Loading...

गुरुवार, 24 अप्रैल 2014

हनुमान भक्त बना कुत्ता, बेहोशी से उठकर फिर करने लगा परिक्रमा

0

हाथी की ईश्वर भक्ति


हाथी की ईश्वर भक्ति


अगर आप यह मानते हैं कि भक्ति करना सिर्फ हम मनुष्यों को आता है तो यह बात अपने मन से निकाल दीजिए। हम इंसानों की तरह पशुओं में भी भगवान के प्रति आस्था और श्रद्घा होती है। इसका सबसे पहला उदाहरण वह हाथी है जो भगवान विष्णु का परम भक्त था।

मगरमच्छ ने जब हाथी के पांव पकड़ लिए और हाथी के जीवन पर संकट आ गया तो भक्त हाथी की पुकार सुनकर भगवान विष्णु स्वयं प्रकट हुए और मगरमच्छ से हाथी के प्राण बचाए।

लेकिन जिस कुत्ते की भक्ति की हम बात कर रहे हैं वह किसी इतिहास पुराण की कथा नहीं है बल्कि आज के जमाने की बाद है वह भी इसी महीने की घटना है।
कुत्ते की भक्ति देख सभी हुए हैरान


कुत्ते की भक्ति देख सभी हुए हैरान

मध्यप्रदेश के मुड़ागांव में एक प्राचीन हनुमान मंदिर है स्थानीय लोग इसे बजरंगबली-श्रीजानकी मंदिर के नाम से जानते हैं। अप्रैल महीने के पहले हफ्ते की बात है, लोग मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा करने मंदिर आए तो एक कुत्ते को मंदिर के चारों ओर घूमते देखा।

पहले तो लोगों ने कुत्ते की इस हरकत पर कोई ध्यान नहीं दिया। कुछ लोग कुत्ते को ऐसा करते देख हंस भी रहे थे। लेकिन कुछ समय बीतने के बाद कुत्ते पर हंसने वाले लोग भी दांतो तले उंगली दबा रहे थे। लोगों को कुत्ते की भक्ति के आगे अपनी श्रद्घा भक्ति कम लगने लगी थी।
कई दिनों तक उन हालातों में करता रहा परिक्रमा

कई दिनों तक उन हालातों में करता रहा परिक्रमा

कुत्ता लगातार बिना भोजन पानी के हनुमान मंदिर की परिक्रमा करता जा रहा था। यह सिलसिला तीन दिनों तक चलता रहा। स्थानीय लोग बताते हैं कि कुत्ता हर परिक्रमा पूरी करने के बाद हनुमान जी के समाने माथा टेकता और फिर परिक्रमा शुरु कर देता।

कुत्ते की इस भक्ति की खबर जो गांव में फैली तो लोग हैरानी से मंदिर परिसर में जमा होने लगे। लेकिन लोगों की भीड़ देखकर भी कुत्ता विचलित नहीं हुआ और निरंतर परिक्रमा करता रहा।

डॉक्टर ने लगाई सूई, कुत्ता उठकर फिर लगाने लगा परिक्रमा

कई दिनों तक परिक्रमा करते रहने के कारण कुत्ता जब थक कर बैठ गया और उसके आंखों से आंसू आने लगा तब लोगों ने हनुमान भक्त कुत्ते का ईलाज करवाया। स्थानीय पशु चिकित्सक डॉ. देवेश जोशी ने जब कुत्ते को इंजेक्शन दिया तो कुत्ता उठकर खड़ा हो गया और फिर हनुमान जी की परिक्रमा करने लगा।

इस कुत्ते के बारे में स्थानीय बड़े बुजुर्ग अब यह कहने लगे हैं कि किसी कर्म के कारण इस जन्म में इसे कुत्ता बनना पड़ा। पूर्वजन्म के शाप से मुक्ति के लिए यह हनुमान जी की परिक्रमा कर रहा होगा।

वहीं कुछ लोग इसे पूर्व जन्म का हनुमान भक्त मान रहे हैं। अब कुत्ता किसलिए हनुमान जी की परिक्रमा कर रहा था यह एक रहस्य बना हुआ है। लेकिन जो भी है यह अद्भुत एक घटना है जो यह दर्शाता है कि हम मनुष्यों को यह अभिमान नहीं करना चाहिए कि केवल हम मनुष्य की भगवान के भक्त हो सकते हैं। ईश्वर सभी के हैं और सब ईश्वर के हैं। sabhar :http://www.amarujala.com/


0 टिप्पणियाँ :

एक टिप्पणी भेजें

 
Design by ThemeShift | Bloggerized by Lasantha - Free Blogger Templates | Best Web Hosting