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October 6, 2013 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

वैज्ञानिकों ने त्वचा कोशिकाओं से बनाया इंसानी भ्रूण

दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर ली है। शोधकर्ता त्वचा कोशिकाओं से शुरुआती दौर का मानव भ्रूण तैयार करने में कामयाब हो गए हैं। उनकी इस सफलता से अब पार्किंसन, मल्टीपल सिरोसिस, रीढ़ की हड्डी में चोट और हृदय संबंधी रोगों में प्रत्यारोपण के लिए विशेष उत्तक कोशिकाओं को तैयार करने में आसानी होगी। अमेरिका के ओरेगन नेशनल प्राइमेट रिसर्च सेंटर के वैज्ञानिकों ने यह अहम उपलब्धि हासिल की है। सेंटर के वरिष्ठ वैज्ञानिक सुखरात मितालीपोव की अगुवाई में शोधकर्ताओं की टीम ने सोमैटिक सेल न्यूक्लियर ट्रांसफर तकनीक का इस्तेमाल करते हुए मानव शरीर की त्वचा कोशिकाओं को शुरुआती दौर के भ्रूण में तब्दील किया। समाचार पत्र इंडिपेंडेंट के अनुसार वैज्ञानिकों ने क्लोनिंग से डॉली भेड़ के जन्म के 17 वर्ष बाद यह उपलब्धि हासिल की है। अखबार में प्रकाशित शोध पत्र में कहा गया है कि त्वचा कोशिकाओं से भ्रूण तैयार करने में कामयाबी के बाद वैज्ञानिक अब क्लोनिंग के जरिये इंसान पैदा करने की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ गए हैं। मितालीपोव के मुताबिक अब अंग प्रत्यारोपण आपरेशन के लिए विशेष उत्तक का निर्माण मरीज की त्वचा से करना सहज …

अब स्टेम कोशिकाओं से पैदा होंगे बच्चे

लंदन। स्टेम कोशिकाओं से मानव अंग विकसित करने के प्रयोगों के बाद अब वैज्ञानिकों ने इन कोशिकाओं से नए जीवन की पैदाइश में सफलता हासिल की है। जापान के शोधकर्ताओं ने चूहों पर किए गए परीक्षण में इन कोशिकाओं का इस्तेमाल अंडाणु बनाने में किया। शोधकर्ताओं ने बताया कि परीक्षण सफल रहा और चूहों का जन्म हुआ। कुल मिलाकर प्रयोग में शामिल हुए चूहों के वंश का मूल एक कोशिका है। स्टेम कोशिकाओं की खासियत है कि वह शरीर में किसी भी कोशिका का रूप ले सकती हैं। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले क्योटो यूनिवर्सिटी में स्टेम कोशिकाओं से शुक्राणु बनाने के प्रयोग भी हो चुके हैं। अब इससे एक कदम आगे बढ़कर वैज्ञानिकों ने प्रजनन के लिए स्टेम कोशिकाओं से अंडा बनाने में सफलता पाई है। शोध के तहत वैज्ञानिकों ने पहले त्वचा और भ्रूण से स्टेम कोशिकाएं लीं। इसके बाद अंडाणु बनाने की प्रक्रिया प्रारंभ हुई। इन अंडाणुओं को विकसित करने के लिए इनके आसपास गर्भाशय में मौजूद रहने वाली कोशिकाएं विकसित की गईं और फिर इन्हें एक मादा चूहे के शरीर में प्रत्यर्पित किया गया। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस तकनीक से उन दंपतियों की मदद की जा…

डॉक्टरों ने मां के गर्भ में की भ्रूण के दिल की सफल सर्जरी

लॉस एंजलिस। अमेरिकी डॉक्टरों ने अपनी तरह की एक दुर्लभ हार्ट सर्जरी कर एक महिला के गर्भ में पल रहे 25 सप्ताह के भू्रण को नई जिंदगी दी। डॉक्टरों ने अजन्मे शिशु के हृदय की सर्जरी में बाल जैसे महीन तार, बारीक सुई और छोटे गुब्बारे का इस्तेमाल किया। इस सफल सर्जरी के पहले उन्होंने अंगूर पर इसका अभ्यास किया था।लॉस एंजिलिस टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, जांच में पता चला कि भूण ऐऑर्टिक स्टिनोसिस से पीड़ित है। इसमें हृदय का महाधमनी वॉल्व काफी संकुचित हो जाता है। इसके चलते उसके बायें वेंट्रकल (निलय) में खून का प्रवाह सामान्य रूप से हो नहीं पा रहा था। डॉक्टरों ने बताया कि सर्जरी के बिना उसका बायां वेंट्रकल ठीक से विकसित हो नहीं सकता था। उसके हाईपोप्लास्टिक लेफ्ट हार्ट सिंड्रोम (एचएवएचएस) के साथ जन्म लेने की संभावना थी जोकि उसके जीवन के लिए गंभीर खतरा हो सकता था। उन्होंने कहा कि अजन्मे शिशु के हृदय के संकीर्ण महाधमनी वाल्व की सर्जरी को फोएटस ऐऑर्टिक वल्वुलोप्लास्टी कहा जाता है। सर्जरी के लिए शिशु और उसकी मां दोनों को बेहोश किया गया था। डॉक्टरों ने बताया कि सर्जरी के बाद मां और शिशु दोनों ठीक हैं। इस …

आसाराम करते थे विवाहिताओं का भी शोषण

शाहजहांपुर [जागरण संवाददाता]। नाबालिग से रेप के आरोप में फंसे आसाराम के कृत्यों की फेहरिस्त में एक और सनसनीखेज खुलासा हुआ है। आसाराम का 'शिकार' सिर्फ नाबालिग लड़कियां और युवतियां ही नहीं, बल्कि सुंदर विवाहिताएं भी थीं। खासकर वे जिनका अपने पति से अक्सर विवाद रहता था। आसाराम ऐसी महिलाओं को फंसाने के लिए त्रिकाल संध्या और ध्यान योग शिविर का सहारा लेते थे। आसाराम को लेकर यह नया खुलासा किया है शाहजहांपुर निवासी उनके ही तीन पूर्व साधकों ने। आसाराम से दीक्षा लेकर 14 पूनम दर्शन और ध्यान योग शिविर करने वाले ये साधक सात साल से अपनी पत्नी से अलग हैं। अपने अलगाव के लिए वह आसाराम को ही दोषी मानते हैं। उन्होंने बताया कि त्रिकाल संध्या और गुरु को ही सर्वस्व मानने के मंत्र ने उनकी जिंदगी बर्बाद कर दी। विरोध को दी जाती गो हत्या की संज्ञापूर्व साधकों ने बताया कि आसाराम के क्रिया-कलापों का जब कोई साधक या उनके घर वाले विरोध करते तो इसे गोहत्या का पाप करार दिया जाता था। उन्होंने भी जब आसाराम की बुराई शुरू कर दी तो उनकी पत्‍‌नी ने भी गोहत्या का पाप बताते हुए उनसे पूरी तरह संबंध तोड़ लिए और अलग रहने…

बढ़ती उम्र में भी बरकरार रहे आकर्षण

बढ़ती उम्र की दहलीज पर कदम रखने के बाद भी जिंदगी का आकर्षण और जोश खत्म नहीं हो जाता। यदि आप अपनी सोच व जीवनशैली में सकारात्मक बदलावों को तरजीह देती हैं तो यह तय मानें कि बढ़ती उम्र में भी आप युवावस्था की तरह स्मार्ट और चुस्त-दुरुस्त बनी रहेंगी। साथ ही जिंदगी की नई पारी में सक्रियता से उपलब्धियों रूपी बेहतर बल्लेबाजी कर सकती हैं। उम्र बाधक नहीं उम्र बढ़ने के साथ शारीरिक परिवर्तन होना तय है, इन्हें रोका तो नहीं जा सकता, पर इस परिवर्तन से होने वाले नकारात्मक प्रभावों को काफी हद तक कम जरूर किया जा सकता है। इस संदर्भ में नई दिल्ली की 45 वर्षीया दीपा सेठी अपनी जिंदगी की गतिशीलता को अपनी मां नीलम भाटिया को प्रेरणास्रोत मानती हैं। बकौल दीपा, मेरी मां एक कुशल गृहिणी हैं। गृहस्थी संभालने में उनका कोई सानी नहीं। उन्होंने अपनी चार संतानों की परवरिश पर बेहद गंभीरता से ध्यान दिया है। मैं जब स्कूली शिक्षा पूरी करके कालेज में पढ़ रही थी, तब उन्होंने अपनी प्रौढ़ावस्था में घर-परिवार की जिम्मेदारियां निभाते हुए फूड प्रिजर्वेशन व प्रोसेसिंग पाठ्यक्रम में दाखिला लिया। उन्होंने जैम, जेली, अचार, मुरब्बा आद…

चंद्रमा के जन्म के दौरान नष्ट होते बची थी पृथ्वी

न्यूयार्क। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि चंदा मामा यानी चंद्र देवता के जन्म के दौरान हमारी पृथ्वी नष्ट होते-होते बची थी। अपने नए शोध में अमेरिका स्थित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने यह दावा किया है।चंद्रमा के निर्माण की प्रक्रिया के दौरान ऐसा विशालकाय सौर गुबार पैदा हुआ था, जिसके प्रभाव से धरती का वातावरण नेस्तानाबूद हो सकता था।' हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों के जिस दल ने यह दावा किया है, उसमें भारतीय मूल के वैज्ञानिक सुजय मुखोपाध्याय भी शामिल हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि धरती के शुरुआती वातावरण में ग्रहों के आकार के कई खगोलीय पिंडों के एक-दूसरे से टकराने के चलते ही चंद्रमा अस्तित्व में आए। हार्वर्ड के वैज्ञानिकों के हालिया दावे के विपरीत शोधकर्ता अब तक मानते रहे हैं कि चंद्रमा के जन्म समय पैदा हुए विशालकाय प्रभाव से धरती के वातावरण को कोई खतरा नहीं पैदा हुआ होगा। लेकिन हार्वर्ड के वैज्ञानिकों ने इस धारणा को खारिज कर दिया है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, 'लगभग साढ़े चार अरब वर्ष पहले धरती आज के मुकाबले इतनी तेज रफ्तार से घूमती थी कि उस समय एक दिन करीब दो या तीन घंटे …

क्या आप जानते हैं ? मौत के बाद भी शरीर के ये 8 अंग करते रहते हैं काम!

क्या आप यह कल्पना कर सकते हैं कि आपके शरीर के मरने के बाद भी यह ब्रेन जिंदा रहेगा ? सुनने में भरोसा नहीं होता है, लेकिन यह सच है। विख्यात भौतिक विज्ञानी स्टीफन हॉकिंग के अनुसार टेक्नॉलॉजी से यह संभव है। टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार कैंब्रिज फिल्म फेस्टिवल के दौरान प्रो. हॉकिंग ने कहा कि मेरा सोचना है कि माइंड में ब्रेन एक प्रोग्राम की तरह है। यह एक कंप्यूटर की तरह है इसलिए सैद्धांतिक तौर पर कंप्यूटर में ब्रेन की कॉपी करना भी संभव है। यही कारण है कि मौत के बाद भी ब्रेन एक रूप में जीवित रहता है। एक स्वतंत्र रिसर्च ग्रुप ब्रेन प्रिजर्वेशन फाऊंडेशन एक प्लास्टिक एम्बेडिंग प्रोसेसर विकसित करने में लगा हुआ है। यह प्रक्रिया ब्रेन को प्लास्टिक में बदलने से जुड़ी हुई है और इसे एक बहुत बारीक पट्टियों में खींचा जा रहा है। मस्तिष्क के अतिरिक्त भी शरीर में ऐसे कई फंक्शन हैं, जो मौत के बाद भी कुछ मिनट, घंटों और दिनों तक जारी रहते हैं। दुनिया के बहुत से वैज्ञानिक बॉडी के उन अंगों के रहस्य खोजने में लगे हैं, जो मौत के बाद भी जीवित रहते हैं। - नाखून और बालों का बढऩा : यह एक तकनीकी फंक्शन है न कि वास्…

इन खतरनाक रिसर्च में प्रयोगकर्ताओं को गंवानी पड़ी थी अपनी जान

आज हमे कई आधुनिक चीजें काफी आसानी से मिल जाती हैं और ये काफी एडवांस भी हैं। लेकिन  कुछ लोगों को ऐसी चीजों को इजाद करने या रिसर्च में हासिल करने में अपनी जान तक गंवानी पड़ी हैं। ये प्रयोग बेहद कठिन और जानलेवा थे,लेकिन प्रयोगकर्ताओं ने अपनी जान दांव पर लगा कर इन्हें अंजाम तक पहुंचाने की भरपूर कोशिश की थी। हम आपको यहां कुछ प्रयोगकर्ताओं और उनके ऐसे प्रयोगों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनसे उन्हें अपनी जान से भी हाथ धोना पड़ा।
लिक्विड से संचालित रॉकेट कार (1930),  वैज्ञानिक मैक्स वेलियर  :  एक ऑस्टे्रलियन अनुसंधानकर्ता मैक्स वेलियर की 17 मई 1930 को तब मौत हो गई, जब वह बर्लिन में एक एल्कोहल से भरा रॉकेट टेस्ट बेंच में फट गया। 1928-29 में वेलियर ने फ्रित्ज वोन ओपेल के साथ रॉकेट पावर्ड कारों और एयरक्राफ्ट पर काम किया था। इसके बाद वेलियर लिक्विड से भरे रॉकेट्स पर काम कर रहे थे। उन्होंने ने 19 अप्रैल 1930 को राकेट कार की टेस्ट ड्राइव की थी। यह कार लिक्विड से संचालित थी। एक माह बार इस कार के टेस्ट में विस्फोट हो गया।
-पैराशूट शूट (1912), खोजकर्ता- फ्रांज रिचेल्ट : ऑस्ट्रेलियन में जन्में फ्रैं…

इस वीर के तरकस में थे तीन ऐसे बाण जिससे भगवान कृष्ण को भी लगता था डर

सीकर. एक ऐसा महान योद्धा जिसकी वीरता एवं साहस के सामने पूरी दुनिया शीश झुकाती है। इस योद्धा ने अपनी वीरता के प्रमाण और वचन-वद्धता के लिए एक पल में अपना सर धर से अलग कर दिया था। इसी कारण इन्हें शीश के दानी के नाम से जाना गया। इस वीर के तरकश में थे तीन ऐसे बाण जिससे पल भर में पूरी दुनिया समाप्त हो सकती थी। इसके कारण देवता भी हो दहशत में थे। दहशत भी इतनी कि खुद श्रीकृष्ण को क्षल करने पर मजबूर होना पड़ा। आज कलयुग में इन्हे भगवान श्री कृष्ण  के अवतार के रूप में पूजा जाता है।  dainikbhaskar.com के धर्मयात्रा की इस कड़ी में हम आपको लेकर चल रहे हैं शेखावाटी के सीकर जिले में स्थित इस परम वीर के धाम जिसे खाटू धाम के नाम से जाना जाता है। इस वीर की महिमा का बखान करने वाले भक्त राजस्थान या भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया के कोने-कोने में मौजूद हैं। यह धाम सीकर से 65कि.मी. दूर खाटूश्यामजी गांव में स्थित है। सफेद मार्बल से बना यह प्राचीन मंदिर हिंदू भगवान, श्रीकृष्ण का अवतार मने जाने वाले खाटूश्याम को समर्पित है तथा, अनेक मजेदार कहानियों से जुड़ा है। इस मंदिर का वर्णन महान ग्रंथ ’महाभारत’ में भी किया …

केस करने वाली लड़की का नया आरोप- साधिकाओं को निर्वस्त्र कर नृत्य कराना चाहता था नारायण साईं

इंदौर/सूरत/गांधीनगर. नाबालिग के यौन उत्‍पीड़न के आरोपी आसाराम बापू और उसके बेटे नारायण साईं की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। गुरुवार को आसाराम के सूरत आश्रम में एफडीए टीम ने छापा मारा। एफडीए टीम ने आश्रम से सैंपल एकत्रित करके जांच के लिए भेज दिए हैं। माना जा रहा है ये सैंपल आसाराम की मुश्किलें और बढ़ा सकते हैं। गुजरात पुलिस आसाराम को गुजरात लाकर पूछताछ करना चाहती है। वहीं, नारायण साईं को पेश होने के लिए सूरत पुलिस ने नोटिस भेजा है। साईं, उनकी मां लक्ष्मी और बहन भारती अंडरग्राउंड हैं।  नारायण साईं पर दुष्कर्म के आरोप लगाने वाली सूरत की पीड़िता ने पुलिस को छह और लड़कियों के नाम बताए हैं। उसके मुताबिक इनसे भी नारायण ने दुष्कर्म किया। इनमें तीन लड़कियां इंदौर व तीन वडोदरा की हैं। दुष्कर्म मामले की पड़ताल में यह जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक पीड़िता साबरकांठा स्थित एक आश्रम की संचालक रही है। पीड़िता का कहना है कि नारायण साईं का इतना आतंक था कि साधिकाएं उसके खिलाफ कुछ नहीं बोल सकती थीं। उसका आरोप है कि उसके सामने देश के कई हिस्सों से लड़कियां लाई गई थीं। बाद में इन्हें क…

धरती के केंद्र में है यह चमत्कारी मंदिर, जानिए 10 रहस्यमयी बातें!

वाराणसी/मिर्जापुर. विंध्य पर्वत पर विराजमान आदि शक्ति माता विंध्यवासिनी की महिमा अपरम्पार है। भक्तों के कल्याण के लिए सिद्धपीठ विंध्याचल में सशरीर निवास करने वाली माता विंध्यवासिनी का धाम मणिद्वीप के नाम से विख्यात है। यहां आदि शक्ति माता विंध्यवासिनी अपने पूरे शरीर के साथ विराजमान हैं जबकि देश के अन्य शक्तिपीठों में सती के शरीर का एक-एक अंग गिरा है।  ऋषियों मुनियों के लिए सिद्धपीठ आदिकाल से सिद्धि पाने के लिए तपस्थली रहा है। संसार का एक मात्र ऐसा स्थल है जहां मां सत, रज, तम गुणों से युक्त महाकाली, महालक्ष्मी, और अष्टभुजा तीनों रूप में एक साथ विराजती हैं। मंदिर के तीर्थ पुरोहित कमला शंकर मिश्र ने बताया मां के इस दरबार से जुड़ी कई अनसुनी बाते हैं जो मां कि महिमा को बताती हैं। 
1- सिद्धपीठ विंध्याचल आदिकाल से ऋषि मुनियों का साधना स्थल रहा है। पृथ्वी के केंद्र बिंदु पर विराजमान आदि शक्ति के धाम में देव दानव व मानवों ने तपस्या कर सिद्धि प्राप्त की है। देवासुर संग्राम के दौरान त्रिदेवों ने तप कर देवी से वरदान प्राप्त किया था। आज भी देवी के गर्भ गृह से निकलने वाले जल से भरे कुण्ड में ब्रह्मा…

अब रोबोट ब्वॉय करेगा आपके काम

लंदन। वह दिन दूर नहीं जब बुजुर्ग और बीमार लोगों को अपने कामों के लिए किसी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी। वैज्ञानिक एक ऐसा रोबोट बनाने में जुटे हैं जो इंसान के रोजमर्रा के कामों में मदद कर सकेगा। इस रोबोट में कृत्रिम मांसपेशियां लगाई जाएंगी ताकि वह आसानी से चल फिर सके। यूनिवर्सिटी ऑफ ज्यूरिख के आर्टिफिशल इंटेलीजेंस लैब के इंजीनियरों के मुताबिक 1.2 मीटर लंबा यह रोबोट बच्चे की तरह दिखेगा। इसे रोबाय नाम दिया है। रोबोट में लगाई जाने वाली कृत्रिम शिराओं को नौ महीने में तैयार कर लिया जाएगा। रोबोट के हाथों को बनाने का काम पहले ही शुरू हो चुका है। इसकीत्वचा को नरम रखा जाएगा ताकि छूने में सहज महसूस हो। इसका अनावरण मार्च में ज्यूरिख में रोबोट ऑन टूर नामक कार्यक्रम में किया जाएगा। डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, शोधकर्ताओं ने उम्मीद जताई है कि रोबाय सर्विस रोबोट का ब्यू प्रिंट बनेगा। सर्विस रोबोट वह मशीन होती हैं जो कुछ हद तक मनुष्य के कामों को स्वतंत्रतापूर्वक करने में सक्षम होती हैं। शोधकर्ताओं ने कहा कि सर्विस रोबोट लोगों के साथ रहने की जगह को साझा करते हैं इसलिए इनका पर्यावरण के अनुकूल औ…

अजूबा है दो सिर वाला कछुआ

दुनिया में हर जीव की लगभग एक सी बनावट होती है। पर वही बनावट जब अलग हो जाती है तो वह वाकई में अजूबा होता है। पूरी दुनिया में इंसान से लेकर जानवर तक हर किसी का एक ही सर होता है और चार पांव जिसे हम इंसानों ने अपनी बुद्धि से दो पांव और दो हाथ बना लिए। पर सिर तो फिर भी जनाब हर किसी का एक ही होता है। अब अगर एक सिर की जगह दो सिर वाला इंसान तो छोड़ दीजिए, कोई भी जानवर, पक्षी भी आप देखेंगे तो अजूबा ही कहेंगे। पर कई बार ऐसे अजूबे प्यारे भी होते हैं। अमेरिक के टेक्सास में प्रकृति का एक ऐसा ही अजूबा आजकल लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। टेक्सास के सान एंटोनियो चिडि़याघर में 25 जून को एक दो सिर वाला कछुआ पैदा हुआ है। यह छोटा सा, प्यारा दो सिर वाला कछुआ अजूबा सा दिखने के साथ ही हर किसी को लुभा रहा है। लोग इसे देखने के लिए सान एंटोनियो चिडि़याघर आ रहे हैं। चिडि़याघर के कर्मचारियों ने इसका नाम थेल्मा और लुईस रखा है। अन्य कछुओं की तरह यह भी पानी और जमीन पर एक सा रह सकता है, चल सकता है और तैर भी सकता है। विशेषज्ञों ने इसे पूरी तरह स्वस्थ बताया है।sabhar : jagaran.com

राजस्थान में दो सिर वाला बच्चा

विज्ञान की दुनिया में हम हर चीज के वैज्ञानिक कारण ढूंढ़ते हैं पर कभी-कभी कुछ ऐसा घटता है जिसका वैज्ञानिक कारण ढूंढ़ना मुश्किल हो जाता है। प्रकृति में लगभग हर जीव की एक निश्चित संरचना है। जानवरों के चार पैर ही होते हैं, इंसानों के दो ही हाथ और दो पैर। पर जानवर हो या इंसान हर किसी का एक ही सिर होगा। फिर भी कभी-कभी प्रकृति के कुछ अजूबे दिख ही जाते हैं। हालांकि वह अजूबा न होकर आम जीवन में एक त्रासदी बन जाता है। राजस्थान के जयपुर में इसी तरह का एक अजूबा बच्चा पैदा हुआ है। हाथ पैरों के साथ ही इसके दो सिर हैं। राजस्थान के टोंक जिले में 24 जुलाई को इस बच्चे का जन्म हुआ है। डॉक्टरों के मुताबिक बच्चे के दो सिर होने के साथ ही रीढ़ की हड्डियां, तंत्रिका तंत्र भी दो हैं। डॉक्टरों के मुतबिक विज्ञान की दुनिया में भी ऐसे मामले अजूबे ही होते हैं जो बहुत कम, शायद ही कभी देखने को मिलते हैं। इस स्थिति को डॉक्टरी भाषा में डाइसेफैलिक पैरापैगस कहते हैं। पूरे विश्व में 500 सालों में अब तक मात्र 600 ऐसे बच्चे पैदा हुए हैं। भारत में यह दूसरा बच्चा है। इससे पहले ऐसा ही दो सिर वाला बच्चा जबलपुर में पैदा हुआ था …

दाढ़ी या खाने की प्लेट

शौक एक बड़ी चीज है। सजना भी शौक का एक हिस्सा है। औरतों के अपने शौक हैं आदमियों के अपने। पर आदमियों के शौक भी बड़े अजीब हैं। किसी को लंबी मूंछों का शौक है तो किसी को लंबी दाढ़ी का। कोई लड़कियों की तरह लंबे बाल रखता है तो कोई अपनी दाढ़ी से ट्रक-ट्रैक्टर ही खींच लेता है। सब शौक की बात है। पर कोई अपनी दाढ़ी के साथ कितने स्टाइल आजमा सकता है आप सोच भी नहीं सकते। जनाब सिर्फ शौक नहीं, दिमाग की भी बात है। इन जनाब को देखिए जिन्होंने दाढ़ी-मूंछों में ही अपना पूरा डाइनिंग टेबल और कप-प्लेट बना रखा है। इनका नाम है यशायाह वेब। इन्हें दाढ़ी रखने का बड़ा शौक है। पर इनकी दाढ़ी देखकर आप हैरान रह जाएंगे और आम आदमियों की तरह इनकी दाढ़ी देख आप नजर भी नहीं फेर पाएंगे। लड़के-लड़कियों को दोनों को ही आज स्टाइलिश्ड बाल रखने का बड़ा शौक है पर ये जनाब इन सबसे अलग हैं। इन्हें अपने दाढ़ी को स्टाइलिश बनाने का शौक है। इनके इसी शौक का नतीजा है कि आज इनकी दाढ़ी हर किसी के आकर्षण का केंद्र है। पर ऐसा किया क्या इन्होंने कि इनकी दाढ़ी इतनी चर्चा में है? दरअसल यशायाह वेब ने अपनी दाढ़ी को कुछ इस प्रकार बनाया है कि वे इसमें…

मां व मौसी ने ही कराया गैंगरेप

पानीपत, उपमुख्य संवाददाता। मां और मौसी ने कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिला एक नवविवाहिता को पांच दरिंदों के हवाले कर दिया। जींद में सामूहिक दुष्कर्म के दो दिन बाद पीड़िता को होश आया तो फोन पर मामले की जानकारी उसने पति को दी। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मां, मौसी सहित सात आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पढ़ें: पहले दोस्ती फिर शादी का झांसा देकर युवती से रेप
मामले के मुताबिक जींद की भटनागर कालोनी निवासी 25 वर्षीय सुष्मिता (परिवर्तित नाम) की शादी चार माह पूर्व पानीपत की बंसी कालोनी में हुई। उसकी यह दूसरी शादी है। 3 अक्टूबर की शाम वह सब्जी लेने आठ मरला चौक पर गई थी। इस दौरान मौसी ने फोन कर पूछा कि कहां हो? बताने पर कुछ देर बाद मौसी और मां कार लेकर चौक पर पहुंचीं और उसे अपने साथ जींद ले गई। सुष्मिता के मुताबिक मौसी ने उसे पीने को कोल्ड ड्रिंक दी। इससे उस पर बेहोशी छाने लगी। इसका फायदा उठाकर मौसी के घर में पांच लोगों ने उससे दुष्कर्म किया। 5 अक्टूबर को होश आने पर वह वहां से निकली और अपने पति को फोन किया। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को…

अमेरिका में टीचर ने कराया था न्यूड फोटोशूट, क्लास में बच्चे देख रहे हैं वीडियो

अमेरिका में एक हाई स्कूल स्पैनिश टीचर को उस समय शर्मिदगी उठानी पड़ी, जब उसका अतीत ही उसके सामने आ खड़ा हुआ। टेक्सास के डालास में टाउन व्यू मैग्नेट हाई स्कूल की स्पैनिश भाषा की 21 वर्षीय टीचर क्रिस्टी निकोल डिवासी ने तीन साल पहले प्ले ब्वॉय के मैगजीन के लिए न्यूड पोज दिए थे। उस समय वह मात्र 18 साल की थी, लेकिन अब तीन साल बाद उनका भेद खुल गया है। बच्चों के मां-बाप ने स्कूल से गुस्सा जाहिर करते हुए क्रिस्टी को निकाल देने का अल्टीमेटम दिया है।

क्रिस्टी ने सेक्सी पोज वाली तस्वीरें और वीडियो इन दिनों स्कूल के सभी छात्रों के बीच मशहूर हो रहे हैं। इसमें उनके सामने बिना कपड़े वाले पोज, विंटर बनी गीयर और लांजिरी पहने हुई तस्वीरें और लेस्बियन सेक्सी सीन ऑनलाइन मौजूद हैं। एक सेक्स वीडियो में क्रिस्टी से उसकी हॉबीज के बारे में पूछा जाता है तो वह बताती है हंटिंग और शूटिंग। आगे बताती है कि उसने पिछले साल की एक बतख को मारा है। फिर वह कहती है कि स्पेनिश पढ़ रही है। आगे वह स्पेनिश टीचर बनना चाहेगी।

एक मां-बाप का कहना है कि क्रिस्टी का प्लेब्वॉय में न्यूड फोटोशूट करना और फिर टीचर बन जाना उसके अतीत से छुटक…

दो अमेरिकी और एक जर्मन वैज्ञानिक को मिला चिकित्सा के क्षेत्र में नोबेल

स्टॉकहोम. चिकित्सा के क्षेत्र में वर्ष 2013 का प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार अमेरिकी वैज्ञानिक जेम्स रोथमैन, रैंडी डब्ल्यू शेकमैन और जर्मनी के वैज्ञानिक थॉमस श्यूडोफ को संयुक्त रूप से दिए जाने की सोमवार को घोषणा की गई। नोबेल फाउंडेशन ने पुरस्कारों की घोषणा करते हुए कहा कि इन्हें शरीर के अंदर कोशिकाओं के व्यवहार और संचार को नियमित करने वाली मशीनरी संबंधी खोज के लिए इस पुरस्कार के लिए चुना गया है। इन्होंने अपने शोध में बताया है कि हर कोशिका अपने आप में एक कारखाना है। यह कई तरह के अणुओं का उत्पादन करती है। इन्हें शरीर में एक जगह से दूसरी जगह भेजती है। जैसे इंसुलिन का रक्त में छोड़ा जाना या तंत्रिकाओं में सूचनाओं का प्रवाह। ये अणु शरीर में छोटे-छोटे पैकेटों के रूप में भेजे जाते हैं। इन्हें वेस्किल कहते हैं। तीनों वैज्ञानिकों ने उस सिद्धांत का पता लगाया है, जो इन वेसिकल्स के संचार को नियमित करता है और अणुओं को उनकी सही जगह पर पहुंचाता है।


अमेरिका के कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के रैंडी डब्ल्यू शेकमैन ने वेसिकल्स के संचार के लिए जरूरी जीन की खोज की है। अमेरिका के न्यू हेवन में येल विश्वविद्यालय के ज…

प्लेब्वॉय के कवर पेज पर इम्प्लॉइ की न्यूड फोटो देख बॉस ने ऐसे निकाला गुस्सा

मर्दों को मशहूर मैगजीन 'प्लेब्वॉय' के लिए पोज दे चुकी एक महिला ने अपने बॉस पर मुकदमा दायर कर दिया है। महिला के मुताबिक उसके बॉस ने पहले उसे मैगजीन में न्यूड फोटोशूट की इजाजत दी और तस्वीर छपने के बाद नौकरी से निकाल दिया। घटना अमेरिका के मिनेसोटा की है। बॉस की बेरुखी का शिकार हुई महिला का नाम जेसिका जेलिनस्के है और वह एक बच्चे की अविवाहित मां है।

33 वर्षीय जेसिका के मुताबिक उन्होंने अपने बॉस से मैन्स मैगजीन के फोटोशूट की इजाजत मांगी थी। 33 वर्षीय जेसिका की तस्वीर पिछले साल प्लेब्वॉय के 'हॉट हाउसवाइफ' इश्यू में प्रकाशित हुई थी। कवर पेज के लिए 400 मॉडल्स में से जेसिका को चुना गया था। लेकिन इश्यू मार्केट में आने के बाद 9 साल की बच्ची की मां जेसिका को नौकरी से निकाल दिया गया। वह मिनेसोटा की एक केबल कम्युनिकेशन कंपनी चार्टर कम्युनिकेशन में एडवर्टाइजिंग सेल्स एग्जीक्यूटिव की पोस्ट पर थीं।

जेसिका के बॉस टिमोथी मैकबीन के मुताबिक मैगजीन के कवर पेज पर उत्तेजक तस्वीर छपवाकर उन्होंने कंपनी के नियमों का उल्लंघन किया है।

कंपनी की ओर से भेज गए नोटिस में लिखा था, 'एक जानी-मानी मैगजीन क…

ऐसे ही नहीं कहलाते BIG B, करोड़ों नहीं अरबों की दौलत के हैं मालिक

11 अक्टूबर 2013 को बॉलीवुड के महानायक अमिताभ 71 साल के होने जा रहे हैं। बिग बी बॉलीवुड के शहंशाह हैं तो जाहिर है उनके पास भी धन-दौलत की कोई कमी नहीं होगी। अपनी प्रोडक्शन कंपनी एबीसीएल के जबरदस्त घाटे में जाने के बावजूद बिग बी की माली हालत काफी अच्छी है। आलीशान घरों, महंगी गाड़ियों और शानोशौकत की अमिताभ बच्चन की लाइफ में कोई कमी नहीं है। ऐसे में आज हम आपको बताते हैं कि आखिर कितनी संपत्ति के मालिक हैं बच्चन परिवार के मुखिया और उनकी पत्नी जया बच्चन।
सूत्रों की मानें तो बच्चन दंपति यानी अमिताभ बच्चन और उनकी पत्नी जया बच्चन कुल चार अरब 94 करोड़ 86 लाख 37 हजार 334 रुपए की संपत्ति के मालिक हैं। बच्चन दंपति के पास करोड़ 70 लाख 37 हजार 334 रुपए की चल संपत्ति है जबकि 150 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है।

चल संपत्तियों में अमिताभ बच्चन के पास 3 अरब, 61 लाख 7 हजार 311 रुपए की संपत्ति है, जबकि जया बच्चन 43 करोड़ नौ लाख 30 हजार 23 रुपए की चल संपत्तियों की मालकिन हैं।
अमिताभ के पास 6 करोड़ 32 लाख 26 हजार 554 रुपए की लग्जरी कारें हैं। जया के पास 30 लाख की टोयोटा लेक्सस सहित दो गाड़ियां है,जबकि अमिताभ के पा…

Real Look में कुछ ऐसे दिखाई देते हैं चंपक दादा, जानिए रोचक बातें...

‘अरे जेठिया, तुझमें तो अक्ल की एक बूंद भी नहीं.. अरे नहाए बगैर क्यों खाना खाने बैठ गया.. अरे बहू ये जेठिया कहां गया.. अरे टप्पू ने अपना लेशन किया कि नहीं..’ ये संवाद सुनते ही आपकी नजरों के सामने एक चेहरा तैरने लगा होगा। जी हां, आपने बिल्कुल ठीक समझा। हम चंपकलाल जयंतीलाल गडा यानी की अमित भट्ट की ही बात कर रहे हैं। लोकप्रिय टीवी धारावाहिक सीरियल ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में चंपकलाल ने एक अनोखी ही छाप छोड़ी है। सीरियल में बिल्कुल बूढ़े दिखाई देने वाले चंपक जोर-जोर से बोलते हुए और हाथ में लकड़ी लेकर ही चलते नजर आते हैं। यही अदा ही उनकी मुख्य पहचान बन गई है। सीरियल में हमेशा जेठा को डांटते हुए, टप्पू को लाड़ करते हुए और दयाभाभी को समझाइश देते बापूजी का रोल गुजराती कलाकार अमित भट्ट कर रहे हैं। 

मूल कच्छ के रहने वाले गुजराती कलाकार अमित भट्ट फिलहाल मुंबई में रहते हैं। परिवार में पत्नी के अलावा उनके दो जुड़वा बेटे भी हैं। ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ सीरियल में आने से पहले भी उन्होंने कई गुजराती नाटकों में काम किया है।आपको जानकर आश्चय्र होगा कि चंपक चाचा का रोल करने वाले अमित भट्ट की उम्र अ…