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रविवार, 11 दिसंबर 2011

पूनम का अबतक का सबसे हॉट विडियो सहवाग के नाम

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इंटरनेट की सनसनी बन चुकी मॉडल पूनम पांडेय ने इंडियन क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज वीरेंन्द्र सहवाग के दोहरा शतक मारने पर उन्हें खास तोहफा देने का फैसला किया था। अपने फैसला को पूरा करते हुए पूनम ने शाम में एक बहुत ही हॉट वीडियो अपलोड किया है। 
2 मिनट 19 सेकंड का यह वीडियो काफी उत्‍तेजक है। पूनम ने यह भी बताया कि उन्होंने सहवाग को तोहफे के तौर पर यह वीडियो अपलोड करने के कारण 2 मिनट 19 सेकंड का ही रखा है क्योंकि उन्होंने 219 रन बनाए हैं।
वीडियो अपलोड करते ही उनकी वेबसाइट पर उनके चाहने वालों की भीड़ लग गई है। 
पूनम का कहना है कि मेरे वेबसाइट पर इतना हेवी ट्रैफिक आ रहा है इससे लगता है कि कहीं इस बार भी वेबसाइट क्रैस न कर जाए।
यह विडियो देखने के लिए http://www.youtube.com/user/officialpoonampandey लॉगइन करें। 
 sabhar : bhaskar.com

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ओबामा ने दिया अमेरिका के बारे में चौंकाने वाला बयान

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वाशिंगटनः अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एक ऐसी बयान दिया है जिससे सन्नाटा छा गया है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था के सुधरने के लक्षणों के बावजूद उन्होंने कहा कि उसे पूरी तरह सुधरने में अभी भी वर्षों लगेंगे।

सीबीएस चैनल को दिए इंटरव्यू में ओबामा से पूछा गया था कि क्या उन्हें पद संभालते वक्त लगा था कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था को सुधारना कितना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि मैं शुरू से जानता था कि यह लंबे समय का काम है। हमारी अर्थव्यवस्था में दो दशकों से जो ढांचागत समस्याएं आती गई हैं उन्हें उलटने में वक्त लगेगा।

ओबामा ने कहा कि उन्होंने कहा कि में सोचता था कि इसमें दो साल लगेंगे, एक टर्म लगेगा और दो टर्म लगेंगे। इसमें शायद एक से ज्यादा टर्म लगेगा।

जब ओबामा से पूछा गया कि अमेरिका में बेरोजगारी की दर घटकर 8 प्रतिशत अगले साल नवंबर तक हो जाएगी, तो उन्होंने कहा कि यह संभव है। ओबामा का अगला टर्म देश में बेरोजगारी घटने पर निर्भर करेगा।


sabhar : bhaskar.com

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65 लाख का पैकेज और फेसबुक का फेस बदलने की जिम्मेदारी मिली

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संडे स्पेशल स्टोरी.संडे स्पेशल स्टोरी. 21 साल की राधिका मित्तल आईआटी खड़गपुर की पहली ऐसी छात्रा बन गई हैं जिनको फेसबुक ने 65 लाख का जॉब ऑफर किया है। राधिका मित्तल सहित आईआईटी खड़गपुर के चार छात्रों को 65 लाख का जॉब ऑफर किया है। राधिका एक ऐसे परिवार से आती है जहां कामर्स का बोलबाला रहा है लेकिन उन्होंने अपने लिए सांइस की तकनीकी दुनिया का चुनाव किया और आईआईटी के रास्ते फेसबुक टीम का हिस्सा बनने जा रही है।
आईआईटी खड़गपुर की कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग की छात्रा राधिका मित्तल ने दैनिक भास्कर डॉट कॉम के राजेश यादव से अपनी सफलता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर बातचीत की..

प्रश्न. फेसबुक की तरफ से इतना बड़ा ऑफर आपको कैसे मिला? चयन प्रक्रिया से जुड़ी खास बातें क्या रहीं?
राधिका मित्तल.फेसबुक की टीम ने कई चरणों में टेस्ट लिया था जिसमें र्टिन टेस्ट और साक्षात्कार शामिल था। मुझे अपने चयन की खबर इंस्टीट्च्यूट के नोटिस बोर्ड से पता चली थी जहां रिजल्ट लगाया गया था। पहले टेस्ट में तो मेरा लीखित एक्जाम बेहतर नहीं रहा था तब लगा था कि फेसबुक की नौकरी तो गई हाथ से। लेकिन अगले टेस्ट के लिए मेरा चयन हुआ और बाद के दोनों टेस्ट और साक्षात्कार शानदार रहे और मुझे उम्मीद बनी कि मेरा चयन हो सकता है।
प्रश्न. फेसबुक की चयन प्रक्रिया में क्या खास बातें थी? फेसबुक की टीम के साथ साक्षात्कार का अनुभव कैसा रहा?
राधिका मित्तल.फेसबुक की टीम के तीन सदस्यों ने टेस्ट लिया था जिसमें दो भारतीय और एक अमेरिकन थे।मुझे लगता है कि फेसबुक टीम का ज्यादा फोकस हमारी सोच को जांचना था। उन्होंने जिस तरह के प्रोग्रामिंग टेस्ट लिए, हमें प्रश्नों को साल्व करने और इम्प्रू करने का अवसर दिया, उसे और बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया वह अपने आप में एक शानदार अनुभव रहा। हमारा पहला टेस्ट अक्टूबर माह से शुरु हुआ था और दिसंबर माह में प्रक्रिया पूरी हुई और पहले राउंड में कोडिंग और प्रोग्रामिंग और उसके बाद इंटरव्यू की प्रोसेस रही। फेसबुक की टीम के साथ प्रश्न साल्व करने में मजा आ रहा था , साक्षात्कार के दौरान भी सामान्य बातचीत के साथ आपकी सोच को जानने वाले प्रश्न अधिक पूछे गए थे।
प्रश्न. फेसबुक की तरफ से 65 लाख के जॉब के ऑफर के बारे में परिवार की प्रतिक्रिया कैसी रही?
राधिका मित्तल.देखिए फेसबुक के ऑफर के अलावा मेरे पास भारत में आईबीएम इंडिया रिसर्च लैब से भी जॉब का अच्छा ऑफर था । फेसबुक के लिए मुझे कैलिफोर्निया जाने की बात पर शुरु में मां को कुछ संकोच था लेकिन बाद में परिवार ने आपसी बातचीत के दौरान इस बात पर फैसला लिया कि मुझे फेसबुक को जॉब स्वीकार करना चाहिए क्योंकि मुझे वहां सीखने का ज्यादा असवर मिलेगा।
प्रश्न. अपने माता पिता और परिवार के बारे में कुछ बताएं?
राधिका मित्तल.मेरे पिता श्री सुनील मित्तल और माता श्रीमती सुनीता मित्तल  है। मेरे भाई अक्षय मित्तल ने एमबीए किया है। हमारा घर जूट के बिजनेस से भी जुड़ा हुआ है और अधिकांस लोग कार्मस विषय से संबंधित है। जब मैनें साइंस में अपना करयिर बनाने का विचार किया था तो मुझे भी कहा गया कि कार्मस अच्छा विषय हो सकता है लेकिन जब मैनें अपनी व्यक्तिगत पसंद विज्ञान बताई तो मुझे मेरे घर का पूरा सपोर्ट मिला। माता पिता का समर्थन तो हमेशा मेरे साथ था इसके साथ ही मेरे दादा जी श्री प्रेमचंद मित्तल और मेरी दादी श्रीमती मनी मित्तल ने मेरा हौसला हमेशा बढ़ाया। परिवार के समर्थन से ही मैं इतनी बढ़ी सफलता हासिल करने में कामयाब रही हूं।
प्रश्न. आपका रोल मॉडल कौन रहा है?
राधिका मित्तल .प्रोफेसर डीना कताबी और सिल्विया रत्नासामी मेरे रोल मॉडल है। मैं इन दो लोगों से बहुत प्रभावित हूं।
प्रश्न. आपकी हॉबी क्या है? 
राधिका मित्तल . मुझे फ्किशन बुक पढ़ने का शौक है। डैन ब्राउन और चेतन भगत जैसे लेखकों की किताबें अच्छी लगती है। वैसे मुझे इंग्लिश सांग और ए. आर रहमान का संगीत बेहद पसंद है, रोजा फिल्म का संगीत और हाल ही में नादान परिंदे घर आ जा मुझे बहुत अच्छे लगते हैं।
प्रश्न. सोशल नेटवर्किग वेबसाइटों का भविष्य कैसा है?
राधिका मित्तल .वर्ततान ट्रेड को देखें तो ब्राइट फ्यूचर है। मोबाइल तकनीकि और बेहतर हो जाने के बाद इस तरह की वेबसाइटो का क्रेज बढ़ा है। और भी बेहतर तकनीकि मोबाइल फोनों में आ रही है और लोग इंटरनेट का उपयोग अब मोबाइल के द्वारा करते हुए इन साइटों से जुड़ रहे हैं। लेकिन ऐसा भी देखने में आया था कि एक समय ऑरकुट का बहुत बोलबाला था लेकिन फेसबुक के आने के बाद यूजर इस तरफ बहुत तेजी से शिफ्ट हो गया। फिलहाल फेसबुक बेहतर स्थिति में है और उम्मीद है इस तरह की सोशल नेटवर्किग वेबसाइट को अभी और भी नए यूजर मिलेंगे।
प्रश्न. आप फेसबुक में किस तरह के बदलाव करना पसंद करेगीं?
राधिका मित्तल.फिलहाल तो ऐसा कुछ विशेष सोचा नहीं है। जब जॉब ज्वाइन करुगीं और जिस तरह के टॉस्क दिए जाएगें उस हिसाब से कुछ नया करने का प्रयास होगा। वैसे मुझे बैगग्रांउड वर्ग में काम करना बहुत पसंद है। मेरे हिसाब से फेसबुक की प्राइवेसी सेटिंग के ऑप्शन को और बेहतर किया जा सकता है।
प्रश्न. फेसबुक ने आपको 65 लाख का जॉब ऑफर किया है। कुछ सोचा है इस पैसे को कैसे खर्च करना है?
राधिका मित्तल. देखिए कैलिफोर्निया की लाइफ स्टाइल के हिसाब से तो वहां खर्चा भी खूब होगा। लेकिन पैसे बचाने के साथ मैं अपने माता पिता और परिवार पर खर्च करना पसंद करुगीं। फिलहाल अभी जॉब लेटर का इंतजार कर रही हूं ।
प्रश्न. अपने स्कूल डेज लाइफ के बारे में कुछ बताएं?
राधिका मित्तल.मेरी प्रारंभिक शिक्षा बिरला हाई स्कूल कोलकोत्ता से हुई हैं। शुरु से ही पढ़ने में मेरा लगाव था और इसमें में अच्छी थी।इसके अलावा खेल मुझे अच्छा लगता था। भौतिकी की प्राब्लम साल्व करना मुझे बहुत अच्छा लगता था। मेरे करियर लाइफ में आईआईटी की तैयारियों के दौरान फिटजी में मिला मार्गदर्शन मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
प्रश्न. करियर के चुनाव में युवाओं को किस बात का खास ध्यान रखना चाहिए? आप हमारे युवा रीडरों को क्या संदेश देना चाहोगी?
राधिका मित्तल.यंग रीडर को मैं कहना चाहूंगी किसी को देखकर अपना करियर मत बनाओं। आपको क्या अच्छा लगता है? आप क्या करना चाहते हो? अपनी पंसद को चुनो और आगे बढ़ो। मेरे परिवार में सभी लोग कामर्स फिल्म से हैं लेकिन मैनें अपनी पंसद साइस को चुनाव किया था इसलिए मैं तो यही कहूंगी हमें जो अच्छा लगता है जिसमें हमारी महारत हैं वहीं करना चाहिए। sabhar : bhaskar.com
 
 

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गैंगरेप कर बनाया अश्लील MMS, इसे हथियार बना अब...

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मथुरा। यहां एक नाबालिग लड़की के साथ गांव के ही चार लड़कों ने गैंग रेप किया। रेप के दौरान लड़की का एमएमएस बनाते रहे। जब लड़की के परिवार वालों ने विरोध किया तो उन्हें इज्जत की दुहाई देकर ब्लैकमेल करने लगे।

आखिरकार परिजनों ने रिफाइनरी थाना क्षेत्र में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक, गांव नगला सीता में रहने वाली एक नाबालिग लड़की के साथ गांव के ही चार लड़कों ने गैंग रेप किया था। इस दौरान उन्होंने एमएमएस तैयार कर लिया। घटना के बाद लड़की ने घर पहुंचकर सारी बात बताई। बदनामी के डर से परिजनों ने पुलिस से शिकायत नहीं की। बाद में आरोपियों ने परिजनों को पैसों के लिए ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।

पुलिस के मुताबिक, मामला दर्ज करके चारों आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए दबिश डाली जा रही है।
sabhar: bhaskar.com

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अमेरिकी सेना में सुरक्षित नहीं है महिलाओं की आबरू

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वॉशिंगटन. दुनिया की चोटी की सेनाओं में शुमार अमेरिकी सेना का एक स्याह सच सामने आया है। अमेरिकी सेना में यौन अपराधों की लंबी चौड़ी फेहरिस्त है, जिनमें कई रोंगटे खड़े कर देने वाली सच्चाई छुपी हुई है। अमेरिकी सेना में तैनात महिला सैनिकों के लिए हालात इतने बिगड़ गए हैं कि अमेरिका में यह कहा जाने लगा है कि कोई दुश्मन अमेरिकी महिला सैनिक को मारे इससे कहीं ज़्यादा आशंका इस बात की रहती है कि इराक में तैनात अमेरिकी महिला सैनिक को उसका साथी ही 'शिकार' बना ले।

 
यह मामला इतना गंभीर है कि अमेरिकी फौज से रिटायर हो चुके कई पुरुष और महिलाओं ने अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन के खिलाफ मुकदमा किया है। मुकदमा करने वालों में 25 महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं (मुकदमा कायम करते समय कुल लोगों की तादाद महज 17 थी)। इन लोगों का दावा है कि सशस्त्र सेनाओं में ड्यूटी के दौरान यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है।

इन लोगों ने पूर्व रक्षा मंत्रियों डोनाल्ड रम्सफील्ड और रॉबर्ट गेट्स पर ऐसी संस्कृति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है, जिसमें उन महिलाओं और पुरुषों को सज़ा दी जाती है जो यौन उत्पीड़न की शिकायत करते हैं।


यह मुकदमा फरवरी में सामने आया था। तब से और ऐसे 400 लोग सामने आए हैं, जिन्होंने सेना में यौन उत्पीड़न की शिकायत की है। इस मुकदमे को सुजैन बर्क लड़ रही हैं। ये सभी लोग इस समय अदालत के उस फैसले का इंतजार कर रहे हैं, जिसमें उसे यह तय करना है कि इस मामले में ट्रायल शुरू होगा या नहीं।

रक्षा मंत्रालय के वकील ने 1950 के एक अदालती फैसले के हवाले से इस मुकदमे को खारिज करने की अपील की है। 1950 में कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि सेना में ड्यूटी के दौरान चोट लगने पर सरकार उसके लिए जिम्मेदार नहीं होगी।


लेकिन जानकार मानते हैं कि यह मुकदमा आगे चले या नहीं, लेकिन इस पूरी कोशिश ने अमेरिकी सेना के काले सच से पर्दा उठा दिया है। अमेरिकी रक्षा विभाग के डिपार्टमेंट एसएपीआरओ की 2010 की रिपोर्ट के मुताबिक  पिछले साल अमेरिकी सेना में यौन अपराधोंके 3,158 मामले दर्ज किए गए। लेकिन इनमें से महज 529 ही कोर्ट तक पहुंच सके और इनमें भी 104  में ही सज़ा मिल पाई।

लेकिन ये आंकड़े सच का सिर्फ एक छोटा हिस्सा भर हैं। यौन अपराधों के ज़्यादातर मामले तो दर्ज ही नहीं हो पाते हैं। एसएपीआरओ का ही आकलन है कि पिछले साल ही सेना के भीतर यौन अपराधों के 19,000 ऐसे मामले हुए, जिन्हें दर्ज नहीं किया गया।

अमेरिका में बुजुर्गों से जुड़े विभाग ने एक स्टडी की है, जिसके मुताबिक सेना में तैनात हर तीन महिला सैनिकों में से एक ड्यूटी के दौरान यौन हिंसा का सामना करती है। जबकि सिविल सोसाइटी में यह आंकड़ा हर छह महिलाओं में से एक का है। sabhar : bhaskar.com



 
 
 

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