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गुरुवार, 29 अगस्त 2013

ये है अमेरिका की असली ताकत, PIX देख मजबूरी में दबा लेंगे दांतों तले उंगलियां

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ये है अमेरिका की असली ताकत, PIX देख मजबूरी में दबा लेंगे दांतों तले उंगलियां


आधुनिकता के इस दौर में दुनियाभर के देश अपने आपको शक्तिशाली और समृद्ध बनाने के लिए जमकर प्रयोग कर रहे हैं। वे ऐसे प्रोजेक्ट पर पैसा लुटा रहे हैं जिनकी बदौलत दुनियाभर में उनकी ताकत और बढ़ सके। वे पहले से भी ज्यादा समृद्ध और आधुनिक हो जाएं और उनके यहां का बिजनेस और इन्फ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ बन सके।  
 
इनमें प्रमुख रूप से अमेरिका और चीन ऐसे देश हैं जो अपने सरकारी खजाने से बेशुमार दौलत बड़े-बड़े प्रोजेक्ट पर खर्च कर रहे हैं। चलिए हम आपको दुनिया के  ऐसे इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट के बारे में बता रहे हैं जो कि दुनिया के सबसे महंगे प्रोजेक्ट में शुमार हैं। इनमें से कुछ पूरे हो चुके हैं और कुछ पर अभी काम चल रहा है। 






ये है अमेरिका की असली ताकत, अंबानी की दौलत से चार गुना ज्यादा है इसकी लागत

जेराल्ड आर फोर्ड क्लास एयरक्राफ्ट कैरियर
 
लागत- करीब 5476 करोड़ रुपए
 
द जेराल्ड आर फोर्ड क्लास एयरक्राफ्ट कैरिअर्स (सीवीएन 78) अमेरिकी नौसाना का नेक्स जनरेशन सुपर कैरिअर पोत होगा। इसका निर्माण कार्य २क्क्७ में शुरू हुआ। 2015 तक इसे तैयार करने की योजना है। यह पोत अत्याधुनिक तकनीक और उपकरणों से लेस रहेगा। यह न्यूक्लियर पॉवर एयरक्रॉफ्ट ले जाने में समक्ष है। फिलहाल यह अमेरिका के इकलौते न्यूक्लियर पॉवर एयरक्रॉफ्ट कैरियर शिप बिल्डिंग यार्ड में निर्माणाधीन है। इस प्रोजेक्ट के तहत अभी तीन पोत तैयार किया जा रहे हैं लेकिन आगामी समय में 11 पोत तैयार किए जाएंगे। 
 ये है अमेरिका की असली ताकत, अंबानी की दौलत से चार गुना ज्यादा है इसकी लागत

 बिग डिग, बोस्टन
 
लागत- करीब 98710 करोड़ रुपए
 
यह इंटरस्टेट टनल है। यह अमेरिकी शहर बोस्टन के बीचो बीच से गुजरती है। करीब 3.5 मील लंबी यह टनल दुनिया के सबसे महंगे हाईवे प्रोजेक्ट में शुमार है। इस प्रोजेक्ट से जुड़े कई क्रिमिनल रिकार्ड भी हैं। जनवरी 2006 में यह प्रोजेक्ट पूरा हो गया था। यह बेहद मुश्किल टन हाइवे प्रोजेक्ट की गिनती में आता है। 


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