलियंस की खोज हमेशा हमारी साइंस पर हावी र…

बिना इनरवेयर पहने देखी गईं ये अभिनेत्रियां

कई बार बॉलीवुड एक्ट्रेस बिना अंतर्वस्‍त्र पहने ही फिल्मी पार्टियों में नजर आ जाती हैं। वह जान भी तब पाती हैँ जब कैमरे उन्हें दिखाते हैं।








एक कार्यक्रम में सेलिना जेटली भी बिना इनरवियेर के ही आ गईं



शिल्पा शेट्टी ने ऐसा किया और लोगों को दिखाया भी।

sabhar :http://www.amarujala.com/



पॉर्न मैगजीन पर बनेगी फिल्म

photo : googale


1980 का दशक वह दौर था जब पीली पन्नी साहित्य अपने जोरों पर था और रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर जमकर बिका करता था. मॉर्निंग शो में लगने वाली फिल्मों का अच्छा-खासा दर्शक वर्ग हुआ करता था, और स्कूल से गोल होने वाले बच्चे अकसर इन फिल्मों को देखने के लिए कतार में लगे नजर आते थे. अकसर सिनेमा सबकी पहुंच में नहीं था, ऐसे में पीली पन्नी की किताबें ही मसाले का असली औजार हुआ करती थीं. इसी दुनिया में एक नाम मस्तराम का भी था.
हीरो मस्तराम
शायद दो दशक पहले तक किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि फॉरबिडन संसार में ले जाने वाला मस्तराम कभी सिल्वर स्क्रीन पर भी आ सकेगा. यह वह लेखक है जिसे न कभी लाइब्रेरी, न स्कूल, न घर के स्टडी रूम में पढ़ा गया, लेकिन फिर भी वह बंद कमरों, बाथरूम, बेडरूम और यारो-दोस्तों की टोलियों का हिट नाम बन गया. फिल्म की कहानी को भी काफी दिलचस्प अंदाज में पेश किया गया है. यह छोटे से कस्बे के बैंक क्लर्क राजाराम की कहानी है जो दिल्ली आकर बड़ा लेखक बनने का ख्वाब देखता है. उसे साहित्य में कामयाबी नहीं मिलती है. पब्लिशर उससे गर्म और मसालेदार कहानियां चाहता है, साहित्य टाइप नही…

कैमरे में कैद हुआ सिर कटा भूत

पब में भूतएक ओर जहां पब मस्ती-मजा करने की जगह होती है वहीं ब्रिटेन के एक पब में भूतों का बसेरा है। ये पब, ब्रिटेन के सबसे पुराने पब में से एक है। करीब 750 साल पुराने इस पब के लोगों का कहना है कि उन्होंने पब के भूत को कैमरे में कैद किया है।

'ये ओल्ड मैन एंड स्काइथ पब' के सीसीटीवी कैमरे में भूत की तस्‍वीरें कैद करने का दावा किया गया है। हालांकि इस वीडियो के आने से पहले ही ये पब, भुतहा पब के नाम से जाना जाता है।
कब हुई भूत की रिकॉर्डिंग?ये रिकॉर्डिंग वैलेंटाइन डे के रात की है। सुबह करीब 6:18 बजे के वीडियो में एक आकृति दिखाई देती है और फिर गायब हो जाती है। जिसके बाद से सीसीटीवी कैमरा भी काम करना बंद कर देता है।

पब के मैनेजर टोनी डूले ने अगले दिन जब फ्लोर पर टूटे गिलास के टुकड़े देखे तो सीसीटीवी फुटेज निकलवाई। उन्होंने ही इस पूरे मामले की जानकारी दी।


किसकी आत्मा?दरअसल, इस पब के बारे में माना जाता है कि यहां सातवें अर्ल ऑफ डर्बी जेम्स स्टेनले की आत्मा भटकती है। जिन्होंने अपनी जिंदगी के अंतिम दिन यहीं बिताए थे।

डेली मेल के अनुसार, इस वीडियो के पीछे कई तरह के विचार है, कुछ इसे इलेक्ट्रि…

सेक्स चिप का जमाना

वायग्रा बीते दिनों की बात हो चुकी है, अब जमाना बढ़ रहा है सेक्स चिप की ओर। सेक्स चिप के बारे में आ रहीं रिपोर्ट्स की मानें तो वैज्ञानिक इन दिनों एक ऐसे डिवाइस पर काम कर रहे हैं जिसे दिमाग में फिट किया जा सकेगा और इससे सेक्स का आनंद कई गुना बढ़ जाएगा।
(Getty) 




वायग्रा को भूल जाइए, क्योंकि अब साइंटिस्ट ऐसे इलेक्ट्रॉनिक ' सेक्स चिप' पर काम कर रहे हैं जो आपको उत्तेजित करेगा। दरअसल, यह चिप ब्रेन के उस हिस्से को उत्तेजित करेगा, जो सेक्स स्टिम्युलेशन में मदद करता है। 

इस चिप के तैयार होने में करीब दस साल या इससे भी ज्यादा लग सकते हैं। इस चिप के जरिए सेक्स के मामले में ब्रेन को डीप स्टीम्युलेट करने में मदद मिलेगी। इसके तहत इम्प्लांटिड इलेक्ट्रोड से ब्रेन को हल्का सा शॉक दिया जाएगा, जिससे ब्रेन के प्लेज़र सेंटर को स्टीम्युलेट किया जा सकता है। इसका इस्तेमाल इससे पहले भी पार्किसन्स डिज़ीज़ के ट्रीटमंट के लिए किया जाता रहा है। 

पिछले दिनों साइंटिस्ट ने ब्रेन के उस हिस्से पर ध्यान दिया है, जो आंखों के ठीक पीछे का हिस्सा है और इसे ऑरबिटोफ्रॉन्टल कॉरटेक्स कहते हैं। ब्रेन का यह हिस्सा सेक्स संबंध…