सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

बिपाशा ने किए हैं कभी ऐसे बेडरुम और किस सीन

एक्सपोजर की वजह से चर्चाओं में

एक्सपोजर की वजह से चर्चाओं में


7 जनवरी से 34 साल की हो रही बिपाशा बसु के पास इन दिनों बहुत फिल्में नहीं हैं। अब चूंकि बॉलीवुड में उनसे भी ज्यादा एक्सपोज करने वाली लड़कियां आ गई हैं इसलिए बिपाशा की वैसी पूछ नहीं होती।

लेकिन आज से दस साल पहले का समय याद कीजिए। जिस्म, मदहोशी, राज जैसी फिल्मों में बिपाशा बसु ने बोल्डनेस की नई परिभाषा गढ़ी थी। इन दृश्यों की वजह से बिपाशा आज तक याद की जाती है।

आज भी याद आती है जिस्म

आज भी याद आती है जिस्म

बिपाशा बसु की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक फिल्म जिस्म रही है। जिस्म में उनकी जोड़ी उनकी प्रेमी जॉन अब्राहम के साथ बनी। इस फिल्‍म में बिपाशा ने जमकर एक्सपोज किया। यह फिल्म अपने समय की सबसे बोल्ड फिल्म मानी जाती रही है।
मदहोशी में भी वही

मदहोशी में भी वही

जवानी के दिनो में ही बिपाशा द्वारा की गई एक और फिल्म मदहोशी भी खूब चर्चित रही। यह फिल्म भले ही बहुत बड़ी हिट साबित न हुई हो लेकिन इस फिल्म के बोल्ड सीन इसे खूब चर्चाओं में लेकर आए। 


लंबे-लंबे किस सीन

लंबे-लंबे किस सीन

हिंदी फिल्‍मों में जब भट्ट कैंप ने लंबे-लंबे स्मूच सीन शुरू किए तो बिपाशा बसु ही उन्हें दर्शाने वाला चेहरा बनीं। भट्ट कैंप की जिन फिल्मों को उनके एक्सपोजर और बोल्डनेस की वजह से याद किया जाता है उनमें से कई फिल्में का आधार बिपाशा ही रही हैं।
ज्यादातर प्रेमी के साथ

ज्यादातर प्रेमी के साथ

एक समय बिपाशा बसु और जॉन अब्राहम की जोड़ी सबसे हॉट जोड़ी मानी जाती रही है। रियल लाइफ में भी और रील लाइफ में भी। उनकी कई फिल्मों में जॉन ही उनके प्रेमी और हम बिस्तर बने हैं। चूंकि जॉन उनके रियल लाइफ प्रेमी थे इसलिए उन्हें यह सीन करते हुए दिक्कत भी नहीं हुई।
इमरान हाशमी का भी साथ

इमरान हाशमी का भी साथ

किसर किंग के नाम से मशहूर हीरो इमरान हाशमी के साथ भी बिपाशा बसु की जोड़ी बनी। राज 3 में बिपाशा बसु इमरान हाशमी के साथ नजर आई। इस फिल्‍म के किस और बेडरूम सीन लंबे समय तक चर्चाओं में रहे।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

मर्दों की सभी प्रकार की कमजोरी दूर कर सकता है एक चमत्‍कारी पौधा

जयपुर। हिंदुस्‍तान का थार रेगिस्‍तान सिर्फ अपने उजड़ेपन और सूनेपन के लिए ही पूरी दुनिया में नहीं जाना जाता है, बल्कि यहां की रेतों में कई ऐसे रहस्‍यमयी पौधे उगते हैं, जिनके उपयोग से कई खतरनाक बीमारियों को जड़ से खत्‍म किया जा सकता है। एक ऐसा ही पौधा है छुईमई। राजस्‍थान के कुछ हिस्‍सों में छुईमुई को अलाय नाम से जाना जाता है। आज हम बात करेंगे इसी चमत्‍कारी पौधे की। कई स्‍टडी में यह साबित हो चुका है कि छुईमुई के बीजों से खोई हुए मर्दाना ताकत फिर से पाई जा सकती है। इसकी जड़ों से लेकर बीज तक का उपयोग सभी प्रकार की बीमारियों को दूर करने में किया जाता है।


पांच ग्राम अलाय के बीजों का पाउडर भैंस के दूध में डालकर पीने से शारीरिक कमजोरियों से छुटकारा तो पाया ही जा सकता है, साथ सेक्‍सुअल पावर भी पाया जा सकता है। कमजोर मर्द यदि इसकी जड़ों और बीजों का चूर्ण लें तो वीर्य की कमी की शिकायत में काफी हद तक फायदा होता है। छुईमुई एक प्रकार का पौधा है, जिसकी पत्तियां मानव स्पर्श पाने पर अपनेआप सिकुड़ कर बंद हो जातीं हैं। कुछ देर बाद अपने आप ही खुल भी जातीं हैं| इसे अंग्रेजी में मिमोसा प्यूडिका कहते हैं| छु…

पोर्न स्टार्स की दुनिया

पोर्न इंडस्ट्री और पोर्न स्टार्स के बारे में लोगों को कई मिथ हैं। लेकिन एक ऑनलाइन वेबसाइट ने पोर्न इंडस्ट्री पर एक रिपोर्ट तैयार की है।औसत रूप से पुरुष पोर्न स्टार की सालाना कमाई तकरीबन 30 लाख 75 हजार रूपए होती है जबकि महिला पोर्न स्टार की कमाई 50 लाख है।

इसके अलावा महिला पोर्न स्टार की कमाई के और भी माध्यम हैं। सोशल मीडिया पर इनकी उपस्थिति तो है ही इसके अलावा ये इवेंट्स में भी जाती हैं और स्ट्रिप क्लब्स में भी जहां एक रात में इनकी कमाई 2 लाख या इससे ज्यादा हो जाती है। 

उदाहरण के तौर पर पोर्न स्टार जेन्ना जैमसन नाईट क्लब्स में प्रति रात 2 लाख रूपए तक ‌कमा लेती थी जबकि स्ट्रिप क्लब्स से पोर्न स्टार हूस्टन 20 लाख रुपए हर हफ्ते कमा लिया करती थी।

द रिचेस्ट ऑनलाइन के 2013 के आंकड़ों के मुताबिक, औसतन हर सेकंड में इंटरनेट पर 28,258 लोग पोर्नोग्राफी देखते हैं। इंटरनेट से जो मैटर डाउनलोड किए जाते हैं उनमें से 35 % पोर्न होता है। यही वजह है पोर्नोग्राफी के बिज़नेस की लोकप्रियता की।

इस इंडस्ट्री में प्रोडक्ट आसानी से बनते हैं और ये आसानी से उपलब्ध है। आपको जानकर हैरानी होगी कि सिर्फ यूएस में हर 34 वे…

जादू - टोना क्या सच में होता है ?

जादू - टोना क्या सच में होता है ?! अगर नहीं होता तो यह शब्द प्रयोग कैसे हुआ,क्यूँ हुआ ! प्राचीन काल में यह अधिक प्रयुक्त हुआ,आज भी इसके अंश विराजमान हैं।

जादू-टोना और नज़र लग जाने में फर्क है,नज़र तो अपनों की भी लग जाती है  …. परन्तु जादू-टोना एक अलग क्रिया है  . अनेक किताबें इस उद्देश्य से मिलती हैं,कई लोगों का खर्चा पानी इस जादू को करने और उतारने से बंधा होता है  .

पूजा के मन्त्रों का उच्चारण हम निरंतर करते हैं ताकि ऊपरवाले का वरद हस्त रहे  … ठीक उसी प्रकार बुरी चाह को निरंतरता में चाहना,उसके लिए विशेष पूजा करना एक खलल अवश्य उत्पन्न करता है,अनर्थ नहीं कर सकता  .

ऐसा सम्भव होता तो सब अमीर होते,सबके पति,सबकी पत्नियाँ वशीकरण मंत्र के जादू से वश में होते ! न बेरोजगारी होती ! यह सब मानसिक कमजोरी का प्रतीक है - कितनी सिद्धियाँ हासिल करके कोई अमर हुआ है भला !

कभी भी जीवन में एक पक्ष नहीं होता,एकपक्षीये व्यवहार उद्विग्न करता है,एकपक्षीये सामाजिक न्याय बीमार करता है और ऐसी परिस्थिति में व्यक्ति उलजलूल हरकतें करता है - या तो लम्बी ख़ामोशी या तो प्रलाप या फिर सर पटकना  …देखनेवाले घटना की तह …