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शनिवार, 19 नवंबर 2011

व्‍लादि‍मीर पुतिन को चीन का शांति पुरस्कार

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चीन के विद्वानों के समूह ने रूस के प्रधानमंत्री व्लादिमीर पुतिन को नोबेल शांति पुरस्कार के चीनी प्रारूप से नवाजा है. आयोजकों ने यह जानकारी देते हुए पुतिन को ‘विश्व शांति कायम रखने में उत्कृष्ट’ करार दिया.
व्‍लादि‍मीर पुतिन


एक आयोजक कियाओ दामो ने कहा कि पुतिन ने जर्मन चांसलर एंजेला मार्केल और चीनी कृषि वैज्ञानिक युआन लोंगपीइंग को मात देकर इस साल का ‘कनफ्यूशियस पीस प्राइस’ जीता. यह पुरस्कार पिछले साल से शुरू हुआ है. बीजिंग के विरोध के बावजूद जेल में बंद लियु जियाओबो को नोबेल पुरस्कार से नवाजने से दो दिन पूर्व इस संगठन ने इस पुरस्कार की घोषणा की थी.
ज्यूरी सदस्यों ने हालांकि सरकार से किसी तरह से जुड़े होने से इनकार किया था लेकिन पुरस्कार के कार्यकारी अध्यक्ष लियु हाओफेंग ने कहा कि यह पुरस्कार चीन के संस्कृति मंत्रालय की देखरेख में शुरू किया गया है.
ज्यूरी के 16 में से नौ सदस्यों ने पुतिन के पक्ष में मत दिया. कियाओ ने कहा कि इस अप्रैल या मई में पुतिन ने लीबिया पर बमबारी करने के नाटो के विचार का विरोध किया था जिससे लगता है कि वह विश्व में शांति स्थापित करना चाहते हैं.

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वीडियो में देखें : बिग बॉस की हसीना ने पहन ली सबसे सामने ही ब्रा !

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रियो डी जेनरो. क्या आपने बिग बॉस में किसी हसीना को ब्रा पहनते हुए देखा है? क्या आपने अब तक किसी इंटीमेट सीन देखे हैं? हम्ममम...शायद जवाब ना में। लेकिन ब्राजील में ऐसा नहीं है। हिंदुस्तान के बिग बॉस में सिर्फ गाली-गलौज ही होती है, लेकिन ब्राजील में तो बकायदा पूरा देश इस शो के माध्यम से इंटीमेट सीन देखता है। यकीन नहीं होता तो जरा गूगल में बिग बॉस ब्राजील डालकर देख लें। इतना ही नहीं, नेशनल टीवी पर बकायदा महिलाएं ब्रा पहनती दिख सकती हैं। कई ऐसी घटनाएं हो सकती हैं ब्राजील के बिग बॉस में कि आपकी आंखे शर्म से शायद झुक जाएं।
sabhar: bhaskar.com

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सिर्फ एक घंटे में कहीं भी हमला कर सकता है अमेरिका, मंत्री ने भारत को बताया दुश्‍मन

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होनोलुलू. अमेरिका ने ध्वनि की रफ्तार से पांच गुनी तेजी से उड़ सकने वाले हाइपरसोनिक बम वाहक का सफल परीक्षण किया। अब अमेरिका दुनिया में कहीं भी एक घंटे के अंदर हमला बोल सकता है।

सेना ने गुरुवार आधी रात के बाद लगभग एक बजकर 30 मिनट पर काउअई स्थित सेना के प्रशांत मिसाइल रेंज प्रतिष्ठान से ‘एडवांस्ड हाइपरसोनिक वेपन’ का परीक्षण किया। पेंटागन प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल मेलिंडा मोर्गन ने बताया कि हथियार का ‘ग्लाइड व्हीकल’ आधे घंटे से भी कम समय में 3700 किलोमीटर दूर पहुंच गया।  

इस साल के शुरू में ‘कांग्रेशनल रिसर्च सर्विस’ ने एक रिपोर्ट में कहा था कि एडवांस्ड हाइपरसोनिक वेपन विश्व में कहीं भी तत्काल हमले की क्षमता विकसित करने के सेना के कार्यक्रम का हिस्सा है। इससे अमेरिका विश्व में कहीं भी पारंपरिक हथियारों के साथ एक घंटे से भी कम समय में ठिकानों को निशाना बना पाएगा।   पेंटागन ने बताया कि एडवांस्ड हाइपरसोनिक वेपन (एएचडब्ल्यू) का डिजाइन धरती के वातावरण में लंबी दूरी तक उड़ान भरने के लिहाज से तैयार किया गया है। इसकी गति ध्वनि से पांच गुना ज्यादा है। इस परियोजना पर 1200 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं, जबकि इस इस बम वाहक के परीक्षण पर 6.9 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।  

अमेरिकी रक्षा मंत्री ने भारत को बताया खतरा
 
अमेरिका के नए रक्षा मंत्री लिओन पनेटा ने अपने एक भाषण में शुक्रवार को ‘चीन और भारत को अमेरिका का दुश्मन’ बताया है। हालांकि, रक्षा मंत्रालय ने इस बयान को ‘उनकी गलती बताते हुए कहा कि पनेटा का यह मतलब नहीं था।’ कनेक्टिकट में एक पोत कारखाने में भाषण के दौरान पनेटा ने कहा, ‘चीन और भारत सरीखे उभरते देशों से हमें खतरा है। हमें सावधान रहते हुए यह सुनिश्चित करना होगा कि उनसे मुकाबला करने के लिए हमारे पास हमेशा पर्याप्त सेना मौजूद रहे।’

पनेटा का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने बहुपक्षीय स्तर पर संबंधों को बेहतर करने की बात कही थी। इसके बाद प्रेस सचिव जॉर्ज लिटिल ने कहा, ‘पनेटा भारत को खतरे के रूप में नहीं देखते हैं।’ sabhar: bhaskar.com

 

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खुदाई में मिले 20 लाख साल पुराने कंकाल, अब भी ताजा है चमड़ी

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लंदन. दक्षिण अफ्रीका के मलापा स्थल से करीब 20 लाख साल पुराने दो कंकाल मिले हैं जिनकी हड्डियों पर अभी भी त्वचा दिखाई दे रही है। इस खोज से वैज्ञानिकों को उस समय के लोगों की जीवनशैली के बारे में अहम जानकारी हाथ लग सकती है। आदि मानव के नातेदारों की चमड़ी सहित दो कंकाल मिले हैं। ऐसी खोज अभी तक नहीं हुई थी। इसे विटवाटरस्ट्रैंड विश्वविद्यालय और दक्षिण अफ्रीका की सरकार द्वारा लंदन के 'नेचुरल हिस्ट्री म्युजियम' को दान कर दिया गया है।

समाचार पत्र 'डेली मेल' की रपट के मुताबिक 19 लाख वर्ष पुराने इन जीवाश्मों को 'आस्ट्रालोपिथेकस सेडिबा' नाम दिया गया है। विट्स विश्वविद्यालय में 'मानव उद्विकास संस्थान' के प्रोफेसर ली बर्जर द्वारा इसका अध्ययन किया गया है।

विशेषज्ञों को सबसे ज्यादा उत्तेजित करने वाली बात यह है कि कंकाल की हड्डियों पर पतली त्वचा मौजूद है। इसके कारण वैज्ञानिक डीएनए और प्रोटीन का अध्ययन कर हमारे पूर्वजों की जीवनशैली के बारे में अहम जानकारी दे सकेंगे।

इनमें एक मां और उसके बच्चे का कंकाल शामिल है। त्वचा का संरक्षण मुश्किल है लेकिन अगर आक्सीजन रहित पानी में त्वचा मर जाती है तो इसका संरक्षण दशक तक सम्भव हो जाएगा।

ब्रिटेन में इस अनोखे आदि मानव जैसी प्रजातियों की सार्वजनिक प्रदर्शनी लगाई जाएगी। sabhar: bhaskar.com

 

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इसके आते ही नहीं पड़ेगी गर्लफ्रेंड की जरूरत

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आज अकेलापन एक ग्‍लोबल प्रॉबलम है। दुनिया के हर देश में लोग अकेलेपन की समस्‍या से जूझ रहे हैं।ऐसे में एक जर्मन डिजाइनर ने प्रेमी नाम का रोबोट इंजाद किया है जो रोबोट फिल्‍म की चिटी की तरह काम करेगा। वह इंसान की अकेलेपन से संबंधित सारी समस्याओं को खत्म कर देगा।

 जर्मन डिजाइनर स्टीफन एलिक का कहना है कि इंसान को टच करते ही पता लगा लेगा कि उसे क्या प्रॉब्लम है और उसी के मुताबिक उसे सुलझाने की कोशिश करेगा। फिर चाहे आपकी प्रॉब्लम अकेलेपन की या फिर प्यार, यह रोबोट हर तरह से आपका बेहतर साथी साबित होगा।

 यह रोबोट न सिर्फ इंसान का अकेलापन दूर करेगा, बल्कि उसे यह अहसास भी कराएगा कि उसके पास कोई तो अपना है। यही नहीं, प्रॉब्लम समझ में आ जाने पर यह उसका सल्यूशन भी बताएगा।

यानी कि आप इससे जीभर कर हंसी - मजाक कर सकते हैं  और डांट भी सकते हैं । यह कभी नाराज नहीं होगा। यह हमेशा आपका ही बना रहेगा ।  sabhar: bhaskar.com

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शुक्रवार, 18 नवंबर 2011

चीन की धमकी- अमेरिकी दखल बर्दाश्‍त नहीं, मनमोहन बोले- जारी रहेगी तेल की खोज

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बाली (इंडोनेशिया). दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन आसियान के सम्‍मेलन में माहौल गरमा रहा है।चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लियू वीमिन ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि बीजिंग अपने हितों और संप्रभुता पर किसी भी देश का हमला बर्दाश्त नहीं करेगा। चीन की यह चेतावनी अमेरिकी राष्‍ट्रपति बराक ओबामा के उस बयान के बाद आई है कि अमेरिका एशिया प्रशांत क्षेत्र में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा। चीनी प्रवक्‍ता ने यह भी कहा कि दक्षिण चीन सागर मामले में दूसरे देशों के दखल से स्थितियां और ज्यादा विषम हो जाएंगी। इस सागर पर चीन अपना दावा जताता रहा है। संभव है यह मुद्दा शुक्रवार को मनमोहन-वेन मुलाकात के दौरान भी उठे।

फुडान विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर अमेरिकन स्टडीज के सह-निदेशक वू झिनवो ने कहा कि अमेरिका की स्थिति और मजबूत होने से दक्षिण चीन सागर मुद्दा और ज्यादा गर्मा जाएगा। एक वक्त ऐसा आ जाएगा जब इस मामले में कई देश शामिल होंगे, यदि क्षेत्रीय देश आपस में सीधे संवाद बनाकर इस मुद्दे पर बात करें तो समाधान निकल सकता है लेकिन किसी भी बाहरी ताकत का दखल मुद्दे को और भड़काएगा। 

चीन के इस रुख के बीच यहां परमाणु करार को लागू करने में सामने आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए भारतीय प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा से मुलाकात की।  भेंट के बाद मनमोहन सिंह ने कहा, 'मैंने राष्ट्रपति ओबामा से कहा है कि इस बारे में (परमाणु करार) हमारे यहां पहले से कानून हैं और नियम बनाए गए हैं। यह 30 दिनों तक संसद में रहेगा। इसलिए कानून के दायरे में हम अमेरिकी कंपनियों की चिंताओं को दूर करने के लिए तैयार हैं।' भारत ने अमेरिका के सामने साफ कर दिया है कि अमेरिका भारत में निवेश बढ़ाए।    

दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ से मुलाकात के दौरान यह साफ कर दिया है कि भारत दक्षिण चीन सागर में तेल की खोज जारी रखेगा। प्रधानमंत्री ने जियाबाओ से साफतौर पर कहा है कि दक्षिण चीन सागर में भारत की तेल खोजने की गतिविधि सिर्फ कारोबारी नजरिए से की जा रही है। गौरतलब है कि हाल के महीनों में दक्षिण चीन सागर में वियतनाम के साथ तेल की खोज करने पर चीन ऐतराज जताता रहा है।

इससे पहले डॉ.सिंह ने जियाबाओ से कहा कि भारत चीन के साथ बेहतरीन रिश्ता चाहता है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि क्षेत्रीय, द्विपक्षीय और वैश्विक स्तर पर चीन के साथ संबंध विकसित किए जाएंगे। वहीं, वेन जियाबाओ ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से कहा है कि भारत और चीन को कंधे से कंधा मिलाकर विकास की तरफ बढ़ना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि 21 वीं सदी एशिया की सदी बने।

ये मुलाकातें ऐसे समय पर हो रही हैं जब अमेरिका ने भारत को अहम ताकत बताया है और चीन को चेताया है। चीन ने भी सरकारी अखबार 'पीपुल्‍स डेली' के जरिए धमकी दी है कि आस्टे्रलिया निश्चित रूप से चीन को मूर्ख नहीं बना सकता। चीन के लिए इससे अलग रहना असंभव है। फिर चाहे आस्ट्रेलिया चीन की सुरक्षा के महत्व को कम करने के लिये कुछ भी करे।

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एशिया प्रशांत क्षेत्र में भारत को बड़ी शक्ति बताते हुए गुरुवार को उसकी पूर्वोन्मुखी नीति की प्रशंसा की तथा क्षेत्र की सुरक्षा में उसकी भूमिका को स्वीकार किया।

आस्ट्रेलियाई संसद को संबोधित करते हुए ओबामा ने एशिया प्रशांत क्षेत्र में अपनी सैन्य तैनाती बढ़ाने की महत्वाकांक्षी योजना में भारत का स्वागत किया तथा क्षेत्रीय सुरक्षा में भारत की भूमिका को स्वीकार करते हुए उसकी पूर्वोन्मुखी नीति की प्रशंसा की। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस क्षेत्र में अमेरिकी नौसैनिक जहाजों की बढ़ती मौजूदगी तथा फिलिपींस और सिंगापुर में प्रशिक्षण अभ्यास, समुद्री डकैतों से निबटने में इंडोनेशिया के साथ सहयोग तथा आपदा राहत के लिए थाईलैंड के साथ भागीदारी का जिक्र करते हुए कहा कि इस क्षेत्र की सुरक्षा में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण है।
विशेषज्ञ की राय
'चीन भारत को घेरता रहेगा। भारत को दक्षिण चीन समुद्र में अपनी दखल बढ़ानी होगी और चीन के दबाव के आगे झुकना नहीं चाहिए। इसके लिए भारत को जापान, दक्षिण कोरिया, वियतनाम से दोस्ती बढ़ानी होगी। भारत को चीन के साथ बराबरी के स्तर पर बातचीत करनी चाहिए। वहीं, भारत को अमेरिका का सहयोगी नहीं बल्कि साझेदार बनना चाहिए।' 
जी. पार्थसारथी, पाकिस्तान में भारत के पूर्व उच्चायुक्त
ओबामा ने चेताया- चीन से डरता नहीं है अमेरिका, ड्रैगन का पलटवार sabhar: www.bhaskar.com

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फिक्‍स था 1996 सेमीफाइनल? क्‍यूरेटर ने भी उठाए सवाल, कैसे टर्न करने लगी पिच?

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नई दिल्‍ली. क्रिकेट विश्वकप 1996 के सेमीफाइनल में श्रीलंका के हाथों भारतीय टीम की नाटकीय ढंग से हार का मामला तूल पकड़ने लगा है। उस वक्‍त ईडन गार्डन पर हुए इस मैच के पिच क्‍यूरेटर ने ताजा खुलासा किया है। क्‍यूरेटर कल्‍याण मित्रा ने कहा है कि अगर वह कप्‍तान होते तो पहले बल्‍लेबाजी चुनते लेकिन इस बारे में कोई भी फैसला कप्‍तान का होता है। तत्‍कालीन पिच क्‍यूरेटर कल्‍याण मित्रा ने कहा, ‘मेरे विचार से टॉस जीतकर पहले बल्‍लेबाजी करनी चाहिए थी हालांकि मैंने अजहर को कुछ नहीं बताया था। लेकिन एक बात समझ नहीं आ रही कि सचिन के आउट होने के बाद पिच क्‍यों टर्न लेने लगी?’

तत्‍कालीन भारतीय टीम के कप्तान और मुरादाबाद से कांग्रेस के सांसद मोहम्मद अजहरूद्दीन शुक्रवार को पूर्व क्रिकेटर विनोद कांबली पर बरस पड़े। अजहर ने कांबली के उस बयान पर सख्त ऐतराज जताया जिसमें कांबली ने कहा था कि उन्हें शक है कि 1996 विश्वकप सेमीफाइनल का मैच फिक्स था।

अजहर ने कहा कि कांबली ने उस समय की टीम के सदस्‍यों की बेइज्‍जती की है। पूर्व कप्‍तान ने कहा कि उन्‍हें पहले गेंदबाजी करने के अपने फैसले पर अफसोस नहीं है। कांबली ने अजहर के इसी फैसले पर सवाल उठाए हैं।

अजहर ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा, ‘हमने गेंदबाजी का फैसला किया। इस बारे में चर्चा हुई थी और यह पूरी टीम का फैसला था। विनोद जो कह रहे हैं वो बिल्‍कुल बकवास है। वह जरूर टीम की मीटिंग के वक्‍त सो रहे होंगे।’
अजहर ने कहा, ‘हम पहले गेंदबाजी करना और श्रीलंका के लक्ष्‍य का पीछा करना चाहते थे। हम इस मैच में कुछ अलग करना चाहते थे। यह बेहद दुखद है कि लोग मेरे उस फैसले पर सवाल उठा रहे हैं। कांबली झूठ बोल रहे हैं और इससे उनकी क्‍लास का पता चलता है। कांबली ने कई मौकों पर कहा कि मैं सर्वश्रेष्‍ठ कप्‍तान था। मैच फिक्सिंग का मामला हाईकोर्ट गया था। जब मेरा नाम इस मामले से हटा तो सभी को सच्‍चाई का पता चल जाएगा। मुझ पर इन आरोपों का असर नहीं हो रहा है।’
कांबली ने कहा कि 1996 वर्ल्‍ड कप सेमीफाइनल के मैच के बाद उनका कॅरियर खत्‍म हो गया। हालांकि अजहर ने उनके बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांबली उस मैच के बाद भी क्रिकेट खेले थे। कांबली खुद मूर्ख बन रहे हैं।

अजहर बोले, 'कांबली का बयान तीसरे दर्जे का है। कांबली को अपने मुंह पर टेप लगा लेना चाहिए। मुझे इस पर सफाई नहीं देनी है। अब बोलने का क्या मतलब है। मेरी कप्तानी में कैसे खेलते थे कांबली, उन्हें पता है।' अजहर यहीं नहीं रुके। उन्होंने कांबली के खेल और उनकी प्रतिभा पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि एक-दो टेस्ट मैच खेलने वाले भी आजकल टीवी पर एक्सपर्ट बनकर कमेंट दे रहे हैं।

अजहर के बयान पर विनोद कांबली ने तीखी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि पूर्व कप्तान मेरा चरित्र हनन कर रहे हैं। विनोद का कहना है कि वह अजहर पर मुकदमा करेंगे। कांबली ने कहा, 'जहां तक बात मेरे क्रिकेट करियर की है तो उन्होंने रनों के अंबार लगाए हैं। मैंने दो दोहरे शतक लगाए हैं। उनके आंकड़े दुनिया के सामने हैं।' इस मामले पर तत्कालीन बीसीसीआई अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने कहा कि विनोद ने यह मुद्दा उस समय क्यों नहीं उठाया। उन्होंने पूछा कि वह 15 साल बाद क्यों बोल रहे हैं?

1996 का विश्‍व कप सेमीफाइनल खेलने वाले पूर्व क्रिकेटर वेंकटपति राजू ने भी कांबली के आरोपों को सिरे से नकार दिया है, जबकि नवजोत सिंह सिद्धू, नयन मोंगिया और मनोज प्रभाकर ने इस बारे में बात करने से इंकार कर दिया है।


तत्‍कालीन कप्‍तान अजहर के फैसले का समर्थन करते हुए वेंकटपति राजू ने कहा है कि यह टीम मीटिंग में पहले ही तय हो गया था कि भारत पहले फील्डिंग ही करेगा। श्रीलंका स्कोर का पीछा ज्यादा आसानी से कर सकता था इसलिए टीम ने तय किया था कि यदि टॉस जीते तो पहले फील्डिंग करें। राजू ने कहा है कि मैच से पहले टीम मीटिंग हुई थी और सिद्धू ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी की बात की थी, लेकिन उससे पहले दिल्ली में खेले गए मैच में जयसूर्या और कालूवितर्ना ने जबरदस्त फॉर्म का प्रदर्शन किया। श्रीलंका की योजना पहले 15 ओवर में 120 रन स्कोर करने की थी। भारत की ओर से पहले फील्डिंग करने का फैसला पूरी टीम का था, सिर्फ कप्तान ने यह फैसला नहीं लिया था। हमने शुरुआती ओवरों में ही श्रीलंका के दो विकेट गिरा दिए थे लेकिन अरविंद डिसिल्वा और रणतुंगा ने जबरदस्त गेम खेला।


कांबली के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए तत्कालीन टीम मैनेजर अजित वाडेकर ने कहा कि मैच से पिछली रात में हुई टीम मीटिंग में फैसला लिया गया था कि भारत पहले फील्डिंग करेगा। वाडेकर ने कहा है कि श्रीलंका ने ऑस्ट्रेलिया को भी हराया था और वे सच में चैंपियन थे। अजित वाडेकर ने कहा कि उन्हें इस मैच पर कोई शक नहीं है। हालांकि पूर्व क्रिकेटर सिद्धू, मोंगिया और प्रभाकर ने इस बारे में बात करने से इंकार कर दिया है।
टीम इंडिया के पूर्व ओपनर चेतन चौहान का मानना है कि बीसीसीआई को इस मामले को गंभीरता लेना चाहिए। चौहान के मुताबिक चूंकि कांबली उस वक्‍त टीम के सदस्‍य थे इसलिए उनके दावों की जांच की जानी चाहिए और दोषियों को सजा दी जानी चाहिए।

श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर और तत्‍कालीन वर्ल्‍ड कप के मैन ऑफ द सीरीज रहे सनत जयसूर्या ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा, 'कांबली के बयान से निराश हूं। 1996 वर्ल्‍डकप का सेमीफाइनल मुकाबला बिल्‍कुल साफ-सुथरा था।'

दिल्‍ली पुलिस का क्‍या है कहना?

यह पूछे जाने पर कि क्‍या दिल्‍ली पुलिस ने अदालत की कार्यवाही और पाकिस्‍तान के क्रिकेटरों के कबूलनामें के आलोक में इस मामले की जांच फिर से शुरू करने की तैयारी है, स्‍पेशल ब्रांच में डिप्‍टी कमिश्‍नर अशोक चांद ने कहा कि इंग्‍लैंड में दर्ज मैच फिक्सिंग के मामले का दिल्‍ली पुलिस की ओर से दर्ज मामले से कोई लेना-देना नहीं है। चांद ने कहा, ‘हम जांच के दौरान इकट्ठा किए गए आवाज के नमूनों की फॉरेंसिक रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहे हैं। इस मामले की जांच फिर से करने का कोई मतलब नहीं है क्‍योंकि हमने अपने सिरे से जांच कर ली और सीबीआई ने अपने तरीके से जांच की है।’

आपकी बात
कांबली के दावों में आपको कितनी सच्‍चाई लगती है? यदि ऐसा हुआ था तो कांबली अब तक चुप क्‍यों थे? क्‍या बीसीसीआई और आईसीसी को इस मामले की जांच करनी चाहिए? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्‍स में लिखें।
 sabhar : bhaskar.com

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मिस्र में बुरके का विरोध: ब्लॉगर ने पोस्‍ट की अपनी नंगी तस्‍वीरें, भड़के कट्टरपंथी

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काहिरा. मिस्र की एक ब्लॉगर ने महिलाओं के खिलाफ सख्ती का विरोध करते हुए अपनी न्यूड तस्वीरें ब्लॉग पर प्रकाशित कर दी जिससे ट्विटर पर गंभीर बहस छिड़ गई है। आलिया माग्दा अल्मादी नाम की इस ब्लॉगर की न्यूड तस्वीरें ट्विटर पर आते ही सनसनी बन गईं और हैशटैग न्यूड फोटो रिवोल्यूशनरी (नग्न फोटो वाली क्रांतिकारी, #nudephotorevolutionary) ट्विटर पर जंगल की आग की तरह फैल गया। विश्व भर से लोग इस पर प्रतिक्रियाएं देने लगे। 
 
आलिया ने अपनी आठ नग्न तस्वीरें ब्लॉग पर प्रकाशित की है। अब तक उसके ब्लॉग को करीब 21 लाख बार देखा जा चुका है और यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। आलिया का कहना है कि वो यह तस्वीरें एक हिंसक, जातिवादी, सेक्स अपराधों से त्रस्त, महिलाओं पर जुल्म करने वाले समाज के खिलाफ आवाज उठाने के लिए पोस्ट कर रही है। 
 
23 अक्‍टूबर को अपनी न्यूड तस्वीरें पोस्ट करने वाली इस बीस साल की ब्लॉगर का कहना है कि वो 16 साल की उम्र से धर्म में यकीन नहीं रखती है और उसने ये तस्वीरें अपने प्रेमी से मिलने से पहले ही अपने मां-बाप के घर में खींची थी। आलिया ने फेसबुक पर कहा कि मैं मानती हूं कि बुरका मिस्त्र में महिलाओं की व्यक्तिगत पसंद नहीं है बल्कि सामाजिक और पारिवारिक दवाब में पहना जाता है। 
 
आलिया ने यह भी कहा कि महिलाएं इसलिए बुरका पहनती हैं क्योंकि वो नहीं चाहती कि उन्हें सड़कों पर सार्वजनिक रूप से पीटा जाए। मैं नहीं समझ पाती हूं कि महिलाओं पर ही क्यों जुल्म होता है, पुरुषों से बुरका पहनने के लिए क्यों नहीं कहा जाता है। 
 
न्यूड पोस्ट करने के बाद आलिया की मिस्र में खूब आलोचना हो रही है। आलिया उदारवादी और कट्टरपंथी दोनों के निशाने पर आ गई है। २८ नवंबर को देश में संसदीय चुनाव होने हैं। उदारवादी पार्टियों का कहना है कि आलिया के इस कदम से धर्मनिरपेक्ष पार्टियों की छवि पर दाग लगा है और इससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। 
 
 




गौरतलब है कि मिस्र के समाज में नग्नता की कोई जगह नहीं है। आर्ट के रूप में भी नग्नता को मान्यता नहीं दी गई है। मिस्त्र में ज्यादातर मुस्लिम सिर ढकते हैं और जो लोग ऐसा नहीं करते हैं वो भी अपनी बाहों या टांगों का प्रदर्शन नहीं करते। आलिया ने तो अपनी पूरी तरह नग्न तस्वीरें पोस्ट कर दी हैं। 
 
आलिया के इस कदम के बाद उनके समर्थन और विरोध में फेसबुक पर भी कई पेज बन गए हैं। एक समर्थक का कहना है कि मिस्र के लोगों को नग्नता और सेक्स में फर्क करना सीखना चाहिए। वहीं कट्टरपंथी इस युवती को मानसिक रूप से पागल और वेश्या करार देते हुए उसकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।   
 
आलिया के इस ब्लॉग को फेसबुक पर भी दस हजार से ज्यादा लोगों ने शेयर किया है और अब तक लगभग तीन हजार कमेंट इस पर आ चुके हैं। ज्यादातर लोग ऐसा करने के लिए आलिया की आलोचना कर रहे हैं। आलिया के प्रेमी आमिर करीम भी मिस्र के मशहूर ब्लॉगर हैं। इस्लाम पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था। sabhar: bhaskar.com

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'रंग रसिया' में न्यूड हो गईं नंदना, देखिए हॉट तस्वीरें

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नंदना सेन की बॉलीवुड में अब तक कोई खास पहचान नहीं बन सकी|मगर आनेवाली फिल्म 'रंग रसिया' में जबरदस्त अंग प्रदर्शन की वजह से वह इन दिनों चर्चा में आ गई हैं| यह फिल्म काफी समय पहले 2008 में ही बन गई थी मगर रिलीज़ न हो सकी लेकिन अब इसके रिलीज़ होने का रास्ता साफ़ हो चुका है|

फिल्म अगले साल फरवरी 2012 में रिलीज़ होगी| इस फिल्म में नंदना ने न्यूड सींस दिए हैं, हाल ही में नंदना से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने न्यूडिटी के बारे में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, न्यूडिटी को दो तरह से लिया जा सकता है-एक आप महिला के शरीर को एक भोग विलास की वस्तु की तरह पेश कर उसकी छवि ख़राब कर सकते हैं|

वहीं रंग रसिया में इसे महिला को अश्लील ढंग से पेश करने के लिए बल्कि नहींउसकी शक्ति का प्रदर्शन करने के तरीके की तरह दिखाया गया है|फिल्म को केतन मेहता में बनाया है जिसमें रणदीप हुड्डा ने राजा रवि वर्मा का किरदार निभाया है|नंदना ने उनकी प्रेमिका सुगंधा बाई की भूमिका निभाई है जिसकी वह न्यूड पेंटिंग्स बनाते हैं|देखिए फिल्म में नंदना के बोल्ड अंदाज इन तस्वीरों में: sabhar : bhaskar.com
 
 
 
 
 
 
 

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गुरुवार, 17 नवंबर 2011

बिग बॉस 5 में हुस्न के जलवे दिखाएगी पॉर्न स्टार

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बिग बॉस-5 के प्रोड्यूसर्स ने पहले तो 13 महिलाओं के साथ हिंदी फिल्मों के विलेन शक्ति कपूर को शामिल किया। उसके बाद धीरे-धीरे और पुरुष प्रतिभागियों को इसमें वाइल्ड कार्ड इंट्री दी गई है।



इसके बावजूद टीवी के सबसे कंट्रोवर्सियल रियलिटी शो में शामिल कई गुमनाम चेहरों व उनके बीच होने वाले गाली-गलौज और लड़ाईयों से दर्शक बोर होने लगे। शो के निर्माताओं को जब इस बात का अहसास हुआ तो उन्होंने दर्शकों को वापस इस शो से जोड़े रखने के लिए अब शो में हुस्न का तड़का लगाने की तैयारी कर ली है।



बहुत जल्द ही शो में एक हॉट हसीना की इंट्री होने वाली है और यह हॉट हसीना हैं कनेडियन पॉर्न फिल्म स्टार सनी लियॉन उर्फ कैरन मल्होत्रा। भारतीय मूल के माता-पिता की यह कनेडियन बेटी इन फिल्मों को लेकर कनाडा ही नहीं बल्कि दुनियाभर में एक फेमस पॉर्न स्टार है।



सनी ने दुनियाभर की कई हॉट मैगजीनों के कवर पेजों के लिए सेक्सी पोज भी दिए हैं। हमेशा ही टीआरपी में टॉप पर बने रहने वाला यह रियलिटी टीवी शो इस बार सेलेब्रिटीज के बिना टीआरपी में नीचे आता जा रहा है। हिंदी फिल्मों के विलेन शक्ति कपूर ही एक बड़ा नाम थे पर उन्हें नॉमिनेट करके बाहर निकाला जा चुका है।



हालांकि सूत्रों के अनुसार शक्ति कपूर को वाइल्ड कार्ड इंट्री के जरिए अब दोबारा से बिग बॉस में लाया जा सकता है। क्योंकि ऐसी सेक्सी हसीना के सामने शक्ति जैसे विलेन के होने से शायद प्रोग्राम का मजा कुछ बढ़ जाए। वैसे आपको बता दें कि सनी लियॉन सिर्फ पॉर्न फिल्मों और मैगजीनों के लिए मॉडलिंग ही नहीं करतीं बल्कि कई बिजनेस भी चलाती हैं।



कनाडा में ही पली-बढ़ी सनी की मां हिमाचल और पिता दिल्ली के हैं। दुनियाभर में मशहूर यह हॉट मॉडल डेबॉनेयर, पेंटहाउस, हस्लर, हाई सोसायटी और स्वैंक जैसी मैगजीनों के लिए मॉडलिंग कर चुकीं हैं। sabhar : bhaskar.com
 

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जानिए कैसे,अब जल्दी ही पूरी होगी कभी बूढ़ा न होने की हसरत?

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अब जल्द ही ,बढ़ती उम्र को रोक पाना हो जाएगा आसान  जवां रहने की चाहत किसे नहीं होती है ,चाहे वह प्राचीन काल के ऋषि मुनि हों या आज के आधुनिक वैज्ञानिक ,हर युग में सदैव जवां रहने और दिखने के लिए कुछ न कुछ उपाय या शोध किये जाते रहे हैं ,आयुर्वेद में भी रसायनों को चिर यौवन प्राप्त करने के लिए ही विकसित किया गया था। वर्तमान में भी वैज्ञानिक ऐसे तरीकों की तलाश में हैं , जो बढ़ती उम्र के प्रभाव को थोड़ा धीमा कर सके, या फिर शारीरिक क्षय की प्रक्रिया को रिवर्स कर दे।

यूनिवर्सिटी ऑफ  नार्थ केरोलीना के प्रोफे सर नोर्मन का कहना है, कि बढ़ती उम्र को धीमा करने की दिशा में किया जा रहा शोध बड़े ही सफल मुकाम पर है। अभी हाल ही में यूनाईटेड स्टेट्स में हुए शोध इस बात को दर्शा रहे हैं, कि बुजुर्गों की कोशिकाओं को स्टेम कोशिकाओं के रूप में पुन: विकसित कर बढ़ती उम्र को धीमा किया जा सकता है। अगर ऐसा हुआ तो यह एल्जाइमर,कैंसर एवं हृदय से सम्बंधित रोगों को मात देने में भी एक बड़ी कामयाबी होगी। 

लेकिन वैज्ञानिकों का यह भी मानना है, कि इस प्रकार के इलाज को विकसित करना एक कठिन कार्य है, तथा इससे मिलने वाले परिणामों की सख्त पड़ताल आवश्यक होगी। चिंता इस बात की है, कि यह बात तो महत्वपूर्ण है, कि इन कोशिकाओं को विकसित करना महत्वपूर्ण है ही, परन्तु इन्हें लेने वालों में कुछ संभावित खतरे भी हो सकते हैं। वर्ष 2010 में  चूहों पर किये गए अमेरीकी वैज्ञानिकों के अध्ययन ने टीलोमरेज नामक एंजाइम से चूहे की बढ़ती उम्र को रोकने में सफलता पायी थी, इसी प्रकार के एक दूसरे अध्ययन में जेनेटीकली मोड़ीफायड चूहे विकसित किये गए थे। ब्रिटिश जर्नल नेचर में प्रकाशित एक शोध पत्र के अनुसार हमारे शरीर में कुछ कोशिकाएं (सेनीसेंट सेल ) होती  हैं, जो अपने आप को पुनर्जीवित नहीं कर पाती हैं ,और यही कोशिकाएं बढ़ती उम्र के लिए जिम्मेदार होती हैं ,अगर इन कोशिकाओं को समय रहते समाप्त करने में पायी गयी सफलता हमें कैंसर ,हृदय रोग ,डेमेन्सीया जैसी बीमारियों को दूर  करने में मददगार सिद्ध होगी। वैज्ञानिक अब तक के इन शोध परिणामों से बड़े ही उत्साहित हैं ,और उनका कहना है, यदि इन शोधों पर पर्याप्त धन एवं प्रयास जारी रहा तो, वह दिन दूर नहीं ,जब हम जीवन को आगे बढाने के साथ साथ डाइबिटीज ,कैंसर एवं हृदय रोगों से असमय होनेवाली मृत्यु को टालने में कामयाब होंगे। sabhar : bhaskar.com

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बुधवार, 16 नवंबर 2011

कुदरत के इस करिश्मे को देख डॉक्टर भी रह गए थे दंग लेकिन...

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भागलपुर.शहर के बरारी थाना क्षेत्र के मेडिकल कॉलेज रोड स्थित प्राइवेट नर्सिंग होम जीवनदीप अस्पताल में शनिवार को प्रसव के लिए आई एक महिला ने दो सिर वाले अनोखे बच्चे को जन्म दिया। हलांकि बच्चे ने कुछ देर बाद ही दम तोड़ दिया। महिला ने इस अजूबे बच्चे को शनिवार को दिन में 11:40 मिनट पर दिया था। 
दो सिर वाले बच्चे के जन्म लेने की खबर शहर में जंगल की आग की तरह फैल गई फिर क्या था देखने के लिए लोगों का हुजूम जीवनदीप अस्पताल पहुंचने लगा। इस कारण कुछ देर के लिए नर्सिंग होम में अफरा-तफरी सी मच गई। 
अस्पताल में किसी अनहोनी की आशंका से सहमे पुलिस भी वहां पहुंच गई और भीड़ लगने का कारण जाना। जब पुलिसकर्मियों ने दो सिर वाला बच्चा को देख तो वह भी अपने मोबाइल कैमरा में अजूबे बच्चे को कैद करने से नहीं रोक सके।
 



प्रबंधन ने कहा
जीवनदीप अस्पताल के प्रबंधन डॉ. एनके यादव ने बताया कि दो सिर वाला बच्चा जन्म देने वाली महिला बांका जिले के धोरैया प्रखंड के पड़रिया गांव से मंटू राय की पत्नी लक्ष्मी देवी को शनिवार के दिन प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था। उन्होंने कहा कि महिला जब आयी थी तो काफी क्रिटीकल हालत में थी। इसलिए उसे सीधे लेवर रुम में भर्ती कराया गया। जहां कुछ देर बाद ही 11 बजकर 40 मिनट पर सामान्य डिलिवरी में पूर्ण विकसित दो सिर वाले बच्चे को जन्म दिया। हलांकि कुछ देर बाद ही बच्चे ने दम तोड़ दिया।
 
स्त्री व प्रसूति विशेषज्ञ ने बताया 
जवाहर लाल नेहरु मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के स्त्री व प्रसूति विशेषज्ञ डॉ. अनुपमा सिन्हा ने बताया कि दरअसल बच्चा को जुड़वा जन्म लेना था लेकिन बच्चे का सिर दो डिविजन में बंट गया किन्तु उसका शरीर दो भागों ने विकसित नहीं हो पाया। उन्होंने बताया कि लाखो केसेज में इस तरह का एक बच्चा जन्म लेता है लेकिन ज्यादातर मामलों में बच्चे का बच पाना मुश्किल होता है sabhar: bhaskar.com

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जल्दी उत्तेजित होने वाले मर्द सावधान, बड़े हॉट हैं ये योग!

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नई दिल्ली. योगा का नाम सुनते ही जेहन में बड़ी बोरिंग सी तस्वीर उभरती है। भगवा वस्त्र पहने कोई व्यक्ति योगा सिखा रहा है या कर रहा है। यदि आप योगा के बारे में ऐसा कुछ सोचते हैं तो जरा एक बार फिर से सोच लें। क्योंकि बदलते वक्त के साथ योगा का रंग भी बदला है और मिजाज भी। यकीन नहीं होता है ना? इसलिए आज हम लाए हैं दुनिया भर से कुछ ऐसी तस्वीरें, जिसमें खूबसूरत महिलाएं योगा कर रही हैं। कहते हैं कि अश्लीलता देखने वालों की नजरों में होती है। हमारा भी कुछ ऐसा ही मानना है। इसलिए इन खूबसूरत और सेक्सी महिलाओं को बड़े आराम से देखिए। हां बस इसमें कुछ ऐसा वैसा मत खोजिएगा। समझ गए ना! चलिए अब आपको ज्यादा बोर नहीं करते हुए सीधे तस्वीरों पर ही ले आते हैं। sabhar: bhaskar.com
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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नैनोपार्टिकल्स पहुंचाएंगे दवा

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मेडिसिन के क्षेत्र में गंभीर बीमारियों की पहचान और उपचार में नैनो टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल काफी पहले से हो रहा है। लेकिन अब नैनोपार्टिकल्स के जरिए शरीर में दवा पहुंचाने की तैयारी चल रही है।

नैनो टेक्नोलॉजी मेडिसिन जगत की कायाकल्प को तैयार है। खासकर मरीजों को दवा देने की प्रक्रिया तो पूरी तरह से बदल जाएगी। इसके जरिए शरीर के प्रभावित हिस्से को सीधे-सीधे दवा मिल सकेगी, वह भी उस हिस्से के आसपास की कोशिकाओं को बगैर कोई नुकसान पहुंचाए। दवा ले जाने वाले नैनोपार्टिकल्स शरीर में फैलकर ऊतकों में प्रवेश करेंगे। आकार में छोटे होने से वे बारीक से बारीक रक्त वाहिनियों तक में जा सकेंगे।

कैसे होंगे नैनोपार्टिकल्स

दवाओं को पहुंचाने के लिए 100 माइक्रोन (एक माइक्रोन यानी 0.001 मिमी) आकार वाले नैनोपार्टिकल्स की मदद ली जाएगी। इन्हें ऐसे मटेरियल से बनाया जाएगा जिसमें या तो दवा घोली जाएगी या उसमें बांध कर दवा पहुंचाई जाएगी। यह मटेरियल बायो डीग्रेडेबल होगा यानी निश्चित लक्ष्य यानी अंग तक पहुंचने के बाद स्वयं ही घुल कर समाप्त हो जाएगा। इसके किसी तरह के साइड इफैक्ट्स भी सामने नहीं आएंगे।

क्या होगा फायदा

नैनोपार्टिकल्स के जरिए दवा प्रभावित अंग, ऊतक या ट्यूमर तक पहुंचेगी। इस तरह उस हिस्से को सही डोज सीधे तौर पर मिलेगी और दवा की बर्बादी रुकेगी।

फिलहाल क्या है स्थिति

मेडिसिन के क्षेत्र में नैनोपार्टिकल्स का इस्तेमाल कुछ खास कैंसर की उपचार विधियों में किया जा रहा है। इनके जरिए कैंसर कोशिकाओं को खत्म किया जा रहा है। यही नहीं, नैनोपार्टिकल्स के जरिए कैंसर की पहचान भी की जा रही है। इनकी मदद से कैंसर को बिल्कुल शुरुआती स्तर पर ही खत्म करने में मदद मिल रही है।

-पी. घोष एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर, बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ साइंटिफिक रिसर्च sabhar : bhaskar.com

 

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कोचिंग में शिक्षक ने छात्रा के साथ की अश्लील हरकत और जमकर पड़े लात-घूंसे

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मुंगेर. मुंगेर जिले के जमालपुर थाना क्षेत्र के फुल्का स्थित एक निजी कोचिंग रामकृष्ण एकेडमी के शिक्षक प्रकाश सिंह बादल ने अपने यहां पढऩे वाली इंटर की छात्रा रंजना (काल्पनिक नाम) के साथ छेडख़ानी की है। घटना के बाद छात्रा के परिजनों ने आरोपी शिक्षक की जमकर धुनाई की।

क्या है मामला?

बताया जाता है कि अन्य दिनों की तरह मंगलवार को भी छात्रा रंजना कोचिंग करने गई थी। लेकिन उसे क्या पता था कि कोचिंग के एक शिक्षक उस पर बुरी नज़र डाले हुए था। पढ़ाई खत्म होने के बाद आरोपी शिक्षक ने रंजना को किसी काम से अपने कार्यालय में बुलाया जहां उसे अकेले पाकर छेडख़ानी करनी शुरु कर दी। 

जिसका विरोध छात्रा ने किया। छात्रा द्वारा चीखने-चिल्लाने के बाद शिक्षक ने उसे छोड़ दिया। छात्रा वहां से भाग कर सीधे अपने घर आयी और अपने परिजनों से घटना के बारे में बताया। छेडख़ानी खबर सुनते ही छात्रा के परिजन भडक़ गए और कोचिंग पहुंच कर आरोपी शिक्षक की जम कर धुनाई कर दी। इसके बाद पुलिस के हवाले कर दिया। इस बावत जमालपुर के डीएसपी के रंजन ने बताया कि आरोपी शिक्षक पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। sabhar : bhaskar.com

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मंगलवार, 15 नवंबर 2011

2.22 रुपये प्रति लीटर सस्‍ता हुआ पेट्रोल

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पेट्रोल अब 2 रुपये 22 पैस सस्‍ता हो गया है. घटी हुई कीमतें आज आधी रात से ही लागू हो जाएंगी. गौरतलब है कि तमाम विरोध प्रदर्शनों और वैश्विक ईंधन कीमतों में आई कमी के बाद पेट्रोल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में 2 रुपये तक की कमी करने का मन बनाया था.
सरकार से पेट्रोल की कीमतों को डिकंट्रोल किए जाने के बाद से यह पहला मौका है जब पेट्रोल की कीमतें कम हुई हैं.
वैसे इसके राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं. संसद का शीतकालीन सत्र 22 नवंबर से शुरू होने वाला है और बढ़ी पेट्रोल की कीमतें विपक्षी पार्टियों के मुख्‍य एजेंडे में है. इस कमी के बाद सरकार कम से कम इस मुद्दे पर विपक्ष को जवाब दे पाएगी. उल्‍लेखनीय है कि 3 नवंबर को पेट्रोल के दामों में 1.80 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी.
sabhar : aajtak.in

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उड़ती रहेगी किं‍गफिशर: सिकॉम देगा 400 करोड़, सरकार पर बरसे विजय माल्‍या

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मुंबई. कर्ज में डूबी किंगफिशर एयरलाइंस को संकट से उबारने की कोशिश तेज हो गई है। चर्चा है कि महाराष्‍ट्र स्थित एक गैर बैंकिंग संस्‍थान सिकॉम ने किंगफिशर को 400 करोड़ रुपये का कर्ज देने का वादा किया है। सिकॉम ग्रुप में महाराष्‍ट्र सरकार की भी हिस्‍सेदारी है। 

 

कपंनी के चेयरमैन विजय माल्‍या ने मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में एयरलाइंस को मौजूदा संकट से उबारने के लिए उठाए जा रहे कदमों का ऐलान किया। माल्‍या ने यह कबूल किया कि कुछ निजी कंपनियों ने मदद की पेशकश की है लेकिन उन्‍होंने किसी का नाम लेने से इनकार कर दिया। उन्‍होंने यह भी नहीं बताया कि एयरलाइंस को मौजूदा संकट से उबारने के लिए कहां से पैसा आएगा।

 

उन्‍होंने इस बात से पूरी तरह इनकार किया कि उन्‍होंने अपने एयरलाइंस को खस्‍ताहालत से उबारने के लिए सरकार से कभी बेलआउट पैकेज की मांग की। माल्‍या ने किंगफिशर के मौजूदा हालात के लिए ईंधन की बढ़ती कीमतों और बैंकों की ब्‍याज दरों में बेतहाशा बढ़ोतरी को जिम्‍मेदार ठहराया। उन्‍होंने कहा, ‘उड़ानों को रद्द करने का फैसला पूरी तरह व्‍यवसायिक था। हम घाटे वाले रुटों पर विमानों की उड़ान जारी नहीं रख सकते। किंगफिशर को संकट से उबारने की कोशिश चल रही है।’

 

 

माल्‍या ने कहा, 'भारत में विमानन सेवा क्षेत्र का भविष्‍य उज्‍ज्‍वल है। हालांकि यह विमानों की सेवा सस्‍ती नहीं है। हमें भारत की आर्थिक तरक्‍की पर भरोसा है। अर्थव्‍यवस्‍था बढ़ेगी तो छोटी कंपनियों के लोग भी हवाई यात्रा करेंगे। सिर्फ किंगफिशर, जेट एयरवेज और एयर इंडिया  ही ज्‍यादा किराए वाले बाजार में हैं। 2008 के अलावा कभी ईंधन की कीमत इतनी नहीं रही। राज्‍य सरकार को टैक्‍स से जबरदस्‍त फायदा हो रहा है। राज्‍य सरकारों को सेल्‍स टैक्‍स से उगाही इतनी अधिक कभी नहीं रही। हम चाहते हैं कि टैक्‍स में कटौती हो। ब्‍याज दरें बढ़ने से मुश्किल बढ़ी है। ईंधन पर टैक्‍स सुधार की जरूरत है। विदेशी प्रत्‍यक्ष निवेश (एफडीआई) के पक्ष में हूं। विदेशी एयरलाइंस से निवेश मिलना चाहिए। एक एयरपोर्ट में 100 फीसदी एफडीआई है। मुझे उम्‍मीद है कि सरकार इस पर गंभीरता से विचार करेगी।

 

मैंने सरकार से बेलआउट पैकेज नहीं मांगा और नहीं कभी मांगूगा। मैंने टैक्‍सपेयर का एक पैसा नहीं मांगा। हमने बैंकों से अतिरिक्‍त पूंजी की मांग की है। मैं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का शु‍क्रगुजार हूं जिन्‍होंने इस मामले में दखल दिया। ऐसा कहा जा रहा है कि हमें ईंधन मिलना ही बंद हो जाएगा जबकि हमनें एचपीसीएल और इंडियन ऑयल का पूरा बकाया चुका दिया है। किंगफिशर रेड फायदे में नहीं था इसलिए हमने उससे हटने का फैसला किया। मैं एयरलाइंस के शेयरधारकों के प्रति जिम्‍मेदार हूं। लेकिन घाटे के रूट पर चलना हमारी राष्‍ट्रीय जिम्‍मेदारी नहीं है। हमने किसी कर्मचारी को नहीं निकाला है। हमने बड़ी तादाद में कर्मचारियों को नहीं निकाला है।'  

 

 

इस बीच, एयरलाइंस का घाटा बढ़ता जा रहा है और कंपनी को कई उड़ानें रद्द करनी पड़ रही हैं। किंगफिशर ने मंगलवार को अपने तिमाही नतीजे घोषित कर दिए हैं जिसके मुताबिक कंपनी को दूसरी तिमाही में 469 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा हुआ है। यह घाटा पिछले साल के मुकाबले 103% ज्यादा है, हालांकि कंपनी की बिक्री 10% बढ़कर 1528 करोड़ रुपए हो गई है। कंपनी के मुताबिक उसके घाटे में सबसे बड़ा योगदान ईंधन कीमतों का है। कंपनी का कहना है कि पिछले साल के मुकाबले उसका ईंधन बिल 70% बढ़ गया है।

 

शिव सेना प्रमुख बाल ठाकरे ने किंगफिशर एयरलाइंस की माली हालत पर टिप्‍पणी की है। पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में लिखे संपादकीय में ठाकरे ने कहा है कि किंगफिशर के डूबने के बावजूद माल्‍या की रईसी, उनके ऐशो-आराम और शान-ओ-शौकत में कोई कमी नहीं आई है। उनके रहन-सहन में कोई बदलाव नहीं आया है। लेकिन किंगफिशर के डूबने का सबसे ज्‍यादा असर यात्रियों और उसके कर्मचारियों पर पड़ा है।  

 


किंगफिशर बोर्ड की सोमवार देर रात चली बैठक में राहत योजना की कोई साफ तस्वीर सामने नहीं आ सकी जिसके बाद बोर्ड की बैठक मंगलवार को भी होगी।

 


किंगफिशर तकरीबन 7000 करोड़ रुपए का कर्ज लिए उड़ रही है जिसमें 14,00 करोड़ रुपए अकेले एसबीआई का कर्ज है। कंपनी को अभी तक 4300 करोड़ रुपए का घाटा हो चुका है और रोज तकरीबन 35 करोड़ रुपए का घाटा उठाना पड़ रहा है। बीते आठ दिनों के दौरान ही किंगफिशर की 200 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। पिछले सात महीने के दौरान 100 से ज्यादा पायलट किंगफिशर एयरलाइन को अलविदा कह चुके हैं। इसके चलते कंपनी पिछले कुछ दिनों से लगातार उड़ानें रद्द कर रही हैं।

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दुनिया को खाक करने का सामान जुटा रखा था गद्दाफी ने

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लंदन. लीबियाई तानाशाह नेता मुअम्मर अल गद्दाफी ने रसायनिक हथियार दुनिया की नजरों से छिपाकर रखे थे। ताजा खुलासे में यह बात सामने आई है। रसायनिक हथियारों के मिलने का मतलब है कि गद्दाफी ने तत्कालीन ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर को धोखा दिया था।

इंग्लैंड के पीएम डेविड कैमरन ने कहा कि गद्दाफी के पतन के बाद बनी लीबियाई सरकार ने यह जानकारी दी है। कैमरन के मुताबिक गद्दाफी ने हथियारों का जखीरा छिपाकर रखा था।

उल्लेखनीय है कि गद्दाफी ने साल 2004 में ब्रिटेन को अपने सभी हथियार सौंपने का वादा किया था। इस जखीरे का मिलना यह साबित करता है कि गद्दाफी ने इंग्लैंड को धोखे में रखा।

ब्रिटिश अखबार डेली मेल में छपी रिपोर्ट के मुताबिक लीबिया में कई स्थलों पर मस्टर्ड गैस एजेंट और अन्य रसायन मिले हैं जिनका इस्तेमाल हथियार बनाने में होता है।

2004 में ब्रिटेन के पीएम रहे टोनी ब्लेयर ने त्रिपोली में गद्दाफी से मुलाकात कर यह सौदा किया था। इस मुलाकात के बाद ब्लेयर ने कहा था, "गद्दाफी आतंकवाद की मदद कर सकते थे, इसलिए हम उन्हें एक बड़ा खतरा मान रहे थे। गद्दाफी परमाणु और रसायनिक हथियार तैयार कर रहे थे। लेकिन अब उन्होंने सबकुछ हमें सौंप दिया है।" sabhar: bhaskar.com
 
 
 
 
 

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जब नशे में धुत इस लड़की ने पुलिसवालों को ही थप्पड़ जड़ दिए..!

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नरोडा। वीडियो में दिखाई दे रहा यह दृश्य है अहमदाबाद के उपनगर नरोडा का। यहां एक लड़की नशे में इतनी बिफर गई कि उसने पुलिसवालों की ही पिटाई कर दी। नरोडा में एक ऑटो रिक्शा से जा रही इस लड़की को ऑटो वाले ने बीच रास्ते में ही उतार दिया, जिससे वह बिफर गई और वहीं बखेड़ा खड़ा कर दिया।
 
स्थानीय लोगों ने 108 एंबुलेंस को फोन कर दिया और कुछ देर बाद लड़की को एंबुलेंस से अस्पताल ले आया गया। यहां पर पुलिस वालों ने भी उसे नियंत्रित करने का भरपूर प्रयास किया, लेकिन सब बेकार। लड़की इतनी बिफरी हुई थी कि उसने डॉक्टरों को अपना ब्लड सैंपल तक नहीं लेने दिया।
 
इसके साथ ही उसने एक महिला कांस्टेबल को थप्पड़ भी जड़ दिए। अंतत: डॉक्टरों को किसी तरह उसके परिवार वालों का फोन नंबर मिल गया और पिता को अस्पताल बुलाया गया। पिता को सामने देख ही वह शांत हुई। 
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