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शनिवार, 2 अगस्त 2014

अब बनेगा हवा से पीने का पानी, आ गई मशीन

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इजराइल। जल जीवन का दूसरा नाम है। जिसके बिना प्राणी जगत की कल्‍पना भी अधूरी है। पीने का जल जो एक पोषक तत्‍व की भूमिका भी निभाता है, मानव शरीर का 60 से 70 प्रतिशत भाग बनाता है। 

कहते हैं तीसरा विश्व युद्ध पानी के लिए होगा, लेकिन अब घबराने की आवश्यकता नहीं है। एक अंग्रेजी न्यूज वेबसाइट में छपी खबर के अनुसार हवा से पानी बनाने वाली मशीन बन चुकी है। 

विश्‍व में कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां लोगों को पीने के लिए शुद्ध जल प्राप्‍त नहीं हो पाता है। 

विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया में तकरीबन 78 करोड़ लोगों को पीने का शुद्ध जल उपलब्‍ध नहीं हो पाता है और हर साल तकरीबन 34 लाख लोग केवल जल की दूषित होने से होने वाली बीमारियों से मर जाते हैं।वाटरजेन' नामक कंपनी ने हाल ही में हवा से जल बनाने की तकनीक को विकसित किया है। जिसमें अधिक नमी वाली हवा के तापमान को कम किया जाता है और इसके फलस्‍वरूप हवा में मौजूद जल के अणु नीचे गिरने लगते हैं और इन्‍हें एकत्रित कर लिया जाता है। 

कंपनी के सहायक सीईओ ए कोहावी के अनुसार ''हवा के इस तंत्र में से गुजारने के पर सिस्‍टम हवा में की आर्द्रता को कम करने का काम करता है और एकत्रित जल को एक विशेष टैंक में एकत्रित कर लिया जाता है।''

आगे उन्‍होंने बताया कि ''इस जल को एक बड़े फिल्‍टरेशन तंत्र से गुजारा जाता है, जिसके कारण इसमें होने वाली संभावित सूक्ष्‍मजैव या रसायन संबंधी अशुद्धियां अलग हो जाती हैं। इसके बाद जल को एक विशाल टैंक में रखा जाता है, जहां जल की शुद्धता के सारे पैमानों का ध्‍यान रखा जाता है।
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हालांकि इस तरह के यंत्र अन्‍य कंपनियों द्वारा भी बनाए जा चुके हैं, जिनका उपयोग औद्योगिक और घरेलू कार्यों में किया जाता है। लेकिन 'वाटरजेन' का दावा है कि उनके द्वारा विकसित किए गए इस यंत्र में कम से कम ऊर्जा का उपयोग किया जाएगा। 

आगे कोहावी ने बताया कि ''हालांकि कुछ अन्‍य कंपनियां भी इसका दावा करती हैं और यह इतना मुश्‍किल कार्य नहीं है कि हवा से जल के अणु एकत्रित कर लिए जाएं। लेकिन मुद्दा यह है कि कम से कम ऊर्जा की खपत में इस कार्य को अंजाम दिया जाए।''

आगे उन्‍होंने बताया कि जब हम इस कार्य को और अधिक कुशलता से कर पाऐंगे तो वास्‍तव में पीने के जल की समस्‍या का इससे अच्‍छा निवारण कोई दूसरा नहीं हो सकता कि वायु से ही जल बना लिया जाए। 

यह यंत्र एक दिन में 250-800 लीटर जल निर्मित कर सकता है जिसकी मात्रा तापमान और आर्द्रता के आधार पर भिन्‍न हो सकती है। 

कंपनी ने प्रारंभ में इस तकनीक का उपयोग आईडीए या 'इजराइल डिफेंस फोर्स' के लिए किया। और वर्तमान में 'वाटरजेन' कंपनी सात देशों की रक्षा सेनाओं को लिए सेवा प्रदान कर रही है। लेकिन अब कंपनी इस आम लोगों के लिए भी बाजार में उपलब्‍ध कराना चाहती है। 

कोहावी ने आगे बताया कि कंपनी इस प्रोडक्‍ट को कई देशों जैसे भारत के बाज़ार में उतारना चाहता है, जहां पीने के शुद्ध जल की समस्‍या है। इससे वहां के लोगों को शुद्ध जल के लिए वाटर सप्‍लाई पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। आगे कोहावी बताते हैं कि ''यह सिस्‍टम मात्र 1.5 रुपए में एक लीटर शुद्ध जल निर्मित करेगा जबकि वाटर बॉटल खरीदने पर आप एक लीटर शुद्ध जल के लिए 15 रुपए चुकाते हैं। (एजेंसियां)
sabhar :http://webdunia.com/

1 टिप्पणियाँ :

BLOGPRAHARI ने कहा…

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