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बुधवार, 9 अप्रैल 2014

सोचने भर से उड़ा लिया हेलिकॉप्टर

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photo : google
लंदन।। वैज्ञानिकों ने एक्सपेरिमेंट के दौरान रिमोट से कंट्रोल हो सकने वाले एक हेलिकॉप्टर को 'मन की शक्ति' से उड़ाने में कामयाबी पाई है। सुनने में थोड़ा अजीब लगे, लेकिन यह सही है। ऐसा करने के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ मिन्नेसोटा के इंस्टिट्यूट ऑफ इंजिनियरिंग इन मेडिसिन में एक स्पेशल 'टोपी' की मदद से बेन के इलेक्ट्रिकल ऐक्टिविटीज को कैप्चर किया गया।

कैसे हुआ एक्सपेरीमेंट? 5 यूजर्स को 64 इलेक्ट्रोड लगी स्पेशल टोपी पहनाई गई। टोपियों को कंप्यूटर से जोड़ा गया और मूवमेंट से जुड़े विचारों के पैटर्न को समझने की कोशिश की गई। दाएं-बाएं मुड़ने, ऊपर जाने या नीचे गिरने की सोचते वक्त ब्रेन में क्या इलेक्ट्रिकल मूवमेंट होते हैं, इसे कंप्यूटर में रेकॉर्ड किया गया। इसके बाद कंप्यूटर से वाईफाई के जरिए हेलिकॉप्टर को उड़ाने की कोशिश शुरू की गई। हेलिकॉप्टर को कंट्रोल करने के लिए केवल यूजर्स के विचारों के इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंपलसेज का इस्तेमाल किया गया। बीबीसी न्यूज के मुताबिक, यूजर के बाएं हाथ से मुक्का मारने के बारे में सोचते ही हेलिकॉप्टर भी उसी तरह मूवमेंट करने लगा।

बेहद कामयाब रहा एक्सपेरिमेंट यूनिवर्सिटी कैंपस में जिस जगह यह टेस्ट किया गया, वहां दीवार और दूसरी किस्म की बाधाएं थीं, लेकिन हेलिकॉप्टर अपने उड़ान के दौरान काफी हद तक इनसे टकराने से बचने में कामयाब रहा।
विकलांगों को होगा फायदा इस एक्सपेरिमेंट से जुड़ी टीम का मानना है कि अगर इस खोज को और बेहतर किया गया तो आने वाले वक्त में यह उन मरीजों के लिए वरदान साबित हो सकता है, जो चल-फिर नहीं सकते। साइंटिस्ट आने वाले वक्त में इसके जरिए वीलचेयर कंट्रोल करने से लेकर टीवी तक ऑपरेट करना चाहते हैं। इसके अलावा, कृत्रिम अंगों को भी ऑपरेट करने की योजना है।
 sabhar :http://navbharattimes.indiatimes.com/

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