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शनिवार, 21 सितंबर 2013

कैसे चुनें मनपसंद लड़की, इन मामलों में आसाराम से भी चार कदम आगे था गद्दाफी

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कैसे चुनें मनपसंद लड़की, इन मामलों में आसाराम से भी चार कदम आगे था गद्दाफी
नाबालिग लड़की से दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार  संत आसाराम के हर दिन नया खुलासा सामने आ रहा है। उनके निजी सचिव ने आरोप लगाया है कि आसाराम सत्संग के दौरान  टॉर्च की रोशनी मारकर और या फल फेंक कर लड़कियों और महिलाओं का चुनाव करते थे। वह हमेशा 15 से 35 साल उम्र की लड़कियों और महिलाओं को शिकार बनाते थे। भारत के आसाराम की तरह ही लीबिया का तानाशाह भी लड़कियों को ऐसे ही चुनता था। 
 
यह दावा फ्रेंच पत्रकार एनिक कोजिन ने अपनी किताब 'प्रे: इन गद्दाफीज हरम' में किया है। इस किताब में गद्दाफी की सेक्स लाइफ से जुड़े कुछ अनछुए पहलुओं को उजागर किया गया है। अपनी ही जनता द्वारा मारा गया लीबिया का तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी सेक्स का भूखा भेड़िया था। वह नाबालिग लड़कियों के अलावा 13 साल से कम उम्र के लड़कों को भी अपनी हवस शिकार का बनाता था।
 
एक लड़की के हवाले से कोजिन लिखती हैं कि कैसे 15 वर्षीय लड़की सोराया (काल्पनिक नाम) को स्कूल से उठाकर गद्दाफी के बिस्तर तक पहुंचा दिया गया। सोराया ने बताया कि साल 2004 में गद्दाफी किसी कार्यक्रम में शिरकत करने उसके स्कूल आया था।
 
उसके स्वागत के लिए लड़की ने फूलों का गुलदस्ता भेंट किया। उसके गुलदस्ता देने से पहले ही पूर्व तानाशाह ने उसके सिर पर हाथ रख दिया, मानो वह किसी को इशारा कर रहा हो कि 'मुझे यह लड़की चाहिए।'

कैसे चुनें मनपसंद लड़की, इन मामलों में आसाराम से भी चार कदम आगे था गद्दाफी
लड़की ने बताया कि उसके अगले दिन यूनीफॉर्म पहने एक महिला उसकी मां के हेयर सैलून में आई और गद्दाफी के आदेश पर मुझे किसी रेगिस्तान की ओर ले गई। वहां महिला ने जांच के लिए उसके खून का नमूना और स्तन का माप लिया।इसके कुछ देर बाद लड़की नग्न अवस्था में लीबियाई तानाशाह कर्नल गद्दाफी के बेडरूम में थी। गद्दाफी ने उसका हाथ पकड़ा और उसे बगल में बैठने को कहा।
कैसे चुनें मनपसंद लड़की, इन मामलों में आसाराम से भी चार कदम आगे था गद्दाफी

सोराया ने बताया कि उस समय मुझे उसकी ओर देखने में भी डर लग रहा था। गद्दाफी ने लड़की से कहा कि वह उससे बिल्कुल न डरे, वह उसके पापा जैसा ही है। अगर वह चाहे तो वह उसका भाई या प्रेमी भी बन सकता है, क्योंकि अब उसे जिंदगीभर यहीं रहना है।
कैसे चुनें मनपसंद लड़की, इन मामलों में आसाराम से भी चार कदम आगे था गद्दाफी
शुरू में जब लड़की ने गद्दाफी की बातें नहीं मानी तो उसने एक महिला को उसे सुपुर्द करते हुए कहा कि पहले इसे कुछ सिखाओ, तब मेरे पास लेकर आना।
 
 
सोराया ने बताया कि वह पांच साल तक उसके यहां एक बलि के मेमने की तरह तड़पती थी। वह बार-बार उसका रेप करता,उसे मारता और कभी उस पर पेशाब तक कर देता था।
कैसे चुनें मनपसंद लड़की, इन मामलों में आसाराम से भी चार कदम आगे था गद्दाफी

कभी दूसरी लड़कियां भी वहां आ जाती थीं और गद्दाफी के साथ ओरल सेक्स में भागीदारी निभाती थी। इस बात पर वह सोराया को दूसरी लड़कियों से ये सब बातें सीखने की हिदायत देता था। उस पर पोर्न फिल्में देखने का दबाव भी बनाया जाता था।एक फ्रेंच न्यूजपेपर को दिए इंटरव्यू में कोजिन ने कहा कि इस किताब के लिए जानकारियां एकत्रित करना उनके लिए बड़ा कष्टदायक रहा है। उन्होंने कहा कि गद्दाफी बलात्कार को एक हथियार की तरह इस्तेमाल करता था। इससे वह महिलाओं पर आसानी से शासन कर सके और उन मर्दों पर भी, जिनके संरक्षण में महिलाएं रहती हैं।
 
गौरतलब है कि लीबिया का तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी 11 महीने पहले विद्रोहियों के हाथों मारा गया था।
 कैसे चुनें मनपसंद लड़की, इन मामलों में आसाराम से भी चार कदम आगे था गद्दाफी
एक तरफ जहां दुनिया के सबसे प्रभावशाली लोग अपनी सुरक्षा के लिए खतरनाक सुरक्षा गार्डों को तैनात करते थे, लीबिया का तानाशाह गद्दाफी अपनी सुरक्षा के लिए महिला बॉडीगार्ड्स पर भरोसा करता था। इन्हें अमेजोनियन गर्ल्स तो कभी रिवोल्यूशनरी नन कह कर भी बुलाया जाता था। यह सभी महिला बॉडी गार्ड्स वर्जिन होती थीं। इन्हें ओहदा देने से पहले इनका कौमार्य परीक्षण किया जाता था।

महिलाओं के हाथ में अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी देना वाला गद्दाफी हमेशा कहता था कि ऐसा करके वह महिलाओं पर सशक्त बना रहा है। बकौल गद्दाफी, सभी लड़कियों को लड़ाई की ट्रेनिंग लेनी चाहिए। इससे दुश्मन उन्हें कमजोर समझने की भूल नहीं करेगा।
कैसे चुनें मनपसंद लड़की, इन मामलों में आसाराम से भी चार कदम आगे था गद्दाफी

सभी महिला गार्ड्स को पेशेवर हत्या करने की ट्रेनिंग दी जाती थी। सभी का चुनाव तानाशाह खुद करता था। ड्यूटी के दौरान सभी को लिपस्टिक, नेल पॉलिश, ज्वैलरी और हाई हील सैंडल पहनना अनिवार्य था।

कैसे चुनें मनपसंद लड़की, इन मामलों में आसाराम से भी चार कदम आगे था गद्दाफी

सभी लड़कियों को भगवान की कसम खिलाई जाती थी कि वे गद्दाफी के लिए जान दे देंगी। चाहे दिन हो रात, वे तानाशाह का साथ कभी नहीं छोड़ेंगी।
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1998 में गद्दाफी के काफिले पर इस्लामिक कट्टरपंथियों द्वारा घात लगाकर किए गए एक हमले में एक महिला अंगरक्षक की मौत हो गई और सात बुरी तरह घायल हो गई। कहा जाता है कि मरी हुई बॉडीगार्ड को तानाशाह सबसे ज्यादा चाहते थे, क्योंकि उसने गद्दाफी को पीछे धकेलते हुए सारी गोलियां अपने शरीर पर झेल ली थी।
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42 साल के गद्दाफी के शासनकाल में न जाने कितनी बॉडीगार्ड्स आईं और गई। सभी को एक ही कसम दिलाई जाती थी कि उन्हें गद्दाफी के लिए मरना है। आप इसे महिलाओं के लिए दुनिया की सबसे खतरनाक नौकरी मान सकते हैं, जिसमें खूबसूरती के लिए बॉडीगार्ड्स का चुनाव नहीं किया जाता था।

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 sabhar : bhaskar.com

 
 




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अमेरिका की चकाचौंध का नंगा सच, गंदे नालों में कुछ यूं बिता रहे हैं जिंदगी

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अमेरिका की चकाचौंध का नंगा सच, गंदे नालों में कुछ यूं बिता रहे हैं जिंदगी

लास वेगास अपनी रोशनी के लिए दुनिया में मशहूर है। मगर इस चकाचौंध के पीछे कुछ लोग अंधेरे में जीवन बिता रहे हैं। यहां की 200 मील लंबी अंडरग्राउंड फ्लड टनल्स, अब करीब एक हजार लोगों का घर बन चुकी है। इनमें रहने वाले लोग वे हैं जो अपना सब कुछ जुआं खेलते हुए गंवा चुके हैं। इनके पास न छत बची है न पैसे।
इनमें से कुछ लोग दिन के वक्त काम भी करते हैं। ये लोगों द्वारा डंप किये हुए डबल बेड और सोफा लगाकर इस अंधेरी सुरंग को रहने लायक बना चुके हैं। किसी ने कारपेट लगाया तो किसी ने दीवार पर ग्राफिटी बना ली है। यहां साधारण जिंदगी बसर कर रहे इन लोगों पर फिल्म भी बन चुकी है। इस पर ओ ब्रायन ने ‘बीनीथ द नियोन’ नामक एक किताब भी लिखी है।  
अमेरिका की चकाचौंध का नंगा सच, गंदे नालों में कुछ यूं बिता रहे हैं जिंदगी

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अमेरिका की चकाचौंध का नंगा सच, गंदे नालों में कुछ यूं बिता रहे हैं जिंदगी

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ताबूत से निकली और किचन में खाना बनाने लगी DEAD दादी

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SCARY: ताबूत से निकली और किचन में खाना बनाने लगी DEAD दादी

पौराणिक काल की एक कहानी में नचिकेता और यमराज का प्रसंग मिलता है। कथा के मुताबिक, ऋषि बाजश्रवा ने अपने पुत्र नचिकेता को गुस्से में यमराज को सौंप दिया। यमराज ने नचिकेता को यमलोक से जाने के लिए कहा, लेकिन नचिकेता ने जाने से मना किया। नचिकेता ने यमराज से तीन वर मांगे, जिसमें एक वरदान में उन्होंने पूछा कि इंसान की मृत्यु क्यों होती है। इस कठिन सवाल का जवाब भी यमराज नहीं देना चाहते थे, लेकिन बालक नचिकेता की जिद करने पर उन्होंने यह गूढ़ रहस्य खोला।

पौराणिक काल की यह कहानी मौत के बाद इंसान की मृत्युलोक पर वापसी की कोई राह नहीं दिखाती है। जो जन्मा है वह एक दिन जरूर मरेगा। बाइबल में ईसा मसीह अपनी मौत के दो दिन बाद दोबारा जी उठे थे। लोगों का कहना है कि वे ईश्वर के पुत्र थे ना कि कोई आम इंसान। इसके बावजूद हमारे आसपास कुछ ऐसी घटनाएं देखने और सुनने को मिलती हैं, जिसमें कई लोग मरने के बाद पुन: जी उठे।

हाल ही में एक वेबसाइट ने दस ऐसी कहानियों की सूची जारी की है। इसमें इंसान मरने के बाद फिर से जिंदा हो गया। कई मामले ऐसे थे, जिनमें मृत व्यक्ति अंतिम संस्कार के आखिरी पलों में जी उठा। आइए नजर डालते हैं ऐसी ही कुछ कहानियों पर..

SCARY: ताबूत से निकली और किचन में खाना बनाने लगी DEAD दादी

कोई भी नहीं चाहेगा कि जब वह किचन में जाए तो उसकी मृत दादी खाना बनाती दिखे। दरअसल एक चीनी परिवार के साथ कुछ ऐसा ही वाकया हुआ, जब ली जियूफेंग अपनी मौत के छह दिन बाद अपने ताबूत बाहर निकल आईं। जियूफेंग 95 वर्ष की उम्र में अपने बेडरूम में मृत पाई गईं थीं।

सिर में चोट लगने से जियूफेंग की मौत हुई थी। अंतिम संस्कार से एक दिन पहले घरवाले उस वक्त दंग रह गए, जब उन्हें ताबूत से लाश गायब मिली। गायब लाश को ढूंढते हुए घरवाले और रिश्तेदार किचन में पहुंचे, तो वहां जियूफिंग स्टूल पर खड़े होकर खाना बना रही थीं।

बाद में जियूफिंग ने घरवालों को बताया, "मैं लंबे समय के लिए सो गई थी। जागने के बाद मुझे काफी भूख लग रही, तो मैं किचन में खाना बनाने लगी।" 

SCARY: ताबूत से निकली और किचन में खाना बनाने लगी DEAD दादी

जिम्बाब्वे में एक वेश्या अपने क्लाइंट के साथ सेक्स करते हुए मर गई, लेकिन ताबूत में रखने के दौरान वह जीवित हो उठी। यह घटना बुलावायो की है। दरअसल वेश्यावृत्ति करने वाली यह महिला मेनर होटल में अपने क्लाइंट के साथ सेक्स कर रही थी और तभी उसकी मौत हो गई। इस घटना से सहमे क्लाइंट ने पुलिस को फोन किया। कुछ ही देर में चिकित्सकों की एक टीम वहां पहुंची और लाश को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने लगी। लेकिन जैसे ही वे मृत महिला को ताबूत में रखने लगे, महिला जीवित हो उठी। स्थानीय न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक जीवित होते ही महिला चिल्लाने लगी। वह कह रही थी, "तुम मुझे मारना चाहते हो...तुम मुझे मारना चाहते हो।"

एक प्रत्यक्षदर्शी ने बुलावायो 24न्यूज को बताया, "यह घटना पूरी फिल्मी थी। लोग अलग-अलग दिशा में भाग रहे थे। यह बहुत ही डरावना दृश्य था क्योंकि सभी को यकीन हो चुका था कि वह मर चुकी है। निश्चित ही चमत्कार हुआ था।

SCARY: ताबूत से निकली और किचन में खाना बनाने लगी DEAD दादी

एक महिला दो बार मरने के बाद भी जीवित हो उठी। रूस में रहने वाली 61 वर्षीय ल्यूमिला को डॉक्टरों द्वारा दो बार मृत घोषित किया गया था, लेकिन हर बार उन्होंने मौत को मात दे दी। ल्यूमिला स्टेब्लिस्काया इस दौरान तीन दिनों तक शून्य से कम तापमान वाले मुर्दाघर में लाशों के बीच रहीं।
 SCARY: ताबूत से निकली और किचन में खाना बनाने लगी DEAD दादी
दक्षिण अफ्रीका का एक मृत व्यक्ति उस समय जी उठा, जब उसे मुर्दाघर के फ्रिज में रखा गया था। इस व्यक्ति की मौत अस्थमा के कारण हुई थी और 21 घंटे बाद वह फिर से जी उठा।

मुर्दाघर के मालिक अयांडा मकोलो के मुताबिक उन्होंने एक परिवार की सूचना के बाद मृतक की लाश लेने के लिए स्टाफ को भेजा। एक दिन बाद जब उनके स्टाफ ने लाश को फ्रीजर में रखा, तो उसमें से किसी के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी।

अयांडा ने इस घटना के बारे में बताया, "मुझे इस घटना पर विश्वास नहीं होता। मैं भी डर गया था, लेकिन वहां मेरे स्टाफ मेंबर्स मौजूद थे और उनके सामने मुझे निडर बने रहना था। मैंने पुलिस को बुलाया। जैसे ही पुलिस आई तो हमने एक साथ जाकर फ्रीजर खोला। उसमें से लाश की जगह जीवित व्यक्ति निकला।"

बाद में उसे नजदीकी अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टर्स ने उसकी स्थिति सामान्य बताई।
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लुज मिलाग्रोस - एक नाम जिसका हिंदी में मतलब है, 'चमत्कारी रोशनी'। यह एक साल की बच्ची का नाम है, जिसकी कहानी अनोखी है। समय से तीन महीने पहले पैदा हुई इस बच्ची में जीवित होने का कोई भी लक्षण नहीं था। पैदा होते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित करके मुर्दाघर भेज दिया। तकरीबन 12 घंटे बाद ताबूत के अंदर से बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। वह बर्फ की तरह ठंडी, लेकिन ज़िंदा थी। बाद में इस बच्ची के माता-पिता ने उसका नाम लुज मिलाग्रोस रखा।
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एक महिला, जिसे मृत घोषित कर दिया गया था, जब उसे प्लास्टिक में लपेटकर मुर्दाघर में भेजा गया, तो वह उसकी सांसें चलने लगीं। खबरों के मुताबिक, ब्राजील में रहने वाली 60 वर्षीय इस महिला की पल्मोनरी इन्फेक्शन के कारण एक अस्पताल में मौत हो गई। मौत के बाद उसे प्लास्टिक बैग में लपेटकर मुर्दाघर भेज दिया गया। लेकिन जब उसकी बेटी रोसनगेला कैलेस्ट्रीनो अपनी मां को आखिरी आलिंगन देने पहुंची, तब आश्चर्यचकित करने वाली घटना घटी। अचानक महिला ज़िंदा हो उठी। शुरुआत में डॉक्टरों को यकीन नहीं हुआ, लेकिन बाद में उन्हें मालूम चला कि महिला पूरी तरह मृत नहीं हुई थी। डॉक्टरों ने तुरंत उसे मुर्दाघर से निकालकर लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा।
SCARY: ताबूत से निकली और किचन में खाना बनाने लगी DEAD दादी

ब्राजील के उत्तरी बेलेम इलाके में एक दो साल के बच्चे केल्विन को निमोनिया हो गया था। इलाज के लिए बच्चे को अस्पताल ले जाया गया जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया| उसका मृत शरीर लेकर परिजन वापस आ गए| जब उसे अंतिम संस्कार के लिए ताबूत पर लिटाया गया तभी अचानक वह उठ बैठा और अपने पिता से पानी मांगने लगा यह देख वहां मौजूद लोगों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी, लेकिन कुछ देर बाद यह खुशी फिर से गम में बदल गई| केल्विन दुबारा ताबूत पर लेट गया और फिर से मर गया।

केल्विन के पिता एंटोनियो ने कहा, "जब केल्विन ताबूत पर उठकर बैठा तो हमें लगा कि भगवान की दुआ से हमें बेटा वापस मिल गया। मुझसे पानी भी मांगा। हम बहुत खुश थे, लेकिन तभी वह वापस लेट गया और उसकी सांसें बंद हो गईं। थोड़ी देर तक तो इंतज़ार करते रहे लेकिन वह दोबारा नहीं उठा। इसके बाद एंटोनियो अपने बेटे को लेकर फिर अस्पताल गए, जहां डॉक्टरों ने कहा कि उसकी सांसे अब पूरी तरह बंद हो चुकी हैं। बाद में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।" यह पिछले साल की घटना है।

SCARY: ताबूत से निकली और किचन में खाना बनाने लगी DEAD दादी

49 वर्षीय फिगिल्यू मुखाफेज्यानोव को डॉक्टरों ने ग़लती से मृत घोषित कर दिया था। लेकिन कुछ ही घंटों में वह फिर से जी उठी। यह जानकर फिगिल्यू चिल्लाने लगी कि उसके रिश्तेदार कुछ ही देर में उसे जलाने वाले थे। रूस के कजन में रहने वाली इस महिला को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इस बार वाकई में उसकी मौत हो गई थी।
SCARY: ताबूत से निकली और किचन में खाना बनाने लगी DEAD दादी

पश्चिमी वर्जीनिया में रहने वाली वाल थॉमस को डॉक्टर्स चमत्कार कहते हैं। डॉक्टरों को भी यकीन नहीं है कि वह जीवित कैसे है। थॉमस को दो बार दिल का दौरा आया 17 घंटों तक उसका ब्रेन डेड रहा। उसकी पल्स भी पूरी तरह रुक चुकी थी। थॉमस को अस्पताल लाया गया, जहां उसे एक खास लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया। इस मेडिकल सिस्टम में हाइपोथर्मिया के मरीज को रखा जाता है। 24 घंटों तक थॉमस के शरीर को गर्मी पहुंचाई गई। लेकिन इसके बावजूद उसके शरीर में कोई बदलाव नहीं हुए। जब थॉमस के घरवाले उसे मुर्दाघर ले जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी वह जीवित हो उठी और बातें करने लगी।

SCARY: ताबूत से निकली और किचन में खाना बनाने लगी DEAD दादी

जिम्बाब्वे निवासी 34 वर्षीय ब्रिटन डामा जेंथ भी मौत के बाद जीवित हो उठे थे। sabhar : bhaskar.com

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डॉक्‍टर का अदभुत कारनामा: फिर से उगाई कटी हुई उंगली

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डॉक्‍टर का अदभुत कारनामा: फिर से उगाई कटी हुई उंगली

डेलरे बीच (मायामी) : अमेरिका के फ्लोरिडा प्रांत के सुदूर दक्षिणी महानगर मायामी के डेरले बीच में एक चिकित्सक ने चिकित्सा के क्षेत्र में अनोखा कारनामा कर दिखाया है। चिकित्सक यूगेनियो रॉड्रिग्ज ने एक अनोखी पद्धति का उपयोग कर एक मनुष्य के हाथ की कट गई उंगली को फिर से सफलतापूर्वक उगा दिया। 

एक अमेरिकी समाचार चैनल ने रॉड्रिग्ज के हवाले से बताया कि 33 वर्षीय पॉल हेल्पर्न अपनी कटी हुई उंगली एक चैन लगे पॉलीथीन में रखकर उनके पास उपचार के लिए आया। हेल्पर्न की बीमा कंपनी चाहती थी कि उसकी बची हुई उंगली भी काट दी जाए, जबकि रॉड्रिग्ज उसकी उंगली फिर से उगाने के लिए एक नई पद्धति का इस्तेमाल करना चाहते थे। 

अपने घोड़े को खाना खिलाते हुए हेल्पर्न के घोड़े ने उनकी उंगली ही चबा ली थी। रॉड्रिग्ज ने बताया कि हेल्पर्न जल्द से जल्द से अपनी उंगली का उपचार चाहता था। रॉड्रिग्ज ने बिना किसी चीरफाड़ के हेल्पर्न की उंगली को फिर से उगाने की बात कही। 

रॉड्रिग्ज ने बताया कि वास्तव में इस पद्धति का इससे पहले कभी प्रयोग नहीं किया गया। रॉड्रिग्ज ने सुअर के मूत्राशय के ऊतकों के इस्तेमाल से हेल्पर्न की कटी हुई उंगली का नमूना तैयार किया और उसे हेल्पर्न की उंगली के कटे हिस्से पर जोड़ दिया। रॉड्रिग्ज बताते हैं कि यह बहुत प्रभावी साबित हुआ। उन्होंने बताया कि उंगली की कोशिकाएं, हड्डियां, नर्म ऊतक और यहां तक नाखून भी अपने पहले वाले स्वरूप में विकसित हो गए। किसी रोगी को ठीक होते देखना वास्तव में बहुत अच्छा लगता है। जख्मों का उपचार करना मेरा जुनून है। उपचार के दौरान नए परिणाम देखना बेहद लुभावना होता है। 

हेल्पर्न ने कहा कि मैं इसके लिए बेहद शुक्रगुजार हूं। यह अद्भुत है। मुझे लगता है कि भविष्य में इस तकनीक के कई अन्य प्रयोग भी हो सकते हैं। (एजेंसी) sabhar :http://zeenews.india.com/

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अपने ही ख़िलाफ़ सीबीआई जांच की मांग!

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सुनिल कुमार

छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव सुनिल कुमार ने अपने ही ख़िलाफ़ सीबीआई जांच की मांग की है. उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह को इस आशय का पत्र लिखा है.
सुनिल कुमार के इस पत्र की राजनीतिक और प्रशासनिक महकमे में ख़ूब चर्चा है.
असल में कोरबा के एक राजनीतिक कार्यकर्ता ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव सुनिल कुमार, अपर मुख्य सचिव डीएस मिश्रा और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान की प्रबंध संचालक रहीं आर संगीता के ख़िलाफ़ कथित भ्रष्टाचार की शिकायत की थी.
केंद्र के मुख्य सतर्कता आयुक्त से की गई इस शिकायत में आरोप लगाया गया था कि राज्य में फ़र्नीचर और क्लिक करेंसाइकिल की ख़रीदारी में कथित रुप से घोटाला हुआ है.
शिकायत में इन अफ़सरों पर उन सामानों को अधिक क़ीमत पर ख़रीदने के आरोप लगाए गए थे.
अब इस शिकायत को लेकर राज्य के मुख्य सचिव सुनिल कुमार ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर कहा है कि वे राज्य के सर्वोच्च प्रशासनिक पद पर बैठे हैं, ऐसे में उनके ख़िलाफ़ की गई शिकायत की जांच ठीक से नहीं हो पाएगी.
सुनिल कुमार
राज्य के कम से कम 11 आईएएस अफसरों के खिलाफ पहले से ही शिकायतें रही हैं और उनके मामलों की जांच चल रही है
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में उनके ख़िलाफ़ की गई शिकायत की जांच सीबीआई से करवाना उचित होगा.

जाँच और शिकायतें

सुनिल कुमार ने कहा कि व्यक्तिगत रूप से उनका मानना है कि जिन योजनाओं में आर्थिक मदद केन्द्र सरकार से की जाती है, उनमें गड़बड़ी एवं भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच सीबीआई द्वारा ही होनी चाहिए.
केंद्र और राज्य में प्रमुख पदों पर काम कर चुके 1979 बैच के आईएएस सुनिल कुमार अगले साल फ़रवरी में सेवानिवृत होंगे. उन्हें पिछले साल फ़रवरी में क्लिक करेंछत्तीसगढ़ का मुख्य सचिव बनाया गया था.
मुख्य सचिव सुनिल कुमार ने ऐसे समय में मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है, जब राज्य में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं.
"व्यक्तिगत रूप से मेरा यह मानना है कि जिन योजनाओं का वित्त पोषण केन्द्र सरकार द्वारा किया जाता है, उनमें गड़बड़ी एवं भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच सीबीआई द्वारा ही होनी चाहिए"
सुनिल कुमार
राज्य के कम से कम 11 आईएएस अफ़सरों के ख़िलाफ़ पहले से ही शिकायतें रही हैं और उनके मामलों की जांच चल रही है.
माना जा रहा है कि अगर सरकार ने क्लिक करेंसीबीआईजांच की अनुशंसा नहीं की तो विपक्ष इसे मुद्दा बना सकता है.
दूसरी ओर सीबीआई की जांच होने की स्थिति में भी विपक्षी दलों के लिए यह चुनावी मुद्दा बनेगा ही.

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रवक्ता शैलेष नितिन त्रिवेदी कहते हैं, “राज्य के मुख्य सचिव ने जो रास्ता अपनाया है, वही रास्ता मुख्यमंत्री रमन सिंह और उनके मंत्रीमंडल के दूसरे सदस्यों को भी अपनाना चाहिए, जिनके ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के जाने कितने आरोप हैं. इन सबको अपने ख़िलाफ़ सीबीआई जांच की अनुशंसा करनी चाहिए.” sabhar : www.bbc.co.uk

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ट्यूनीशिया के लिए बड़ी समस्‍या बनीं सीरिया में 'सेक्स जिहाद' करने वाली लड़कियां

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ट्यूनीशिया के लिए बड़ी समस्‍या बनीं सीरिया में 'सेक्स जिहाद' करने वाली लड़कियां

गृहयुद्ध की आग में झुलस रहे सीरिया में अब सेक्स जिहाद ने भी जोर पकड़ लिया है। पड़ोसी देश ट्यूनीशिया की लड़कियां और महिलाएं लड़ाकों की सेक्स जरूरत को पूरा करने के लिए सीरिया जा रही हैं। यह चौंकाने वाला खुलासा ट्यूनीशिया सरकार के गृहमंत्री लोफी बेन ने किया है। उन्होंने नेशनल असेंबली के सदस्यों को बताया कि सीरिया में विद्रोहियों को यौन सुख देने के बाद ट्यूनीशियाई महिलाएं वापस गर्भवती होकर मुल्क लौट आती हैं। एक महिला 20, 30 और 100 मर्दो के साथ सेक्स संबंध बनाती है। इस काम को 'जिहाद अल-निकाह' (सेक्शुअल होली वॉर) के नाम पर वैध करार देने की कोशिश की जा रही है। 
 
जिहाद अल-निकाह किसी भी महिला को विवाहेत्तर यौन संबंध बनाने और कई पार्टनर के साथ सोने की छूट देता है। हैरानी की बात है कि सुन्नी कट्टरपंथी मुस्लिमों ने भी इसे पवित्र युद्ध के रूप में इजाजत दे दी है। ऐसी कितनी महिलाएं सीरिया में इस मिशन में लगी हुईं हैं, इसका मंत्री बेन ने खुलासा नहीं किया। लेकिन मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, करीब 100 महिलाएं सीरिया में अपनी सेवाएं दे रही हैं। 

ट्यूनीशिया के लिए बड़ी समस्‍या बनीं सीरिया में 'सेक्स जिहाद' करने वाली लड़कियां

मंत्री बेन ने खुलासा किया कि मार्च के उनके मंत्री बनने के बाद से करीब 6 हजार ट्यूनीशियाई युवाओं को सीरिया में विद्रोहियों के साथ लड़ने के लिए रोका है। इसके लिए देश की सीमा पर ज्यादा सुरक्षा बढ़ाई गई है। इस साल की शुरुआत में ट्यूनीशिया की लड़कियों का संगठन उत्तरी सीरिया के दौरे पर गया था। उन्होंने वहां खुद को विद्रोहियों के हाथों में सौंप दिया।
ट्यूनीशिया के लिए बड़ी समस्‍या बनीं सीरिया में 'सेक्स जिहाद' करने वाली लड़कियां

ट्यूनीशिया सरकार की तब नींद टूटी, जब इंटरनेट पर मुस्लिम महिलाओं के सेक्स जिहाद का फतवा जारी किया गया था और इसे धर्म का काम बताया गया था। धार्मिक मामलों के मंत्री ने ट्यूनीशियाई लड़कियों से अपील की है कि वे किसी भी इस्लामिक मौलवी की बातों में न आएं, जो इस तरह के सेक्शुअल फतवे जारी कर रहे हैं। एक ट्यूनीशिया अखबार में छपी खबर के मुताबिक, एक पति ने अपनी पत्नी को तलाक दिया और दोनों सीरिया जाकर विद्रोहियों के साथ मिल गए। पति ने पत्नी को मुजाहिदीनों के साथ यौन संबंध बनाने की छूट दे रखी है। 

ट्यूनीशिया के लिए बड़ी समस्‍या बनीं सीरिया में 'सेक्स जिहाद' करने वाली लड़कियां

खबर में यह भी बताया गया कि पिछले दिनों से इंटरनेट और सोशल नेटवर्किग साइट पर वीडियो प्रसारित किया जा रहा है, जिसमें एक माता-पिता अपनी 17 वर्षीय बेटी राहमाह को दिखा रहे हैं। वे बताते हैं कि एक सुबह उनकी बेटी अचानक गायब हो गई। एक दिन पता चला कि वह सीरिया में सेक्स जिहाद मिशन पर है।
 लड़की कुछ दिनों बाद वापस घर लौट आई थी। मां-बाप ने बताया कि उनकी बेटी धार्मिक कट्टरपंथ के प्रभाव में नहीं है, लेकिन वह अपने साथी स्टूडेंट के बातों में आ गई, जो पहले से ही मिशन पर लगी थीं। उन्होंने उसका ब्रेनवॉश किया और सीरिया चलने को कहा था। न्यूज वेबसाइट और सोशल नेटवर्क पर शेख मोहम्मद अल-अरीफी के नाम से मुस्लिम महिलाओं को सेक्स जिहाद का फतवा जारी किया गया। लेकिन सूत्रों के मुताबिक, शेख ने इससे इनकार भी किया है।   sabhar : bhaskar.com


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बेटी को किस करने से परवीन बाबी से रिश्ते तक, हमेशा विवादों में रहे हैं महेश भट्ट

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बेटी को किस करने से परवीन बाबी से रिश्ते तक, हमेशा विवादों में रहे हैं महेश भट्ट

बॉलीवुड के फिल्म निर्माता महेश भट्ट का (20 सितंबर) जन्मदिन है। इनका जन्म 1948 में मुंबई में हुआ था। फिल्म इंडस्ट्री में ये डायरेक्शन के अलावा प्रोडक्शन और स्क्रीन राइटिंग का काम भी करते हैं।
 
ये तो हो गई इनके करियर की बात। लेकिन यहां पर हम आपको बताने जा रहे हैं इनकी जिंदगी के विवादास्पद पहलुओं को। वैसे महेश भट्ट कितने कंट्रोवर्शियल हैं ये बात सभी जानते हैं। फिर चाहें अपनी ही बेटी को किस करने की बात हो या फिर उससे शादी करने की इच्छा।
 
महेश भट्ट गाहे-बगाहे ऐसी ही हरकतों के कारण चर्चा में बने रहते हैं। वैसे भट्ट कैंप की फिल्में भी खूब चर्चा में रहती हैं। अधिककर बोल्ड विषयों पर मसालेदार फिल्में बनाने के कारण बॉक्स ऑफिस पर तो इनकी फिल्में सफल हो जाती हैं लेकिन समीक्षकों से इन्हें ठेंगा ही मिलता है।
 
कुल मिलाकर इस पैकेज के जरिए हम आपको महेश भट्ट से जुड़ी कई कंट्रोवर्सीज से रू-ब-रू कराएंगे जिनकी वजह से ये चर्चा में तो आए लेकिन इनकी फजीहत भी खूब हुई।
बेटी को किस करने से परवीन बाबी से रिश्ते तक, हमेशा विवादों में रहे हैं महेश भट्ट
महेश भट्ट ने उस समय एक बयान देकर सनसनी मचा दी थी जिसमें उन्होंने अपनी ही बेटी पूजा भट्ट से शादी करने की इच्छा जता दी थी। महेश भट्ट ने कहा था कि 'अगर पूजा मेरी बेटी ना होती तो मैं उससे शादी कर लेता।' ऐसा बयान देने के बाद उनकी खूब आलोचना हुई थी। अब आप खुद ही सोच सकते हैं कि महेश भट्ट अपनी बेटी के बारे में क्या ख्याल रखते हैं।
बेटी को किस करने से परवीन बाबी से रिश्ते तक, हमेशा विवादों में रहे हैं महेश भट्ट

पोर्न स्टार से बॉलीवुड एक्ट्रेस बनीं सनी लियोनी को बॉलीवुड में स्थापित कराने के पीछे महेश भट्ट का ही हाथ है। लेकिन उनके इस फैसले के कारण उनका खूब विरोध भी हुआ था। दरअसल सनी लियोनी पहली बार भारत टीवी रियलिटी शो 'बिग बॉस' में एक विदेशी मेहमान के तौर पर शामिल होने आई थीं।
 
इसके कुछ दिन बाद ही महेश भट्ट ने ये घोषणा कर दी थी कि वो सनी लियोनी को अपनी फिल्म में ले रहे हैं। महेश ने सनी को 'जिस्म 2' में कास्ट किया था। अब भले ही ये फिल्म सफल ना रही हो लेकिन सनी के लिए बॉलीवुड के दरवाजे खुल गए थे। सनी का ये सफर अब भी जारी है।
बेटी को किस करने से परवीन बाबी से रिश्ते तक, हमेशा विवादों में रहे हैं महेश भट्ट

महेश भट्ट उस समय फिर विवादों में फंस गए थे जब उनके बेटे राहुल भट्ट का नाम आतंकी डेविड कोलमैन हेडली से जुड़ा था। डेविड कोलमैन इस समय एसबीआई की कस्टडी में है लेकिन उसके पकड़े जाने और उसके प्रत्यर्पण के प्रयासों के समय बेटे की वजह से महेश को खूब फजीहत झेलनी पड़ी थी।
बेटी को किस करने से परवीन बाबी से रिश्ते तक, हमेशा विवादों में रहे हैं महेश भट्ट

महेश भट्ट ने पूजा भट्ट के साथ एक स्मूच सीन भी दिया था। ऐसा उन्होंने फेमस मैग्जीन स्टारडस्ट के लिए किया था। स्टारडस्ट ने ही एक फोटोशूट आयोजित करवाया था जिसमें महेश भट्ट अपनी बेटी को किस कर रहे थे। ये तस्वीर स्टारडस्ट ने कवर पेज पर छापी थी।

बेटी को किस करने से परवीन बाबी से रिश्ते तक, हमेशा विवादों में रहे हैं महेश भट्ट

परवीन बॉबी के साथ भी महेश भट्ट का गहरा नाता रहा है। परवीन के साथ महेश के काफी अंतरंग संबंध थे। इनके ताल्लुक इतने गहरे थे कि परवीन की वजह से महेश ने अपनी पहली पत्नी को तलाक भी दे दिया था। बाद में जब महेश और परवीन अलग हो गए थे तब भी गाहे-बगाहे इनका रिश्ता सुर्खियों में आता रहा था। परवीन बॉबी की संदिग्ध मौत के बाद भी महेश भट्ट की भूमिका पर सवालिया निशान लगाया गया था।

भारतीय एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी और महेश भट्ट के रिश्ते भी तल्ख रहे हैं। दरअसल जब शिल्पा शेट्टी बिग ब्रदर में थीं और जेड गुडी ने उन पर नस्लीय टिप्पणी की थी तो उस समय कईयों की संवेदनाएं शिल्पा के साथ जुड़ गई थीं। लेकिन महेश भट्ट ने कहा था कि कोई भी शख्स आपकी अनुमति के बिना आपकी बेइज्जती नहीं कर सकता है।
 
शिल्पा ने जरूर अपनी इस बेइज्जती की कीमत लगाई है। शिल्पा ने भी शो से निकलने के बाद इन पर विरोध दर्ज कराया था। महेश का सीधा सा मतलब था कि शिल्पा ने पैसे लेकर ये काम किया है।

पाकिस्तानी कलाकारों को बढ़ावा देने की महेश भट्ट की पुरानी आदत है। वैसे कला के क्षेत्र में इसे खराब नहीं माना जाता है लेकिन ऐसे में दूसरे लोगों से महेश को खूब आलोचना झेलनी पड़ती है। महेश भट्ट इसी विषय को लेकर विवादों में फंस गए थे।
 
दरअसल कथित तौर पर महेश भट्ट 1983 में आई बहुप्रशंसित फिल्म 'अर्थ' के निर्माता कुलजीत पाल पर लगातार दबाव डाल रहे थे कि वो अपनी इस फिल्म का पाकिस्तान में रीमेक बनाएं। कुलजीत उनकी इस जिद से काफी परेशान हो गए थे।
 
हालांकि जब बाद में महेश से मीडिया ने इस बारे में सवाल पूछा तो उन्होंने ऐसी किसी भी घटना अथवा बात से इन्कार कर दिया।
बेटी को किस करने से परवीन बाबी से रिश्ते तक, हमेशा विवादों में रहे हैं महेश भट्ट

पाकिस्तानी एक्ट्रेस मीरा, जिन्होंने महेश भट्ट के साथ एक फिल्म में काम किया था, अब पूरी तरह गुमनाम हो चुकी हैं। उन्हें महेश ने अपनी फिल्म में अश्मित पटेल के साथ कास्ट किया था। लेकिन फिल्म के खत्म होते-होते मीरा महेश से काफी आजिज आ गई थीं। यहां तक कि उन्होंने महेश भट्ट पर गाली-गलौज करने और हाथ उठाने जैसे आरोप भी लगाए थे। sabhar : bhaskar.com




 

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गुरुवार, 19 सितंबर 2013

पांच हजार साल से बर्फ के नीचे दबा आदिमानव, जब वैज्ञानिकों के हाथ लगा

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पांच हजार साल से बर्फ के नीचे दबा आदिमानव, जब वैज्ञानिकों के हाथ लगा

वह तकरीबन पांच हजार साल से चिरनिद्रा में सोया हुआ था। इटली के एल्प्स पर्वतों की बर्फ की चादर ओढ़े हुए उसका सारा शरीर प्राकृतिक रूप से ममी बन चुका था। जी हां, 'ओएत्सी द आइसमैन' के नाम मशहूर इस ममी को आज ही के दिन 22 साल पहले 19 सितंबर 1991 को नींद से जगाया था। दो जर्मन पर्यटकों को पर्वत की ओएत्स घाटी पर घूमते हुए वह मिल गया। इस घाटी की ऊंचाई 3210 मीटर थी। अगले दिन उसे निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन खराब मौसम ने साथ नहीं दिया। 22 सितंबर को आखिरकार उसे सुरक्षित तरीके से निकाल लिया गया। इन्सब्रुक यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने शोध में पाया कि यह ममी पाषाणयुग का है। उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। पाषाण युग का एक आदमी इतनी 5000 साल लंबी यात्रा करके उनके साथ आधुनिक काल तक चला आया। जैसे इतिहास उनके सामने से गुजर गया हो। 
 
जेनेटिक रिसर्च के बाद यूरोपिय एकेडमी ऑफ बोल्जानो, जारलांड यूनिवर्सिटी, कील यूनिवर्सिटी और बाकी सहयोगियों ने जून 2013 में बताया कि उन्होंने ओएत्सी के मस्तिष्क के ऊतक के बहुत ही छोटे सैंपल से प्रोटीन और उसका विश्लेषण किया। उनके परीक्षण से उस थ्योरी की पुष्टि हुई कि इस व्यक्ति की मौत मस्तिष्क की चोट के कारण हुई थी। 
पांच हजार साल से बर्फ के नीचे दबा आदिमानव, जब वैज्ञानिकों के हाथ लगा
पांच हजार साल से बर्फ के नीचे दबा आदिमानव, जब वैज्ञानिकों के हाथ लगा
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