मंगलवार, 15 अप्रैल 2014

कृत्रिम तरीके से विकसित हो सकेंगे महिलाओं के जननांग


first succesful vagina transplant
अमरीका में डॉक्टरों ने प्रयोगशाला में स्त्री जननांगों को विकसित कर उसे चार महिलाओं में प्रत्यारोपित किया है।

इन चारों महिलाओं के जननांग माँ के गर्भ में पर्याप्त रूप से विकसित नहीं हो पाए थे। यह एक तरह का शारीरिक विकार होता है जिसमें स्त्री जननांग का विकास जन्म से ही अधूरा रहता है।प्रत्येक महिला के लिए सही आकार का स्त्री जननांग विकसित करने के लिए अच्छी तरह से ऊतकों का मिलान करना ज़रूरी था इसके लिए एक ऊतक के नमूने का इस्तेमाल किया गया।प्रत्यारोपण के बाद सभी महिलाओं में "इच्छा, कामोत्तेजना, गीलापन, संभोग सुख, संतुष्टि" और दर्द रहित संभोग के सामान्य लक्षण देखे गए।

इस उपचार में शल्य चिकित्सा की मदद से तैयार किए गए कटोरे की तरह के छेद का इस्तेमाल किया जाता है जो तो आंत की त्वचा से बना था।स्त्री जननांग प्रत्यारोपण
उत्तरी केरोलिना के वेक फॉरेस्ट बैपटिस्ट मेडिकल सेंटर के डॉक्टरों ने इन चारों महिलाओं के स्त्री जननांग के निर्माण में उत्कृष्ट तकनीक का इस्तेमाल किया। ये चारों महिलाएँ किशोरावस्था की थी।

चिकित्सकीय प्रक्रिया के तहत पेड़ू क्षेत्र का स्कैन किया गया और उसका इस्तेमाल प्रत्येक रोगी के लिए 3 डी परत वाली एक ट्यूब डिजाइन करने के लिए किया गया।

एक छोटा सा ऊतक कम विकसित स्त्री जननांग से लिया गया और प्रयोगशाला में कोशिकाओं को बड़े पैमाने पर विकसित किया गया।

मांसपेशियों की कोशिकाएँ बाहर की तरफ से परत के साथ और अंदर की तरफ से स्त्री जननांग की कोशिकाओं के साथ जुड़ी थीं।

स्त्री जननांगों को एक बायोरिएक्टर में बड़े ही सावधानी से उस समय तक विकसित किया गया जब तक वे शल्य चिकित्सा के माध्यम से प्रत्यारोपित करने के लिए लायक नहीं हो गए।

सभी महिलाओं में यौन क्रियाएँ अब समान्य है।

असामान्यताएँ
स्त्री जननांग के विकास में अवरोध प्रजनन अंगों में अन्य असामान्यताएँ पैदा कर सकते हैं। इनमें से दो महिलाओं में स्त्री जननांग गर्भाशय से जुड़ा था।

गर्भधारण का कोई मामला नहीं था लेकिन उन महिलाओं में यह सैद्धांतिक रूप से संभव है।

वेक फॉरेस्ट बैपटिस्ट मेडिकल सेंटर में निदेशक डॉ. एंथोनी एटाला ने बीबीसी समाचार वेबसाइट को बताया, "वास्तव में हमने पहली बार पूरे अंग को बनाया है यह एक चुनौती थी।"

उन्होंने कहा कि एक क्रियाशील स्त्री जननांग इन महिलाओं के जीवन के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण बात है और इससे उनके जीवन में होने वाली तब्दीली देखना "पुरस्कृत होने जैसा" था।

यह पहली दफा है जब प्रत्यारोपण के परिणाम की रिपोर्ट आई है हालांकि, पहला प्रत्यारोपण आठ साल पहले हुआ था। sabhar :http://www.amarujala.com/

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

कोरोनावायरस / महामारी से लड़ने में रोबोट्स की मदद लेगा भारत, यह संक्रमितों तक खाना-दवा पहुंचाएंगे, टेम्परेचर और सैंपल लेने का काम भी करेंगे

दैनिक भास्कर Apr 06, 2020, 02:05 PM IST नई दिल्ली..  कोरोना से लड़ने के लिए चीन समेत दुनियाभर के कई देश रोबोट्स की मदद ले रहे हैं। यह ...