गुरुवार, 19 दिसंबर 2013

थ्रीडी प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी से आंख के पर्दे की कोशिकाएं प्रिंट करने में सफलता हासिल की

.थ्रीडी प्रिंट तकनीक से तैयार की आंखों की कोशिकाएं


 कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने थ्रीडी प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी से आंख के पर्दे की कोशिकाएं (रेटिना सेल) प्रिंट करने में सफलता हासिल की है। यह नई खोज दृष्टिहीनता के उपचार में बड़ी क्रांति ला सकती है। वैज्ञानिकों ने इंकजेट प्रिंटर के जरिये चूहों की रेटिना सेल को प्रिंट किया। इस दौरान कोशिकाओं को कोई नुकसान भी नहीं हुआ और वे जीवित भी रहीं। 
 
शोधकर्ता प्रोफेसर कीथ मार्टिन ने बताया कि यह पहली बार है जब सेंट्रल नर्वस सिस्टम से जुड़ी किसी कोशिका को सफलतापूर्वक प्रिंट किया गया है। इससे दृष्टिहीनता के उपचार में मदद मिल सकती है। हमने पाया कि रेटिना की सेल को निकालकर अलग किया जा सकता है। इन कोशिकाओं को अलग-अलग पैटर्न पर प्रिंट भी किया जा सकता है। 
 
प्रिटिंग के दौरान ये कोशिकाएं जीवित रहती हैं। भविष्य में इनका इस्तेमाल खराब कोशिकाओं को बदलने के लिए किया जा सकता है। मार्टिन और उनके सहयोगी वैज्ञानिकों के इस शोध को बायोफैब्रिकेशन जर्नल में प्रकाशित किया गया है। भविष्य में इनकी योजना इस प्रणाली का उपयोग कर पूरी रेटिना तैयार करने की है। sabhar : bhaskar.com

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