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बुधवार, 4 सितंबर 2013

सेवादार का खुलासा : महिलाओं से अकेले में मिलते थे आसाराम, कोर्ट ने बेल पर सुरक्षित रखा फैसला

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सेवादार का खुलासा : महिलाओं से अकेले में मिलते थे आसाराम, कोर्ट ने बेल पर सुरक्षित रखा फैसला
जोधपुर. आसाराम के प्रमुख सेवादार शिवा ने पुलिस की आरंभिक पूछताछ में कई अहम खुलासे किए हैं। उसने बताया कि आसाराम कई महिलाओं से अकेले में मिलते थे। उत्तरप्रदेश के शाहजहांपुर से अपने शिष्य और उसकी बेटी के जोधपुर आने की पूर्व सूचना भी शिवा ने आसाराम को दी थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार शिवा ने यह भी माना कि छात्रा पर किसी पुरुष का प्रेत होने की बात कहते हुए उसे भगाने के लिए ही उसे यहां बुलाया गया था।

आसाराम का सबसे करीबी सेवादार शिवा ही वह शख्स है, जिसके जरिए कई प्रदेशों के मुख्यमंत्री, जज, आईएएस, आईपीएस अधिकारियों के साथ बड़े-बड़े लोग आसाराम से मोबाइल पर बात करते थे। पुलिस के अनुसार शिवा से विस्तृत पूछताछ के दौरान और भी कई राज खुलने की संभावना है। इसे देखते हुए पुलिस कोर्ट से आसाराम की रिमांड  दुबारा मांग सकती है। बुधवार को कोर्ट ने आसाराम की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। सेशन कोर्ट में आसाराम की जमानत अर्जी पर बुधवार को बचाव व आरोप पक्ष की बहस पूरी हो गई। अभियोजन पक्ष की ओर से बुधवार सुबह जवाब पेश किया गया। आसाराम के वकील केके मनन ने कहा कि आसाराम को झूठा फंसाया जा रहा है। उधर अभियोजन पक्ष के वकील का कहना है कि कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुना जिससे यह साफ हो गया है कि आसाराम के खिलाफ सभी आरोप मजबूत साबित हो रहे हैं। अभियोजन पक्ष ने दलील थी कि यदि आसाराम को जमानत दे दी गई तो वह केस को कमजोर कर सकते हैं। इसके अलावा यह भी कहा गया कि इस मामले में अभी दो और आरोपी को गिरफ्तार करना बाकी है, ऐसे में आसाराम को बेल देने से केस के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है। अभियोजन पक्ष का कहना है कोर्ट बुधवार शाम तक भी अपना फैसला सुना सकती है।
सूत्रों के अनुसार आसाराम अपने नजदीक ऐसे सेवादारों को रखता था जो दिखने में कम आकर्षक हों। अच्छी सेहत व आकर्षक साधकों को वह अपने बहुत करीब नहीं आने देते। इसकी वजह यह बताई जा रही है कि वे डरते थे, कहीं उनके प्रति समर्पित हो चुकी युवतियां सेवादारों के आकर्षण में उनसे दूर ना हो जाएं।

जमानत पर सुनवाईवकील बोले- छात्रा बालिग
सेशन कोर्ट में आसाराम की जमानत पर बुधवार को बचाव व आरोप पक्ष की बहस पूरी हो गई। अभियोजन पक्ष की ओर से बुधवार सुबह जवाब पेश किया गया। आसाराम के वकील केके मनन ने कहा कि आसाराम को झूठा फंसाया जा रहा है। उधर अभियोजन पक्ष के वकील का कहना है कि कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुना जिससे यह साफ हो गया है कि आसाराम के खिलाफ सभी आरोप मजबूत साबित हो रहे हैं। अभियोजन पक्ष ने दलील थी कि यदि आसाराम को जमानत दे दी गई तो वह केस को कमजोर कर सकते हैं। इसके अलावा यह भी कहा गया कि इस मामले में अभी दो और आरोपी को गिरफ्तार करना बाकी है, ऐसे में आसाराम को बेल देने से केस के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है। अभियोजन पक्ष का कहना है कोर्ट बुधवार शाम तक भी अपना फैसला सुना सकती है।
ये प्रमुख दलीलें-
बालिका पर धारा 376 का सेक्शन 8 लागू नहीं होता क्योंकि वह बालिग है। शैक्षणिक संस्थान में भर्ती करवाते समय उसकी उम्र का सही अंकन नहीं करवाया गया।
यदि घटना सही है तो बालिका मौके पर क्यों नहीं चिल्लाई?
जोधपुर शहर में ही रिपोर्ट क्यों नहीं दर्ज करवाई? क्या कारण रहा कि रिपोर्ट दिल्ली में दर्ज करवाई गई? एमएलसी पुलिस रिक्वेस्ट पर क्यों नहीं हुई?
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आसाराम ने मांगा मेडिकेटेड फूड और पूजन सामग्री
आसाराम की ओर से उनके वकील ने एक आवेदन पेश कर अदालत से कहा कि आसाराम बापू की दिनचर्या लंबे समय से निर्धारित है।
 और वे इसी अनुरूप अपना दिन व्यतीत करते हैं। उनका कहना था कि जेल में बंद आसाराम बापू को मेडिकेटेड फूड, पूजन सामग्री व वस्त्र उपलब्ध करवाने की सुविधा प्रदान की जाए। इस आवेदन पर भी बुधवार को बहस होगी।
 मुकदमे को मीडिया ट्रायल बताया
बचाव पक्ष के वकीलों ने अदालत में मीडिया पर आरोप लगाते हुए कहा कि आसाराम बापू के खिलाफ यह मुकदमा और कुछ नहीं, सिर्फ मीडिया ट्रायल है। इसी धारणा के चलते उनके समर्थकों ने मीडिया कर्मियों से कहीं अभद्र व्यवहार भी किया हो सकता है, जिसका इस मुकदमे पर प्रभाव नहीं होना चाहिए।
बचाव पक्ष की ओर से करीब ढाई बजे शुरू की गई बहस साढ़े चार बजे तक चली। अदालत ने समय की कमी के कारण अदालत में मौजूद अतिरिक्त महाधिवक्ता आनंद पुरोहित, उनके सहयोगी प्रद्युम्न सिंह आदि से बहस के लिए बुधवार को सुबह 11 बजे का समय निर्धारित किया।
खुद को धोने पड़ेंगे झूठे बर्तन
ऐशोआराम से जीने के आदी आसाराम को जेल में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। जेल नियमों के अनुसार किसी भी सजायाफ्ता या विचाराधीन बंदी को खाना खाने के बाद अपने खुद के झूठे बर्तन खुद ही साफ करने पड़ते हैं।
यही आसाराम को भी करना पड़ेगा। इसके अलावा पहनने के कपड़े भी उन्हें खुद को ही धोने पड़ेंगे।
sabhar : bhaskar.com


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