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सोमवार, 31 मार्च 2014

राधे मां के भक्तों ने अपने बच्चों को मारा, फिर कर ली आत्महत्या

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अहमदाबाद. गुजरात के कच्छ क्षेत्र के अंजार जिले में एक भयंकर घटना सामने आई है. राधे मां के चार भक्तों ने तीन बच्चों को जहर देकर मार दिया. बाद में चारों ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. आत्महत्या करने वाले एक ही परिवार के हैं. दो बच्चियां बच गई क्योंकि वे स्कूल गई हुई थी.
घटना को लेकर कई तरह से कयास लगाए जा रहे हैं. कुछ लोगों का कहना है कि अंधविश्वास के चलते परिवार ने यह कदम उठाया. वहीं कुछ का कहना है कि राधू और लाखू ने पैतृक जमीन बेची थी. उन्हें 1.5 करोड़ रूपए मिले थे. यह राशि उन्होंने राधे मां को दान कर दी थी. राधे मां का आश्रम यूपी के बरसाना में है.
घटना के वक्त दो बेटियां 15 साल की पायल और 7 साल की सोनल स्कूल गई थी. संयुक्त परिवार में अब वे दोनों ही जिंदा बची है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक वे इस मामले में जामनगर की एक महिला की भूमिका की जांच कर रहे हैं.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक बच्चों की हत्या कर आत्महत्या करने वाले खाते पीते परिवार से थे. 32 साल का राधू पत्नी लक्ष्मी और 30 साल का लाखू पत्नी कांकू बेन के साथ एक ही घर में रह रहे थे. राधू और लाखू सगे भाई थे. सभी निंगल गांव में रहते थे. चारों राधे मां के भक्त थे. सभी के शव घर में फंसे से लटके हुए पाए गए.
सामान्यतया पूरा परिवार सुबह-सुबह भजन सुनता था लेकिन बुधवार को जब भजन सुनाई नहीं दिए तो पड़ोसियों ने परिवार से संपर्क करने की कोशिश की. जब संपर्क नहीं हुआ तो पड़ोसियों ने पुलिस को बुला लिया. पुलिस ने घर का दरवाजा तोड़ा तो चारों को फंखे से लटका हुआ पाया. राधू और लाखू और उनकी बीवियों ने 4 साल के शाश्वत लाखू, 5 साल की प्राची लाखू और 7 साल के श्याम को जहर देकर मारा डाला.
रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि परिवार भगवान कृष्ण का भक्त था. परिवार दूर की रिश्तेदार सोनल अहीर के संपर्क में था. सोनल जामनगर जिले के आलियाबाड़ा में रहती है. सोनल खुद को कृष्ण भक्त बताती sabhar http://www.palpalindia.com/

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