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किसी चीज के प्रति अधिक संवदेनशील और भय क्यों प्रकट करता है। ‘

आपने देखा या सुना होगा कि कुछ लोग पानी से डरते हैं। कुछ लोगों को ऊंचाई से डर लगता है तो कुछ किसी अनजाने भय से घबराए रहते हैं। यह डर यूं ही हमें नहीं डराते हैं। इस डर का कारण पिछले जन्म की यादों में छुपा होता है जो हमारे अवचेतन मन में कहीं दबा हुआ होता है।

prebirth memory cause of fear


एक टेलीविजन चैनल पर कुछ समय पहले एक धारावाहिक दिखाया जा रहा था जिसका नाम था 'राज पिछले जन्म का'। इस धारावाहिक में कई ऐसी घटनाओं को दिखाया गया जिसमें मेडिटेशन के द्वारा पूर्व जन्म की घटनाओं की जांच पड़ताल करके व्यक्ति का उपचार किया गया।

मेडिकल साइंस भले ही इस बात को स्वीकार करने में हिचकता हो कि पुनर्जन्म होता है लेकिन इस बात को वह भी स्वीकार करते हैं कि मेडिटेशन के द्वारा मन में बसे अवचेतन यादों को उभार कर डर और दूसरे कई रोगों का उपचार संभव है।रिग्रेशन थैरेपिस्ट उन कारणों का पता लगा सकते हैं कि व्यक्ति किसी चीज के प्रति अधिक संवदेनशील और भय क्यों प्रकट करता है। ‘हीलिंग पास्ट लाइफ थ्रू ड्रीम्स’ के लेखक जे डी ने लिखा है कि बचपन से ही उन्हें हाथ पांव सिकोड़ कर बैठने से डर लगता था।

इस डर की वजह वह समझ नहीं पा रहे थे। लेकिन एक रात उन्होंने ऐसा सपना देखा जिसमें उन्हें अपने डर का कारण पता चल गया। एक लड़के को कुछ लोगों ने हाथ पैर बांधकर कंबल में लपेट दिया था और उसकी पिटाई कर रहे थे। लोगों ने उसे एक अंधेरे कुएं में ढकेल कर मरने के लिए छोड़ दिया। जे डी देखा वह लड़का कोई और नहीं वह खुद थे।

उन्हें लगा कि यह उनके पूर्वजन्म की घटना थी। इसी घटना के कारण वह था कि वह पांव सिकोड़ कर बैठने से डरते थे। जब पूर्व जन्म का रहस्य पता चल गया तो उनका डर दूर हो गया। इन्होंने माना कि अवचेतन मन में बसी पूर्व जन्म की यादें ही इस जन्म में डर की वजह होती हैं। sabhar :http://www.amarujala.com

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