सोमवार, 21 अप्रैल 2014

लैब में बनेंगे सुपरमैन




ब्रिटिश वैज्ञानिकों का दावा-नई तकनीक से वापस मिल सकेंगे खोए अंग
विज्ञान लगातार तरक्की कर रहा है। इतनी कि इंसान भी अब लैब में बनाए जा सकेंगे। यहां स्टेम सेल थैरेपी या क्लोनिंग की बात नहीं हो रही है, बल्कि पूरी तरह मशीनी मानव की बात हो रही है, जो न सिर्फ आम इंसानों की तुलना में कहीं अधिक शक्तिशाली होगा। ब्रिटिश वैज्ञानिकों का दावा है कि ऐसा सुपरमैन अब लैब में तैयार किया जा सकता है और वह भी मात्र डेढ़ लाख पाउंड यानी एक करोड़ २१ लाख रुपए में। इतना ही नहीं युद्ध, प्राकृतिक आपदाओं और दुर्घटनाओं में खोए अंगों को फिर से किसी इंसान के शरीर पर लगाया जा सकेगा। फर्क इतना होगा कि यह सब मशीनी होगा। यह सुपरमैन कार्टून कैरेक्टर सुपरमैन जैसा नहीं होगा, इसमें अलौकिक शक्तियां नहीं होंगी लेकिन फिर भी आम इंसानों की तुलना में ये विशेष होंगे। युद्ध में अपंग लोगों को मशीनी ताकत की बदौलत फिर से चलने-फिरने की आजादी मिल पाएगी। इनके कृत्रिम हाथ-पैर पूरी तरह ऑटोमैटिक होंगे, जिनकी पकड़ आम हाथ से कहीं ज्यादा ताकतवर होगी।


कहां से आएगी सुपर पावर
आई-लिंब : ये कृत्रिम उंगलियां पूरी तरह तारों के जरिए नियंत्रित होंगी, ये हाथ से मिलने वाले मसल सिगनल की सहायता से काम करेंगी। इन्हे टच बायोनिक्स द्वारा तैयार इन उंगलियों को नाम दिया गया है आई-लिंब।
ऑसर पावर नी : आइसलैंड की कंपनी द्वारा तैयार यह नकली घुटना दुनिया का पहला बिजली से चलने वाला घुटना होगा, जो आवाज की ताकत पर काम करेगा।
सुपर आई्ज : लंदन स्थित मूरफील्ड्स आई हॉस्पिटल सैनिकों की आंखों की ताकत बढ़ाने पर काम कर रहा है। मिनी कैमरों की मदद से युद्ध के समय रात को भी इससे सैनिकों को खासी मदद मिलेगी। इनकी आंखों द्वारा देखने की क्षमता कहीं अधिक होगी।

फोटो में
कुछ ऐसा होगा सुपरमैन
बायोनिक स्टें्रथ : बायोनिक्स एक्सोस्केलेटान से बढ़ेगी कमजोर हड्डियों की ताकत
कीमत : १२,००० पाउंड
बायोनिक लैग (ऑसर पावर नी) : नकली पांव होगा असली पांव से ज्यादा दमदार। फुली फंक्शनल होने से बढ़ेगी रफ्तार।
कीमत : ७६,००० पाउंड
अमेरिका की प्रसिद्ध सिक्स मिलियन डॉलर मैन सीरिज में ऐसे ही सुपरमैन की भूमिका निभाई थी ली मेजर नामक एक अभिनेता ने।
बायोनिक आई : युद्ध के समय सैनिकों के देखने की क्षमता बढ़ाने के अलावा यह जन्मजात नेत्रहीनों के भी काम आएगी। नेत्रहीनों की इससे देखने की क्षमता काफी हद तक लौट आएगी।
कीमत : १८,००० पाउंड
आई-लिंब : मशीनी उंगलियों की मजबूत पकड़ से जिंदगी फिर लौटेगी पटरी पर। यह तारों के जरिए दिमाग से नियंत्रित होंगी। इन पर नकली चमड़ी चढ़ाए जाने के बाद हट जाएगा असली-नकली का फर्क।
कीमत : ४४,००० पाउंड sabhar :http://nimesh-heyimhere.blogspot.in/

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