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रविवार, 9 फ़रवरी 2014

दिन में 60 तक लोगों के साथ सेक्स करने के लिए मजबूर किया जाता था

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सेक्स रैकेट पीड़िता की दर्दनाक दास्तां, एक दिन में 60 लोगों से बनवाते थे संबंध


न्यूयॉर्क। मानव तस्करी और सेक्स रैकेट का शिकार हुई महिला कैरमेन की आपबीती दिल दहला देने वाली है। मैक्सिको की रहने वाली कैरमेन ने आखिरकार कोर्ट में चुप्पी तोड़ी और अपने कैद होने के दौरान की भयानक सच्चाई बयां की। 
 
कैरमेन ने बताया कि उसे 14 साल की उम्र में ही वेश्यावृत्ति के धंधे में उतार दिया गया था। उसने बताया कि न्यूयार्क में उसकी जिंदगी नरक के जैसी थी। उसे कई बार दिन में 60 तक लोगों के साथ सेक्स करने के लिए मजबूर किया जाता था। वहीं सेक्स रैकेट में पकड़ी गई दूसरी पीड़िता ने भी अपनी बात रखी।  
 
कैमरेन ने बताया कि न्यूयॉर्क में बिताई उनकी पांच साल की जिंदगी किसी नरक से कम नहीं थी। तीन भाइयों बेनिटो, एनसटासियो और जोस गेबिनो ने मिलकर उसे बंधक बना रखा था और उससे वेश्यावृत्ति कराते थे। इस मामले में तीनों भाइयों समेत दर्जनों लोगों को वेश्यावृत्ति कराने और यौन शोषण के आरोप में कैद की सजा सुनाई गई है।

कैमरन ने बताया कि बेनिटो नाम का शख्स उससे वेश्यावृत्ति कराता था। जिस दिन से वो न्यूयार्क आई थी और जब तक उसे छुड़ाया नहीं गया, तब तक बेनिटो उससे हफ्ते में सातों दिन काम कराता था। कैमरन ने बताया कि वो उसके लिए एक सौदे के सामान की तरह थी। बेनिटो के साथी और ग्राहक उसके साथ जानवरों की तरह पेश आते थे।  
 
कैमरेन ने कोर्ट में सबूत पेश करते हुए बताया कि बेनिट उससे वेश्यावृत्ति का काम अपने घर में ही कराता था। वेश्यावृत्ति के लिए उसे कनेक्टिकट, न्यू जर्सी और न्यूयॉर्क से आने वाले मजदूरों के पास भी भेजता था। 
 
दलाल बेनिटो कई बार दिन में 60 लोगों के साथ उसे सेक्स करने पर मजबूर करता था। इतना ही नहीं अगर वो पैसे नहीं कमाकर नहीं दे पाती तो उसे जानवरों की तरह पीटता भी था।  
 
कैमरेन ने बताया कि जब बेनिटो उसे पीटता था तो वो चाहती थी कि उसे तब तक पीटा जाए जब तक वो मर ना जाए। लेकिन बेनिटो उसे जान से नहीं मारता था। उसे अगले दिन फिर वही प्रताड़ना झेलने के लिए छोड़ देता था। 
 
कैरमेन को आखिरकार साल 2010 में कैद से छुड़ाया गया। हालांकि, इसके बाद भी उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए उसे सिटी हॉस्पिटल के सुसाइड वार्ड में रखा गया था। ताकि वो खुदकुशी जैसा कदम ना उठा ले। 
 
कैमरेन ने कहा कि यही एक ऐसा वक्त था, जब वो खुद को सुरक्षित महसूस कर रही थीं। जज के सामने अपनी बात रखते हुए उसने कहा, ''आपके लिए ये जानना बहुत महत्वपूर्ण है कि कोई भी महिला खुद वेश्यावृत्ति के धंधे में जाने का फैसला कर ऐसी जिंदगी नहीं जीना चाहती। मैं मानव तस्करी का शिकार हूं।''
वहीं, दूसरी पीड़िता ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि उस पर एनसटासियो वेश्यावृत्ति के लिए दबाव बनाता था। 
एनसटासियो ने तो उसके पेट पर अपना नाम भी गुदवाया था। वो पीड़िता को अपनी जागीर मानता था। तीसरे भाई जोस गेबिनो पर योजना में शामिल होने का आरोप है। जोस पर शहर में तमाम जगहों पर वेश्यावृत्ति के लिए महिलाओं को छिपाकर रखने का आरोप भी है। 
 
बेनिटो और एनसटासियो को कोर्ट ने 18 साल कैद की सज़ा सुनाई है। जबकि बड़े भाई जोस गेबिनो को 10 साल कैद की सजा सुनाई गई है। sabhar : bhaskar.com

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