सोमवार, 21 अप्रैल 2014

अंतरजातीय विवाह करने वालों को खाप से मिली खुशखबरी


लेकिन सगोत्र विवाह को 'ना'


खाप बोली, अब कर लो इंटरकास्ट मैरिज


सामाजिक तौर पर एक बड़े ऐतिहासिक फैसले के तहत हरियाणा की सबसे बड़ी खाप पंचायत ने गैर बिरादरी विवाह को स्वीकार कर लिया है। हिसार की सतरोल खाप (करीब 42 गांवों की पंचायत) ने कहा है कि अब गैर बिरादरी विवाह हो सकेंगे बशर्ते उसमें माता पिता की मंजूरी शामिल हो।

खाप ने कहा है कि अब राज्य के लोग इंटरकास्ट मैरिज कर सकेंगे। यही नहीं इंटर विलेज (पहले अपने गांव के आस पास के 42 गांवों में भी शादी की अनुमति नहीं थी) भी हो सकेगी बर्शते ये घरवालों की मंजूरी से हो। अभी

 तक गैर बिरादरी विवाह करने वाले लड़के-लड़कियां घर से भाग कर दूसरे राज्यों में जाकर शादी किया करते थे

लेकिन सगोत्र विवाह को 'ना'

साथ ही खाप पंचायत ने सगोत्र विवाह को अभी तक निषेध रखा है। इसके अलावा अपने ही गांव या गांव से लगे गांव में अभी भी कोई लड़का या लड़की शादी नहीं कर सकेगा। साथ ही 42 गांवों के बीच परिवार के बीच विवाह पर भी खाप ने सकारात्मक रुख दिखाया है।

खत्म होगी ऑनर किलिंग 
‌गैर बिरादरी विवाह पर खाप की पाबंदी के चलते हरियाणा और आस पास पास के राज्यों में ऑनर किलिंग के नाम पर जमकर हुए खून खराबे के बाद सतरौल खाप का ये फैसला काबिलेतारीफ है। पिछले एक दशक से खाप पंचायत और परंपरा के नाम पर गैर बिरादरी विवाह करने वाले सैंकड़ों जोड़े ऑनर किलिंग की बलि दे दिए गए हैं।

पंचायत का बड़ा फैसला

पंचायत का बड़ा फैसला

हिसार की सतरोल खाप 42 गावों और 36 बिरादरियों का प्रतिनिधित्व करती है। मालूम हो हिसार में 60 फीसदी आबादी जाट समुदाय की है और इस समुदाय में सतरोल खाप के फैसले माने जाते हैं।

खाप के अध्यक्ष इंदर सिंह सूबेदार ने कहा कि परंपरा में ये बदलाव इसलिए किए गए हैं क्योंकि हम इस परंपरा को लंबे समय तक जीवित रखना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि समाज में ये फैसला बहुत क्रांतिकारी होगा और उन्हें उम्मीद है कि इसका सकारात्मक असर होगा। sabhar :
http://www.amarujala.com/

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