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मंगलवार, 22 नवंबर 2011

भूख से तड़प रही है प्रियंका चोपड़ा की 'बिटिया'!

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ओरमांझी/रांची। बिरसा जैविक उद्यान में बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा की गोद ली हुई दुर्गा (बाघिन) की दुर्गति हो रही है। वह केज में चक्कर काट रही है और आवाज निकाल रही है। यह बाघिन कई दिनों से भूखी है। भरपेट भोजन नहीं मिलने के कारण वह बेचैन है।



सम्राट (हाथी) बेकाबू है। रामू और लखी (हाथी) मदमस्त हैं। इनको देखने या उनके पास जाने की इजाजत नहीं है। क्योंकि सम्राट किसी की बात नहीं सुन रहा है। इसके सेल की भी सफाई नहीं हो पा रही है। पंजाब नेशनल बैंक के मोर, सेल का हाथी और मेकॉन का शेर भी हड़ताल से प्रभावित हैं।

मंगलवार को बिरसा जैविक उद्यान के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की हड़ताल का छठा दिन था। उद्यान के परिंदों और जानवरों की स्थिति दिनों-दिन खराब हो रही है। इससे अधिकारियों के साथ-साथ कर्मचारी भी परेशान हैं। निदेशक पीके वर्मा हड़ताल खत्म करवाने की दिशा में प्रयासरत हैं। मंगलवार को उन्होंने कर्मचारियों को दो बार वार्ता के लिए बुलाया। शाम में वार्ता भी हुई, लेकिन दैनिक वेतनभोगी कर्मी अपनी मांग पर अडिग हैं।

अधिकारी परेशान

उद्यान के दैनिक वेतनभोगी कर्मियों की हड़ताल से अधिकारी व कर्मचारी दोनों परेशान हैं। वे 12 से 18 घंटा तक नजर रख रहे हैं, लेकिन कर्मचारियों की कमी के कारण भारी परेशानी हो रही है। रेंजर (रेवेन्यू) जय प्रकाश भगत, फारेस्टर विनोद ठाकुर, और अखिलेश (रसोईघर) ने बताया कि वे सभी चार दिन से लगातार 18-18 घंटे उद्यान में बिता रहे हैं। विनोद ने कहा कि सम्राट ने जंजीर तोड़ दी है। लखी शरीफ है, पर वह अभी मदमस्त है। गनीमत है कि रामू जंजीर में बंधा हुआ है।

नियुक्ति में पेंच कहां

जैविक उद्यान में पूर्व से विद्यमान पदों के अतिरिक्त 41 नए पदों का सृजन किया गया है। इसमें 24 की नियुक्ति वहां कार्यरत दैनिक भोगी कर्मियों से करनी है। कैबिनेट ने भी इसकी सहमति दे दी है। नियुक्ति प्रक्रिया के निर्धारण के लिए एक कमेटी भी गठित की गई है। लेकिन जब-जब मंत्री बदले, तब तक नियुक्ति को लेकर नई-नई शर्त जोड़ दी गई। एक नई शर्त यह जोड़ दी गई कि अब बाहरी लोगों का आवेदन लेकर बहाल किया जाए। इसके बाद से ही उद्यान के कर्मचारी हड़ताल पर हैं।

गोद लेने वाले चिंतित आज जाएगी टीम

जानवरों को गोद लेने वाले चिंतित हैं। मेकॉन के पी. बलमुचू ने कहा कि भास्कर की खबर से चिंता बढ़ गई है। बुधवार को एक टीम जैविक उद्यान जाकर स्थिति का जायजा लेगी। सेल अधिकारी एके सिंह भी अपने हाथी को लेकर चिंतित हैं।

कम आ रहे पर्यटक, घटा उद्यान का रेवेन्यू

दैनिक वेतनभोगी कर्मियों की हड़ताल के चलते अब पर्यटक कम आ रहे हैं। पिछले रविवार (13 नवंबर) को पर्यटकों के टिकट से 28 हजार 560 रुपए कलेक्शन हुआ था, जबकि इस रविवार को 25 हजार 200 रुपए ही जमा हुए। इसी तरह 12 नवंबर को 22.230 हजार रुपए, जबकि इस शनिवार को 12.230 हजार रुपए के टिकट बिके। बरकाकाना हजारीबाग की एक स्कूल से आई वीणा कुमारी, अनिता, सोनी व सुकरी टोप्पो ने बताया कि बंदर के पिंजरे से काफी बदबू आ रही थी। हाथी को देखने नहीं दिया गया। sabhar : bhaskar.com

 
 

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