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शनिवार, 5 नवंबर 2011

मानव तस्करी के रिपोर्ट में इटली के प्रधानमंत्री भी

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मानव तस्करी  के रिपोर्ट  में इटली के प्रधानमंत्री के शामिल होने की बात कही गयी है , सेक्स  स्केंडल  में फंसे  बर्लुस्कोनी  की  मुश्किले  बड़ती जा रही है , मानव तस्करी में एक अमेरिकी रिपोर्ट  में उनका नाम शामिल है | ब्रिटिश अखबार टेलीग्राफ की रिपोर्ट  के मुताबिक  अमेरिकी विदेश विभाग की इस साल  की मानव तस्करी से जुडी  रिपोर्ट  में  बर्लुस्कोनी का भी नाम शामिल किया गया है | इसमे उनकी पार्टियों एवम नाबालिक लडकियों के के शामिल होने का जिक्र किया गया है | बर्लुस्कोनी  इटली के  तीसरे सबसे धनी व्यक्ति है | इस साल फरवरी में  न्यायधीशो ने बर्लुस्कोनी के खिलाफ यौन उत्पीडन  के मामले की सुनवाई करने का  का फैसला किया था | बर्लुस्कोनी पर एक नाबालिक लड़की पर पैसे दे कर सेक्स सम्बन्ध बनाने  और अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके उसे हिरासत से छुडवाने  का आरोप है | अभियोजन पक्ष का दावा है कि, बर्लुस्कोनी अपने निजी आवास पर पैसे देकर सेक्स के लिए लडकियों को बुलाया जाता था और अश्लील पार्टिया कि जाती थी |

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स्टीव जॉब्स से मेरी प्रतिस्पर्धा व्यवसायिक थी : बिल गेट्स

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माईक्रो सॉफ्ट  के संस्थापक  बिल गेट्स  ने यह स्वीकार किया है , की  एप्पल  के संसथापक  स्टेव जॉब्स  से उनकी व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा थी | स्टीव  ने  बिल गेट्स  के बारे में  कहा था की  गेट्स  नीरस है , इन्होने कभी कोई चीज का अविष्कार  नहीं किया, थाट लोगो के विचार को चुराया है  | इस बारे में जब बिल गेट्स से पूछा गया तो गेट्स ने कहा  की स्टेव और मैंने एक साथ  काम किया है , आप  जानते है की मै क्या बनाया  इसके लिए हमारे पास  अधिक लोग थे | उन्होने कहा की हम ३० साल  एक साथ काम किया  उन्हें लगता था की ,वो अच्छे है  हम लोग बुरे है , उनका उत्पाद इतना  महंगा था की  सचमुच  मार्केट में टिका नहीं होगा | इस तरह का  मतभेद एक स्वाभाविक प्रक्रिया है | मै  स्टीव  का सम्मान करता हूँ  हमने एक साथ  काम किया तथा  एक दुसरे  को प्रेरित किया  यहाँ तक की प्रतियोगी के रूप में 

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गुरुवार, 3 नवंबर 2011

दुकानों के अन्दर ले जायेगा गूगल

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गूगल की निःशुल्क सेवा गूगल मैप्स अब आप को दुकानों ,जिम, रेस्टोरेंट  के अन्दर का नजारा दिखायेगा | पिछले साल  अप्रैल में  एक ट्रेनिग के दौरान ही दुकानों के भीतर ली गयी तस्वीरों को श्रृंखला बध्य तरीके से दिखाया गया
था | गूगल प्रवक्ता दियेना यिक  ने बताया की पिछले कुछ दिनों में ऐसी अंदरूनी तस्वीरो को  लेकर लोगो का रुझान बाद गया  है | अमेरिका , जापान  के छोटे दुकानदार भी अपने प्रतिष्ठानों के भीतर की तस्वीर लेने के लिए छायाकारो को बुला रहे है | इन तस्वीरो को गूगल मैप्स पर डाला जाएगा | इन तस्वीरो के माध्यम से साईट पर जानकारी जुटाने वाले लोग खुद को इन प्रतिष्ठानों के अन्दर महसूस करेंगे | 

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मंगलवार, 1 नवंबर 2011

विवादास्पद माइक को चूमकर लेडी गागा ने खड़ा किया बखेड़ा, विदेशी मीडिया बिफरी

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नई दिल्‍ली. पहली बार भारत आईं पॉप स्‍टार लेडी गागा यहां भी विवाद को जन्‍म देने से बाज नहीं आईं। फार्मूला वन रेस के बाद पार्टी में जलवे बिखेरने वाली गागा ने अपनी अदाओं से लोगों को तो जबरदस्‍त लुभाया, लेकिन उनकी यह अदा ही विवाद का सबब भी बन गई।

भारत में हुए पहले फार्मूला वन रेस के बाद आयोजित पार्टी में लेडी गागा ने गाते वक्‍त जो माइक इस्‍तेमाल किया, वह लंदन तक में चर्चा का विषय बना हुआ है। विदेशी मीडिया में भी उनका यह माइक काफी नकारात्मक चर्चा बटोर रहा है। इसे होठों से लगाए गागा की तस्‍वीर छापते हुए ब्रिटिश अखबार 'डेली मेल' ने इसे 'संदिग्‍ध माइक' बता कर इसकी आलोचना की है। यह माइक पुरुषों के गुप्‍तांग के आकार का था।

हालांकि माइक को लेकर आलोचना झेल रही गागा की फैशन के लिए काफी तारीफ हो रही है। गागा की पोशाक में भी भारतीयता और पश्चिम के फैशन का मिलाजुला रूप दिख रहा था। लेकिन लेडी गागा की शानदार प्रस्तुति और वेशभूषा पर उनके द्वारा इस्तेमाल किया गया माइक हावी पड़ गया।

हालांकि गागा के लिए यह कोई नई बात नहीं है। वह इससे पहले भी कई बार अश्लीलता की हद पार कर चुकी हैं। गागा पर अमेरिका में पॉप के जरिए पोर्न को बढ़ावा देने के आरोप लगते रहे हैं। उनके कई गीतों को बच्चों के लिए बैन भी किया गया है।
गागा की परफार्मेंस में एक बात यह खास होती है कि वह हर बार कुछ न कुछ ऐसा जरूर करती हैं जो चर्चा का विषय बन जाता है। शायद इस बार गागा ने इसके लिए माइक को ही जरिया बनाया।
हालांकि गागा स्वयं भारत के दौरे को लेकर काफी उत्साहित थी। जब वो दिल्ली में पहली बार पत्रकारों के सामने आईं तो उनके हेयर स्टाइल में भारत के तिरंगे के रंग दिख रहे थे। गागा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा था कि भारत एक खूबसूरत देश है लेकिन इससे भी ज्यादा खूबसूरत यहां के लोग हैं।

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डायनोसोर के पैर के निशानों के साथ मिले दूसरे निशानों से मच गया है बवाल

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अमेरिका के टेक्सास स्टेट की पालूक्सी नदी के तल में कई सालों से डायनोसोर के पैरों के निशान देखने के दावे किए जा रहे हैं। इसके साथ ही वहां इंसानों के पैरों के निशान भी हैं, इसलिए यह मामला हमेशा विवादों में रहा है। इनकी उम्र के अलावा क्या इंसान और डायनोसोर एक वक्त में धरती पर रहे हैं, इस पर भी बहस होती है।

कहते हैं कि नदी के आसपास बने निशान नकली हैं, इन्हें इंसानों ने ही बनाया है। फिर भी जो निशान नदी के तल में हैं, उनके बारे में ऐसा नहीं कहा जा सकता। साइंस के अनुसार डायनोसोर और इंसानों के बीच करीब छह करोड़ साल का अंतर था। इस तरह ये निशान एक राज़ बनकर रह गए हैं।

ये किस्सा 1909 से शुरू हुआ था। एक स्थानीय बच्चे ने ग्लैन रोज़ के पास तीन अंगुलियों वाले पंजे के निशान देखे थे। अनुमान लगाया गया कि ये मांसाहारी डायनोसोर थेरोपॉड्स के निशान हैं। 1910 में वहां दो युवा भाई नदी किनारे मछलियां पकड़ रहे थे। वे थेरोपॉड्स के पैरों के निशान के बारे में जानते थे। उन्हें वहां एक इंसान का बड़ा सा पंजा बना हुआ दिखा। ये पैर का निशान करीब 15-16 इंच लंबा था।

1930 तक वहां के जिम रायल्स ने डायनोसोर और राक्षसों के पैरों के बहुत से निशान तलाश लिए और पर्यटकों को आकर्षित करने लगे। एक और व्यक्ति जॉर्ज एडम्स ने भी इस तरह के निशान बनाने शुरू कर दिए। लोगों की ऐसी हरकतों ने मामले को गुमराह कर दिया। कई साल बाद अमेरिकन म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री के रोलेंड बर्ड ने इन पर रिसर्च शुरू की। वहां पर डायनोसोर की एक नई प्रजाति के निशान भी मिले। उनके बाद क्लिफोर्ड बुर्डिक ने यहां रिसर्च की। उनकी रिपोर्ट 1950 में छपी थी।

फिर जॉन विटकॉम्ब और हैनरी एम मॉरिस ने 1961 में यहा रिसर्च की। 1965 और 1970 में भी कुछ वैज्ञानिकों ने इन निशानों पर रिसर्च की। ये तो साबित हो गया कि डायनोसोर के निशान असली हैं लेकिन इंसान भी उस दौर में थे ये पता नहीं चलता। इसके अलावा ये निशान बने कैसे ये भी एक राज़ है।

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