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क्या सुशील गंगवार पत्रकारों के खिलाफ मोर्चा खोल दिए


क्या  सुशील गंगवार  पत्रकारों  के खिलाफ  मोर्चा  खोल  दिए  पहले  यसवंत  अब  हवलदार 

Samachar Bureau पत्रिका का घिनोना चेहरा ?

सुशील  गंगवार --
एच पाण्डेय उर्फ़ हवलदार पाण्डेय मीडिया का पुराना चावल है उसके काम का स्टाइल बड़ा निराला है कहने वाले कहते है  हर बंदा एच  पाण्डेय नहीं बन सकता है |  वह अपनी मासिक पत्रिका Samachar   Bureau निकालता   है जो साल में मुश्किल से  चार बार ही छपती है किसी भी बुक स्टाल पर पत्रिका नजर नहीं आएगी | एक बार  बड़ी मुश्किल सेSamachar  Bureau  के दर्शन हुए थे | इनका ऑफिस लक्ष्मी नगर में है जो काफी पुराना है | 

बड़े बड़े अधिकारों को हड़का के  पैसे वसूलने का धंधा काफी पुराना  है | फ़ोन करने का काम एच पाण्डेय का बेटा राकेश पाण्डेय करता है पैसे उघाने के लिए अपनी टीम बना रखी ,उस ज़माने में वह अपने लडको  २५०० से लेकर ३५०० रूपये और आने जाने का खर्च और खाना  दिया करता था | ऑफिस में मस्त मस्त लडकिया रख रखी थी  जो समय समय पर पैसा बसूलने भेज दी जाती थी  | नहीं  तो  पाण्डेय जी बंद केबिन में मन बहलाती थी  यह  काम उनका बड़ा बेटा करता था मगर अब इसकी बागडोर उसके छोटे बेटे के हाथ में है | 

कैसे करता था है एच पाण्डेय उर्फ़ हवलदार पाण्डेय और उनका बेटा राकेश पाण्डेय  मीडिया के नाम पर उघाही का धंधा ? इयर १९९५ में उत्तर प्रदेश से नौकरी की तलाश में  आये, जे पी गंगवार उर्फ़ जमुना प्रसाद गंगवार Samachar  Bureau  के ऑफिस नौकरी के  में जा पहुचे | खैर साक्षात्कार के बाद मात्र 2500/- रूपये महीने के पगार पर रख लिया गया | शुरू में जी पी भाई  कुछ लडको के साथ मार्केट जाया करते थे बाद  में पाण्डेय ने अकेले भेजना शुरू कर दिया | 

शीशे वाले केबिन बैठ कर पाण्डेय जी का बेटा कभी मंत्री बनके कभी मत्री का आदमी बनके लोगो को पैसे के लिए फ़ोन करता और हडकाता था  | इन लडको के लिए पहले से ही सर्किट  हाउस बुक करवा दिया जाता था  | सभी लोगो के पास  Samachar  Bureau  के आई कार्ड हुआ करते थे |

 जो बुरे वक़्त के में दिखने के काम आते थे |  जहा ये लोग मौज मस्ती से काम करते थे | सभी लडको का राज्य  जिला , तहसील , निश्चित  था |  जी पी भाई ने जमके काम किया  फिर ऑफिस में आये कुछ नए लडको  बी . सी शर्मा , राकेश शर्मा , कुलकांत शर्मा , हल्दर से दोस्ती हुयी |  

बी सी शर्मा और राकेश शर्मा  हिमाचल प्रदेश के रहने वाले थे | हल्दर कलकत्ता और कुलकांत शर्मा फिरोजाबाद  से आया था  | एन सभी में दोस्ती क्या हुई तो पाण्डेय जी काला  उघाई का धधा जोरो पर चमकने लगा | 

बीच बीच में Samachar  Bureau  पर्त्रिका का सेमीनार भी रखा जाता जहा बड़े बड़े अधिकारी और मंत्री शिरकत करते थे फिर इसने वसूला  जाता था मोटा पैसा ? सरकारी अधिकारी पत्रिका के विज्ञापन करवा देते थे अगर विज्ञापन नहीं दिया तो मोटा पैसा दे देते थे | इसके बदले  में बड़े मंत्री  - अधिकारी को  लड़की  भी दी जाती थी | 

एक जिले से  १० से १२ लाख का धंधा आता था | अगर कही दिक्कत आती या  अधिकारी पैसे देने में आनाकानी करता तो ये लोग सीधे  राकेश पाण्डेय को फ़ोन करके बता देते थे |  फिर राकेश  पाण्डेय या एच पाण्डेय  अपनी मोटी आवाज में गुर्राकर बोलता और कहता  की अब तुम जाओ , साला अब तो उसका बाप भी पैसा देगा | 

एक बार एक सेमीनार गुजरात में आयोजित हुआ | पाण्डेय अपनी पूरी बटालियन को लेकर वहा पहुच गये | यह इन लोगो का नौकरी का आखरी दिन था ,भाई पाण्डेय  ने  नंगा करके एक लड़के को बहुत मारा था | कुलकांत अपने मुह में मिनरल वाटर की  बोतल लगाकर  थर थर काप रहा था | जमकर मारपीट हुई  थी ये सारे लोग होटल छोड़ छोड़ कर भाग निकले फिर कभी ऑफिस नहीं पहचे ?

सूत्रों के अनुसार हवालदार पाण्डेय   चार सौ बीसी के जुर्म जेल की हवा काट चुका है मगर आज धंधा हजारो  का नहीं बल्कि लाखो का है आज कल यह लोग Samachar  Baureu  पर्त्रिका और न्यूज़ पोर्टल के माद्यम से पूरे इंडिया से उघाई कर रहे है | इनका मीडिया की कालाबाजारी का जाल काफी बड़ा है जिसमे लगभग भारत का हर अधिकारी फसा है |

       यह लेख सुशील गंगवार ने लिखा है जो साक्षात्कार.कॉम , साक्षात्कार टीवी.कॉम , साक्षात्कार .ओर्ग के संपादक है  पिछले ११ वर्षो से प्रिंट मीडिया , इलेक्ट्रोनिक मीडिया और वेब मीडिया के लिए अपनी सेवाए दे रहे है  अगर आपके पास समाचार , लेख है तो हमें भेजे | हमसे संपर्क करने  के लिए हमें मेल सुशील_गंगवार@रेदिफ्फ्मैल.कॉम लिखे | 

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