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January 19, 2014 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

इसी होटल में रुकी थीं सुनंदा पुष्कर, साढ़े 5 लाख रुपए है 1 दिन का किराया

नई दिल्ली. दिल्ली का चाणक्यपुरी इलाका, यहीं बना है भारत का सबसे आलीशान होटल लीला पैलेस। वही होटल जिसमें केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई। इसी होटल में है कमरा नम्बर 345 जिसमें सुनंदा पुष्कर रुकी थीं। कमरा कोई आम कमरा नहीं बल्कि सुइट है। ऐसा ही एक और सुइट कमरा नम्बर 342 भी शशि थरूर के नाम से बुक था। थरूर ने दो कमरो की बुकिंग कराई थी। इसकी खासियत ये है कि आपको बुकिंग के बाद से ही तमाम सुविधाएं मिलती हैं। होटल में सबसे महंगा महाराजा सुइट है। जिसका एक दिन का किराया साढ़े 5 लाख रुपए है। भारत में एक से बढ़कर एक शानदार और महंगे होटल हैं लेकिन दिल्ली का लीला होटल सभी को मात देता।

मुंबई के जाने माने लीला होटल समूह ने इस होटल के लिए जमीन 700 करोड़ रुपए में खरीदी थी। इस फाइव स्टार डीलक्स होटल के निर्माण पर 900 करोड़ रुपए खर्च आया था। इस होटल में 260 कमरे और सुइट हैं। होटल के एक कमरे पर जमीन सहित निर्माण में लगभग 6 करोड़ रुपए का खर्च आया था। अमूमन महानगरों में फाइव स्टार होटल के एक कमरे पर 75 लाख से 1.8 करोड़ रुपए की लागत आती है।

एक्सपर्टस का कह…

सच्ची घटना: पुनर्जन्म

वाराणसी. क्या मरने के बाद किसी की आत्मा ऑइल पेंटिंग में सालों तक रह सकती हैं? इस सच्ची घटना में शैलेश बाबू के साथ कुछ ऐसा ही हुआ।  बात उन दिनों कि है जब शैलेश बाबू डिब्रूगढ़ टी-स्टेट में लोगों के लिए मेस चलाया करते थे।  हरी बाबू (बदला हुआ नाम) भी उन दिनों काशी से डिब्रूगढ़ काम करने पहुंचे थे।शैलेश बाबू की मेस में हरी बाबू भी लोगों के साथ रहने लगे।  वहीं शैलेश बाबू की पत्नी की एक बड़ी सी ऑइल पेंटिंग उनके कमरे में टंगी थी। एक रात हरी बाबू ने एक बहुत सुंदर महिला को शैलेश बाबू का पांव बिस्तर पर दबाते देखा, यह देख उनके होश उड़ गए क्योंकि महिला की शक्ल ऑइल पेंटिंग वाली महिला से हूबहू मिल रही थी। हरी बाबू 60 के दशक में टी स्टेट में काम करने के लिए डिब्रूगढ़ पहुंचे थे। मेस शैलेश बाबू चलाते थे, अजनबी शहर होने के कारण हरी बाबू ने मेस में ही रहना पसंद किया।  एक दिन देर रात पूर्णिमा के दिन हरी बाबू ने शाम को शैलेश बाबू के कमरे में रखी ऑइल पेंटिंग को देखा तो उन्हें विचित्र सी रहस्यमय अनुभूति महसूस हुई। उसी रात को नींद न आने पर वह हरी बाबू के कमरे से बाहर आए, तो उन्होंने शैलेश बाबू के पास दो स्त्रियों को …