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शुक्रवार, 30 अगस्त 2013

खारिज होने के डर से आसाराम ने वापस ली ट्रांजिट बेल की अर्जी, हो सकते हैं गिरफ्तार

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खारिज होने के डर से आसाराम ने वापस ली ट्रांजिट बेल की अर्जी, हो सकते हैं गिरफ्तार

जोधपुर। यौन शोषण के आरोपी कथावाचक आसाराम बापू को गुजरात हाई कोर्ट से झटका लगा है। आसाराम ने कोर्ट का रुख देख ट्रांजिट बेल की अर्जी वापस ले ली है। अब आसाराम के सिर पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।आसाराम की तरफ से शुक्रवार को ही ट्रांजिट बेल की अर्जी दाखिल की गई। अदालत ने क‍हा कि आसाराम के खिलाफ गंभीर आरोप हैं और ऐसे में जमानत मिलना संभव नहीं है। अदालत ने यह भी कहा कि अगर अर्जी वापस नहीं ली जाती है तो यह खारिज कर दी जाएगी। आसाराम को शुक्रवार को जोधपुर में जांच अधिकारी एसीपी चंचल मिश्रा के समक्ष पेश होना है। लेकिन उन्‍होंने 15 दिन की मोहलत मांग ली है। पुलिस ने वक्‍त देने से इनकार कर दिया है। उनकी गिरफ्तारी के लिए एसीपी मिश्रा के नेतृत्व में तीन थानेदारों की टीम बना दी गई है। शनिवार सुबह आसाराम जहां भी होंगे, उन्हें गिरफ्तार करने के लिए टीम रवाना हो जाएगी। 
छिंदवाड़ा के गुरुकुल की वार्डन शिल्पी, संचालक शरदचंद्र और आसाराम के प्रमुख सेवादार शिवा को भी गुरुवार रात तक पुलिस के समक्ष पेश होना था। ये तीनों भी पेश नहीं हुए। पुलिस तीनों की गिरफ्तारी के लिए भी टीमें भेजेगी। आसाराम पर कार्रवाई को लेकर शुक्रवार को संसद में हंगामा हुआ। जदयू नेता शरद यादव ने तत्‍काल कार्रवाई की मांग की। 
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आसाराम पर यौन उत्पीडऩ का आरोप लगाने वाली छिंदवाड़ा गुरुकुल की नाबालिग छात्रा को कोई बीमारी नहीं थी, बल्कि पूरी साजिश उसका आसाराम के समक्ष समर्पण कराने की थी। अब तक की पुलिस जांच के मुताबिक गुरुकुल वार्डन ने बीमारी के बहाने ही उसके परिजनों को बुलाया था, मगर बाद में भूत-प्रेत का साया बताकर आसाराम से अनुष्ठान कराने का दबाव बनाया था।
खारिज होने के डर से आसाराम ने वापस ली ट्रांजिट बेल की अर्जी, हो सकते हैं गिरफ्तार
छिंदवाड़ा में छानबीन करने गई जोधपुर पुलिस टीम को उसकी बीमारी का कोई सबूत नहीं मिला और न ही गुरुकुल प्रबंधन ने उसके उपचार का कोई रिकॉर्ड दिया। खुद पीडि़ता व उसके परिजनों ने भी अपने बयान में यही कहा था कि उसे सिर्फ एक दिन चक्कर ही आया था। इसी के इलाज के बहाने आसाराम ने उसमें दैवीय शक्तियां समाहित करने की बात कहते हुए गलत हरकतें की थी।
जोधपुर कमिश्नरेट के डीसीपी अजयपाल लांबा ने बताया कि गुरुकुल में पीडि़ता के बीमार होने का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला है। ऐसी बातें सामने आई है कि यह हरकत समर्पण कराने जैसी कोशिश थी। आसाराम व उनके सहयोगियों के खिलाफ गुजरात के दो थानों में हत्या के प्रयास, मारपीट व जमीन विवाद के 16 मुकदमे दर्ज हैं, वह रिकॉर्ड भी मंगवाया गया है।
छिंदवाड़ा में गुरुकुल संचालक शरदचंद्र व वार्डन शिल्पी से पुलिस ने पीडि़ता की बीमारी के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि उसकी तबीयत कुछ दिनों से ठीक नहीं थी।
जांच दल ने छिंदवाड़ा में जब गुरुकुल में लड़की के हुए उपचार के बारे में पूछा और रिकॉर्ड मांगा तो वहां कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। यही बात छात्रा के साथ वाले विद्यार्थियों से भी पूछी तो उनसे भी पीडि़ता की बीमारी के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। जांच में यह पता चला है कि बीमारी का बहाना बना कर गुरुकुल की छात्राओं को आसाराम को ‘समर्पण’ कराने की कोशिश की जाती है।
यही बात पीडि़ता ने पुलिस को दिए बयान में कही कि आसाराम ने उसे ‘समर्पण’ करने को कहा था। यह प्रलोभन भी दिया कि वे उसे आश्रम की प्रमुख सेवादारों में शामिल कर देंगे और उसमें दैवीय शक्ति पैदा कर देंगे।

गुरुवार को आसाराम ने भोपाल में भी चौंकाने वाले बयान दिए। गुरुवार को वे अपने समधी और भोपाल आश्रम के प्रमुख देव कृष्णानी के अंतिम दर्शन के लिए यहां आए थे। आते ही एयरपोर्ट पर उन्हें मीडिया ने घेर लिया। सवालों के जवाब में उन्होंने कहा- मुझ पर लगे आरोपों से मेरे समधी गहरे सदमे में थे। छिंदवाड़ा आश्रम में पुलिस ने अन्य लड़कियों पर दबाव बनाया कि वे मेरे खिलाफ बयान दें। इसकी जानकारी मेरे समधी को मिली तो वे टूट गए। इसी सदमे में उनकी जान चली गई। देव कृष्णानी आसाराम के बेटे नारायण सांई के ससुर थे। 
 
सवाल-क्या आपको लगता है ये साजिश है? 
 
आसाराम- लोग कहते हैं ये सब मैडम और उनके पुत्र के इशारे पर हो रहा है। (इस बीच कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा है कि आसाराम इतने बड़े नहीं हैं कि नेहरू-गांधी परिवार उनके खिलाफ साजिश करे)। 
 
सवाल-पुलिस से कितना समय मांगा है? 
 
आसाराम- समय क्यों मांगूंगा? 
 
मैं तो तैयार हूं। जेल जाऊंगा तो वो भी मेरे लिए बैकुण्ठ है। (आसाराम ने जोधपुर पुलिस को पत्र देकर २० सितंबर तक का समय मांगा था। पुलिस इतना समय देने से इनकार कर चुकी है)। 
 
सवाल-आपने कहा था-जेल भेजेंगे तो अन्न-जल त्याग दूंगा! क्या सही है? 
 
आसाराम-मुझे जेल भेजने की साजिश है। वहां खाने-पीने में कुछ भी दिया जा सकता है। इसीलिए मैंने अपनी किसी नजदीकी से कहा था-जेल जाऊंगा तो अन्न-जल त्याग दूंगा। 
 
सवाल-उमा भारती ने तो आपका बचाव किया है? 
 
आसाराम-(तैश में) गलत बात है ये। मेरे साथ कोई नहीं है। आप भी नहीं। मत सताओ मुझे। (बाद में आश्रम में कहा-सभी पार्टियों में मेरे भक्त पार्षद, विधायक और मंत्री हैं।)
आसाराम के खिलाफ हाईकोर्ट में सुनवाई टली

आसाराम बापू और उनकी प्रवक्ता नीलम दुबे के खिलाफ राजस्थान हाईकोर्ट में दायर विविध आपराधिक याचिका की सुनवाई गुरुवार को टल गई। न्यायाधीश कंवलजीत सिंह अहलूवालिया की पीठ ने इस याचिका के साथ टीवी प्रोग्राम में दोनों आरोपियों के बयान की ट्रांस्क्रिप्ट पेश नहीं करने पर सुनवाई से इनकार कर दिया।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि पिछले सप्ताह आसाराम व नीलम दुबे ने एक टीवी कार्यक्रम में भावनाएं आहत करने वाला बयान दिया।
मैडम और उनके बेटे के इशारे पर हो रहा है सब : आसाराम
नाबालिग बच्ची से यौन उत्पीडऩ के आरोपों में घिरे आसाराम ने गुरुवार को भोपाल में कहा कि उनके खिलाफ ये सब मैडम और उनके बेटे के इशारे पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैं कहता हूं कि करने दो, जो भी उन्हें करना है। लोग बताते हैं कि साढ़े चार साल से धर्मांतरण कराने वालों को इन्हीं का समर्थन है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या वे सोनिया गांधी पर आरोप लगा रहे हैं तो उन्होंने कहा कि मैं किसी पर आरोप नहीं लगा रहा हूं। मैं तो वही कह रहा हूं, जो लोगों से सुना है।

इस दौरान आसाराम मीडिया पर भी नाराज हुए। आसाराम ने कहा कि वह यहां अपने समधी और भोपाल आश्रम के प्रमुख देव कृष्णानी के अंतिम दर्शन के लिए आए हैं। मुझ पर लगे आरोपों से मेरे समधी गहरे सदमे में थे। छिंदवाड़ा आश्रम पहुंचकर पुलिस ने अन्य लड़कियों पर भी दबाव बनाया। पुलिस ने लड़कियों से कहा कि वे भी ऐसा बयान दें कि जो उनकी सहेली के साथ हुआ, वो उनके साथ भी हुआ है। हालांकि लड़कियों ने इससे मना कर दिया। इस बात की जानकारी उनके शिष्य व समधी कृष्णानी को मिली तो वे टूट गए। इसी सदमे में उनकी जान चली गई।
 आसाराम के बेटे ने कहा- लड़की का दिमाग खराब है

दुष्कर्म के आरोपी आसाराम बापू के बचाव में उनके बेटे नारायण साईं ने गुरुवार को फिर विवादित बयान दिया। ससुर के अंतिम संस्‍कार में शामिल होने आए नारायण ने कहा कि आसाराम पर आरोप लगाने वाली लड़की पागल है। वह ढाई-ढाई घंटे तक नहाने के लिए बाथरूम में चली जाती थी और भी कई ऐसी हरकतें करती थी जो पागल ही कर सकता है।
नारायण ने बुधवार को भी राजकोट में प्रवचन के दौरान कहा था- आरोप लगाने वाली लड़की मानसिक रूप से कमजोर है। उसका दिमाग खराब है।
शिंदे से मिले गहलोत
इस मामले में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे से मुलाकात की। गहलोत ने उन्हें आसाराम के खिलाफ अब तक हुई कार्रवाई के बारे में बताया। बाद में गहलोत ने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है। निष्पक्षता से जांच चल रही है।
मंगलवार को चला था सात घंटे का ड्रामा
इंदौर में जिस आश्रम में आसाराम रुके थे, वहां मंगलवार सुबह सवा सात बजे ही जोधपुर पुलिस आ धमकी थी। समन देने के लिए। द्वार पर पुलिस थी और भीतर आसाराम थे। पर 7 घंटे लग गए संत को समन थमाने में।
जैसे ही पुलिस पहुंची, समर्थकों ने उसे द्वार पर रोक दिया। कहा-बापू नहीं मिल सकते। समन भी नहीं लेंगे। पुलिस ने अपना रूप दिखाया। सारे समर्थक इधर-उधर हो गए। पुलिस परिसर में दाखिल। वहां पुलिस से कहा गया-बापू ध्यान में चले गए हैं। समन हमें दे दो। फिर आई कड़क आवाज़। ध्यान से निकलने दो। और चिंता मत करो। समन तामील कराना हमें आता है।

7 घंटे बाद की कहानी और भी अलग
पुलिस चली गई। आसाराम सामने आसन पर बैठे थे। और सामने समर्थकों का हुजूम। प्रवचन शुरू हुए। इतने में एक टीवी चैनल का संवाददाता आ पहुंचा। सवाल पर सवाल। आप पर गंभीर आरोप हैं। आसाराम ने कहा-सब झूठ है

जोधपुर की उस कुटिया में ऐसा कुछ हो ही नहीं सकता। आपस में बोलो तो वहां से दूर तक आवाज जाती है। मैंने डेढ़ घंटे मुंह दबाया और किसी को आवाज ही नहीं आई! ऐसे कैसे हो सकता है? मिला होगा। कई लोगों से मिलता हूं। लेकिन वैसा नहीं मिला, जैसा कहा जा रहा है। सवाल तीखे हुए। आपको गिरफ्तार किया जा सकता है? जवाब -7 नहीं, 17 साल के लिए जेल में डाल दो।

सांच को आंच नहीं। संवाददाता ने पूछा-आप खुद को निदरेष कैसे साबित करेंगे? भक्तों ने जयघोष शुरू किया। आसाराम ने कहा-थोड़ा कैमरा उधर भी घुमा दो। 

मुझे तो रोज 20 देश के लोग देखते और सुनते हैं। गुस्सा चेहरे पर साफ था। संवाददाता ने फिर सवाल किया। 
आसाराम ने कहा-अब जरा भक्तों से बात कर लूं। बोलने लगे- सुबह उठकर पानी पीना बहुत जरूरी है। सुबह 9 से 11 के बीच भोजन सर्वोत्तम। संवाददाता का सवाल-गुस्से के बावजूद हंसते हुए आसाराम ने भक्तों से कहा-रात को 1 से 3 बजे के बीच जागना खतरनाक है।
 खारिज होने के डर से आसाराम ने वापस ली ट्रांजिट बेल की अर्जी, हो सकते हैं गिरफ्तार

संवाददाता ने कहा-जवाब तो दीजिए। अनसुना करते हुए भक्तों से फिर कहा-टेंशन 3 प्रकार के होते हैं। शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक। संवाददाता ने फिर तेज आवाज में सवाल किया। आसाराम ने माइक से ही शुरू किया-ओम.ओम.ओम.। 

भक्त भी यही दोहराने लगे। संवाददाता ने फिर जवाब मांगा। आसाराम ने फिर कहा-हसंते रहिए। हंसने से ऊपर बताए सारे टेंशन भाग जाते हैं। फ्लाइट का टाइम हो गया है। चलो एयरपोर्ट। और आसाराम मुंबई होते हुए सूरत की फ्लाइट के लिए निकल गए। sabhar : bhaskar.com





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