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शुक्रवार, 25 अप्रैल 2014

गांधी वनिता आश्रम में छह बिस्तरों पर सुलाई जाती थीं 24 लड़कियां, CCTV से रखी जाती थी नजर

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छह बिस्तरों पर सुलाई जाती थीं 24 लड़कियां, CCTV से रखी जाती थी नजर
गांधी वनिता आश्रम। बेसहारा लड़कियों का घर। हर महीने लाखों का बजट। मगर अंदर कैदखाने से भी बुरे हाल। प्राइवेसी पर भी हमला। सिविल जज राणा कंवरदीप कौर वीरवार शाम यहां आईं। ताला खुलवाया तो अंदर 24 लड़कियां एक ही कमरे में बंद थीं। जज से लिपटकर कई रोने लगीं। छह बिस्तरों पर 24 लड़कियां सुलाई जाती हैं। ऊपर से कैमरे लगा दिए। लड़कियां बोलीं हम तो कमरे में कपड़े चेंज भी नहीं कर सकतीं।
जालंधर।  कपूरथला चौक के पास गांधी वनिता आश्रम में बेहद खराब हालात में रह रहीं लड़कियों ने सिविल जज को अपना दर्द सुनाया। एक कमरे में 24 लड़कियां रह रहीं थीं। उनके कमरे में वार्डन ने सीसीटीवी कैमरे लगा रखे थे। गुरुवार शाम चेकिंग के लिए जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी की सचिव व सिविल जज (सीनियर डिवीजन) राणा कंवरदीप कौर को लड़कियों ने बताया कि कैमरे की वजह से उन्हें कपड़े बदलने में भी परेशानी हो गई है। जब लड़कियों ने वार्डन से सीसीटीवी कैमरे की शिकायत की तो वार्डन ने उन्हें डांट दिया। जज कंवरदीप कौर के साथ एडवोकेट हरलीन कौर और नवजोत कौर सिद्धू भी साथ थीं।
लड़कियों ने जज से बताया कि वे नरक जैसी जिंदगी जी रही हैं। सुबह चार बजे उन्हें उठा दिया जाता है और देर शाम कमरे में बंद कर दिया जाता है। लाइट बंद होने के बाद भी उन्हें बाहर आने की इजाजत नहीं। सुबह खाने में सिर्फ एक परांठा मिलता है। दो टाइम खाने में एक बार में तीन रोटियां और थोड़ी सी सब्जी। रोटियां खाने को दिल नहीं करता। जब कुछ कहती हैं तो गलत तरीके से बोला जाता है।
आश्रम में लड़कियों के खेलने का सामान और साइकिलें कमरे में बंद थे। गांधी वनिता आश्रम सीनियर सेकेंडरी स्कूल भी परिसर में ही है। ऐसा ही हाल चिल्ड्रन होम (शॉर्ट स्टे होम) में था। इसमें 20 लड़कियां थी। इसके अलावा चिल्ड्रन होम फॉर गर्ल्स में बेसहारा 52 लड़कियां थीं। वे यहां शिक्षा ले रही हैं। उन्होंने भी कई आरोप लगाए।
रिपोर्ट बनाकर भेजी जाएगी : जज
सिविल जज (सीनियर डिवीजन) राणा कंवरदीप कौर ने बताया कि वह बस्ती गुजां स्थित प्रोटेक्टिव होम गईं थीं। लड़कियों की परेशानी देखी तो लगा कि ऐसा ही गांधी वनिता आश्रम में तो नहीं हो रहा है। इसलिए वह रूटीन चेकिंग के लिए वालंटियर हरलीन और नवजोत के साथ गई थीं। यहां बच्चियों ने तरह-तरह के आरोप लगाए हैं। सभी विभागों को रिपोर्ट बनाकर भेजी जाएगी।
तीन गर्भवती लड़कियां बोलीं- खाना बनवाते हैं, नहीं मिल रहीं मेडिकल सुविधाएं
तीन लड़कियां गर्भवती थीं। उन्होंने बताया कि उनसे खाना बनवाया जाता है। एक लड़की ने तो कैल्शियम की कमी की शिकायत थी, लेकिन उसकी डाक्टरी जांच नहीं करवाई गई। एक बच्ची ने बताया कि गार्ड अंकल ने उसे थप्पड़ मारा था, जिससे उसे सुनने में परेशानी आ रही है, लेकिन उसका इलाज नहीं करवाया गया।
हमें नहीं पता था कैमरे लगाना गलत है : वार्डन
आश्रम की वार्डन पूनम और जसविंदर कौर का कहना है कि बच्चियां झूठ बोल रही हैं। पूनम ने माना कि मार्च महीने में सुरक्षा के लिए कैमरे लगाए गए थे, लेकिन किसी भी बच्ची ने कोई शिकायत नहीं की थी। पता नहीं था कि यह गलत है। अगर गलत है तो कैमरे हटवा कर सुबह परिसर में लगवा दिए जाएंगे।
मजिस्ट्रेट जांच होगी : डीसी
डिप्टी कमिश्नर वरुण रूजम ने कहा कि मामले की मजिस्ट्रेट जांच करवाई जाएगी। पूरे मामले की तह तक जाएंगे। दो दिन में जांच रिपोर्ट देनी होगी। गांधी वनिता आश्रम में कुप्रबंधन के लिए जो भी दोषी होगा उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
छह बिस्तरों पर सुलाई जाती थीं 24 लड़कियां, CCTV से रखी जाती थी नजर


छह बिस्तरों पर सुलाई जाती थीं 24 लड़कियां, CCTV से रखी जाती थी नजर

छह बिस्तरों पर सुलाई जाती थीं 24 लड़कियां, CCTV से रखी जाती थी नजर

सीसीटीवी कैमरे के जरिए यहां से होती थी निगरानी।

sabhar : bhaskar.com



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