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December 29, 2013 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

कैमरे की जरूरत नहीं पड़ेगी

यदि आप बेहतर कैमरे के साथ शानदार फीचर्स वाला हाइ एंड स्मार्टफोन खरीदना चाहते हैं तो जोलो क्यू 3000 से बेहतर शायद ही कोई दूसरा हो. कंपनी ने अपने इस फोन को 13 मेगापिक्सल कैमरे के साथ हाल ही में बाजार में उतारा है. जोलो क्यू 3000 की कीमत भारतीय बाजार में 20,999 रूपए रखी गई है, जबकि फीचर्स के मामले में माइक्रोमैक्स केनवस डूडल 2 को चुनौति देने वाला है. जोलो क्यू 3000 के फीचर्स की बात करें तो इसमें 5.7 इंच की डिस्पले स्क्रीन दी गई जिसका रेजोल्यूशन 1920*1080 पिक्सल है, जबकि स्क्रीन में 396 पिक्सल पर इंच हैं. बेतहर स्पीड के लिए इस आकर्षक जोलो फोन में मीडियाटेक क्वॉडकोर प्रोसेसर दिया गया है जो 1.5 गीगाहर्टज की स्पीड से रन करता है. जिसकी वजह से हाईडेफिनेशन वीडियो देखने के साथ कई प्रकार के गेम आसानी से खेल सकते हैं. जोलो क्यू 3000 में लगा 13 मेगापिक्सल कैमरा 1080 पिक्सल क्वालिटी के साथ वीडियो रिकॉर्डिग करता है. जबकि वीडियो चेटिंग या सेल्फी के लिए इसके फ्रंट में 5 एमपी का कैमरा दिया गया है. जोलो क्यू 3000 की इंटरनल मेमोरी 16 जीबी है, जबकि रैम 2 जीबी की है. इसमें लगी 4000 एमएएच की बैटरी 21 घंटे क…

पोर्न स्टार्स की दुनिया

पोर्न इंडस्ट्री और पोर्न स्टार्स के बारे में लोगों को कई मिथ हैं। लेकिन एक ऑनलाइन वेबसाइट ने पोर्न इंडस्ट्री पर एक रिपोर्ट तैयार की है।औसत रूप से पुरुष पोर्न स्टार की सालाना कमाई तकरीबन 30 लाख 75 हजार रूपए होती है जबकि महिला पोर्न स्टार की कमाई 50 लाख है।

इसके अलावा महिला पोर्न स्टार की कमाई के और भी माध्यम हैं। सोशल मीडिया पर इनकी उपस्थिति तो है ही इसके अलावा ये इवेंट्स में भी जाती हैं और स्ट्रिप क्लब्स में भी जहां एक रात में इनकी कमाई 2 लाख या इससे ज्यादा हो जाती है। 

उदाहरण के तौर पर पोर्न स्टार जेन्ना जैमसन नाईट क्लब्स में प्रति रात 2 लाख रूपए तक ‌कमा लेती थी जबकि स्ट्रिप क्लब्स से पोर्न स्टार हूस्टन 20 लाख रुपए हर हफ्ते कमा लिया करती थी।

द रिचेस्ट ऑनलाइन के 2013 के आंकड़ों के मुताबिक, औसतन हर सेकंड में इंटरनेट पर 28,258 लोग पोर्नोग्राफी देखते हैं। इंटरनेट से जो मैटर डाउनलोड किए जाते हैं उनमें से 35 % पोर्न होता है। यही वजह है पोर्नोग्राफी के बिज़नेस की लोकप्रियता की।

इस इंडस्ट्री में प्रोडक्ट आसानी से बनते हैं और ये आसानी से उपलब्ध है। आपको जानकर हैरानी होगी कि सिर्फ यूएस में हर 34 वे…

ये देसी नुस्खे नपुंसकता को जड़ से मिटा सकते हैं

पुरुषों में कमजोरी की समस्या आजकल आम है। नपुंसकता, स्वप्नदोष, धातु दोष आदि ऐसी समस्याएं हैं जो वैवाहिक जीवन को बहुत अधिक प्रभावित करती हैं। असंयमित खान-पान या शरीर में पोषक तत्वों के कारण या अन्य गलत आदतों से  पुरुषों को दुर्बलता या कमजोरी की परेशानी होने लगती है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं बेहद साधारण घरेलू नुस्खे जिनसे आप इस समस्या से बहुत जल्द छुटकारा पा सकते हैं।






आंवला- 2 चम्मच आंवला के रस में एक छोटा चम्मच सूखे आंवले का चूर्ण तथा एक चम्मच शुद्ध शहद मिलाकर दिन में दो बार सेवन करना चाहिए। इसके इस्तेमाल से सेक्स शक्ति धीरे-धीरे बढ़ती चली जाएगी। इस प्रकार की परेशानी में आंवला बहुत फायदेमंद होता है। अत: प्रतिदिन रात्रि में गिलास में थोड़ा सा हुआ सुखा आंवले का चूर्ण लें और उसमें पानी भर दें। सुबह उठने के बाद इस पानी में हल्दी मिलाएं एवं छानकर पीएं। आंवले के चूर्ण में मिश्री पीसकर मिलाएं। इसके बाद प्रतिदिन रात को सोने से पहले करीब एक चम्मच इस मिश्रित चूर्ण का सेवन करें। इसके बाद थोड़ा सा पानी पीएं। जिन लोगों को अत्याधिक स्वप्नदोष होने की समस्या है, वे प्रतिदिन आंवले का मुरब्बा खाएं।


सेब-  ए…

इंसान या भगवान? दोनों बच्चों का बचपन से ही पूंछ निकल आएं हैं

देश के पंजाब और हरियाणा में दो ऐसे बच्चे हैं जिन्हें उन्हीं के परिवार वाले उन बच्चों को देवता का रूप दे रहे हैं। कारण दोनों बच्चों का बचपन से ही जेनेटिक गड़बड़ी के कारण पूंछ निकल आएं हैं। यह कहानी हरियाणा के पानीपत का 9 साल का बच्चा सुमित वर्मा और पंजाब के फतेहगढ़ का 13 साल का बच्चा अर्शिद अली खान की है। तो आइए, सबसे पहले हम पानीपत के सुमित वर्मा के बारे में आपको विस्तृत जानकारी देते हैं। सुमित की पीठ पर जेनेटिक गड़बड़ी के कारण जन्म से ही बालों की पूंछ सी है। इस कथित पूंछ को नौ सालों तक बच्चे के माता-पिता छुपाए रहे, मगर गरीबी ने उन्हें ऐसा बदला कि अब वही माता-पिता चाहते हैं कि यह ‘रहस्य’ दुनिया के सामने आ जाए।  वे सोचते हैं कि यह पता लगने के बाद सरकार और बड़े लोगों के बीच उनका मान सम्मान बढ़ेगा। उन्हें कोई न कोई मदद मिलेगी। इससे उनकी जिंदगी पटरी पर आ जाएगी। खास बात यह है कि माता-पिता के इस ह्रदय परिवर्तन से बच्चा अब तक अनजान है। उसे पता नहीं कि जीवन देने वाले माता-पिता उसे भगवान के अंश रूप में स्थापित करने का मन बना चुके हैं। वह नहीं जानता, अगर ऐसा हुआ तो उसका बचपन एक व्यवसाय में बदल…

खुल जाएंगे दिमाग़ के रहस्य

पॉल मैक्ग्रा बीबीसी हेल्थ चेक
सदियों से इंसानी दिमाग़ एक रहस्य रहा है. हालांकि पिछले कुछ दशकों में वैज्ञानिक इसके कुछ रहस्यों से पर्दा उठाने में सफल रहे हैं. हाल के कुछ सालों में नई तकनीक और शक्तिशाली कंप्यूटरों की मदद से कुछ प्रमुख खोजें हो सकी हैं. हालांकि इंसान के दिमाग़ के बारे में अभी भी बहुत कुछ समझना बाक़ी है. यहाँ हम आपको उन पांच महत्पूर्ण विषयों के बारे में बता रहे हैं जिनके पता लगने पर इंसानी दिमाग़ के अनसुलझे रहस्यों का राज़ जाना जा सकता है. इसे ठीक कैसे करें? वैज्ञानिक डॉ एटीकस हैंसवर्थ का कहना है कि दिमाग के व्हाइट मैटर और इसमें होने वाली ख़ून की सप्लाई महत्वपूर्ण है. जब हम सोचते हैं, चलते हैं, बोलते हैं, सपने देखते हैं और जब हम प्रेम करते हैं तो यह सब दिमाग़ के ग्रे मैटर में होते हैं. लेकिन हमारे क्लिक करेंदिमाग़ में केवल ग्रे मैटर ही नहीं है बल्कि व्हाइट मैटर की भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है. डिमेंशिया नाम की बीमारी के बारे में जब शोध किया जाता है तो क्लिक करेंदिमाग़ में मौजूद ग्रे मैटर के भीतर बीटा एमिलॉइड और टाउ प्रोटीन के एक दूसरे के साथ होने वाले रिएक्शन पर ग़ौर किया …

मंगल की यात्रा पर भेजने के लिए लोगों का चयन किया गया

लंदन। मंगल की यात्रा पर भेजने के लिए 1,058 लोगों का चयन किया गया है। इसमें 62 भारतीय भी शामिल हैं। 2024 में होने वाली इस एकतरफा निजी यात्रा में चार पुरुष एवं महिलाएं भेजी जाएंगी। इन लोगों को वहां पर कॉलोनी बनानी होगी। इस प्रोजेक्ट का नाम 'मार्स वन' है। इसे नीदरलैंड की एक कंपनी पूरा कर रही है।  मार्स वन के पास मंगल पर मानव जीवन स्थापित करने के लिए 140 देशों के दो लाख आवेदन आए थे। इसमें 20 हजार भारतीयों ने आवेदन भेजे थे। स्पेस डॉट कॉम के मुताबिक, अमेरिका से 297, कनाडा से 75, भारत से 62 और रूस से 52 लोगों का चयन किया गया है।  मार्स वन के सह-संस्थापक बास लांसडॉर्प ने इस सूची के बारे में कहा कि ये अभी पहली सूची है। इन्हें देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि कैसे लोग मंगल पर जाएंगे। हमने उन लोगों का चयन किया जो शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद स्वस्थ हैं। ये लोग मंगल पर 'मानव दूत' के रूप में जाएंगे। बास ने बताया कि हमने उन लोगों को ईमेल भेजा है जिनका चयन इस राउंड में नहीं हुआ है। उनके लिए आगे भी मौका है। वे दोबारा आवेदन भेज सकते हैं। वर्ष 2015 तक विभिन्न प्रकार के परीक्षण होंगे। जि…

श्रीदेवी 50 साल की हो चुकी हैं, लेकिन ब्लैक स्विमसूट में

श्रीदेवी ने ट्विटर पर फैमिली के साथ अपनी फोटो अपलोड की। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, "2014 की शुरुआत बहुत खुशी और शांति के साथ हुई, हैप्पी न्यू ईयर।"

इस दौरान श्रीदेवी स्विमसूट पहने हुए नजर आईं। यूं तो श्रीदेवी 50 साल की हो चुकी हैं, लेकिन ब्लैक स्विमसूट में बेहद हॉट दिख रही हैं। वहीं उनकी बेटी जाह्नवी अपनी हॉट मॉम को बिकनी में कड़ी टक्कर देती हुई दिखीं।

श्रीदेवी ने कई फिल्मों में अपनी खूबसूरती और शानदार अभिनय से दर्शकों के दिल पर राज किया। अब 50 साल के बाद भी उनका ग्लैमर बरकरार है। श्रीदेवी के फैन्स का मानना है कि वह आज भी ग्लैमरस नजर आती हैं।

वह अपनी इस अदा से फिल्म प्रमोशन्स और प्राइवेट पार्टीज के जरिए हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचती हैं।










sabhar : bhaskar.com


विज्ञान की खोज?

बीबीसी न्यूज़ वेबसाइट के विज्ञान संपादक पॉल रिंकन बता रहे हैं कि साल 2013 में विज्ञान और पर्यावरण की दुनिया में क्या-क्या ख़ास हुआ, जिसे दुनिया याद रखेगी.
आसमान में आग
अंतरिक्ष पर नज़र रखने वाले वैज्ञानिकों ने 15 फ़रवरी को एक क्लिक करें छोटे से ग्रह को धरती के क़रीब आते देखा.


मगर इसके सुरक्षित गुज़रने के बाद दस हज़ार टन की एक अंतरिक्षीय चट्टान रूस के क्लिक करें चेल्याविंस्क के ऊपर आसमान में जलकर राख हो गई. हालांकि उसके अवशेषों के ज़मीन पर गिरने से क़रीब एक हज़ार लोग घायल हो गए और आस-पास की कई इमारतों को नुकसान पहुंचा.
इस क्लिक करें असाधारण घटना ने वैज्ञानिकों को क्लिक करें क्षुद्र ग्रह के क्लिक करें 'हमले' का अध्ययन करने का दुर्लभ संयोग दिया. इस जांच के लिए गाड़ियों के डैशबोर्ड पर लगे कैमरों को धन्यवाद देना चाहिए.
ये कैमरे रूसी चालकों ने बीमा कंपनियों और पुलिस का भ्रष्टाचार उजागर करने को लगाए थे. इस उल्कापिंड का एक बड़ा हिस्सा बाद में क्लिक करें चेबराकुल झील की तली से बरामद किया गया.
मार्च में वैज्ञानिकों ने बताया कि अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का अंतरिक्ष यान क्लिक करें वॉयजर-1 अगस…

खाली बोतलों से बना सपनों का आशियाना

अभय तिवारी, महेश्वर (खरगोन)। अपने आशियाने को अनोखा और सबसे सुंदर बनाने की हर किसी को चाहत होती है। घर के डिजाइन को लेकर कई इंजीनियरों से सलाह लेने के अलावा घंटों इंटरनेट पर बैठकर कुछ अलहदा तरीका ढूंढ़ा जाता है। ऐसा ही एक आशियाना इन दिनों मंडलेश्वर मार्ग पर प्राचीन वृद्धकालेश्वर के समीप बन रहा है। मटके के आकार वाले इस निर्माणाधीन मकान की खासियत यह है कि इसके निर्माण में ईंटों की जगह पानी की खाली बोतलों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस मकान की निर्माण शैली ऐसी है कि इस पर सीमेंट-कंक्रीट की छत नहीं होगी, अपितु इसकी दीवारें ही धीरे-धीरे गोलाई लेती हुई मकान को मटके का आकार देंगी। हॉल, बेडरूम और बाथरूम वाले इस मकान को बनाने वाले कारीगर हैं इंदौर के रवि बामनिया। उन्होंने बताया कि इस मकान के निर्माता चंद्रमोहन पंवार के परिवार ने इंटरनेट पर किसी विदेशी द्वारा इस प्रकार के मकान के बारे में देखा था। इसके बाद उन्होंने भी ऐसे ही मकान के निर्माण की इच्छा जाहिर की। 1500 वर्गफीट, 30 हजार बोतल लगभग 1500 वर्गफीट में बने रहे मकान में खाली बोतलों में मिट्टी को भरा जा रहा है। इसके पश्चात सलीके के साथ लोहे …

कुदरत की हैरतअंगेज कारीगरी

दुनिया में कई ऐसी जगहें हैं, जो कुदरत की हैरतअंगेज कारीगरी के लिए विख्यात हैं। इन्हीं में से तीन ऐसे टूरिस्ट स्पॉट से हम आपको रूबरू करा रहे हैं जो करोडों सैलानियों को आकर्षित करते हैं।


सूरज से आंखें चार: तमिलनाडु मेंतिरुचिरापल्ली का यह मंदिर 83 मीटर ऊंची रॉक पर है। करीब सात सदियों तक कई राजाओं ने इस रॉक फोर्ट टेंपल का रचा। विशाल चट्टान पर हैरतअंगेज कारीगरी को देखना जैसे सूर्य से आंखें चार करना है। यहां आने वाले करीब दो करोड़ सैलानियों के आकर्षण का केंद्र इस रॉक से सुबह के समय कावेरी नदी और उसके पार श्रीरंगम के मंदिर का मनोरम दृश्य देखना ऊर्जा की गहरी अनुभूति देता है।



दुनिया में सबसे ऊंचाई पर बना लॉज: 4,250 मीटर की ऊंचाई और इसी ऊंचाई पर बसा येटी माउंटेन होम। यह दुनिया में सबसे ऊंचाई पर स्थित लॉज है। माउंट एवरेस्ट रेंज के सबसे करीब इतनी ऊंचाई पर होने के बावजूद नए साल के शुरुआती दिनों में फुल रहता है। माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई 8,848 मीटर है।




लिविंग रूट ब्रिज: मेघालय के नांगरियट में सैकड़ों साल पुराने विशाल पेड़ की फैलती जड़ों व शाखाओं से बना ‘लिविंग रूट डबल डेकर सस्पेंशन ब्रिज‘ आज भी मजबूती का…

ब्रह्मचारी पर यौन शोषण का आरोप

महर्षि महेश योगी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति ब्रह्मचारी गिरीश वर्मा एक नई मुसीबत में फंस गए हैं। वर्मा पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली महिला के पति ने मीडिया के सामने यह कहते हुए सनसनी पैदा कर दी कि, उनके संग भी दुष्कर्म होता रहा। उधर, कोर्ट द्वारा 1 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर भेजे गए गिरीश वर्मा मंगलवार को महिला थाने बयान के लिए लाए गए। उससे कुछ देर पहले पीडि़ता भी अपने पति के संग बयान देने पहुंची।

जिस ब्रह्मचारी के आगे हजारों लोग श्रद्धा से झुक जाते हैं, वे मंगलवार जब महिला थाने में बयान के लिए लाए गए, तब उनके चेहरे का रंग उड़ा हुआ था। तेजस्वी सूरत मुरझाई हुई थी। देर रात तक पुलिस की पूछताछ के कारण थकावट और टेंशन पूरी बॉडी में स्पष्ट दिखाई पड़ रही थी। सोमवार को महर्षि महेश योगी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति गिरीश वर्मा को मजिस्ट्रेट वर्षा शर्मा की कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से उन्हें 1 जनवरी तक के लिए पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।



ऐसे आलीशान महलनुमा कोठी में रहते है गिरीश वर्माः गिरीश वर्मा का महलनुमा कोठी दस एकड़ में फैली है। पहले यह पांच एकड़ में बनी थी। इसमें एक गार्डन है जिसमें जयपुर …

स्कूल छोड़ने के 74 साल बाद पीएचडी की.

लंदन के एक मजदूर के बेटे डॉ वूफ ने सोलह साल की उम्र में नौकरी करने के लिए स्कूल छोड़ दिया था लेकिन बाद में उन्होंने गणित के शिक्षक के रूप में नौकरी की और सेवानिवृत होने के बाद पढ़ाई पूरी करने लौट आए.
स्कूल के दिनों में उन्हें स्कॉलरशिप मिली थी लेकिन युद्ध शुरू होने के कारण उन्हें 16 साल की उम्र में ही पढ़ाई छोड़ के जाना पड़ा और उनकी विश्वविद्यालय की पढ़ाई अधूरी रह गई.डॉ वूफ ने कहा, " डॉक्टरेट होना मेरे जीवन का सबसे सम्मानजनक अनुभव है. स्कूल के दिनों में मैं विश्वविद्यालय के बारे में नहीं सोचता था." मेरे पिता का मानना था कि "मुझे काम करके घर के बजट में योगदान देना चाहिए. आक्रमण शुरू होने से पहले मैं वापस लंदन आ गया और शहर के पश्चिमी भाग के एक ऑफिस में नौकरी करने लगा. घर ध्वस्त होने से पहले हमें घर छोड़ के जाना था." युद्ध में सेना को अपनी सेवा देने के बाद जब वो नौकरी पर लौटे तो उनके पास 39 साल की अवस्था में एक अच्छी खासी नौकरी के साथ बीवी और चार बच्चे थे." वे कहते हैं, "मैंने अपने आप से पूछा क्या मैं ऐसी ही जिंदगी जीना चाहता था शायद नहीं. मेरी बीवी का रवैया…

खजुराहो जैसी अद्भुत कला की दुनिया अकेले 23 साल के कठिन परिश्रम से तैयार कर दी

नार्वे के महान मूर्तिकार गुस्ताव विगेलैंड (11 अप्रैल 1869-12 मार्च 1943) ने कला की एक अद्भुत की दुनिया को अकेले 23 साल के कठिन परिश्रम से तैयार कर दी। इस समय इसे दर्शकों के लिए खोल दिया गया है। गुस्ताव विगेलैंड वह ऑर्टिस्ट हैं, जिन्होंने दुनिया के सबसे श्रेष्ठ नोबल शांति पुरस्कार के पदक को भी डिजाइन किया था। इस कला के विशाल संग्रह के शिल्प के नमूनों में मानवीय मनोवीय भावों की कुछ उसी तरह की अभिव्यक्ति दिखाई देती है जैसी खजुराहों की प्रतिमाओं में। इन आर्ट वर्क में पुरुष और महिला के बीच के रिश्ते को चित्रित किया गया। मनुष्य की विभिन्न अवस्थाओं जैसे, वयस्क अवस्था और बचपन को दिखाया है। यहां मानवीय व्यवहार जैसे शौक, पेशा, तलाश, दौड़, पहलवानी, नृत्य, आलिंगन आदि को कला के माध्यम से चित्रित किया गया  है। हालांकि, गुस्ताव विगेलैंड के कुछ आर्ट बेहद अब्सट्रैक्ट (अबूझ) हैं।
ओस्लो सिटी प्रशासन ने 1921 में एक लंबे विवाद के बाद इस महान कलाकार का मकान गिराना तय किया था। गुस्ताव विगेलैंड के मकान मेंं उनका आर्ट स्टूडियो और लाइब्रेरी थी। उन्होंने शहर से दूर नई बिल्डिंग में रहना स्वीकार कर लिया था। आर्ट…