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September 29, 2013 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

मधुमेह रोगियों के लिए मददगार साबित होगा कृत्रिम पंप

सिडनी: ऑस्ट्रेलियाई चिकित्सकों ने मधुमेह-टाइप वन के रोगियों के लिए जोखिम और कोमा से बचने के लिए एक पंप तैयार किया है। ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में प्रिंसेज मार्गरेट हॉस्पिटल फॉर चिल्ड्रेन में इंडोक्रिनॉलॉजी विभाग के प्रमुख टिम जॉन्स और उनके दल ने आग्नाशय जैसा एक कृत्रिम पंप बनाया है, जो मधुमेह रोगियों में इंसुलिन पहुंचाता है और उसे रोकता है।

नया उपकरण रोगियों में घातक कोमा की पहचान कर सकता है और रक्त में सुगर का स्तर कम हो जाने पर इंसुलिन की आपूर्ति को रोकता है। जॉन्स ने बताया कि कुछ रोगी दिल की धड़कनें तेज होने और रक्त में ग्लूकोज की बूंदों के रूप में अस्थिरता जैसे लक्षण देखेंगे।

उन्होंने आगे कहा कि अन्य लोगों को कोई चेतावनी संकेत नहीं मिलता है। इस तकनीक पर फिर भी ज्यादा भरोसा है। 
जॉन्स ने बताया कि नया पंप रोगियों को हाइपोग्लाइसीमिया और रक्त में कम ग्लूकोज से बचाएगा। (एजेंसी)
sabhar :http://zeenews.india.com/

आसाराम पर अपनी दवाओं से नपुंसक बनाने का आरोप

नई दिल्ली : यौन उत्पीड़न मामले में जेल में बंद कथावाचक आसाराम की मुश्किलें दिनोंदिन बढ़ती जा रही हैं। आसाराम के सेवादारों ने उन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। आसाराम के एक पूर्व सेवादार शिवनाथ ने आरोप लगाया है कि आसाराम अपनी दावाओं से सेवादारों को नपुंसक बनाते हैं। शिवनाथ का कहना है कि दवा नपुंसक बनाने वाली एक तरह की जड़ी बूटी है।

दूसरी ओर आसाराम के एक अन्य सेवादार अजय कुमार ने भी ज़ी मीडिया से खास बातचीत में आसाराम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अजय कुमार का आरोप है कि आसाराम के आश्रमों की एक अलग दुनिया होती है और वहां तरह-तरह के ‘खेल खेले’ जाते हैं और इस बारे में जो कोई भी आवाज उठाता है, उसकी आवाज दबा दी जाती है।

अजय कुमार ने कहा कि आसाराम के आश्रम में स्वीमिंग पूल होता है और स्वीमिंग पूल में आसाराम महिलाओं के साथ स्नान करते हैं। अजय ने कहा कि उन्होंने एक बार स्वीमिंग पूल से एक महिला को बाहर आते देखा था। 

सेवादार अजय कुमार का आरोप है कि आसाराम के पुत्र नारायण साई भी अपने पिता के काले-करतूतों में भागीदार हैं। जबकि आसाराम के पूर्व सेवादार शिवनाथ का दावा है कि आसाराम जो दवा देते हैं, वह एक तरह की जड…

सोचे हुए को सुन पाना संभव

मस्तिष्क की कार्यप्रणाली का बड़ा भाग अभी भी वैज्ञानिकों के लिए पहेली बना हुआ है

अमरीका में वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उन्होंने मस्तिष्क से निकलने वाली तरंगों को पढ़ने की ओर पहला क़दम बढ़ा लिया है. इससे ये संभव हो सकेगा कि किसी व्यक्ति के कुछ बोलने से पहले ही ये जाना जा सकेगा कि वह क्या बोलने जा रहा है.
शोध के नतीजों से ये उम्मीद जागी है कि आने वाले दिनों में मस्तिष्क से संबंधित बीमारियों से परेशान लोगों के लिए या बोल पाने में अक्षम लोगों की बातें समझना आसान हो जाएगा.कैलिफ़ोर्निया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने मस्तिष्क में कुछ उपकरण लगाकर और एक कंप्यूटर प्रोग्राम की सहायता से ऐसा संभव कर दिखाया है. किसी विज्ञान कथा की तरह बीबीसी के विज्ञान संवाददाता जैसन पामर का कहना है कि ये किसी विज्ञान कथा की तरह है जिसमें आप किसी के विचारों को पढ़कर उन्हें सुन भी पा रहे हैं. यानी आप किसी व्यक्ति के मस्तिष्क से सीधे बात कर रहे हैं. उन्होंने ये उपकरण मस्तिष्क के उस हिस्से में लगाया था जो भाषा को लेकर जटिल विद्युतीय तरंगों के रूप में संकेत देता है. फिर इन तरंगों को कंप्यूटर की सहायता से ध्वनि तंरंगो…

क्या दिमाग़ पर क़ब्ज़ा संभव है?

इंसान के दिमाग़ पर नियंत्रण करना अब वैज्ञानिकों की कोरी कल्पना, या तंत्र-मंत्र की किताबों तक ही सीमित नहीं रहने वाला. वॉशिंगटन विश्वविद्यालय में किए गए एक शोध में इंटरनेट के माध्यम से एक वैज्ञानिक ने दूसरे वैज्ञानिक के दिमाग़ को नियंत्रित करके दिखाया है.
लेकिन कुछ कहते हैं कि अभी इस सबके बारे में कहना बहुत जल्दबाज़ी होगी.कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पता चल सकता है कि भविष्य में इंसानों के बीच संवाद कैसे होगा. प्रयोग वॉशिंगटन विश्वविद्यालय कैंपस में एक कंप्यूटर स्क्रीन के पास बैठे वैज्ञानिक राजेश राव अपने साथी वैज्ञानिक एंड्री स्टोको को संदेश देते हैं कि वह गोला दाग़ें. कैंपस के दूसरे छोर पर एक कीबोर्ड के सामने बैठे स्टोको न चाहते हुए भी कीबोर्ड का स्पेसबार दबा देते हैं. रावकी स्क्रीन पर गोला उड़कर रॉकेट को लगता हुआ दिखाई देता है. ख़ास बात यह है कि स्टोको को संदेश देने के लिए राव ने न ज़ुबान हिलाई न ही शरीर का कोई और अंग. उन्होंने स्टोको को संदेश अपने दिमाग़ से भेजा. यह घटना एक इंसान के किसी दूसरे इंसान के दिमाग़ पर नियंत्रण करने का पहला प्रमाण है. हालांकि शोधकर्ता इसे थोड़ा कम आ…

कुत्ते ने किया रक्तदान

न्यूजीलैंड। अगर आपसे कोई अचानक रक्तदान के लिए कहे तो क्या आप सहर्ष तैयार हो जायेंगे, ऐसे में ज्यादातर लोग तैयार नहीं होंगे। लेकिन हम इंसान एक कुत्ते से तो सीख ही सकते हैं। न्यूजीलैंड में एक लैब्रोडोर नस्ल के कुत्ते ने बिल्ली को बचाने के लिए रक्त दिया। आमतौर पर कुत्ते और बिल्ली के बीच कभी सामान्य रिश्ते नहीं देखे जाते हैं पर कुत्ते ने ऐसे समय में बिल्ली को खून दिया जब वो लगभग मरने ही वाली थी, पशु चिकित्सक का कहना है कि बिल्ली ने गलती से चूहे मारने की दवा खा ली थी, जिससे उसकी हालत एकदम खराब हो गयी थी। बिल्ली की मालकिन किम ने बताया कि रोरी (बिल्ली) की तबियत बिल्कुल बिगड़ती ही जा रही थी, हमारे पास बिल्कुल भी वक्त नहीं था कि हम एक बिल्ली का खून लें और उसे लैब में मैच करवाकर रोरी को दें तभी मैनें अपने दोस्त से बात की जिनके पास लैब्रोडोर प्रजाति का कुत्ता है। उस कुत्ते के रक्त को टेस्ट करके बिल्ली को चढ़ाया गया और बिल्ली ठीक हो गयी। sabhar : jagaran.com

42 साल पहले अंतरिक्ष में फटा था परमाणु बम, US की पोल खोलने वाले फैक्ट्स

इन दिनों अमेरिका शटडाउन है। सभी गैरजरूरी सरकारी संस्थान बंद कर दिए गए हैं। लाखों लोगों को बिना सैलरी दिए छुट्टी पर भेज दिया गया। सरकार के पास अपने खर्चे पूरे करने के लिए पैसा नहीं है। ऐसे दौर में अमेरिका जाने की बात सोचना भी मुश्किल है। एक दौर था, जब अमेरिकन ड्रीम का नारा युवाओं पर छाया रहता था। लोग वहां नौकरी और पढ़ाई करने के सपने देखते थे। लोगों को रेड इंडियंस की यह धरती स्वर्ग जैसी लगती थी। लेकिन मंदी की मार, आतंक के खिलाफ अघोषित युद्ध ने अमेरिका की कमर तोड़ दी। सरकार को अपने सरकारी संस्थान चलाने के बैलआउट पैकेज देने पड़े। विकास दर की गति काफी धीमी हो गई है। हालांकि इसमें कोई दोराय नहीं कि अमेरिका जल्द ही इन परेशानियों से उबर जाएगा। फिर भी चीन और भारत से मिल रही चुनौती से अगले कुछ दशकों में पार पाना मुश्किल होगा। विशेषज्ञों की राय में तीन दशकों में चीनी अर्थव्यवस्था अमेरिकी अर्थव्यवस्था को पछाड़ सकती है। अमेजिंग फैक्ट्स की इस सीरीज में हम आपको इस बार अमेरिका के कुछ दिलचस्प फैक्ट्स से रूबरू करवा रहे हैं.....
(FACT 1: 1962 में अमेरिका हाइड्रोजन बम अंतरिक्ष में फट गया था। यह हिरोशिमा प…

आज भले ही दिखती हैं 'हीरोइन', रोल मिलने से पहले इतनी बुरी थी इनकी हालत

बॉलीवुड में जितने भी एक्टर्स और एक्ट्रेसेस हैं, वो सभी अपनी फिल्मों के लिए बहुत मशक्कत करते हैं। वजन घटाने-बढ़ाने से लेकर लुक बदलने तक, सिक्स पैक बनाने से लेकर मोटापा दिखाने तक, बहुत सारी ऐसी चीजें हैं जिनके लिए इन स्टार्स को जूझना पड़ता है। लेकिन जब बात एक्ट्रेसेस की होती है तो ये समस्या कहीं ज्यादा बढ़ जाती है। दरअसल इन्हें हमेशा ही अपनी बॉडी और फिगर मेन्टेन करके रखना पड़ता है। अगर जरा सा भी वजन ज्यादा हो जाता है तो उनके लुक की बैंड बज जाती है। एक्ट्रेसेस के लिए तो यही कहा जा सकता है कि वजन घटाने के लिए इन्हें कोई प्रेरित करे ना करे, मूवी रोल्स जरूर प्रेरित करते हैं। फिल्मों में रोल पाने के लिए ये अपने साथ किसी भी हद तक एक्सपेरिमेंट कर सकती हैं। खबरें तो ये भी हैं कि मोहित सूरी की एक फिल्म के लिए विद्या बालन 12 किलो से ज्यादा वजन कम कर रही हैं। इस पैकेज के जरिए हम आपको बताएंगे फिल्म इंडस्ट्री की ऐसी ही एक्ट्रेसेस के बारे में, जो पहले तो बहुत मोटी थीं लेकिन फिल्मों के ऑफर की वजह से इन्होंने मेकओवर कर डाला। ऐश तो पहले से ही दुनिया की सबसे खूबसूरत महिलाओं की लिस्ट में शुमार थीं। लेकिन…

पति को 19 साल बाद पत्नी के पुरुष होने का पता चला

लंदन। बेल्जियम के 64 वर्षीय जेन शादी के उन्नीस साल बाद अपनी पत्नी से छुटकारा पाना चाहते हैं। इसकी वजह कुछ अजीब है। जेन को हाल में पता चला कि उनकी 48 वर्षीय पत्नी एक पुरुष है, जो बाद में लिंग परिवर्तित कर महिला बन गई थी। 'द टेलीग्राफ' की रिपोर्ट के मुताबिक जेन ने 1993 में मोनिका नाम की इंडोनेशियाई महिला से शादी की थी और उसे बेल्जियम ले आए थे। जेन कहते हैं, हमारे बीच आम पति-पत्नी की तरह सब ठीक चल रहा था। मुझे कभी इसका एहसास ही नहीं हुआ कि मेरी पत्नी एक पुरुष है। मुझे उसके अंदर पुरुष जैसे लक्षण कभी नहीं दिखे, यहां तक कि सेक्स के दौरान भी नहीं। मेरी पहली पत्नी से दो बच्चे थे, इसलिए हमने बच्चे पैदा न करने का फैसला किया था। अब जाकर मुझे पता चला कि असल में मोनिका मुझे इतने वर्षो से मूर्ख बना रही थी। जेन का कहना है कि वह अपनी पत्नी से अलग होना चाहते हैं और इसके लिए उन्होंने कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। sabhar :http://www.jagran.com

गंजेपन की दवा ने पुरुष को बना दिया औरत

लंदन। अमेरिका में एक शख्स ने दावा किया है कि गंजेपन के इलाज के लिए ली गई दवा से उसमें औरतों जैसे लक्षण विकसित हो गए हैं। ब्रिटिश अखबार डेली मेल में प्रकाशित खबर के अनुसार, एक बच्चे के पिता सॉफ्टवेयर इंजीनियर 38 वर्षीय विलियम मैकी ने बालों को उगाने के लिए 'प्रोपेसिया' नामक जेनरिक दवा लेनी शुरू की थी। नौ महीने तक दवा खाने के बावजूद उनके सिर में बाल तो नहीं बढ़े, लेकिन महिलाओं की तरह उनके स्तनों का आकार बढ़ गया और कूल्हे चौड़े हो गए। उन्होंने बताया कि गंजापन उन्हें आनुवांशिक रूप से है। उन्हें उम्मीद थी कि दवा से बाल बढ़ेंगे, लेकिन दवा कुछ और ही असर कर गई। उन्होंने बताया,'दवा लेने के कुछ महीनों बाद मुझे महसूस हुआ कि मेरे शरीर की बनावट बदल रही है। इसलिए मैंने महिलाओं के कपड़े पहनना शुरू किया और खुद का नाम मैंडी रख लिया।' सिलिकान वैली के पूर्व व्यवसायी ने दावा किया है कि नौ महीनों तक रोजाना दिन में एक गोली लेने के कारण उनके शरीर में हार्मोस का संतुलन बिगड़ गया और अब वह लिंग परिवर्तन कराने पर विचार कर रहे हैं। वहीं दवा निर्माता कंपनी मर्क के प्रवक्ता ने कहा कि प्रोपेसिया और …

यह दुर्लभ बीमारी इंसान को बना देती है जीवित बुत

लंदन। ऐसी दुर्लभ बीमारी के बारे में शायद ही आपने पढ़ा या सुना होगा जिसमें शरीर की मांसपेशियां धीरे-धीरे हड्डियों में तब्दील हो जाती हैं। यानी शरीर का वह हिस्सा पूरी तरह से गतिहीन हो जाता है या यूं कहें कि इंसान एक जीवित बुत में बदल जाता है। पढ़ें: शहरी महिलाओं को ज्यादा होती हैं दिल की बीमारियां इस लाइलाज और दुर्लभ बीमारी को फाइब्रोडिसप्लेसिया ओस्सिफिकांस प्रोग्रेसिव (एफओपी) या 'स्टोन मैन सिंड्रोम' के नाम से जाना जाता है। पूरी दुनिया में इससे सात सौ लोग पीड़ित हैं जिसमें से एक 31 वर्षीय एशले कुर्पिएल हैं। इस असाध्य बीमारी के कारण उनका एक पैर इसकी चपेट में आ चुका है। इसके बावजूद वह निराश नहीं हैं। वह तमाम तकलीफ और कठिनाइयों के बावजूद काफी जिंदादिल हैं। एशले का मानना है कि जब तक वह चलने फिरने में सक्षम हैं तब तक जिंदगी का पूरा लुत्फ उठाया जाए। अपनी इसी जिजीविषा के चलते वह अपना हर शौक पूरा करने के लिए हर समय उत्साहित रहती हैं। वह अपने मेकअप पर ही लाखों रुपये खर्च करती हैं। नवंबर में कैरेबियन क्रूज पर अपने दोस्तों के साथ सैर की भी योजना बना रखी हैं। एशले खुद को भाग्यशाली मानती है…

कृत्रिम मांसपेशियों से सुपरमैन बनेंगे रोबोट

सिंगापुर। वैज्ञानिकों ने ऐसी कृत्रिम मांसपेशियां तैयार की हैं जिससे रोबोट सुपरमैन की तरह ताकतवर बन सकेंगे। इस ताकत के दम पर वे अपने से अस्सी गुना ज्यादा वजन और पांच गुना बड़े आकार की वस्तु को उठाने में सक्षम हो जाएंगे। ये कृत्रिम मांसपेशियां नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर (एनयूएस) के इंजीनियरिंग फैकल्टी की एक शोध टीम ने विकसित की हैं। शोधकर्ताओं ने बताया कि इससे शक्तिशाली रोबोट के निर्माण का रास्ता प्रशस्त होगा। इन खास किस्म की मांसपेशियों में थोड़ी देर की चार्जिग से इतनी ज्यादा ऊर्जा इकट्ठी हो सकती है कि वह रोबोट की शक्ति कई गुना बढ़ाने में मददगार हो सकती है। मौजूदा समय में रोबोट अपने से आधा ही वजन उठा सकते हैं जो एक औसत मानव क्षमता के बराबर है। हालांकि कुछ लोग अपने से तीन गुना तक वजन उठाने की क्षमता भी रखते हैं। मुख्य शोधकर्ता डॉ. एड्रियन कोह ने बताया कि ये खास मांसपेशियां न केवल शक्तिशाली हैं बल्कि बेहद प्रतिक्रियाशील भी हैं। उन्होंने तीन से पांच साल के अंदर एक रोबोटिक हाथ विकसित करने का भरोसा जताते हुए कहा कि इसका वजन और आकार मानव हाथ की तुलना में आधा होगा। sabhar : jagaran.com

एक और छात्रा से एक सप्‍ताह तक दुष्‍कर्म करते रहे थे आसाराम! जोधपुर में दर्ज हुआ केस

इंदौर/जोधपुर. कथावाचक आसाराम बापू पर छाया संकट का साया और गहरा हो सकता है। उन पर एक और लड़की ने यौन उत्पीड़न का केस दर्ज कराया है। यह केस मेरठ के किला रोड स्थित एक कॉलोनी की लड़की ने जोधपुर में दर्ज कराया है। गुरुवार को जोधपुर की पुलिस इस सिलसिले में मेरठ गई थी।  जोधपुर के वेस्ट महिला थाने में दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक जोधपुर आश्रम में शिक्षा-दीक्षा के नाम पर आसाराम ने लड़की के साथ एक सप्ताह तक दुष्कर्म किया।  केस दर्ज कराने वाली लड़की मेरठ में निजी स्कूल में 11वीं में पढ़ती थी। लेकिन आसाराम के आश्रम में दी जाने वाली शिक्षा के प्रति आकर्षण के चलते वह जोधपुर गई थी। उसका परिवार आसाराम का भक्त है। लड़की के चाचा ने माना कि आसाराम के ज्यादातर कार्यक्रमों में उसका परिवार शरीक होता रहा है। लड़की के चाचा का यह भी कहना है कि आसाराम आश्रम के संचालकों ने उनके परिजनों को अगवा कर रखा है। 27 सितंबर से लड़की के पिता और पूरे परिवार का पता नहीं है। सभी सदस्यों के मोबाइल फोन भी बंद हैं।  यौनशोषण के आरोपों में जेल में बंद आसाराम के बेटे नारायण साईं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। नारायण पर धोखे से अपने शादीश…

स्वीमिंग पूल में एक लड़की के साथ निर्वस्त्र थे आसाराम’

अहमदाबाद। जोधपुर में अपनी की एक नाबालिग भक्त के साथ दुष्कर्म के आरोप में आसाराम इन दिनों जेल की हवा खा रहे हैं। इसके साथ ही अब रोजाना आसाराम से जुड़े कई विवादों का खुलासा हो रहा है। आसाराम के चेले शिवा, शिल्पी, आश्रम के वैद्यराज के बाद अब अहमदाबाद के मोटेरा आश्रम में रहने वाले अजय कुमार ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है।   एक इंटरव्यू में अजय ने बताया कि उन्होंने खुद आसाराम को आश्रम में बने स्वीमिंग पूल में एक महिला के साथ आपत्तिजनक अवस्था में देखा था।
अजय ने बताया कि अहमदाबाद स्थित मोटेरा आश्रम में एक आलीशान स्वीमिंग पूल भी है। यह स्वीमिंग पूल आसाराम की शांति कुटिया में स्थित है, जहां किसी भी व्यक्ति का प्रवेश निषेध है। जब भी आसाराम शांति कुटिया में होते हैं तो पहले ही आश्रम के सारे व्यक्तियों को इसकी सूचना दे दी जाती है, ताकि कोई गलती से भी शांति कुटिया में प्रवेश न करे।अजय बताते हैं कि यह स्वीमिंग पूल लग्जीरियस है और इसमें ब्लू कलर के महंगे टाइल्स लगे हुए हैं। जब भी आसाराम आश्रम में होते हैं तो उस दिन स्वीमिंग पूल को साफ पानी से भरा जाता है। अजय के अनुसार, स्वीमिंग पूल भरने की जिम्…

दुनिया का सबसे छोटा कुत्ता 3.8 इंच का

वाशिंगटन। शिंहुआहुआ प्रजाति का पाकेट साइज कुत्ता जिसका कद मात्र 3.8 इंच है, यह कुत्ता दुनिया का सबसे छोटा कुत्ता बन गया है। सिर्फ 500 ग्राम का मिरेकिल मिली नाम का ये कुत्ता अब गिनीज बुक ऑफ व‌र्ल्ड रिकार्ड में अपना नाम दर्ज करा चुका है। इस कुत्ते की मालकिन पोरटो रिको की विनेसा सेमलर हैं। दिसंबर 2011 में जन्मा ये कुत्ता तस्वीर खिंचवाते समय में अपनी नन्हीं से जुबान बाहर निकाल लेता है। विनेसा का कहना है कि वह तस्वीरें खिंचवाने में माहिर है। विनेसा कहती हैं कि मिरेकिल जन्म के समय इतना छोटा था कि एक चम्मच पर आ जाता था। उसके छोटे से मुंह से दूध पीना मुश्किल होता था। इसलिए उसे हर दो घंटे पर आइड्राप से दूध पिलाया जाता था। अब मिरेकिल मिली एक शिशु के पालने में सोता है और इंसान के हाथ का बना खाना ही खाता है। sabhar :jagaran.com

प्रधानमंत्री जो पांच हजार का ऋण नहीं चुका पाए

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। यह ऐसे प्रधानमंत्री हुए जिन्होंने 1965 में अपनी फीएट कार खरीदने के लिए पंजाब नेशनल बैंक से पांच हजार ऋण लिया था। मगर ऋण की एक किश्त भी नहीं चुका पाए। 1966 में देहांत हो जाने पर बैंक ने नोटिस भेजा तो उनकी पत्नी ने अपनी पेंशन के पैसे से कार के लिए लिया गया ऋण चुकाने का वायदा किया और फिर धीरे धीरे बैंक के पैसे अदा किए। हम बात कर रहे हैं प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की। उनकी पत्नी ललिता शास्त्री ने भी उनकी ईमानदार पूर्वक जिंदगी में उनका पूरा साथ दिया। शास्त्री की यह कार आज भी जनपथ स्थित उनकी कोठी [अब संग्रहालय] में आज भी मौजूद है। अब इस कोठी में लालबहादुर शास्त्री संग्रहालय बना दिया गया है। पढ़ें: शास्त्री का अस्थि कलश संग्रहालय में 'कैद' इस संग्रहालय में अनेक ऐसी चीजें प्रदर्शित की गई हैं। जो उनकी ईमानदारी को दर्शाती हैं। लोग यहां आकर उनकी सादगी और ईमानदारी भरी जिंदगी के बारे में जानकर भावुक हो जाते हैं। ऐसी एक घटना के बारे में बताना जरूरी हो जाता है। यह बात 1962 के करीब की है। उस समय शास्त्री जी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव थे। उस समय देश…

विकृत मानसिकता है हॉरर किलिंग`

वासिंद्र मिश्र
संपादक, ज़ी रीजनल चैनल्स

पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ इलाकों में अभी भी खाप पंचायतों का अहम रोल है। पिछले कुछ साल में खाप पंचायत की इमेज `तानाशाह` सरीखी हो गई है जो संस्कृति के नाम पर ऐसे फैसले देते हैं जिससे समाज का एक बड़ा वर्ग सहमत नहीं होता और ज्यादातर जगहों पर उसकी आलोचना की जाती है। बावजूद इसके, ना तो आम लोग, ना ही इन इलाकों के जनप्रतिनिधि खुलकर इसके विरोध में आते हैं। खाप की शुरुआत समाज में होने वाले आपसी छोटे-बड़े विवादों के निपटारे के लिए हुई थी। इससे गांव के लोगों को सालों-साल कोर्ट के चक्कर लगाने से छुटकारा मिल गया था। लिहाजा खाप पंचायतों का देश के कुछ हिस्सों में खासा रोल होता था, लेकिन अब इन पंचायतों से कई विवाद जुड़ गए हैं, खासकर प्रेमी जोड़ों को मार डालने के इनके फैसलों से। पहली बार 2007 में करनाल की एक खाप की तरफ से एक प्रेमी जोड़े को मार डालने के फरमान के बाद देश-विदेश में इस तरह की पंचायतों पर सवाल खड़े हो गए थे। तब से अब तक हॉरर किलिंग के कई मामले सामने आए हैं, ऐसा नहीं है कि सिर्फ किसी खाप पंचायत के फैसले के बाद इस तरह की घटन…