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मंगलवार, 3 सितंबर 2013

आसाराम की किताब : लिखा है... ‘गुरु को अपनी पत्नी भी सौंप देना चाहिए’

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आसाराम की किताब : लिखा है... ‘गुरु को अपनी पत्नी भी सौंप देना चाहिए’

साबरमती आसाराम आश्रम की योगवेदांत सेवा समिति द्वारा प्रकाशित ‘श्री गुरुगीता’ नामक इस पुस्तक का 38वां श्लोक विवादों से भरपूर है।
 
गुरुगीता के इस श्लोक में लिखा है - भक्त को अपना शरीर, प्राण, यहां तक कि अपनी पत्नी सबकुछ श्रीसद्गुरु को अर्पण करना चाहिए।
आसाराम की किताब : लिखा है... ‘गुरु को अपनी पत्नी भी सौंप देना चाहिए’
आसाराम आश्रम की ओर से प्रकाशित श्रीगुरुगीता नामक पुस्तक के पेज नंबर 14 पर लिखे 38वें संस्कृत श्लोक में यही ज्ञान दिया गया है। इस संस्कृत श्लोक का हिंदी अनुवाद है- अपना शरीर, इंद्रीय, प्राण, धन, परिवारजन, सगे-संबंधी, पत्नी सब श्रीसद्गुरुदेव को अपर्ण करना चाहिए।
आसाराम की किताब : लिखा है... ‘गुरु को अपनी पत्नी भी सौंप देना चाहिए’
श्री गुरुगीता नामक यह पुस्तक आसाराम के प्रत्येक साधक के घर में मिल जाएगी। यह आसाराम आश्रम द्वारा ही प्रकाशित की गई है। पुस्तक में यह श्लोक संस्कृत भाषा में हैं।इतना ही नहीं, इसका गुजराती अनुवाद भी किया गया है, ताकि कि गुजरात का हरेक भक्त आसाराम की भावनाओं से अवगत हो सके।हालांकि, इस पुस्तक को प्रकाशित हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन अब भी यह चर्चा में है। बात सीधी-सी है कि अब धीरे-धीरे आसाराम की हरेक करतूत का खुलासा हो रहा है। sabhar : bhaskar.com





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